Mouthwash Side Effects: आज के समय में माउथवॉश को लोग ओरल हाइजीन का आसान और तेज तरीका मानते हैं. कई लोग सांस की बदबू दूर करने या ब्रश न करने की कंडीशन में इसका इस्तेमाल करते हैं. हालांकि डॉक्टरों का कहना है, इसका जरूरत से ज्यादा और लगातार इस्तेमाल सेहत पर असर डाल सकता है खासकर ब्लड प्रेशर पर. एक्सपर्ट्स के अनुसार माउथवॉश सिर्फ मुंह की सफाई तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह शरीर के अंदर होने वाली कुछ अहम प्रक्रियाओं को भी प्रभावित कर सकता है. खासतौर पर एंटीबैक्टीरियल माउथवॉश के लंबे समय तक इस्तेमाल को लेकर चिंता जताई गई है.
माउथवॉश का मुंह के बैक्टीरिया और ब्लड प्रेशर से कनेक्शन
डॉक्टरों के अनुसार हमारे मुंह में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया शरीर के लिए जरूरी होते हैं. यह बैक्टीरिया खाने में मौजूद नाइट्रेट को नाइट्राइट में बदलने में मदद करते हैं जो आगे चलकर शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड बनाते हैं. नाइट्रिक ऑक्साइड एक अहम तत्व है जो ब्लड वेसल्स को रिलैक्स करने, ब्लड फ्लो को बेहतर बनाने और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद करता है.
माउथवॉश कैसे डालता है असर?
एक्सपर्ट्स का कहना है कि मजबूत एंटीसेप्टिक माउथवॉश इन अच्छे बैक्टीरिया को भी खत्म कर सकते हैं. इससे नाइट्रेट से नाइट्राइट में बदलाव की प्रक्रिया प्रभावित होती है और शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड का स्तर कम हो सकता है. इसका सीधा असर ब्लड वेसल्स के कामकाज पर पड़ता है, जिससे ब्लड प्रेशर के संतुलन पर असर पड़ सकता है. वहीं डॉक्टरों के अनुसार कुछ स्टडीज में भी पाया गया है कि एंटीबैक्टीरियल माउथवॉश के इस्तेमाल से मुंह में मौजूद जरूरी बैक्टीरिया में 90 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है. क्लिनिकल ट्रायल्स के अनुसार सिर्फ कुछ ही दिनों के इस्तेमाल से ही लार में नाइट्रेट का स्तर कम हो सकता है. जिससे सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर में हल्की बढ़ोतरी देखी गई है.
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माउथवॉश के लंबे समय तक इस्तेमाल का खतरा
एक्सपर्ट का मानना है कि अगर कोई व्यक्ति दिन में दो बार से ज्यादा माउथवॉश का इस्तेमाल करता है तो लंबे समय में हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ सकता है. इसका कारण वहीं प्रक्रिया मानी जाती है, जिसमें अच्छे बैक्टीरिया कम हो जाते हैं. नाइट्रिक ऑक्साइड घटता है और ब्लड वेसल्स ठीक से काम नहीं कर पाते हैं. वहीं डॉक्टरों का कहना है कि इसका असर हर व्यक्ति में बहुत ज्यादा गंभीर नहीं होता, लेकिन लगातार और ज्यादा इस्तेमाल करने पर खतरा बढ़ सकता है. माउथवॉश का उपयोग अभी भी कुछ स्थितियों में जरूरी माना जाता है, जैसे मसूड़ों की बीमारी, डेंटल ट्रीटमेंट के बाद या ज्यादा प्लाक होने की कंडीशन में. ऐसे में डॉक्टर सलाह देते हैं कि माउथवॉश का इस्तेमाल जरूरत के अनुसार ही करें और इसे रोजमर्रा की आदत न बनाएं. ओरल हाइजीन के लिए ब्रश और फ्लॉसिंग जैसे बेसिक तरीकों को प्राथमिकता देना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है.
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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
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