युवराज सिंह ने सालों पहले एक ऐसी लड़ाई लड़ी थी, जो ना केवल उनका क्रिकेट करियर बल्कि उनकी जीवनरेखा को भी समाप्त कर सकती थी. वो 2007 टी20 वर्ल्ड कप और 2011 वनडे वर्ल्ड कप विजेता टीम इंडिया का हिस्सा रहे हैं. मगर उनका कैंसर से लड़ाई जीतना आज भी लोगों के लिए प्रेरणास्रोत बना हुआ है. अब युवराज ने उन दिनों को याद कर बताया कि कैसे डॉक्टरों ने उन्हें जवाब दे दिया था.

इंग्लैंड के दिग्गज क्रिकेटर केविन पीटरसन से बातचीत में युवराज सिंह ने अपनी कैंसर से लड़ाई के बारे में बात की. उन्होंने यह भी बताया कि कैसे डॉक्टरों ने जवाब दे दिया था कि उनके पास जीने के लिए 3-6 महीने का समय बचा है.

तुम्हारे पास 3-6 महीने का समय

केविन पीटरसन के यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान युवराज सिंह ने कहा, “मैं उस समय ऑस्ट्रेलियाई टूर पर जाना चाहता था, क्योंकि मुझे टेस्ट टीम में स्थान मिलना शुरू हुआ था, इसलिए मैं संन्यास भी नहीं लेना चाहता था और मैं 7 साल से इंतजार कर रहा था. मैं करीब 40 टेस्ट मैचों तक बेंच पर बैठा रहा था.”

युवराज ने आगे बताया, “मैं ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जाना चाहता था, लेकिन तभी फिजियो आया और कहा कि तुम ऑस्ट्रेलिया नहीं जा रहे हो. डॉक्टर से बात करने पर पता चला कि मेरे पास जीने के लिए सिर्फ 3-6 महीने बचे हैं. अब आपको तय करना था कि आप क्रिकेट खेलना चाहते हैं या इलाज करवाना चाहते हैं.”

युवराज सिंह ने अपने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट करियर में 11,778 रन बनाए हैं. उन्होंने साल 2019 में क्रिकेट के सभी प्रारूपों को अलविदा कह दिया था. युवराज आखिरी बार भारतीय टीम के लिए साल 2017 में खेले थे. उसके 2 साल बाद उन्होंने रिटायरमेंट का एलान कर दिया था.

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