Benefits Of Drinking Water On Empty Stomach: अच्छी सेहत के लिए पानी पीना बेहद जरूरी है. यह डाइजेशन, ब्लड फ्लो, शरीर का तापमान संतुलन और विषैले तत्वों को बाहर निकालने जैसी कई अहम शारीरिक प्रक्रियाओं को सही तरीके से चलाने में मदद करता है. सुबह उठते ही पानी पीने की आदत एक छोटा-सा लेकिन असरदार कदम है, जिससे सेहत को कई फायदे मिलते हैं. रात भर की नींद के बाद शरीर में पानी की कमी हो जाती है. ऐसे में सुबह पानी पीना शरीर को फिर से हाइड्रेट करता है, मेटाबॉलिज्म को एक्टिव करता है और पाचन प्रक्रिया को बेहतर बनाता है. चलिए आपको बताते हैं कि सुबह पानी पीने से क्या फायदा होता है.
शरीर को फिर से हाइड्रेट करता है
कई घंटों की नींद के बाद शरीर डिहाइड्रेट हो जाता है. सुबह पानी पीने से शरीर में तरल पदार्थ की कमी पूरी होती है और सभी अंग बेहतर तरीके से काम करते हैं.
मेटाबॉलिज्म को तेज करता है
सुबह पानी पीने से मेटाबॉलिज्म अगले कुछ घंटों तक लगभग 30 प्रतिशत तक बढ़ सकता है. इससे दिनभर ज्यादा कैलोरी बर्न करने में मदद मिलती है और वजन नियंत्रण में भी सहारा मिलता है.
शरीर से टॉक्सिन बाहर निकालता है
रात के समय शरीर खुद को रिपेयर करता है, इस दौरान कुछ विषैले तत्व जमा हो जाते हैं. सुबह पानी पीने से ये टॉक्सिन बाहर निकलते हैं और किडनी बेहतर तरीके से काम करती है.
पाचन को बेहतर बनाता है
सुबह पानी पीने से डाइजेशन सिस्टम सक्रिय होता है, कब्ज की समस्या कम होती है और पेट भोजन के लिए तैयार हो जाता है. इससे पोषक तत्वों का अवशोषण भी बेहतर होता है.
त्वचा को रखता है स्वस्थ
त्वचा की सेहत के लिए सही मात्रा में पानी बेहद ज़रूरी है. सुबह पानी पीने से त्वचा की नमी बनी रहती है, झुर्रियां कम दिखती हैं और चेहरे पर प्राकृतिक चमक आती है.
दिमागी क्षमता बढ़ाता है
दिमाग का लगभग 75 प्रतिशत हिस्सा पानी से बना होता है. पानी की कमी से एकाग्रता और याददाश्त प्रभावित हो सकती है. सुबह पानी पीने से फोकस, सतर्कता और मानसिक स्पष्टता बेहतर होती है.
किन लोगों को नहीं पीना चाहिए सुबह पानी
चंडीगढ़ स्थित डाइटकल्प न्यूट्रिशन सेंटर की विशेषज्ञ डॉक्टर जमना शर्मा बताती हैं कि ज्यादातर लोगों के लिए सुबह उठते ही पानी पीना फायदेमंद होता है, लेकिन कुछ स्वास्थ्य स्थितियों में सावधानी जरूरी है. किडनी की बीमारी, हार्ट फेल्योर, एसिड रिफ्लक्स या शरीर में सूजन (एडेमा) की समस्या वाले लोगों को सुबह बहुत ज्यादा पानी नहीं पीना चाहिए. ऐसे मामलों में डॉक्टर की सलाह जरूरी होती है. बुजुर्गों में साइलेंट डिहाइड्रेशन का खतरा ज्यादा होता है, क्योंकि उन्हें प्यास महसूस नहीं होती इससे भ्रम, कमजोरी और एकाग्रता की कमी हो सकती है.
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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
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