हरी मटर शाकाहारी लोगों के लिए प्रोटीन का बेहतरीन सोर्स मानी जाता है. इसमें प्रोटीन के साथ-साथ कई जरूरी विटामिन और मिनरल भी होते हैं. न्यूट्रिशनिस्ट के अनुसार मटर को नियमित डाइट में शामिल करने से शरीर में पोषक तत्वों की कमी पूरी हो सकती है. यही वजह है कि सीजन खत्म होने के बाद भी लोग फ्रोजन मटर का इस्तेमाल करते हैं.
कैसे तैयार होती है फ्रोजन मटर?
फ्रोजन मटर को तब काटा जाता है, जब वह पूरी तरह से पक जाती है. इसके बाद इसे लगभग-18 डिग्री सेल्सियस पर फ्रीज कर दिया जाता है. इतने कम तापमान पर रखने से मटर में किसी तरह की माइक्रोबियल ग्रोथ या बायोलॉजिकल बदलाव नहीं होते है, जिससे यह लंबे समय तक खराब नहीं होती है.
फ्रोजन मटर अनहेल्दी होती है या हेल्दी
फ्रेश और फ्रोजन मटर में पोषण का फर्क?
एक्सपर्ट्स के अनुसार फ्रेश और फ्रोजन मटर के पोषण में कोई खास अंतर नहीं होता है. एक स्टडी में दो साल तक फ्रेश और फ्रोजन सब्जियों की तुलना की गई, जिसमें मटर भी शामिल थी. वहीं इस रिसर्च में पाया गया था कि दोनों के पोषण स्तर लगभग समान थे. इसके अलावा कई अन्य रिसर्च में भी यही बात सामने आई है कि फ्रोजन सब्जियां ताजी सब्जियों जितनी ही फायदेमंद होती है.
प्रिजर्वेटिव को लेकर भ्रम
कुछ लोगों का मानना है कि फ्रोजन मटर की शेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए उसमें प्रिजर्वेटिव्स या एडिटिव्स मिलाए जाते हैं. लेकिन न्यूट्रिशनिस्ट्स के अनुसार ऐसा नहीं है. -18 डिग्री सेल्सियस पर फ्रीज करने से ही मटर सुरक्षित रहती है और किसी तरह के केमिकल प्रिजर्वेटिव की जरूरत नहीं पड़ती है. हालांकि फ्रेश और फ्रोजन मटर में स्वाद का अंतर महसूस हो सकता है.
Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
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