अक्सर लोग पेट में होने वाले दर्द को मामूली गैस, थकान या गलत खानपान का असर मानकर नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन अगर पेट दर्द बार-बार हो रहा है और लंबे समय तक बना रहता है, तो यह किसी गंभीर अंदरूनी बीमारी का संकेत भी हो सकता है. पेट दर्द के साथ जलन, भारीपन, उल्टी जैसा मन होना, भूख कम लगना बार-बार दस्त या कब्ज, पेट फूलना, कमजोरी और थकान जैसे लक्षण दिखाई देना शरीर की चेतावनी हो सकती है.
कुछ मामलों में पेट दर्द के साथ सिर दर्द या चक्कर आने की भी शिकायत होती है. यह दर्द रोजमर्रा के कामों में परेशानी पैदा करने लगे तो इसे हल्के में लेना सही नहीं है. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं कि अगर आपको बार-बार पेट दर्द हो रहा है तो कौन सी खतरनाक बीमारी हो सकती है.
किन बीमारियों का संकेत हो सकता है पेट दर्द?
एक्सपर्ट्स के अनुसार पेट में बार-बार दर्द कई तरह की बीमारियों से जुड़ा हो सकता है. इसमें इर्रिटेबल बॉवेल सिंड्रोम, सूजन आंत्र रोग, गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज, सीलिएक रोग और गैस्ट्रोएंटेराइटिस जैसी समस्याएं शामिल है. इसके अलावा बैक्टीरियल संक्रमण, पित्ताशय की पथरी अपेंडिसाइटिस, पैनक्रिएटाइटिस और किडनी स्टोन भी पेट दर्द की वजह बन सकते हैं. कुछ लोगों में यह दर्द अल्सर, हर्निया, फूड एलर्जी फूड एलर्जी या लैक्टोज इनटॉलेरेंस के कारण भी हो सकता है. लंबे समय तक तनाव, गलत लाइफस्टाइल और संतुलित खानपान भी पेट से जुड़ी समस्याओं को बढ़ा सकते हैं.
दर्द के साथ दिखें ये लक्षण तो रहे सतर्क
अगर पेट दर्द के साथ बार-बार दस्त, खून वाला या कला मल, पेशाब में जलन, बुखार, निगलने में परेशानी, उल्टी में खून या अचानक वजन कम होने जैसे लक्षण दिखें तो यह किसी गंभीर बीमारी की ओर इशारा हो सकता है. ऐसे मामलों में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है.
पेट दर्द से कैसे करें बचाव?
पेट से जुड़ी समस्याओं से बचने के लिए रोजमर्रा की आदतों में सुधार जरूरी है. समय पर संतुलित भोजन करें, ज्यादा तला-भुना, मसालेदार और गैस बनाने वाला खाना कम करें. पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और हल्की एक्सरसाइज या टहलने की आदत डालें. खाने के तुरंत बाद लेटने से बचें और रात का खाना जल्दी खाएं. साफ सफाई और हाइजीन का ध्यान रखें. अगर किसी खास फूड से एलर्जी है, तो उसे डाइट से दूर रखें. तनाव कम करने के लिए योग और ध्यान भी फायदेमंद हो सकता है.
डॉक्टर को कब दिखाना जरूरी?
अगर पेट में दर्द 24 से 48 घंटे तक ठीक न हो, तेज दर्द हो जाए या बार-बार लौटकर आए तो डॉक्टर से जांच करना जरूरी है. उल्टी, दस्त में खून, तेज बुखार, कमजोरी या वजन तेजी से कम होना गंभीर संकेत हो सकते हैं. इसके अलावा बच्चों, बुजुर्ग और गंभीर गर्भवती महिलाओं में पेट दर्द को बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.
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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
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