Which Foods Should Be Avoided At Iftar: इस्लाम धर्म का सबसे पवित्र महीना रमजान में शुरू हो गया है. 19 फरवरी से भारत में भी माह-ए-रमजान का आगाज हो रहा है. त्योहारों की सबसे खास बात यह है कि ये सिर्फ जश्न का मौका नहीं होते, वे हमारी सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं की याद भी दिलाते हैं. रमजान का महीना भी ऐसा ही पवित्र समय है, जो इबादत, सब्र और आत्मसंयम का संदेश देता है. रोजा रखना सिर्फ धार्मिक कर्तव्य नहीं, बल्कि आत्मअनुशासन और शरीर को संतुलित रखने का एक तरीका भी माना जाता है. सुबह सूर्योदय से पहले सेहरी की जाती है और सूर्यास्त पर इफ्तार के साथ रोज़ा खोला जाता है. यह 30 दिनों की आध्यात्मिक यात्रा होती है, जिसमें खाने-पीने की आदतों का विशेष महत्व होता है. चलिए आपको बताते हैं कि इफ्तारी में आपको कौन सी गलती नहीं करनी चाहिए, जिससे तबीयत खराब हो सकता है.
बदल जाती है पूरी लाइफस्टाइल
रमजान के दौरान लाइफस्टाइल पूरी तरह बदल जाती है. लंबे समय तक भूखे-प्यासे रहने के बाद जब खाने का समय आता है, तो लोग अक्सर ऐसी चीजें चुन लेते हैं जो स्वाद में तो अच्छी लगती हैं, लेकिन सेहत के लिए भारी पड़ सकती हैं. Hamad Medical Corporation की रिपोर्ट के अनुसार, एक्सपर्ट की सलाह है कि इस महीने में खानपान को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि अनियमित भोजन और ज्यादा तला-भुना या मीठा खाना पाचन पर असर डाल सकता है.
रमजान में रोजा रखने वाले लोगों को अपने खानपान को लेकर खास सतर्क रहना चाहिए. दिनभर भूखे-प्यासे रहने के बाद इफ्तार के समय क्या खाया जा रहा है, यह सीधे तौर पर सेहत पर असर डालता है. अचानक बदली हुई दिनचर्या और लंबे गैप के बाद भारी या मीठा भोजन लेने से पेट में जलन, गैस, थकान या बेचैनी जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं, खासकर ज्यादा शक्कर और फैट वाली चीजें खाली पेट जल्दी असर दिखाती हैं.
तली-भुनी और ज्यादा चिकनाई वाली चीजों से परहेज
इफ्तार में तली-भुनी और ज्यादा चिकनाई वाली चीजों से परहेज करना बेहतर होता है. समोसा, फ्राइड आलू या अन्य डीप-फ्राइड स्नैक्स स्वाद में भले अच्छे लगें, लेकिन इनमें फैट और सोडियम की मात्रा ज्यादा होती है. रोजे के बाद इन्हें ज्यादा मात्रा में खाने से सुस्ती, भारीपन और थकान बढ़ सकती है. इसी तरह ज्यादा नमक वाली चीजें, जैसे अचार या अत्यधिक नमकीन स्नैक्स, शरीर में पानी की कमी बढ़ा सकती हैं. दिनभर की फास्टिंग के बाद शरीर को हाइड्रेशन की जरूरत होती है, ऐसे में ज्यादा सोडियम तरल संतुलन बिगाड़ सकता है.
मीठा भी सोच समझ कर खाना चाहिए
मीठे खाद्य पदार्थ भी सोच-समझकर लेने चाहिए. ज्यादा शक्कर वाली मिठाइयां या डेजर्ट तुरंत ऊर्जा तो देते हैं, लेकिन यह ऊर्जा ज्यादा देर तक टिकती नहीं. कुछ समय बाद फिर से कमजोरी या सुस्ती महसूस हो सकती है. इसके अलावा चॉकलेट, चाय, कॉफी या अन्य कैफीन युक्त पेय भी इफ्तार में सीमित मात्रा में ही लेने चाहिए,कैफीन शरीर से पानी और जरूरी मिनरल्स बाहर निकाल सकता है, जिससे डिहाइड्रेशन बढ़ने का खतरा रहता है. संतुलित और हल्का भोजन ही रोजे के बाद शरीर को सही तरीके से ऊर्जा देता है और सेहत को स्थिर रखता है.
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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
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