Adani Ports: केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने केरल में विझिंजम इंटरनेशनल सीपोर्ट के डेवलपमेंट के दूसरे फेज का उद्घाटन किया, जिसके लिए अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (APSEZ) 2029 तक पोर्ट की कैपेसिटी को 5.7 मिलियन TEUs तक बढ़ाने के लिए 16000 करोड़ रुपये का निवेश करने जा रही है. इस मौके पर अडानी पोर्ट्स के मैनेजिंग डायरेक्टर करण अडानी और केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल भी मौजूद रहे.

विझिंजम पोर्ट की बढ़ेगी कैपेसिटी

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए करण अडानी ने कहा, “फेज 2 के तहत 16000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश और कुल 30000 करोड़ रुपये की प्रतिबद्धता के साथ विझिंजम 2029 तक 1 मिलियन TEU (ट्वेंटी-फुट इक्विवेलेंट यूनिट) की कैपेसिटी से बढ़कर 5.7 मिलियन TEUs हो जाएगा, जो भारत का सबसे बड़ा ट्रांसशिपमेंट पोर्ट और विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी समुद्री हब बनकर उभरेगा.”

कंपनी के MD करण अडानी ने आगे कहा, यह केरल राज्य में किसी भी बिजनेस हाउस द्वारा किया गया सबसे बड़ा इन्वेस्टमेंट है.

करण ने CM के सपोर्ट को सराहा

उन्होंने कहा, “सिर्फ 15 महीनों के ऑपरेशन में विझिंजम 1 मिलियन TEU को हैंडल करने वाला सबसे तेज भारतीय पोर्ट बन गया – जिससे केरल ग्लोबल शिपिंग मैप पर मजबूती से अपनी जगह बना पाया और भारत के पोर्ट-बेस्ड डेवलपमेंट विजन को दिखाया.” करण आगे कहते हैं, “मुझे यह मानना ​​होगा कि अगर CM का लगातार सपोर्ट नहीं होता, तो हम यह प्रोजेक्ट पूरा नहीं कर पाते. ऐसे बड़े ग्रीन फील्ड प्रोजेक्ट को लागू करते समय वह हमारे लिए सबसे बड़ी पूंजी रहे हैं, जिसकी कोई भी इन्वेस्टर उम्मीद कर सकता है.” 

उन्होंने इस प्रोजेक्ट के लिए विपक्ष के नेता वी. डी. सतीसन और सांसद शशि थरूर द्वारा दिए गए लगातार समर्थन को भी स्वीकार किया और इसे कोऑपरेटिव फेडरलिज्म का एक मज़बूत उदाहरण बताया. सूत्रों ने पहले PTI को बताया था कि फेज 2 के इक्विपमेंट डेवलपमेंट में 21 ऑटोमेटेड शिप-टू-शोर (STS) क्रेन, 45 ऑटोमेटेड कैंटिलीवर रेल-माउंटेड गैन्ट्री (CMRG) क्रेन, एक रेल हैंडलिंग यार्ड और एक अत्याधुनिक इलेक्ट्रिकल और ऑटोमेशन सिस्टम शामिल होंगे.

अडानी पोर्ट्स का BPCL के साथ करार

अडानी पोर्ट्स ने विझिंजम पोर्ट पर भारत का पहला शिप-टू-शिप LNG बंकरिंग ऑपरेशन शुरू करने के लिए भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) के साथ एक MoU साइन किया है. यह पोर्ट ईस्ट-वेस्ट शिपिंग कॉरिडोर के साथ जहाजों के लिए एक डेडिकेटेड LNG रिफ्यूलिंग हब के रूप में काम करेगा.

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