टी20 वर्ल्ड कप 2026 शुरू होने से पहले ही पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के सामने बड़ा संकट खड़ा होता नजर आ रहा है. अगर पाकिस्तान भारत के खिलाफ होने वाले मुकाबले का बॉयकॉट करता है, तो उसे इसकी भारी आर्थिक कीमत चुकानी पड़ सकती है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सिर्फ एक मैच से हटने पर भी पाकिस्तान पर करीब 348 करोड़ रुपये का नुकसान मंडरा रहा है.
दरअसल, टी20 वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में भारत-पाकिस्तान मैच सबसे ज्यादा कमाई वाला मुकाबला माना जाता है. इस मैच से ब्रॉडकास्टर, स्पॉन्सर और विज्ञापन कंपनियां बड़ी रकम कमाती हैं. अगर पाकिस्तान इस मुकाबले में खेलने से इनकार करता है, तो ब्रॉडकास्टर कंपनी कानूनी रास्ता अपना सकती है और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड से मुआवजा मांग सकती है.
बॉयकॉट पर कब होगा फैसला
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन मोहसिन नकवी ने साफ किया है कि इस मुद्दे पर सरकार से बातचीत चल रही है. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ बैठक में सभी विकल्पों पर चर्चा की गई है. अंतिम फैसला शुक्रवार या फिर सोमवार तक लिया जा सकता है. हालांकि, पीसीबी पहले ही जानता है कि कोई भी सख्त कदम उसके लिए परेशानी बढ़ा सकता है.
पाकिस्तान मीडिया ने बताए संभावित विकल्प
पाकिस्तान मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार, पीसीबी के सामने कई विकल्प मौजूद हैं. इनमें पूरे टूर्नामेंट का बॉयकॉट करना, भारत के खिलाफ मैच से हटना, सभी मैचों में काली पट्टी बांधकर खेलना या फिर टूर्नामेंट में मिली हर जीत को बांग्लादेश के नाम करना शामिल है. लेकिन इन सभी विकल्पों में जोखिम साफ दिखाई दे रहा है.
सिर्फ भारत के खिलाफ मैच छोड़ा तो क्या होगा?
अगर पाकिस्तान केवल भारत के खिलाफ 15 फरवरी को होने वाला मैच नहीं खेलता है, तो भी उसे राहत नहीं मिलेगी. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ब्रॉडकास्टर कंपनी करीब 38 मिलियन डॉलर, यानी लगभग 348 करोड़ रुपये का दावा ठोक सकती है. यह रकम विज्ञापन, स्पॉन्सरशिप और ब्रांड वैल्यू के नुकसान की भरपाई के लिए मांगी जा सकती है.
इतना ही नहीं, आईसीसी के साथ हुए एग्रीमेंट के तहत यह रकम पाकिस्तान को मिलने वाले सालाना रेवेन्यू से काटी भी जा सकती है. ऐसे में पहले से आर्थिक संकट से जूझ रहा पाकिस्तान क्रिकेट और कमजोर पड़ सकता है.
पूरे टूर्नामेंट से हटना और भी खतरनाक
अगर पाकिस्तान पूरा टी20 वर्ल्ड कप ही छोड़ देता है, तो उस पर आईसीसी की ओर से कड़े प्रतिबंध लग सकते हैं. इसमें भविष्य के टूर्नामेंट्स से बाहर होना, रेवेन्यू शेयरिंग रोकना और कानूनी कार्रवाई जैसे कदम शामिल हो सकते हैं.
कुल मिलाकर, पाकिस्तान के सामने यह फैसला आसान नहीं है. एक तरफ राजनीतिक और कूटनीतिक दबाव है, तो दूसरी तरफ करोड़ों रुपये के नुकसान का डर. आने वाले दिनों में पीसीबी जो भी फैसला लेगा, उसका असर सिर्फ इस वर्ल्ड कप पर नहीं, बल्कि पाकिस्तान क्रिकेट के भविष्य पर भी पड़ेगा.