अडानी फाउंडेशन ने अपने “Swabhimaan” कार्यक्रम के तहत देशभर में 10 लाख महिलाओं को सशक्त बनाने का लक्ष्य तय किया है. यह जानकारी फाउंडेशन की चेयरपर्सन प्रीति अडानी ने गुरुवार को एक कार्यक्रम के दौरान दी. मुंबई में आयोजित “Swabhimaan: The Rise of S.H.E.” कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा कि किसी महिला को सशक्त बनाना सिर्फ एक व्यक्ति की मदद करना नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य में निवेश करना है. यह कार्यक्रम Adani Electricity और Mahila Arthik Vikas Mahamandal (MAVIM) के सहयोग से आयोजित किया गया था.

प्रीति अडानी ने कहा कि महिलाओं का सशक्तिकरण केवल दान या सहायता से नहीं होता, बल्कि उन्हें अवसर, संभावनाएं और क्षमताएं विकसित करने का मौका देने से होता है. उन्होंने बताया कि स्वाभिमान कार्यक्रम से जुड़ी महिलाएं अपने छोटे कारोबार को बढ़ाने, उत्पादों की सही कीमत तय करने, जिम्मेदारी से ऋण चुकाने और बचत करने जैसे विषयों पर चर्चा करती हैं.

पहले साल 1 लाख महिलाओं को जोड़ने का लक्ष्य

उन्होंने कहा कि इस पहल के अगले चरण में पहले साल Maharashtra में 1 लाख महिलाओं को कार्यक्रम से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है. आने वाले वर्षों में इस पहल के जरिए देशभर में 10 लाख महिलाओं को सशक्त बनाने का संकल्प लिया गया है.

स्वाभिमान कार्यक्रम की शुरुआत 2022 में हुई थी. इसका उद्देश्य शहरी गरीब महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण, वित्तीय ज्ञान और उद्यमिता की समझ देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है. प्रीति अडानी के अनुसार अब तक इस पहल से Mumbai में 4,500 से अधिक महिलाएं लाभान्वित हो चुकी हैं. फाउंडेशन ने इन महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण, वित्तीय साक्षरता, डिजिटल साक्षरता और बाजार से जोड़ने में मदद की है.

उन्होंने कहा कि महिला आर्थिक विकास महामंडल ने महिलाओं को संगठित करने और Self Help Groups (SHGs) यानी स्व:सहायता समूह बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.

महिलाओं की कमाई का बड़ा असर

प्रीति अडानी ने कहा कि दुनिया भर के शोध बताते हैं कि जब महिलाएं कमाती हैं तो वे अपनी आय का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवार के कल्याण पर खर्च करती हैं. कार्यक्रम में कई प्रमुख हस्तियां भी शामिल हुईं, जिनमें Ritu Tawde और Aditi Tatkare सहित कई महिला उद्यमी और स्वाभिमान कार्यक्रम की सदस्य मौजूद थीं.



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