India US Trade Deal: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार देर रात भारत-अमेरिका ट्रेड डील का ऐलान करते हुए भारत पर लगाए गए भारी टैरिफ में बड़ी कटौती की घोषणा की, जिसके तहत अब शुल्क घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है. कई हफ्तों की अनिश्चितता के बाद हुई इस डील को दोनों देशों के रिश्तों में अहम कदम माना जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस फैसले का जोरदार स्वागत करते हुए कहा कि दुनिया के दो बड़े लोकतंत्रों के बीच इससे आपसी सहयोग और मजबूत होगा.
इससे पहले अमेरिका ने रूस से सस्ता कच्चा तेल खरीदने को लेकर भारत पर कुल 50 प्रतिशत तक का टैरिफ लगाया था, जिसे अब हटा दिया गया है. ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर दावा किया कि भारत रुस से तेल की खरीद रोकने पर सहमत हो गया है, हालांकि पीएम मोदी ने अपने बयान में रूस से तेल खरीद को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की.
ट्रेड डीर पर क्या हैं चार शर्तें-
1-ट्रेड डील की शर्तों के मुताबिक भारत अमेरिकी उत्पादों पर टैरिफ और नॉन-टैरिफ बैरियर कम करेगा और अमेरिकी कंपनियों के लिए अपने बाजार को और खोलेगा.
2-अमेरिका ने रूस से तेल खरीद को लेकर लगाए गए 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ को हटाने की बात कही है, हालांकि इस पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और अलग-अलग एजेंसियों ने अलग जानकारी दी है.
3-ट्रंप ने इस समझौते को सीधे यूक्रेन युद्ध से जोड़ते हुए कहा कि रूस से तेल न खरीदने का दबाव मॉस्को पर पड़ेगा और इससे युद्ध खत्म करने में मदद मिल सकती है. साथ ही उन्होंने कहा कि भारत अमेरिका और संभवतः वेनेजुएला से ज्यादा तेल खरीदेगा.
4-इसके अलावा डील के तहत भारत अमेरिका से ऊर्जा, तकनीक, कृषि उत्पाद, कोयला समेत पेट्रोलियम, डिफेंस, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा, टेलीकॉम और एयरक्राफ्ट जैसे उत्पादों की खरीद बढ़ाएगा, जिससे अमेरिकी निर्यात को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.
उद्योग जगत ने किया स्वागत
भारतीय उद्योग जगत के शीर्ष नेताओं ने मंगलवार को कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता भारत की वृद्धि महत्वाकांक्षाओं को नई गति देगा और देश को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी विनिर्माण व नवाचार केंद्र बनाने में मदद करेगा. भारती एंटरप्राइजेज के संस्थापक एवं चेयरमैन सुनील मित्तल, आदित्य बिड़ला समूह के कुमार मंगलम बिड़ला और महिंद्रा समूह के अनीश शाह सहित उद्योग जगत के दिग्गजों ने इसे द्विपक्षीय व्यापार और निवेश परिदृश्य को बदलने की क्षमता वाला ऐतिहासिक कदम बताया.
महिंद्रा ग्रुप के सीईओ और प्रबंध निदेशक अनीश शाह ने इसे व्यापार और निवेश संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि यह सौदा भारत की मजबूत वृद्धि राह के साथ उसकी महत्वाकांक्षाओं को ठोस समर्थन देगा.
वहीं सुनील भारती मित्तल ने कहा कि यह समझौता दोनों देशों के लिए बहुप्रतीक्षित और अहम उपलब्धि है, जो निवेश और विकास के अपार अवसर खोलेगा, और मुक्त व्यापार समझौतों की यह श्रृंखला इस बात का प्रमाण है कि भारत वैश्विक व्यापार ढांचों के केंद्र में सक्रिय भूमिका निभा रहा है.