विटामिन B12 मांस, मछली, अंडे और डेयरी उत्पादों में पाया जाता है. इसकी कमी से दिमाग में होमोसिस्टीन बढ़ता है, जो नर्व सेल्स को नुकसान पहुंचाता है और सोचने की क्षमता को धीमा कर देता है.

शाकाहारी, बुजुर्ग और कुछ बीमारियों जैसे डायबिटीज या किडनी डिजीज से पीड़ित लोग इस कमी के ज्यादा शिकार होते हैं. लंबे समय तक एसिड ब्लॉकर या मेटफॉर्मिन जैसी दवाएं लेने वाले लोगों में भी यह समस्या बढ़ सकती है.

शाकाहारी, बुजुर्ग और कुछ बीमारियों जैसे डायबिटीज या किडनी डिजीज से पीड़ित लोग इस कमी के ज्यादा शिकार होते हैं. लंबे समय तक एसिड ब्लॉकर या मेटफॉर्मिन जैसी दवाएं लेने वाले लोगों में भी यह समस्या बढ़ सकती है.

इसकी शुरुआती पहचान जरूरी है. भूलना, ध्यान न लगना, चिड़चिड़ापन, या हाथ-पैरों में झनझनाहट इसके लक्षण हो सकते हैं. ब्लड टेस्ट से इसका पता लगाया जा सकता है.

इसकी शुरुआती पहचान जरूरी है. भूलना, ध्यान न लगना, चिड़चिड़ापन, या हाथ-पैरों में झनझनाहट इसके लक्षण हो सकते हैं. ब्लड टेस्ट से इसका पता लगाया जा सकता है.

बचाव के लिए खाने में B12 से भरपूर चीजें जैसे दूध, अंडा, पनीर और मछली शामिल करें. शाकाहारी लोग फोर्टिफाइड फूड्स या सप्लीमेंट्स ले सकते हैं.

बचाव के लिए खाने में B12 से भरपूर चीजें जैसे दूध, अंडा, पनीर और मछली शामिल करें. शाकाहारी लोग फोर्टिफाइड फूड्स या सप्लीमेंट्स ले सकते हैं.

साथ ही फोलेट, विटामिन B6 और राइबोफ्लेविन का सेवन भी जरूरी है क्योंकि ये तीनों मिलकर दिमाग को स्वस्थ रखते हैं.

साथ ही फोलेट, विटामिन B6 और राइबोफ्लेविन का सेवन भी जरूरी है क्योंकि ये तीनों मिलकर दिमाग को स्वस्थ रखते हैं.

अगर समय रहते ध्यान दिया जाए, तो विटामिन B12 की कमी से होने वाली याददाश्त की समस्या और मानसिक कमजोरी को आसानी से रोका जा सकता है.

अगर समय रहते ध्यान दिया जाए, तो विटामिन B12 की कमी से होने वाली याददाश्त की समस्या और मानसिक कमजोरी को आसानी से रोका जा सकता है.

Published at : 23 Nov 2025 10:54 AM (IST)

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