Painkiller Infused Ice Cream: आजकल सोशल मीडिया पर एक अजीब लेकिन काफी अट्रैक्टिव ट्रेंड देखने को मिलते हैं. यह नया ट्रेंड पेनकिलर मिली आइसक्रीम है. सुनने में यह नया आइडिया बहुत अलग और मजेदार लग रहा है, जिसमें एक तरफ ठंडी-ठंडी आइसक्रीम का टेस्ट और दूसरी तरफ सिरदर्द में राहत मिलती है. इसमें मजा और इलाज के एक साथ है, लेकिन कई लोगों के मन में यह कंफ्यूजन है कि यह सच में इतनी अच्छी है जितनी लगती है.

यह ट्रेंड नीदरलैंड से शुरू हुआ और धीरे-धीरे पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन गया. कई लोग इसे एक आसान और आरामदायक इलाज मान रहे हैं. वहीं डॉक्टरों का कहना है कि यह जितना आसान दिखता है,उतना सुरक्षित नहीं है, ऐसे में आइए जानते हैं कि पेनकिलर वाली आइसक्रीम कितनी कारगर हैं और ये सेहत के लिए कितनी खतरनाक है. 

पेनकिलर वाली आइसक्रीम कितनी कारगर हैं

पेनकिलर वाली आइसक्रीम ज्यादा कारगर नहीं मानी जा रही है. सुनने में यह आइडिया अच्छा लगता है, लेकिन मेडिकल के अनुसार इसमें कई बड़ी समस्याएं है. आइसक्रीम को लोग अक्सर खुशी, आराम और सुकून से जोड़ते हैं. कहा जाता है कि तनाव हो या थकान एक स्कूप आइसक्रीम मूड बेहतर कर देती है. ऐसे में अगर इसमें दवा मिला दी जाए, तो यह दो फायदे एक साथ जैसा लगता है. हालांकि, डॉक्टरों का कहना है कि यहीं से समस्या शुरू होती है. दवाएं खाने के लिए नहीं बल्कि इलाज के लिए बनाई जाती हैं. उन्हें एक निश्चित तरीके और मात्रा में लेना जरूरी होता है. जब इन्हें खाने की चीजों में मिलाया जाता है तो उनका असर और सुरक्षा दोनों सवालों में आ जाता हैं. 

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पेनकिलर वाली आइसक्रीम सेहत के लिए कितनी खतरनाक है

1. पेनकिलर वाली आइसक्रीम सेहत के लिए कई कारणों से खतरनाक है. जब आप कोई गोली लेते हैं तो उसकी मात्रा पहले से तय होती है. डॉक्टर आपकी उम्र, वजन और बीमारी के हिसाब से सही डोज देते हैं. लेकिन अगर वही दवा आइसक्रीम में मिल जाए तो आपको पता ही नहीं चलेगा कि आपने कितनी दवा ली. ज्यादा खाने पर ओवरडोज का खतरा हो सकता है.

2. बार-बार पेनकिलर लेने से सिरदर्द और बढ़ सकता है. इसे मेडिकेशन ओवरयूज हेडेक कहा जाता है. अगर आइसक्रीम के जरिए लोग बार-बार दवा ली जाए, तो सिरदर्द ठीक होने की जगह और बढ़ सकता है. 

3. दवाएं इस तरह बनाई जाती हैं कि शरीर पर वह सही तरीके से असर कर सके, लेकिन जब इन्हें आइसक्रीम जैसे खाने में मिलाया जाता है, तो दवा ठीक से शरीर में नहीं घुल पाती है. दवा का असर कम या अनियमित हो सकता है. साथ ही दवा की क्वालिटी भी प्रभावित हो सकती है. 

4. कुछ लोगों के लिए आइसक्रीम ही सिरदर्द का कारण बन सकती है, खासकर माइग्रेन के मरीज के लिए या जिन्हें ठंडी चीजों से दिक्कत होती है और ज्यादा शुगर या फैट लेने वालों में सिरदर्द का कारण बन सकता है. ऐसे में पेनकिलर वाली आइसक्रीम उल्टा असर कर सकती है. इससे राहत की जगह दर्द बढ़ सकता है. 

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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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