महिलाओं को रोज लगभग 46 ग्राम और पुरुषों को करीब 56 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है, या फिर शरीर के हर किलो वजन पर लगभग 0.8 ग्राम. जब यह जरूरत पूरी नहीं होती तो शुरुआत में हल्के-फुल्के बदलाव दिखते हैं, लेकिन वक्त रहते ध्यान न दिया जाए तो यह कमी गंभीर रूप ले सकती है.

सबसे पहला संकेत होता है शरीर में सूजन.  इसे एडिमा कहा जाता है. यह सूजन पैरों, पंजों, हाथों या पेट पर दिखाई दे सकती है. वजह यह है कि शरीर में मौजूद एल्ब्यूमिन नाम का प्रोटीन तरल को संतुलित रखने में मदद करता है. जब इसकी कमी होती है तो फ्लूइड बाहर निकलकर आसपास के टिश्यू में जमा होने लगता है. यह संकेत लिवर जैसी बीमारियों से भी जुड़ा हो सकता है, इसलिए जांच कराना जरूरी है.

सबसे पहला संकेत होता है शरीर में सूजन. इसे एडिमा कहा जाता है. यह सूजन पैरों, पंजों, हाथों या पेट पर दिखाई दे सकती है. वजह यह है कि शरीर में मौजूद एल्ब्यूमिन नाम का प्रोटीन तरल को संतुलित रखने में मदद करता है. जब इसकी कमी होती है तो फ्लूइड बाहर निकलकर आसपास के टिश्यू में जमा होने लगता है. यह संकेत लिवर जैसी बीमारियों से भी जुड़ा हो सकता है, इसलिए जांच कराना जरूरी है.

प्रोटीन की कमी सिर्फ शरीर नहीं, दिमाग को भी प्रभावित करती है. मूड अचानक खराब होना, चिड़चिड़ापन, बेचैनी और ध्यान न लग पाना, ये सब संकेत हैं. प्रोटीन से बनने वाले अमीनो एसिड ही दिमाग के वे केमिकल बनाते हैं जो मूड और मोटिवेशन को कंट्रोल करते हैं. इनकी कमी होने पर मानसिक संतुलन पर असर दिखना स्वाभाविक है.

प्रोटीन की कमी सिर्फ शरीर नहीं, दिमाग को भी प्रभावित करती है. मूड अचानक खराब होना, चिड़चिड़ापन, बेचैनी और ध्यान न लग पाना, ये सब संकेत हैं. प्रोटीन से बनने वाले अमीनो एसिड ही दिमाग के वे केमिकल बनाते हैं जो मूड और मोटिवेशन को कंट्रोल करते हैं. इनकी कमी होने पर मानसिक संतुलन पर असर दिखना स्वाभाविक है.

एक और आम लक्षण है लगातार थकान रहना. अगर अच्छी नींद के बाद भी शरीर बोझिल लगे या एनर्जी जल्दी खत्म हो जाए, तो यह प्रोटीन की कमी की ओर इशारा करता है. प्रोटीन खून में शुगर को स्थिर रखने, हार्मोन बनाने और शरीर को एनर्जी देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. कमी होने पर हमेशा थकान महसूस हो सकती है.

एक और आम लक्षण है लगातार थकान रहना. अगर अच्छी नींद के बाद भी शरीर बोझिल लगे या एनर्जी जल्दी खत्म हो जाए, तो यह प्रोटीन की कमी की ओर इशारा करता है. प्रोटीन खून में शुगर को स्थिर रखने, हार्मोन बनाने और शरीर को एनर्जी देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. कमी होने पर हमेशा थकान महसूस हो सकती है.

प्रोटीन की कमी का असर बाहरी रूप पर भी दिखता है. बाल झड़ना, बाल पतले होना, नाखून टूटना या त्वचा का रूखी और बेजान होना, ये सब संकेत हैं कि शरीर को पर्याप्त प्रोटीन नहीं मिल रहा. क्योंकि बाल, त्वचा और नाखून बनाने वाले प्रोटीन. केराटिन, कोलेजन और इलास्टिन सही मात्रा में नहीं बन पाते.

प्रोटीन की कमी का असर बाहरी रूप पर भी दिखता है. बाल झड़ना, बाल पतले होना, नाखून टूटना या त्वचा का रूखी और बेजान होना, ये सब संकेत हैं कि शरीर को पर्याप्त प्रोटीन नहीं मिल रहा. क्योंकि बाल, त्वचा और नाखून बनाने वाले प्रोटीन. केराटिन, कोलेजन और इलास्टिन सही मात्रा में नहीं बन पाते.

ऐसे लोग बहुत जल्दी भूख महसूस करते हैं. वजह सीधी है. प्रोटीन पेट को लंबे समय तक भरा रखता है और एनर्जी की स्थिरता बनाए रखता है. जब यह कम हो जाता है तो भूख जल्दी-जल्दी लगती है, क्रेविंग बढ़ती है और एनर्जी लगातार गिरती रहती है.

ऐसे लोग बहुत जल्दी भूख महसूस करते हैं. वजह सीधी है. प्रोटीन पेट को लंबे समय तक भरा रखता है और एनर्जी की स्थिरता बनाए रखता है. जब यह कम हो जाता है तो भूख जल्दी-जल्दी लगती है, क्रेविंग बढ़ती है और एनर्जी लगातार गिरती रहती है.

कुल मिलाकर, प्रोटीन की कमी पहली नजर में बड़ी समस्या नहीं लगती, लेकिन शरीर इसके छोटे-छोटे संकेत देकर हमें आगाह करता रहता है. इन लक्षणों को हल्के में न लेकर समय पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.

कुल मिलाकर, प्रोटीन की कमी पहली नजर में बड़ी समस्या नहीं लगती, लेकिन शरीर इसके छोटे-छोटे संकेत देकर हमें आगाह करता रहता है. इन लक्षणों को हल्के में न लेकर समय पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.

Published at : 21 Nov 2025 08:16 AM (IST)

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