ICC To Decide Pakistan Fate: भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में होने वाले आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 को लेकर विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने रविवार यानी 1 फरवरी को टूर्नामेंट में भारत के साथ खेलने से मना कर दिया और ये फैसला पाकिस्तान सरकार के द्वारा लिया गया है. इसको लेकर आईसीसी ने अपना कड़ा रुख अपनाया है. साफ तौर से पाकिस्तान क्रिकेट को चेतावनी दी गई है कि अगर वो टी20 वर्ल्ड कप में तय कार्यक्रम के मुताबिक नहीं खेला तो उसके खिलाफ कड़े कदम उठाए जाएंगे. यहां हम आपको बताते हैं कि आईसीसी के वो 5 कड़े फैसले क्या हो सकते हैं जिससे पीसीबी बर्बाद हो सकता है.
पाकिस्तान पर आईसीसी ले सकता है ये 5 कड़े फैसले
1. टूर्नामेंट से पूरी तरह बैन.
2. आईसीसी से मिलने वाला सालाना राजस्व को रोका जा सकता है.
3. पीसीबी से जियो-स्टार को राजस्व नुकसान की भरपाई करने को कहा जा सकता है.
4. द्विपक्षीय श्रृंखला पर रोक, डब्ल्यूटीसी अंक और आइसीसी रैंकिंग पर असर पड़ सकता है.
5. सभी विदेशी खिलाड़ियों (फ्री एजेंट्स को छोड़कर) को पीएसएल में खेलने से बैन किया जा सकता है.
पीसीबी को करना पड़ेगा जियो स्टार की नुकसान की भरपाई
आईसीसी टूर्नामेंट में पाकिस्तान के खेलने पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है. इसके अलावा जो भी पैसा उसकी सहायता के लिए आईसीसी देती थी, उसपर भी रोक लगना संभव है. टी20 वर्ल्ड कप में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मुकाबले के ना होने पर जो नुकसान होगा, इसकी भरपाई भी पीसीबी को जियो स्टार को करने के लिए कहा जाएगा. आम तौर पर भारत-पाकिस्तान मैच के लिए विज्ञापन की दर 25 लाख से 40 लाख रुपये प्रति 10 सेकेंड के बीच होती है. इस वजह से विज्ञापन राजस्व नुकसान 200 करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है.
पीएसएल में इंटरनेशनल खिलाड़ियों के खेलने पर लगेगा रोक
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को सबसे अधिक नुकसान उसके लिए राजस्व पैदा करने वाली पाकिस्तान सुपर लीग पर रोक से हो सकता है. सूत्रों के मुताबिक, ‘संन्यास ले चुके खिलाड़ियों या फ्री एजेंट्स को छोड़कर मौजूदा विदेशी इंटरनेशनल खिलाड़ियों को पीएसएल में हिस्सा लेने से रोका जा सकता है. इसके अलावा, आईसीसी के मेजबान प्रसारणकर्ता जियो-स्टार को होने वाले राजस्व नुकसान की भरपाई भी पीसीबी को करनी होगी जो लाखों डॉलर तक हो सकती है.’
अगर आईसीसी पाकिस्तान को टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बैन करता है, तो युगांडा उनकी जगह लेगी, लेकिन ये बोर्ड बैठक के बाद ही तय होगा.