हार्ट अटैक किसी के लिए भी बहुत डरावना और खतरनाक अनुभव हो सकता है. यह डर तब और बढ़ जाता है जब आप घर पर अकेले हों और पास में कोई मदद न हो. इस स्थिति में आदमी अक्सर घबराता है, डर जाता है और सोचने में असमर्थ हो जाता है कि अब क्या किया जाए. लेकिन ऐसे समय में अगर आप कुछ जरूरी कदम जान लें और तुरंत सही तरीके से कदम उठाएं, तो आपकी जान बचाई जा सकती है.
25 साल के एक्सपीरियंस वाले बोर्ड-सर्टिफाइड कार्डियोथोरेसिक सर्जन डॉ. जेरेमी लंदन ने हाल ही में एक वीडियो में साफ रूप से बताया कि घर पर अकेले रहते हुए हार्ट अटैक पड़ने पर क्या करना चाहिए. उन्होंने कहा कि ऐसे समय में दिमाग शांत रखना मुश्किल होता है, लेकिन कुछ आसान लेकिन जरूरी कदम याद रखने से आप अपनी स्थिति को नियंत्रित कर सकते हैं और गंभीर स्थिति से बच सकते हैं. डॉ. लंदन की सलाहों को अगर आप अपनाते हैं, तो यह दिल के दौरे के दौरान मददगार साबित हो सकती हैं.
दिल की गंभीर स्थिति में घर पर अकेले होने पर क्या करना चाहिए?
1. तुरंत आपातकालीन सेवाओं को कॉल करें – हार्ट अटैक पड़ने पर सबसे पहला और सबसे जरूरी काम यह है कि आप तुरंत आपातकालीन सेवाओं (EMS/108/112) को कॉल करें. डॉ. लंदन कहते हैं कि चाहे आपके पास कुछ हल्की सी तकलीफ महसूस हो रही हो या ज्यादा गंभीर लक्षण हों, जल्दी से जल्दी मदद बुलाना जीवन रक्षक हो सकता है.
2. एस्पिरिन चबाएं – अगर आपको हार्ट डिजीज विशेषज्ञ ने पहले एस्पिरिन लेने की सलाह दी है और आपको इससे एलर्जी नहीं है, तो दौरे के दौरान एक एस्पिरिन को निगलने के बजाय चबाएं. ऐसा करने से दिल पर पड़ने वाला दबाव कम हो सकता है और दिल के दौरे की गंभीरता कुछ हद तक घट सकती है. ध्यान दें, यह हार्ट अटैक को पूरी तरह से रोक नहीं सकता, लेकिन इससे मदद मिलती है.
3. अपने घर को आपातकालीन सेवाओं के लिए आसान बनाएं – डॉ. लंदन कहते हैं कि घर को ऐसी स्थिति में तैयार रखें कि आपातकालीन सेवाएं आसानी से पहुंच सकें. इसका मतलब है कि रात में लाइटें जलाएं, दरवाजा खुला रखें।, अगर संभव हो तो दरवाजे का ताला पहले से खोल दें. इस तरह, जब मदद आने वाली हो, तो टीम को आपके घर तक पहुंचने में किसी तरह की परेशानी नहीं होगी.
4. बैठ जाएं या लेट जाएं – हार्ट अटैक पड़ने पर अचानक बेहोशी का खतरा होता है. इसलिए डॉ. लंदन की सलाह है कि आप तुरंत बैठ जाएं या लेट जाएं. ऐसा करने से गिरने और सिर या शरीर को चोट लगने का खतरा कम होता है. यह कदम आपके लिए सुरक्षा कवच की तरह काम करता है जब तक कि मदद न पहुंच जाए.
5. किसी भरोसेमंद व्यक्ति को फोन करें – घर पर अकेले होने पर किसी दोस्त, परिवार के सदस्य या करीबी व्यक्ति को तुरंत कॉल करें. उन्हें बताएं कि आपको हार्ट अटैक पड़ रहा है और आप मदद का इंतजार कर रहे हैं. इससे आप मानसिक रूप से भी अकेले नहीं रहेंगे और आपके पास तुरंत कोई होगा जो स्थिति को समझे और मदद के लिए जरूरी कदम उठाए.
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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें
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