रवींद्र जडेजा के राजस्थान रॉयल्स में जाने से ज्यादा चर्चा उनके CSK छोड़ने पर हुई है. दरअसल राजस्थान रॉयल्स ने संजू सैमसन को CSK के साथ ट्रेड करने के बदले रवींद्र जडेजा और सैम कर्रन को अपने स्क्वाड में शामिल किया है. यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर 12 साल बाद जडेजा, सीएसके छोड़ने को राजी कैसे हुए. क्या जडेजा को टीम छोड़ने के लिए किसी ने मजबूर किया था या फिर राजस्थान उन्हें कोई बहुत बड़ा ऑफर दे रही थी. अब एक मीडिया रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि ट्रेड डील होने से पहले एमएस धोनी और रवींद्र जडेजा ने एक-दूसरे से खुलकर बात की थी.

क्रिकबज के मुताबिक जब ट्रेड डील की प्रक्रिया शुरू भी नहीं हुई थी, तब जडेजा और धोनी ने एक-दूसरे से खुलकर बात की थी. दोनों में सहमति बनी कि जडेजा का CSK से दूर जाना ही सबके हित में होगा.

इसी रिपोर्ट अनुसार नूर अहमद के चेन्नई सुपर किंग्स में आने से सीएसके मैनेजमेंट टीम में जडेजा के किरदार को लेकर अलग-अलग विकल्प तलाश सकता था. इससे उनकी प्लेइंग इलेवन में जगह पर भी खतरा मंडराने लगा था. इस संबंध में धोनी ने जडेजा से खुलकर बात की थी, जिसके बाद जडेजा ने भी माना कि उनका चेन्नई टीम छोड़ना ही सही रहेगा.

यह भी चौंकाने वाला तथ्य है कि रवींद्र जडेजा को पिछले साल CSK ने 18 करोड़ में रिटेन किया था, लेकिन राजस्थान रॉयल्स ने उन्हें 14 करोड़ रुपये में ट्रेड किया है. भारत के पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने इस संबंध में चर्चा करते हुए बताया कि जडेजा का 14 करोड़ लेकर CSK जैसी टीम छोड़कर राजस्थान रॉयल्स चले जाना उन्हें रास नहीं आया. चोपड़ा ने कहा कि जडेजा ने तनख्वाह में कटौती तभी स्वीकार की होगी, जब उन्हें राजस्थान टीम ने कुछ और रोल भी ऑफर किया हो.

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