कहते हैं मेहनत करने वालों की कभी हार नहीं होती और इस कहावत को चरितार्थ करते हैं राजस्थान के नागौर जिले के चावड़ियाँ गाँव के रहने वाले राजेश बिश्नोई. क्रिकेट की दुनिया का ये उभरता हुआ सितारा, जो साधारण परिवार से आते हैं. राजेश आज राजस्थान की रणजी टीम के स्टार खिलाड़ी बन चुके हैं.

36 वर्षीय राजेश पहली भी रणजी टीम के लिए खेल चुके हैं, लेकिन एक पुलिस कॉन्स्टेबल के बेटे के लिए यह सफर आसान नहीं था. साधारण परिवार में जन्मे राजेश बिश्नोई ने असाधारण खेल दिखाकर क्रिकेट जगत में अपनी पहचान बनाई और इसकी वजह से उनका चयन एक बार फिर राजस्थान की रणजी टीम में हुआ है.

राजेश बिश्नोई पहले भी राजस्थान की रणजी टीम का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और करियर में बेहतरीन प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें कई पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है. राजेश सिर्फ राजस्थान ही नहीं बल्कि अरुणाचल प्रदेश की टीम के लिए भी खेल चुके हैं. राजेश ने अरुणाचल प्रदेश के लिए अपने पहले मैच में अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर टीम को जीत दिलाई थी. उस मुकाबले में उन्होंने 5 विकेट झटके और बल्लेबाजी करते हुए शतक लगाया था.

राजस्थान, अरुणाचल प्रदेश के अलावा उन्होंने मेघालय टीम का प्रतिनिधित्व भी किया है. नौकरी की बात करें तो वर्तमान में राजेश बिश्नोई रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया में बतौर अधिकारी कार्यरत हैं. वो भारत के दिग्गज ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा को अपना आइडल मानते हैं.

राजस्थान रणजी क्रिकेट टीम के लिए 15 सदस्यीय टीम का गठन किया गया है, जिसमें महिपाल लोमरोड को कप्तान चुना गया है. उनके अलावा टीम में मानव सुथर, अनमोल चेलानी, कुनाल सिंह राठौड़ ,महेंद्र महला,अशोक शर्मा,राजेश बिश्नोई,अमन सिंह शेखावत, अजय कूकना,जयदीप सिंह.दीपक चौधरी,सलमान ख़ान, रामनिवास गोलारा, दीपक हुड्डा, अनिकेत चौधरी शामिल हैं.

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