अंडर-19 विश्व कप 2026 अब अपने निर्णायक दौर में पहुंच चुका है और दूसरे सेमीफाइनल में भारत की टक्कर अफगानिस्तान से होने जा रही है. यह मुकाबला हरारे के हरारे स्पोर्ट्स क्लब मैदान पर खेला जाएगा. भारतीय टीम पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए अब तक अजेय रही है, जबकि अफगानिस्तान ने भी दमदार खेल दिखाकर अंतिम चार में जगह बनाई है.
अजेय भारत, फाइनल का मजबूत दावेदार
भारतीय अंडर-19 टीम इस विश्व कप में बेहतरीन संतुलन के साथ खेलती नजर आई है. बल्लेबाजी में संयम और गेंदबाजी में आक्रामकता टीम की सबसे बड़ी ताकत रही है. भारत अब तक अपने सभी मुकाबले जीत चुका है और किसी भी मैच में दबाव में नहीं दिखा. इतिहास भी भारत के पक्ष में जाता है. टीम इंडिया अंडर-19 विश्व कप की सबसे सफल टीम है, जिसने 6 बार खिताब जीता है. इतना ही नहीं, पिछले 5 टूर्नामेंट में भारत हर बार फाइनल खेला है, जो उसकी निरंतरता को दर्शाता है.
हेड-टू-हेड में भारत का दबदबा
अंडर-19 स्तर पर भारत और अफगानिस्तान के बीच अब तक 12 यूथ वनडे मुकाबले खेले गए हैं. इनमें से 10 मैच भारत ने जीते हैं, जबकि अफगानिस्तान को सिर्फ 2 जीत मिली हैं. आखिरी बार दोनों टीमें 2024 में आमने-सामने आई थीं, जहां भारत ने 9 विकेट से आसान जीत दर्ज की थी. हालांकि अफगानिस्तान की दोनों जीत 2019 में लखनऊ में आई थीं, जिससे यह साफ है कि टीम इंडिया को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है.
अफगानिस्तान की ताकत: फैसल सिनोजादा
अफगानिस्तान के लिए इस टूर्नामेंट में फैसल सिनोजादा सबसे बड़े मैच-विनर बनकर उभरे हैं. उन्होंने 5 मैचों में 325 रन बनाए हैं. इस दौरान उनके बल्ले से एक शतक और दो अर्धशतक निकले हैं. उनकी निरंतरता भारत के लिए बड़ी चुनौती हो सकती है. गेंदबाजी में नूरिस्तानी ओमरजई ने शानदार प्रदर्शन किया है और 5 मैचों में 12 विकेट लेकर अफगानिस्तान की उम्मीदों को जिंदा रखा है.
भारतीय गेंदबाजी बनी जीत की कुंजी
भारत की सफलता में गेंदबाजों की भूमिका सबसे अहम रही है. हेनिल पटेल ने अब तक 11 विकेट झटके हैं, जबकि आरएस अंबरीश और खिलान पटेल ने 8-8 विकेट लिए हैं. कप्तान आयुष म्हात्रे और विहान मल्होत्रा ने पार्ट-टाइम गेंदबाजी से भी विपक्षी टीमों पर दबाव बनाया है. भारतीय गेंदबाजों की कसी हुई लाइन-लेंथ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस टूर्नामेंट में कोई भी टीम भारत के खिलाफ 200 रन तक नहीं पहुंच सकी है.