T20 World Cup 2026 Super 8 Format Explained: टी20 वर्ल्ड कप 2026 का सुपर-8 फॉर्मेट, इसमें आखिर ऐसा क्या है जिसपर खूब बवाल मचा हुआ है. टूर्नामेंट में कुल 20 टीमों ने हिस्सा लिया था, जिनमें से 12 टीम बाहर हो चुकी हैं. नियमानुसार सभी टीम अपने-अपने ग्रुप के टॉप-2 में रहने के बाद ही तो सुपर-8 में पहुंची हैं. फिर भी ऐसा क्यों कहा जा रहा है कि हारने वाली 2 टीमों को ट्रॉफी जीतने का मौका मिलेगा, जबकि टॉप पर रहने वाली 2 टीमों को फाइनल खेलना ही नसीब नहीं होगा.
जीतने वाली टीम नहीं खेलेंगी फाइनल
दरअसल सुपर-8 फॉर्मेट में इस बार टीमों की प्री-सीडिंग कर दी गई थी. इसका मतलब पहले से तय था कि कौन से ग्रुप में पहले 2 स्थानों पर रहने वाली टीम सुपर-8 कहां प्लेस की जाएंगी और उनका किन-किन टीमों से सामना होगा. यहां तक इस प्री-सीडिंग सिस्टम में कोई बुराई नजर नहीं आती.
दिक्कत तब उत्पन्न हुई, जब ग्रुप स्टेज में टॉप करने वाली प्रत्येक टीम को सुपर-8 के ग्रुप 1 और दूसरे नंबर पर रहने वाली टीमों को ग्रुप 2 में रखा गया. उदाहरण लेकर समझें तो भारत, जिम्बाब्वे, वेस्टइंडीज और दक्षिण अफ्रीका ने अपने-अपने ग्रुप में टॉप किया था. वहीं न्यूजीलैंड, पाकिस्तान, इंग्लैंड और श्रीलंका अपने-अपने ग्रुप में कम से कम एक मैच हारकर आ रही हैं.
टॉप करके भी 2 टीम बाहर
अब समस्या यह है भारत, वेस्टइंडीज, जिम्बाब्वे और दक्षिण अफ्रीका, ग्रुप स्टेज में अजेय रहीं. चूंकि सुपर-8 में उन्हें एक ही ग्रुप में डाल दिया गया है, इसलिए टॉप करने के बावजूद इनमें से दो टीम सेमीफाइनल में नहीं जा पाएंगी. इसे कहीं ना कहीं नाइंसाफी माना जा रहा है, क्योंकि इनमें से 2 टीमों को अपना ग्रुप टॉप करने के बावजूद कोई एडवांटेज नहीं मिलेगा.
हारने वाली टीम खेलेगी फाइनल
अब हारने वाली टीम के फाइनल खेलने का गणित यह है कि अपने-अपने ग्रुप में कम से कम एक मैच हारकर आ रही सभी टीमों को ग्रुप 2 में रखा गया है. ये पाकिस्तान, न्यूजीलैंड, श्रीलंका और इंग्लैंड हैं. जहां भारत, वेस्टइंडीज, जिम्बाब्वे और दक्षिण अफ्रीका में से 2 टॉप करने वाली टीम फाइनल नहीं खेल पाएंगी. वहीं अपने-अपने ग्रुप में हारकर आ रहीं पाकिस्तान, न्यूजीलैंड, श्रीलंका और इंग्लैंड में से 2 टीमों को फाइनल खेलने का मौका मिल जाएगा. इसी वजह से फैंस ने इस तरह के फॉर्मेट पर खूब भड़ास निकाली है.