प्रोस्टेट कैंसर की सबसे बड़ी परेशानी यह है कि शुरुआती दौर में इसके लक्षण साफ नजर नहीं आते. कई मामलों में बीमारी बिना किसी तकलीफ के धीरे-धीरे बढ़ती रहती है. यही वजह है कि थोड़े से भी शक पर जांच कराना जरूरी माना जाता है.

बार-बार पेशाब आना, पेशाब की धार कमजोर होना, पेशाब शुरू या बंद करने में दिक्कत और यह महसूस होना कि ब्लैडर पूरी तरह खाली नहीं हुआ, इन लक्षणों को अक्सर लोग सामान्य बुढ़ापा मान लेते हैं. लेकिन हकीकत में ये प्रोस्टेट कैंसर की शुरुआती चेतावनी भी हो सकते हैं.

बार-बार पेशाब आना, पेशाब की धार कमजोर होना, पेशाब शुरू या बंद करने में दिक्कत और यह महसूस होना कि ब्लैडर पूरी तरह खाली नहीं हुआ, इन लक्षणों को अक्सर लोग सामान्य बुढ़ापा मान लेते हैं. लेकिन हकीकत में ये प्रोस्टेट कैंसर की शुरुआती चेतावनी भी हो सकते हैं.

Published at : 12 Jan 2026 12:01 PM (IST)

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