टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए पाकिस्तान क्रिकेट टीम ने अपनी 15 सदस्यीय स्क्वॉड का ऐलान कर दिया है. इस बार टीम की कमान सलमान अली आगा के हाथों में सौंपी गई है, जबकि बाबर आजम एक बार फिर बल्लेबाजी की रीढ़ बने रहेंगे. गेंदबाजी विभाग में शाहीन शाह अफरीदी और नसीम शाह की घातक जोड़ी विपक्षी टीमों के लिए सबसे बड़ा खतरा मानी जा रही है. हालांकि, टूर्नामेंट से पहले पाकिस्तान की भागीदारी को लेकर राजनीतिक अनिश्चितता बनी हुई है. PCB ने साफ किया है कि अंतिम फैसला सरकार लेगी. 

क्रिकेट के लिहाज से देखें तो यह टीम चयन लचीलापन दिखाता है. पाकिस्तान ने तीन विकेटकीपर-बल्लेबाज, दो विशेषज्ञ स्पिनर और कई ऑलराउंडर चुने हैं, ताकि हालात के हिसाब से संयोजन बदला जा सके.

1- पाकिस्तान की ताकत

पावरप्ले में विकेट निकालने की कला

शाहीन अफरीदी और नसीम शाह जब नई गेंद से लय में होते हैं, तो मैच का रुख शुरुआती छह ओवरों में ही बदल सकता है. कोलंबो की पिच अगर थोड़ी भी मदद करती है, तो पाकिस्तान का पेस अटैक विपक्ष पर भारी पड़ सकता है.

मिडिल ओवर्स में स्पिन का जाल

अबरार अहमद और उस्मान तारीक जैसे स्पेशलिस्ट स्पिनर्स के साथ शादाब खान और मोहम्मद नवाज का सपोर्ट पाकिस्तान को मिडिल ओवर्स में मजबूत बनाता है. ये गेंदबाज रन रोकने के साथ-साथ विकेट निकालने की क्षमता रखते हैं.

बल्लेबाजी में लचीलापन

साइम अयूब और फखर जमान तेज शुरुआत देने में माहिर हैं, जबकि बाबर आजम पारी को संभालने का काम करते हैं. सलमान आगा और शादाब खान जरूरत के हिसाब से किसी भी रोल में फिट हो सकते हैं.

2- पाकिस्तान की कमजोरियां

डेथ ओवर्स में सवाल

हारिस रऊफ की गैरमौजूदगी में अंतिम ओवरों की गेंदबाजी पाकिस्तान के लिए चुनौती बन सकती है. शाहीन और नसीम को दबाव में भी सटीक गेंदबाजी करनी होगी.

विकेटकीपर को लेकर सवाल

टीम में तीन विकेटकीपर-बल्लेबाज शामिल हैं. ऐसे में पाकिस्तान को साफ तय करना होगा कि मुख्य कीपर कौन होगा और बाकी खिलाड़ी किस रोल में उतरेंगे.

कोलंबो में ओस

ओस आने पर स्पिन का असर कम हो सकता है, तब गेंदबाजों को ज्यादा अनुशासन दिखाना होगा.

3- पाकिस्तान के लिए अवसर 

ग्रुप स्टेज में एक ही मैदान का फायदा

पाकिस्तान के लिए राहत की बात यह है कि उसे अपने सभी ग्रुप मैच श्रीलंका के कोलंबो में खेलेगा. एक ही वेन्यू पर लगातार मैच खेलने से टीम को पिच और हालात समझने में मदद मिलेगी और सही प्लेइंग इलेवन तय करना आसान होगा. इसका एक फायदा यह भी होगा कि टीम सिर्फ क्वालिफाई करने पर नहीं, बल्कि अच्छा नेट रन रेट बनाने पर भी फोकस कर सकती है, खासकर कमजोर टीमों के खिलाफ.

सलमान आगा के लिए कप्तानी की परीक्षा

यह टूर्नामेंट सलमान आगा के कप्तानी करियर के लिए बेहद अहम हो सकता है. उनके पास गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों में कई विकल्प हैं, जिनका सही इस्तेमाल मैच जिताऊ साबित हो सकता है.

4- पाकिस्तान के लिए खतरे

भारत के खिलाफ हाई-प्रेशर मुकाबला

15 फरवरी को कोलंबो में भारत के खिलाफ होने वाला मुकाबला ग्रुप की तस्वीर बदल सकता है. एक करीबी हार भी पाकिस्तान को नेट रन रेट की दौड़ में धकेल सकती है.

निडर एसोसिएट टीमें

नीदरलैंड्स, अमेरिका और नामीबिया जैसी टीमें इंतजार नहीं करेंगी. अगर बल्लेबाजी में कुछ ओवर धीमे निकल गए या डेथ ओवर्स में ढील दी गई, तो 10–12 गेंदों में ही मैच हाथ से निकल सकता है.

एक्स-फैक्टर: अबरार अहमद

अबरार अहमद ऐसे गेंदबाज हैं जो मिडिल ओवर्स में अचानक विकेट निकालकर मैच पलट सकते हैं. अगर उन्होंने लय पकड़ ली, तो पाकिस्तान का खिताबी सपना और मजबूत हो जाएगा.

पाकिस्तान की टीम

सलमान अली आगा (कप्तान), अबरार अहमद, बाबर आजम, फहीम अशरफ, फखर जमान, ख्वाजा मोहम्मद नफे, मोहम्मद नवाज, मोहम्मद सलमान मिर्जा, नसीम शाह, साहिबजादा फरहान, साइम अयूब, शाहीन शाह अफरीदी, शादाब खान, उस्मान खान, उस्मान तारिक



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