एक्सपर्ट्स के अनुसार ब्रेकफास्ट स्किप करना सिर्फ एक मिल छोड़ना नहीं बल्कि शरीर के पूरे स्ट्रक्चर को बिगाड़ना है. बिना ब्रेकफास्ट के शरीर लंबे समय तक न्यूट्रीशनल डेफिसिट में जाता है, जिससे दोपहर तक बहुत ज्यादा भूख लगती है. यही भूख बाद में बड़े पोर्शन खाने और हाई कैलोरी फूड चुनने की वजह बन जाती है. जिससे वजन और पेट में चर्बी बढ़ने लगती है.

ब्रेकफास्ट छोड़ने से भूख बढ़ाने वाला हार्मोन घ्रेलिन ज्यादा एक्टिव हो जाता है, जिससे मीठा और फैटी फूड खाने की क्रेविंग बढ़ती है. साथ ही इंसुलिन सेंसिटिविटी भी कम हो जाती है, जिससे ब्लड शुगर कंट्रोल बिगड़ने लगता है. यह पैटर्न ओवरईटिंग अनियमित एनर्जी लेवल और वजन बढ़ने की बड़ी वजह बन जाता है.

ब्रेकफास्ट छोड़ने से भूख बढ़ाने वाला हार्मोन घ्रेलिन ज्यादा एक्टिव हो जाता है, जिससे मीठा और फैटी फूड खाने की क्रेविंग बढ़ती है. साथ ही इंसुलिन सेंसिटिविटी भी कम हो जाती है, जिससे ब्लड शुगर कंट्रोल बिगड़ने लगता है. यह पैटर्न ओवरईटिंग अनियमित एनर्जी लेवल और वजन बढ़ने की बड़ी वजह बन जाता है.

वहीं रिसर्च बताती है कि जो लोग रोजाना ब्रेकफास्ट स्किप करते हैं उनमें एलडीएल यानी बेड कोलेस्ट्रॉल का लेवल ज्यादा पाया गया है. यह कोलेस्ट्रॉल दिल की बीमारी और हार्ट ब्लॉकेज का बड़ा कारण है. सुबह का ब्रेकफास्ट न खाने से शरीर पर मेटाबॉलिक स्ट्रेस भी बढ़ता है जो हार्ट हेल्थ को लंबे समय में नुकसान पहुंचता है.

वहीं रिसर्च बताती है कि जो लोग रोजाना ब्रेकफास्ट स्किप करते हैं उनमें एलडीएल यानी बेड कोलेस्ट्रॉल का लेवल ज्यादा पाया गया है. यह कोलेस्ट्रॉल दिल की बीमारी और हार्ट ब्लॉकेज का बड़ा कारण है. सुबह का ब्रेकफास्ट न खाने से शरीर पर मेटाबॉलिक स्ट्रेस भी बढ़ता है जो हार्ट हेल्थ को लंबे समय में नुकसान पहुंचता है.

ब्रेकफास्ट स्किप करने की आदत धीरे-धीरे मेटाबोलिक सिंड्रोम को भी जन्म देती है. जिसमें पेट की चर्बी, हाई बीपी, हाई शुगर और खराब कोलेस्ट्रॉल एक साथ बढ़ जाते हैं. यही पैटर्न आगे चलकर टाइप टू डायबिटीज का बड़ा खतरा बनता है जो लोग रोजाना नाश्ता नहीं करते उनमें डायबिटीज का खतरा भी ज्यादा पाया गया है.

ब्रेकफास्ट स्किप करने की आदत धीरे-धीरे मेटाबोलिक सिंड्रोम को भी जन्म देती है. जिसमें पेट की चर्बी, हाई बीपी, हाई शुगर और खराब कोलेस्ट्रॉल एक साथ बढ़ जाते हैं. यही पैटर्न आगे चलकर टाइप टू डायबिटीज का बड़ा खतरा बनता है जो लोग रोजाना नाश्ता नहीं करते उनमें डायबिटीज का खतरा भी ज्यादा पाया गया है.

इसके अलावा सुबह पौष्टिक खाना न मिलने से शरीर को पर्याप्त ऊर्जा नहीं मिलती है. ऐसे लोग जल्दी थकान महसूस करते है, चिड़चिड़ा रहते हैं और ध्यान लगाने में दिक्कत आती है. वहीं अस्थिर ब्लड शुगर लेवल मेंटल डिस्प्ले को भी कम कर देता है.

इसके अलावा सुबह पौष्टिक खाना न मिलने से शरीर को पर्याप्त ऊर्जा नहीं मिलती है. ऐसे लोग जल्दी थकान महसूस करते है, चिड़चिड़ा रहते हैं और ध्यान लगाने में दिक्कत आती है. वहीं अस्थिर ब्लड शुगर लेवल मेंटल डिस्प्ले को भी कम कर देता है.

वहीं जब सुबह से दोपहर तक लंबा गैप होता है तो शरीर जल्दी ऊर्जा पाने के लिए मीठे, तले और हाई कैलोरी फूड की तरफ खींचता है. इससे डाइट की क्वालिटी खराब होती है और लंबे समय में वजन, शुगर और दिल की बीमारी का खतरा बढ़ जाता है.

वहीं जब सुबह से दोपहर तक लंबा गैप होता है तो शरीर जल्दी ऊर्जा पाने के लिए मीठे, तले और हाई कैलोरी फूड की तरफ खींचता है. इससे डाइट की क्वालिटी खराब होती है और लंबे समय में वजन, शुगर और दिल की बीमारी का खतरा बढ़ जाता है.

Published at : 27 Nov 2025 08:49 AM (IST)

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