Why Do Ankles Swell In Heart Failure: हार्ट फेल्योर एक ऐसी स्थिति है जब दिल की मांसपेशियां शरीर में खून को सही तरीके से पंप नहीं कर पातीं. जब ऐसा होता है तो ब्लड फ्लो का प्रवाह धीमा पड़ने लगता है और शरीर में तरल पदार्थ जमा होने लगते हैं. कई बार यह तरल लंग्स में भी जमा हो जाता है, जिससे सांस लेने में परेशानी होने लगती है. एक्सपर्ट के अनुसार शरीर में कुछ ऐसे संकेत दिखाई देते हैं, जिनसे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि दिल की सेहत ठीक नहीं है. इनमें से एक कम चर्चा में रहने वाला लेकिन अहम संकेत है टखनों और पैरों में सूजन. चलिए आपको इसके बारे में बताते हैं. 

क्या होते हैं हार्ट फेल्योर के संकेत

ब्रिटिश हार्ट फाउंडेशन अगर टखने या पैर बार-बार सूजने लगें तो यह हार्ट फेल्योर का संकेत हो सकता है. इस स्थिति को मेडिकल टर्म में एडीमा कहा जाता है. एडीमा तब होता है जब शरीर के टिश्यू में तरल पदार्थ जमा होने लगता है. यह सूजन शरीर के कई हिस्सों में हो सकती है, लेकिन सबसे ज्यादा पैरों और टखनों में दिखाई देती है. कई लोगों में यह सूजन सुबह थोड़ी कम होती है, लेकिन दिन बढ़ने के साथ-साथ ज्यादा नजर आने लगती है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि जब दिल खून को प्रभावी ढंग से पंप नहीं कर पाता, तो ब्लड वेसल्स में दबाव बढ़ जाता है. इससे तरल पदार्थ नसों से बाहर निकलकर आसपास के टिश्यू में जमा होने लगता है, जिसके कारण सूजन दिखाई देती है.

क्या होता है इसका लक्षण

हेल्थ के बारे में जानकारी देने वाली बेवसाइट मायो क्लिनिक के अनुसार,  एडीमा के लक्षणों में टखनों, पैरों या टांगों में सूजन, त्वचा का खिंचा हुआ या चमकदार दिखना, दबाने पर त्वचा में गड्ढा पड़ जाना, दर्द या जकड़न जैसी समस्याएं शामिल हो सकती हैं. हालांकि सूजन हमेशा हार्ट फेल्योर की वजह से ही नहीं होती. लंबे समय तक एक ही जगह बैठने या खड़े रहने, ज्यादा नमक खाने, मोटापा, गर्भावस्था, कुछ दवाओं का सेवन, चोट, कीड़े के काटने, किडनी या लिवर की समस्या, ब्लड क्लॉट या इंफेक्शन के कारण भी सूजन हो सकती है.

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अगर हार्ट फेल्योर की बात करें तो इसके साथ अन्य लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं. इनमें सांस फूलना, थोड़ी गतिविधि करने पर ही थकान महसूस होना, पैरों और टखनों में लगातार सूजन, दिल की धड़कन का तेज या अनियमित होना, एक्सरसाइज करने की क्षमता कम होना, घरघराहट, लंबे समय तक खांसी रहना, पेट में सूजन, अचानक वजन बढ़ना, मतली, भूख कम लगना और ध्यान केंद्रित करने में परेशानी शामिल हैं. कई मामलों में सीने में दर्द भी हो सकता है, खासकर अगर हार्ट अटैक की स्थिति हो.

किन लोगों को ज्यादा होता है खतरा

हार्ट फेल्योर का खतरा कुछ लोगों में ज्यादा होता है. 65 वर्ष से अधिक उम्र, स्मोकिंग या शराब का सेवन, फिजिकल एक्टिविटी की कमी, ज्यादा नमक और फैट वाले भोजन का सेवन, हाई ब्लड प्रेशर, कोरोनरी आर्टरी डिजीज या परिवार में हार्ट फेल्योर के मामले होने पर जोखिम बढ़ सकता है.

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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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