नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) या बैंक को अपने दिए उधार पर इंटरेस्ट के तौर पर हुई कमाई 32615 करोड़ रुपये रही, जो पिछले साल इसी अवधि के 30653 करोड़ रुपये से 6.4 परसेंट ज्यादा है. बैंक ने ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) 35179 करोड़ रुपये बताया, जबकि पिछले साल यह 36019 करोड़ रुपये थी. इससे पता चलता है कि GNPA में भी सुधार आया है, जो पहले के 1.42 परसेंट के मुकाबले 1.24 परसेंट पर आ गया है. नेट NPA 11981.8 करोड़ रुपये रहा. यह पिछले साल 11588 करोड़ रुपये था. नेट NPA रेशियो भी 0.46 परसेंट के मुकाबले घटकर 0.42 परसेंट पर आ गया है.
कितना रहा ऑपरेटिंग खर्च?
बैंक का इस तिमाही का ऑपरेटिंग खर्च 18771.04 करोड़ रुपये रहा. इसमें से अगर न्यू लेबर कोड को लागू करने के चलते करीब 800 करोड़ रुपये के असर को अलग रखें, तो यह खर्च 17970 करोड़ रुपये बैठता है. यह पिछले साल के मुकाबले थोड़ा ज्यादा है. कोर कॉस्ट-टू-इनकम रेशियो 39.2 परसेंट पर बना रहा. बैंक ने हाल ही में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर भावेश जवेरी के रिटायरमेंट का भी ऐलान किया. जवेरी ने बोर्ड को बताया कि वह बैंकिंग सेक्टर के बाहर मौके तलाशना चाहते हैं और दोबारा नियुक्ति के लिए आवेदन नहीं करेंगे. वह 18 अप्रैल, 2026 को अपने पद से रिटायर हो रहे हैं.
बैंक की कैपिटल पोजीशन भी मजबूत है. बैंक 31 दिसंबर, 2025 तक 19.87 परसेंट के टोटल कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो (CAR) के साथ अच्छी तरह से कैपिटलाइज्ड, जो रेगुलेटरी जरूरत से काफी ज्यादा है. टियर-1 कैपिटल 17.8 परसेंट और कॉमन इक्विटी टियर-1 17.4 परसेंट पर है.
शेयरों का कैसा रहा हाल?
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