What Causes Weak Urine Flow In Men: यूरिन करने में देरी होना, धार का कमजोर पड़ जाना या बूंद-बूंद करके पेशाब आना एक सामान्य समस्या नहीं मानी जाती. मेडिकल भाषा में इस स्थिति को यूरिनरी हेजिटेंसी कहा जाता है. इसमें व्यक्ति को पेशाब शुरू करने में समय लगता है और कई बार यूरिन का फ्लो भी बहुत धीमा हो जाता है. यह परेशानी किसी भी उम्र के लोगों में हो सकती है, लेकिन बढ़ती उम्र के पुरुषों में इसके मामले ज्यादा देखने को मिलते हैं.
हो सकती है दिक्कत
अक्सर यह समस्या धीरे-धीरे बढ़ती है. शुरुआत में लोग इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन समय के साथ स्थिति गंभीर हो सकती है. अगर इसका इलाज न कराया जाए तो कभी-कभी ऐसा भी हो सकता है कि व्यक्ति यूरिन ही न कर पाए. इस स्थिति को यूरिन रिटेंशन कहा जाता है और इसमें तुरंत इलाज की जरूरत पड़ सकती है. कई लोग कमजोर पेशाब की धार को केवल प्रोस्टेट से जुड़ी समस्या मानते हैं. दरअसल, उम्र बढ़ने के साथ पुरुषों में प्रोस्टेट का आकार बढ़ सकता है, जिससे पेशाब की धार कमजोर हो जाती है. हेल्थ के बारे में जानकारी देने वाली संस्था Advancedurologyinstitute के अनुसार इसके पीछे और भी कई कारण हो सकते हैं, इसलिए सही वजह जानना जरूरी होता है.
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बढ़ा हुआ प्रोस्टेट
पुरुषों में कमजोर पेशाब की धार का सबसे आम कारण बेनाइन प्रोस्टेट हाइपरप्लासिया होता है. इसमें प्रोस्टेट ग्लैंड सामान्य से बड़ी हो जाती है. चूंकि यह ग्लैंड यूरीथ्रा के पास होती है, इसलिए इसके बढ़ने पर यूरिन का रास्ता दब सकता है. इससे पेशाब धीरे-धीरे आता है या फ्लो कमजोर हो जाता है. 45 साल से अधिक उम्र के पुरुषों में यह समस्या अधिक देखी जाती है.
अंडरएक्टिव ब्लैडर
कुछ लोगों में मूत्राशय यानी ब्लैडर ठीक तरह से काम नहीं कर पाता. इस स्थिति को अंडरएक्टिव ब्लैडर कहा जाता है. इसमें ब्लैडर पूरी तरह सिकुड़ नहीं पाता, जिससे यूरिन पूरी तरह बाहर नहीं निकलता. मरीज को कई बार यह महसूस ही नहीं होता कि ब्लैडर पूरी तरह भर चुका है. यह समस्या नसों से जुड़ी दिक्कत, डायबिटीज, न्यूरोलॉजिकल बीमारी या रीढ़ की हड्डी से जुड़ी चोट के कारण भी हो सकती है.
ब्लैडर आउटलेट में रुकावट
कभी-कभी यूरीथ्रा के मुहाने या नीचे के हिस्से में किसी तरह की रुकावट बन जाती है. इस स्थिति को ब्लैडर आउटलेट ऑब्स्ट्रक्शन कहा जाता है. इसके कारण यूरिन का रास्ता आंशिक या पूरी तरह से बाधित हो सकता है. यह समस्या ब्लैडर स्टोन, यूरीथ्रा में दाग या ब्लैडर कैंसर जैसी स्थितियों के कारण भी हो सकती है.
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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
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