Income Tax Budget 2026: केंद्र सरकार की ओर से यूनियन बजट में इस बार इनकम टैक्स को लेकर किसी बड़े बदलाव का ऐलान नहीं किया गया है. जिससे टैक्सपेयर्स को कोई बड़ी राहत नहीं मिली है. इस बार के बजट में सरकार ने नियमों में बार-बार बदलाव से बचते हुए टैक्स सिस्टम में स्थिरता बनाए रखने पर जोर दिया हैं.
हालांकि, अब रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने की समय सीमा 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई है. जिससे करदाताओं को थोड़ी सहूलियत मिलने की उम्मीद की जा रही है. करदाता पहले की तरह ही पुरानी और नई टैक्स व्यवस्था में से चुनाव कर सकते हैं. आइए जानते हैं, इस विषय में…..
टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं
सरकार ने टैक्स स्लैब में किसी तरह का बदलाव नहीं किया है.अगर कोई करदाता पुरानी टैक्स व्यवस्था को अपनाता है, तो उसके लिए टैक्स फ्री इनकम की सीमा अभी भी 2.5 लाख रुपये तक ही बनी हुई है. हालांकि, इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 87A के तहत 5 लाख रुपये तक की सालाना आय पर टैक्स में पूरी छूट मिल सकती है. यानी पुरानी व्यवस्था के अनुसार तय शर्तों के तहत इस सीमा तक कमाई करने वाले लोगों को टैक्स नहीं देना पड़ता है.
वहीं, नई टैक्स व्यवस्था को चुनने वालों के लिए पहले जैसी व्यवस्था ही जारी रखी गई है. इसमें 4 लाख रुपये तक की इनकम पर कोई टैक्स नहीं लगता है. इसके अलावा, सेक्शन 87A के तहत सैलरी पाने वाले व्यक्ति 12.75 लाख रुपये तक और अन्य करदाता 12 लाख रुपये तक की आय पर टैक्स राहत का फायदा उठा सकते हैं. इससे साफ है कि दोनों ही रिजीम में सरकार ने फिलहाल कोई बड़ा बदलाव नहीं किया है.
स्टैंडर्ड डिडक्शन में भी कोई बदलाव नहीं
सरकार की ओर से इस साल के बजट में स्टैंडर्ड डिडक्शन को 75,000 रुपये बरकरार रखने का फैसला लिया गया है. हालांकि, उम्मीद की जा रही थी कि, इसमें बढ़ोतरी हो सकती है. लेकिन सरकार ने इसमें बदलाव नहीं करने का फैसला लिया है.
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