Akshaya Tritiya Gold Silver Sale 2026: अक्षय तृतीया पर इस बार आस्था और अर्थव्यवस्था का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है. सोना-चांदी की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बावजूद बाजार में जबरदस्त रौनक है और देशभर में करीब 20,000 करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान जताया गया है. यह पिछले साल के मुकाबले बड़ी छलांग है और यह साफ संकेत देता है कि महंगाई के बावजूद लोगों का भरोसा इस परंपरा पर कायम है.

इस साल सोने की कीमत जहां करीब 1.58 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई है, वहीं चांदी 2.55 लाख रुपयेप्रति किलो के स्तर पर पहुंच चुकी है. पिछले साल के मुकाबले यह बढ़ोतरी चौंकाने वाली है, लेकिन इसके बावजूद बाजार में मांग कमजोर नहीं पड़ी है. फर्क सिर्फ इतना आया है कि अब ग्राहक पहले की तरह खुलकर नहीं, बल्कि सोच-समझकर निवेश कर रहे हैं.

परंपरा का असर, निवेश का भरोसा कायम

चांदनी चौक से सांसद और कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल का कहना है कि अक्षय तृतीया आज भी सोना खरीदने के सबसे शुभ मौकों में से एक मानी जाती है. लोगों का विश्वास है कि इस दिन किया गया निवेश कभी घटता नहीं है और समृद्धि लेकर आता है. हालांकि, बढ़ती कीमतों ने खरीदारी के तरीके को जरूर बदल दिया है.

ज्वैलर्स ने बदली रणनीति, हल्के आभूषणों पर जोर

कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी. सी. भरतिया के मुताबिक ज्वैलर्स अब ग्राहकों की पसंद को ध्यान में रखते हुए हल्के और रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले आभूषणों पर ज्यादा फोकस कर रहे हैं. इसके साथ ही चांदी और हीरे के उत्पादों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है. ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए मेकिंग चार्ज में छूट और छोटे गोल्ड कॉइन जैसे ऑफर्स भी दिए जा रहे हैं.

मूल्य बढ़ा, लेकिन मात्रा में गिरावट साफ

पंकज अरोड़ा द्वारा साझा किए गए आंकड़े बताते हैं कि कुल व्यापार का मूल्य भले बढ़ रहा हो, लेकिन वास्तविक खपत में कमी आई है. 16,000 करोड़ रुपये के सोने के कारोबार का मतलब करीब 10 टन सोने की बिक्री है, जो देशभर के लाखों ज्वैलर्स में बांटने पर प्रति ज्वैलर बहुत कम मात्रा में तब्दील हो रहा है. इसी तरह 4,000 करोड़ रुपये के चांदी के व्यापार के बावजूद औसतन प्रति ज्वैलर बिक्री सीमित ही रह रही है. इससे साफ है कि ग्राहक बड़ी खरीदारी से बचते हुए छोटे और सुरक्षित निवेश को प्राथमिकता दे रहे हैं.

डिजिटल गोल्ड और नए निवेश विकल्पों की बढ़ती मांग

बदलते दौर में अब लोग सिर्फ पारंपरिक खरीद तक सीमित नहीं हैं. डिजिटल गोल्ड, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड और ETF जैसे विकल्पों की ओर भी तेजी से रुझान बढ़ रहा है. ये विकल्प सुरक्षा के साथ-साथ लिक्विडिटी और सुविधा भी प्रदान करते हैं, जिससे नई पीढ़ी इन्हें ज्यादा पसंद कर रही है.

हॉलमार्किंग पर सख्ती, ग्राहकों को सतर्क रहने की सलाह

व्यापारी संगठनों ने ज्वैलर्स से हॉलमार्किंग नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की है. साथ ही ग्राहकों को भी खरीदारी के समय शुद्धता और प्रमाणिकता की जांच करने की सलाह दी गई है, ताकि उनका निवेश सुरक्षित रहे.

परंपरा और समझदारी का नया संतुलन

अक्षय तृतीया 2026 यह दिखा रही है कि आस्था अब भी बाजार को मजबूती देती है, लेकिन इसके साथ ही ग्राहकों की सोच भी बदली है. लोग अब भावनाओं के साथ-साथ आर्थिक समझदारी को भी महत्व दे रहे हैं और यही बदलाव इस बार के बाजार की सबसे बड़ी कहानी बनकर उभरा है.



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