Middle East Tensions: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के लंबा खिंचने से स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है. भारत के पड़ोसी देशों की ओर से भी ऊर्जा की मांग बढ़ती जा रही है. विदेश मंत्रालय ने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान बताया कि बांग्लादेश, श्रीलंका, मालदीव सहित कई पड़ोसी देशों ने भारत से ऊर्जा आपूर्ति के लिए अनुरोध किया है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के अनुसार, भारत 2007 से ही विभिन्न परिवहन माध्यमों के जरिए बांग्लादेश को डीजल की आपूर्ति करता आ रहा है. मौजूदा हालात में भी भारत बांग्लादेश और अन्य पड़ोसी देशों की सहायता जारी रखेगा.
पड़ोसी देशों ने मांगी मदद
उन्होंने यह भी कहा कि हाल के दिनों में अफगानिस्तान में पाकिस्तान द्वारा किए गए हमलों की भारत ने कड़ी आलोचना की है, क्योंकि इन हमलों में आम नागरिकों के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया और कई निर्दोष लोगों की जान गई है.
गौरतलब है कि ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद इस संघर्ष का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है. शुरुआत में इजरायल ने ईरान के तेल बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया, जिसके जवाब में तेहरान ने खाड़ी देशों के तेल ठिकानों पर हमले तेज कर दिए हैं.
वॉर से स्थिति चिंताजनक
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भले ही युद्ध के जल्द समाप्त होने का दावा किया था, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए यह कहना मुश्किल है कि यह तनाव कब खत्म होगा. ईरान ने युद्ध समाप्त करने की पहल को भी ठुकरा दिया है, जिससे संकेत मिलता है कि यदि यही स्थिति बनी रही, तो वैश्विक संकट और गहरा सकता है.
भारत में भी एलपीजी की किल्लत ने एक नया संकट खड़ा कर दिया है. हालांकि, भारत ने हॉर्मूज ऑफ स्ट्रैट के बंद होने के बाद वैकल्पिक रुट अपनाने का फैसला किया है.