गुजरात टाइटंस के खिलाफ चेपॉक में चेन्नई सुपर किंग्स बुरी तरह हार गई. चेन्नई के बल्लेबाज ‘तू चल मैं आया’ की तर्ज पर आउट हुए. पावरप्ले में चेन्नई ने सिर्फ 28 रन बनाए थे. हालांकि, ऋतुराज गायकवाड़ ने 60 गेंद में नाबाद 74 रनों की पारी खेलकर स्कोर 158 तक पहुंचाया. इसके बाद गुजरात टाइटंस ने 17वें ओवर में दो विकेट खोकर मैच जीत लिया. यहां जानें चेन्नई की इस हार के बाद कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ ने क्या कुछ कहा. 

मैच के बाद CSK के कप्तान गायकवाड़ ने कहा, “मैंने शानदार शुरुआत की, 6 गेंदों में 10 रन बनाए, और फिर मैंने सोचा कि मैं इस लय को बनाए रखूंगा, लेकिन फिर आपने देखा कि मेरी आंखों के सामने ही तीन विकेट तेजी से गिर गए. मुझे लगा कि थोड़ी साझेदारी की जरूरत है, क्योंकि विकेट ठीक से नहीं खेल रहा था. उसके बाद हम एक खास गेंदबाज पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे थे, तभी एक विकेट गिर गया, और फिर मैंने सोचा, ठीक है, चलो थोड़ा समय लेते हैं, बल्लेबाजी करते हैं और स्ट्राइक रोटेट करते हैं.”

गायकवाड़ ने किसे ठहराया हार का जिम्मेदार?

गायकवाड़ ने आगे कहा, “किसी और दिन या किसी और पिच पर, मुझे लगता है कि मैं स्ट्राइक को थोड़ा और रोटेट करता, लेकिन जैसा कि मैंने कहा, मैं कोशिश कर रहा था और स्कोरकार्ड पर गेंदों की संख्या और बहुत कम रनों को देखकर जाहिर तौर पर निराशा होती है, लेकिन जैसे ही मुझे चोट लगी, मैंने सोचा, मैं बस आगे बढ़ता रहूंग. मैं देखूंगा कि मैं अपनी लय कैसे बदल सकता हूं और अगर मैं अब आउट भी हो जाता हूं, तो भी लगभग पांच-छह ओवर बचे हैं, इसलिए ज्यादा कुछ नहीं बचा है, तो यही वो पल था जब मैंने सोचा कि अब मुझे तेजी से खेलना शुरू कर देना चाहिए.”

जानें पिच को लेकर क्या बोले गायकवाड़? 

इम्पैक्ट सब को लेकर गायकवाड़ ने कहा, “मुझे लगता है कि हम बहुत अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे, इसलिए हमने सोचा कि पावरप्ले खत्म होने के बाद जब एक या दो विकेट गिर जाएंगे, तो हम दूसरी पारी के लिए एक गेंदबाज को मैदान में उतार देंगे. मुकेश चौधरी को आना था, लेकिन हमने जल्दी ही दो विकेट खो दिए, इसलिए मुझे लगता है कि चौथे ओवर में हमें एक बल्लेबाज को लाना था और फिर यह सुनिश्चित करना था कि हम कुछ रन बनाएं. दुर्भाग्य से, ऐसा नहीं हो पाया, लेकिन मुझे लगता है कि हमारी सोच बहुत अच्छी थी.”

पिच को लेकर गायकवाड़ ने कहा, “मुझे सच में लगा कि पिच थोड़ी चुनौतीपूर्ण थी, खासकर मध्यम गति के गेंदबाजों के लिए. पिच थोड़ी धीमी और दोहरी गति वाली थी. उछाल भी थोड़ा ऊपर-नीचे था, लेकिन मुझे लगता है कि अगर हमने शुरुआत में ज्यादा विकेट नहीं गंवाए होते, तो हम शायद 170 या 180 रन तक पहुंच जाते, जो प्रतिस्पर्धी स्कोर होता. शॉट खेलना थोड़ा मुश्किल था.”



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