2026 टी20 वर्ल्ड कप लगातार विवादों में घिरा हुआ है, जो 7 फरवरी से शुरू होने वाला है. भारत और श्रीलंका की मेजबानी में होने वाले इस विश्व कप के आयोजन में तीन सप्ताह से भी कम समय बचा है. एक-एक दिन बीतने के साथ पाकिस्तानी मूल के क्रिकेटरों की चिंता बढ़ रही होगी. दरअसल खबर है कि पाकिस्तानी मूल के तकरीबन 42 क्रिकेटर और अधिकारियों के वीजा को अब तक मंजूरी नहीं मिल पाई है.

वीजा अधर में लटका होने के कारण कई देशों ने टी20 वर्ल्ड कप के लिए अभी तक अपना स्क्वाड घोषित नहीं किया है. अब इस मामले में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने दखल दिया है. USA ने भी अपनी टीम घोषित नहीं की है, जिसमें अली खान और शयन जहांगीर खेल रहे होंगे. वहीं नीदरलैंड्स और इंग्लैंड की टीम में भी पाकिस्तानी मूल के खिलाड़ी हैं. हालांकि पीटीआई के अनुसार आदिल रशीद, रेहान अहमद और साकिब महमूद का वीजा क्लियर हो चुका है.

ICC ने संभाली जिम्मेदारी

टी20 वर्ल्ड कप की टीमों में शामिल पाकिस्तानी मूल के क्रिकेटरों को वीजा दिलाने की जिम्मेदारी ICC ने संभाली है. आईसीसी विश्व भर में स्थित भारतीय उच्चायोगों के साथ लगातार संपर्क में है. इसका उद्देश्य सभी खिलाड़ियों और अधिकारियों को बिना किसी देरी और दिक्कत के वीजा मिल जाए. वीजा हासिल करने की आखिरी तारीख 31 जनवरी है.

जिन देशों के खिलाड़ियों का वीजा अटका हुआ है, वे मुखयतः बांग्लादेश, यूएसए, यूएई, बांग्लादेश, इटली और कनाडा से आते हैं. इन सबके लिए वीजा अपॉइंटमेंट्स करीब तीन सप्ताह पहले शेड्यूल किए गए थे., लेकिन अब अब यह प्रक्रिया अपने आखिरी चरण में है.

क्यों हो रही है देरी?

पाकिस्तानी मूल के लोगों को वीजा उपलब्ध करवाते समय भारत अतिरिक्त जांच करवाता है. वीजा को मंजूरी दिए जाने से पहले कई विभागों से क्लियरेंस चाहिए होता है. सबसे अंतिम और महत्वपूर्ण गृह मंत्रालय का क्लियरेंस होता है, यही कारण है कि टी20 वर्ल्ड कप के लिए पाकिस्तानी मूल के खिलाड़ियों को वीजा मिलने में देरी हो रही है.

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