द हंड्रेड टूर्नामेंट के आगामी संस्करण के लिए मार्च में ऑक्शन हो सकता है. इससे पहले इस लीग में ड्राफ्ट के जरिए फ्रेंचाइजियां प्लेयर्स को अपनी टीम का हिस्सा बनाती थी. पहली बार होने जा रहे ऑक्शन को लेकर एक रिपोर्ट की खूब चर्चा हो रही है. इसमें दावा किया गया था कि जिन फ्रेंचाइजियों के मालिक भारतीय हैं, वो ऑक्शन में पाकिस्तान के खिलाड़ियों को नहीं खरीदेंगी. चाहे उनका प्रदर्शन कैसा भी हो. ये इतना वायरल हुआ कि एमआई लंदन टीम को बयान जारी करना पड़ा.
MI London ने जारी किया स्टेटमेंट
मुंबई इंडियंस से जुड़ी फ्रेंचाइजी एमआई लंदन ने इन दावों को खारिज कर भरोसा दिलाया कि राष्ट्रीयता के आधार पर खिलाड़ियों के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा. एमआई लंदन ने मंगलवार को जारी किए गए स्टेटमेंट में कहा, “एमई लंदन इसके लिए प्रतिबद्ध है कि द हंड्रेड एक ऐसा कॉम्पिटिशन हो जो सबको साथ लेकर चलने वाला, स्वागत करने वाला और सभी के लिए खुला हो.”
स्टेटमेंट में आगे कहा गया, “खिलाड़ियों को उनकी राष्ट्रीयता के आधार पर बाहर नहीं किया जाना चाहिए. बाकी सात टीमों के साथ, हम भी सिर्फ उनके क्रिकेट के प्रदर्शन, उपलब्धता और हर टीम की जरूरतों के आधार पर सिलेक्शन करने के लिए कमिटेड हैं.”
बता दें कि इससे पहले इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने भी सभी फ्रेंचाइजियों को इससे संबंधित एक पत्र लिखा था, जिसमें उन्हें खिलाड़ियों से राष्ट्रीयता के आधार पर भेदभाव नहीं करने की सलाह दी थी. ईसीबी ने भी इस पर बयान जारी कर भरोसा दिलाया था कि लीग में सभी खिलाड़ियों को एक समान अवसर मिलेंगे.
ईसीबी ने ‘द हंड्रेड’ की सभी 8 टीमों के साथ एक जॉइंट स्टेटमेंट में कहा, “ईसीबी और द हंड्रेड टीम की सभी आठ फ्रेंचाइजी ने यह पक्का करने का अपना कमिटमेंट दोहराया है कि द हंड्रेड एक ऐसा कॉम्पिटिशन बना रहे जो सबको साथ लेकर चलने वाला, स्वागत करने वाला और सभी के लिए खुला हो.”