डीप फ्राइड फूड भी दिल की सेहत के लिए बहुत खतरनाक माने जाते हैं. डीप फ्राइड फूड जैसे पकोड़ा, समोसा और फ्राइड चिकन में ट्रांस फैट और बार-बार गर्म किया हुआ तेल होता है. यह एलडीएल बढ़ाते हैं, इन्फ्लेमेशन बढ़ाते हैं और सीधे प्लाक बनने में मदद करते हैं. इनको लगातार खाने पर धामनिया जल्दी ब्लॉक होने लगती है.

प्रोसेस्ड मीट को भी दिल की सेहत के लिए खतरनाक माना गया है. इसमें सॉसेज, बैकन और सलामी में सैचुरेटेड फैट, सोडियम और प्रिजर्वेटिव्स होते हैं. इन्हें रोजाना थोड़ी मात्रा में लेना भी कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है, धमनियों को सख्त करता है और हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ता है.

वहीं व्हाइट ब्रेड, पेस्ट्री, मिठाइयां और सुगरी ड्रिंक ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ाते हैं, जिससे ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ते हैं और धमनियों के आसपास फैट जमा होने लगता है. लंबे समय में डायबिटीज का खतरा भी इससे बढ़ता है.

चिप्स, नमकीन, बिस्कुट और बेक्ड जंक फूड में हाइड्रोजेनेटेड ऑयल होता है. वहीं यह सभी चीजें भी एलडीएल बढ़ाती है और एचडीएल कम करती है, जिससे ब्लड वेसल्स जल्दी संकरी होने लगती है.

वहीं इंस्टेंट नूडल्स, पैकेज्ड सूप, अचार, चिप्स और रेस्टोरेंट फूड्स में सोडियम काफी ज्यादा मात्रा में होता है. इससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है और आर्टरी वॉल्स को नुकसान होता है, जिससे प्लाक जमना तेज हो जाता है.

इनके अलावा मटन, बीफ और लैम्ब में सैचुरेटेड फैट और कोलेस्ट्रॉल ज्यादा होता है. यह TMAO बढ़ता है जो प्लाक फॉर्मेशन से जुड़ा एक कंपाउंड है. एक्सपर्ट इसे सिर्फ कभी-कभी खाने की सलाह देते हैं.

वहीं डाइट सोडा मेटाबॉलिज्म को खराब कर सकता है और क्रेविंग बढ़ा सकता है. एनर्जी ड्रिंक्स दिल की धड़कन और ब्लड प्रेशर बढ़ाते हैं, जिससे समय के साथ दिल पर एक्स्ट्रा दबाव भी बढ़ता है.
Published at : 07 Dec 2025 09:31 AM (IST)