Russian Crude Oil Import: बिजनेस टायकून मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) फरवरी से रूस से तेल खरीदना फिर से शुरू कर देगी. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है. कंपनी के एक सीनियर एग्जीक्यूटिव ने गुरुवार को बताया कि गुजरात के जामनगर में रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स के लिए प्रति दिन 150,000 बैरल तेल का रूस से आयात किया जाएगा.
इससे पहले रिलायंस ने बीते साल 20 नवंबर को रूस से तेल खरीदना पूरी तरह से बंद कर दिया था. इसके बाद दिसंबर में अमेरिका से मिली एक महीने की छूट के दौरान रिलायंस ने आखिरी बार रूसी कच्चा तेल इंपोर्ट किया था. रूस की बड़ी तेल कंपनियों पर लगाए गए प्रतिबंधों के बावजूद रिलांयस को अमेरिका से यह छूट इसलिए मिली थी ताकि वह रूस की सरकारी तेल कंपनी रोसनेफ्ट से पहले किए गए सौदों को पूरा कर सके.
किनसे तेल खरीदेगी कंपनी?
अक्टूबर के महीने में अमेरिका ने रूसी एनर्जी कंपनी रोसनेफ्ट और लुकोइल पर प्रतिबंध लगाए थे. हालांकि, अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे से बाहर रूसी प्रोड्यूसर्स ने ग्लोबल खरीदारों को कच्चा तेल एक्सपोर्ट करना जारी रखा है. इंडिया एनर्जी वीक के मौके पर नाम न जाहिर करने की शर्त पर कंपनी के एग्जीक्यूटिव ने बताया कि रिलायंस केल उन्हीं रूसी कंपनियों से तेल खरीदेगी, जो प्रतिबंधों के अधीन नहीं हैं. हालांकि, सप्लायर्स का खुलासा नहीं किया गया.
इससे पहले, रिलायंस गुजरात में अपने जामनगर रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स के लिए रोसनेफ्ट के साथ एक लॉन्ग-टर्म एग्रीमेंट के तहत प्रति दिन लगभग 500,000 बैरल रूसी कच्चा तेल इंपोर्ट कर रही थी. रूस के अलावा कंपनी सऊदी अरब और इराक जैसे देशों से टर्म कॉन्ट्रैक्ट के तहत क्रूड ऑयल खरीदती है. रिलायंस की जामनगर रिफाइनरी में क्रूड ऑयल की सफाई की जाती है और फिर उससे पेट्रोल-डीजल जैसे फ्यूल बनाए जाते हैं. इसके बाद इन्हें अमेरिका, यूरोप जैसे कई अलग-अलग देशों में भेजा जाता है.
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