'Tax evasion' case: Anil Ambani gets interim protection from coercive action under Black Money Act

'Tax evasion' case: Anil Ambani gets interim protection from coercive action under Black Money Act


File picture: Anil Ambani
| Photo Credit:
MITESH BHUVAD

The Bombay High Court has granted interim protection from prosecution and penalty to industrialist Anil Ambani in an alleged tax evasion case, while admitting his petition challenging the constitutional validity of provisions of the Black Money Act.

Ambani, in his plea, said certain provisions of the (Undisclosed Foreign Income and Assets) and Imposition of Tax Act, 2015, were “ultra vires” (beyond the powers/ violative) to the Constitution of India.

A bench of Justices B P Colabawalla and Firdosh Pooniwalla on Tuesday noted that there are other petitions filed in HC against the Act and admitted Ambani’s plea, which will be taken up for final hearing in due course.

The court directed the Union Government to file its affidavit in response to the plea.

The HC noted that an assessment order against Ambani has already been passed and that he has filed an appeal before the Commissioner of Income Tax (Appeals).

“The said appeal can proceed and orders can be passed thereon. However, we clarify that no coercive action shall be taken against the petitioner, including that of prosecution and penalty, till the hearing and final disposal of this writ petition,” the HC said.

The Income Tax department issued a notice to Ambani on August 8, 2022, for allegedly evading ₹420 crore in taxes on undisclosed funds of more than ₹814 crore held in two Swiss bank accounts.

According to the department’s notice, Ambani was liable to be prosecuted under Sections 50 and 51 of the Black Money Act, which stipulates a maximum punishment of 10 years imprisonment with a fine.

The department has charged Ambani with “wilful” evasion, claiming he “intentionally” did not disclose his foreign bank account details and financial interests to Indian tax authorities.

Ambani, in his petition, claimed that the Black Money Act was enacted in 2015, and the alleged transactions are of assessment years 2006-2007 and 2010-2011.

As per his plea, the provisions of the Act cannot have retrospective effect.

According to the I-T department’s notice, Ambani was an “economic contributor as well as beneficial owner” of a Bahamas-based entity called ‘Diamond Trust’ and another company called Northern Atlantic Trading Unlimited (NATU), which was incorporated in the British Virgin Islands (BVI).

The department alleged that Ambani “failed to disclose” these foreign assets in his income tax return (ITR) filings and hence contravened provisions of the Black Money Act.

The total value of the undisclosed funds in the two accounts has been assessed by tax officials at Rs 8,14,27,95,784, and tax payable on this amount at Rs 4,20,29,04,040.

Published on June 10, 2026



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बाबर-रिजवान-शाहीन की छुट्टी, एशियन गेम्स के लिए पाकिस्तान टीम का एलान; नया खिलाड़ी बना कप्तान

बाबर-रिजवान-शाहीन की छुट्टी, एशियन गेम्स के लिए पाकिस्तान टीम का एलान; नया खिलाड़ी बना कप्तान


Pakistan Asian Games 2026 Squad: पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने जापान के आइची-नागोया में सितंबर-अक्टूबर में खेले जाने वाले एशियन गेम्स 2026 (Asian Games) के लिए 15 सदस्यीय टीम का एलान कर दिया है. टीम में चार ऐसे खिलाड़ियों को मौका मिला है, जिन्होंने अब तक टी20 इंटरनेशनल मैच नहीं खेला है. वहीं कप्तानी साहिबजादा फरहान (Sahibzada Farhan) को सौंपी गई है. यह पहला मौका होगा कि जब फरहान किसी फॉर्मेट में पाकिस्तान की कमान संभालेंगे. 

चार नए खिलाड़ियों में- आकिफ जावेद, अली रजा, माज सदाकत और साद मसूद शामिल है. वहीं, अब्दुल समद को उपकप्तानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिन्होंने अब तक 5 टी20 इंटरनेशनल मैच खेल लिए हैं. लेकिन उन्होंने पिछले साल मार्च के बाद फॉर्मेट का कोई मैच नहीं खेला है. 

बात करें टीम के नए कप्तान साहिबजादा फरहान की, तो व्हाइट बॉल क्रिकेट खेलने वाले फरहान ने अब तक 6 वनडे और 46 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेल लिए हैं. वनडे की 6 पारियों में उन्होंने 101 रन बनाए. इसके अलावा टी20 इंटरनेशनल की 45 पारियों में पाक बल्लेबाज ने 30.34 की औसत और 136.64 के स्ट्राइक रेट से 1305 रन बनाए, जिसमें 2 शतक और 10 अर्धशतक शामिल रहे. 

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टीम में उस्मान खान को मुख्य विकेटकीपर के रूप में चुना गया है. बताते चलें कि पाकिस्तान का इवेंट 24 सितंबर से शुरू होगा, जबकि मेडल मैच 3 अक्टूबर को खेले जाएंगे.

स्टार खिलाड़ियों को नहीं मिली जगह

टीम से बाबर आजम, मोहम्मद रिजवान, शाहीन अफरीदी और शादाब खान जैसे स्टार खिलाडियों के नाम गायब रहा. अब देखना दिलचस्प होगा कि इस स्क्वॉड के साथ पाकिस्तान टूर्नामेंट में कैसा प्रदर्शन करती है. 

एशियन गेम्स 2026 के लिए पाकिस्तान का स्क्वॉड 

साहिबजादा फरहान (कप्तान), अब्दुल समद, अबरार अहमद, अहमद दानियाल, आकिफ जावेद, अली रजा, अराफात मिन्हास, हैदर अली, हसन नवाज, माज सदाकत, मोहम्मद सलमान मिर्जा, साद मसूद, सईम अयूब, सुफयान मोकिम, उस्मान खान. 

एशियन गेम्स में पाकिस्तान का प्रदर्शन 

क्रिकेट तीन बार (2010, 2014, 2022) एशियाई खेलों का हिस्सा रहा. 2022 के संस्करण (जो 2023 में आयोजित हुआ) में पाकिस्तान चौथे स्थान पर रहा, जहां उन्होंने एक मैच जीता और दो में हार का सामना किया. 

 

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रूस से दोस्ती पड़ी भारी! यूरोपियन यूनियन ने भारत-चीन की कंपनियों पर लगाए कड़े प्रतिबंध

रूस से दोस्ती पड़ी भारी! यूरोपियन यूनियन ने भारत-चीन की कंपनियों पर लगाए कड़े प्रतिबंध


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  • यूरोपीय संघ ने रूस पर 21वें प्रतिबंध पैकेज की घोषणा की.
  • भारत, चीन सहित 50 कंपनियों पर कड़े निर्यात प्रतिबंध लगे.
  • 90 बैंकों और 11 क्रिप्टो प्लेटफॉर्म पर भी पाबंदियां लगाईं.
  • शैडो फ्लीट, तेल मूल्य सीमा पर भी कड़े नियम बनाए.

EU Fresh Russia Sanctions: यूरोपीय यूनियन ने भारत-चीन समेत कई अन्य देशों को 50 कंपनियों को बड़ा झटका देते हुए 21वें प्रतिबंध पैकेज का ऐलान कर दिया है. यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सला वॉन डेर लेयन द्वारा घोषित इस 21वें प्रतिबंध पैकेज के तहत भारत और चीन जैसे कई तीसरे देशों की कंपनियों पर कड़े निर्यात प्रतिबंध लगाए गए हैं. इसका मकसद यूक्रेन में जंग के लिए रूस की फंडिंग और रक्षा संसाधनों को रोकना है. 

लिस्ट में कौन-कौन से देश शामिल?

इस नए प्रतिबंध प्रस्ताव में 50  कंपनियों को एक्सपोर्ट कंट्रोल की सूची में डाल दिया गया है, जिनमें भारत, चीन, तुर्किये, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), किर्गिस्तान और कजाकिस्तान की कई कंपनियां शामिल हैं.

यूरोपीय यूनियन के मुताबिक, ये कंपनियां रूस को ऐसी तकनीक और दोहरे उपयोग वाली वस्तुएं पहुंचा रही थीं, जिसका इस्तेमाल वह अपने हथियार और सैन्य ढांचे को मजबूत करने के लिए कर रहा है. प्रतिबंध लगाए गए देशों में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग को कमजोर करने के लिए ड्रोन निर्माण से जुड़ी 30 से अधिक नई कंपनियों को भी इस लिस्ट में डाल दिया गया है.  

एनर्जी और बैंकिंग सेक्टर पर असर

यह प्रतिबंध सिर्फ कंपनियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए रूस के पूरे आर्थिक तंत्र को घेरने की कोशिश की गई है. लिस्ट में शामिल किए गए तीसरे देशों के लगभग 90 बैंकों की संपत्ति फ्रीज करने का भी इसमें प्रस्ताव है. इसके तहत, रूस व अन्य जगहों के 30 से अधिक बैंकों के लेनदेन पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी. प्रतिबंधों को बायपास करने से रोकने के लिए 11 क्रिप्टोकरेंसी प्लेटफॉर्म्स के लेनदेन को भी प्रतिबंधित किया गया है. 

शैडो फ्लीट और तेल पर घेराबंदी

रूस अवैध रूप से तेल बेचने के लिए बिना पहचान वाले जिन पुराने जहाजों का इस्तेमाल करता है, उन्हें ‘शैडो फ्लीट’ कहा जाता है. यूरोपीय यूनियन ने अपनी लिस्ट में 30 नए जहाजों को शामिल किया है और 2 रूसी बंदरगाहों और 4 एयरपोर्ट्स पर प्रतिबंध कड़े कर दिए हैं. इसके अलावा, रूसी क्रूड ऑयल के लिए प्राइस कैप को 44.10 डॉलर प्रति बैरल पर अगले 6 महीनों के लिए फ्रीज कर दिया है.  

भारत पर क्या होगा असर?

यूरोपीय यूनियन की एक्सपोर्ट कंट्रोल लिस्ट में जिन भारतीय कंपनियों को डाला गया है, वे अब यूरोपीय यूनियन के किसी भी देश या कंपनी के साथ कारोबार या टेक्नोलाॅजी का आदान-प्रदान नहीं कर पाएंगे. इस फैसले से भारत और यूरोपीय यूनियन की रणनीतिक साझेदारी तनाव में आ सकती है.  

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Home Loan Tips: घर खरीदना हम सभी के जीवन का सबसे बड़ा सपना होता है. इसके लिए हम सालों प्लानिंग करते हैं और आखिर में होम लोन का सहारा लेते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि 15 से 25 साल की इस लंबी अवधि में आप बैंक से जितना लोन लेते हैं, लगभग उतनी ही रकम सिर्फ ब्याज के रूप में चुका देते हैं? यानी आपका अपना घर आपको असल में दोगुनी कीमत पर मिलता है. ऐसे में क्या कोई ऐसा तरीका है जिससे इस भारी-भरकम ब्याज को लाखों रुपए कम किया जा सके? जी हां सिर्फ एक छोटा सा बदलाव और आपके लाखों रुपए और कई महीनों का समय बच सकता है.

मान लेते हैं कि आपने अपने सपनों के घर के लिए एक करोड़ रुपए का होम लोन लिया है, जिसकी ब्याज दर है 8.25 फीसदी और अवधि है 20 साल. इस हिसाब से आपकी हर महीने की सामान्य ईएमआई बनेगी लगभग 85207 रुपए. अब पूरे 20 साल यानी 240 महीनों में आप कुल मिलाकर बैंक को चुकाएंगे पूरे दो करोड़ 4 लाख 49 हजार 680 रुपए. इसमें से एक करोड़ रुपए तो आपका मूलधन है, लेकिन ऊपर का पूरा एक करोड़ 4 लाख रुपए सिर्फ और सिर्फ ब्याज है. यानी लोन की रकम से भी ज्यादा आप ब्याज में अपनी जेब ढीली कर रहे हैं.

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जादुई ट्रिक से बचाएं अपना ब्याज

अगर आप अपनी ईएमआई को हर महीने सिर्फ दो हजार रुपए बढ़ा देते हैं. यानी अब आपकी ईएमआई 85 हजार 207 रुपए से बढ़कर 87 हजार 207 रुपए हो जाती है. यह सुनने में बहुत मामूली सा बदलाव लगता है, कोई भी सोच सकता है कि दो हजार रुपए से क्या होगा? लेकिन यहीं पर सारा खेल बदल जाता है. इस छोटे से एक्स्ट्रा अमाउंट की वजह से आपका लोन पूरे 20 साल यानी 240 महीने नहीं चलेगा. बल्कि यह लगभग 227 महीनों में, यानी 18 साल और 11 महीने में ही पूरी तरह बंद हो जाएगा. सीधे 13 महीने पहले आपका लोन खत्म होगा तो पैसे भी बचेंगे.

सिर्फ दो हजाररुपए बढ़ाने से बड़ी बचत कैसे होगी?

होम लोन के शुरुआती सालों में आपकी ईएमआई का एक बहुत बड़ा हिस्सा सिर्फ ब्याज चुकाने में चला जाता है और मूलधन यानी प्रिंसिपल अमाउंट बहुत धीरे-धीरे घटता है. जैसे पहले महीने में एक करोड़ के लोन का ब्याज ही 68 हजार 750 रुपए बनता है. सामान्य ईएमआई में आपका मूलधन सिर्फ 16 हजार 457 रुपए घटता है. लेकिन जब आप दो हजार रुपए अतिरिक्त देते हैं तो वो पूरा का पूरा पैसा सीधे आपके बकाया मूलधन को कम करता है. जब मूलधन तेजी से घटता है तो अगले महीने से ब्याज भी कम बची हुई रकम पर लगता है और यह चक्र हर महीने आपकी बचत को बढ़ाता जाता है.

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समय के साथ यह अंतर कितना बड़ा होगा?

एक साल के बाद सामान्य ईएमआई के मुकाबले आपका लोन बैलेंस 25 हजार रुपए कम होगा. पांच साल बाद यह अंतर बढ़कर लगभग डेढ़ लाख रुपए हो जाएगा. 10 साल बीतते-बीतते, जहां सामान्य ईएमआई में आपका बकाया 69.47 लाख होगा, वहीं एक्स्ट्रा ईएमआई के साथ यह सिर्फ 65.76 लाख रह जाएगा, यानी सीधे तीन लाख 70 हजार रुपए का फायदा. इतना ही नहीं 15 साल आते-आते तो कमाल हो जाएगा. आपका लोन बैलेंस सामान्य से पूरे सात लाख रुपए कम बचेगा और फिर 19वें साल की शुरुआत में ही आपका पूरा लोन हमेशा के लिए क्लोज हो जाएगा.



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मुंबई इंडियंस और उसके स्टार बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव इस समय सुर्खियों में हैं. सोशल मीडिया पर पहले मुंबई इंडियंस को अनफॉलो करना, फिर दोबारा फॉलो करना और इसी दौरान फ्रेंचाइजी से जुड़े कुछ पोस्ट हटाना चर्चा का बड़ा विषय बन गया है. खास बात यह है कि सूर्यकुमार फिलहाल मुंबई इंडियंस को तो फॉलो कर रहे हैं, लेकिन टीम के कप्तान हार्दिक पंड्या अभी भी उनकी फॉलोइंग लिस्ट में शामिल नहीं हैं. सूर्यकुमार यादव के अंतरराष्ट्रीय भविष्य को लेकर कुछ भी कहना जल्दबाजी होगा, लेकिन मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर के हालिया बयान ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. अगरकर ने संकेत दिए हैं कि 2028 ओलंपिक और अगले टी20 विश्व कप को ध्यान में रखते हुए श्रेयस अय्यर को नेतृत्व की जिम्मेदारी सौंपी गई है.

ऐसे में युवा और शानदार फॉर्म में चल रहे खिलाड़ियों की मौजूदगी के बीच सूर्यकुमार के लिए राष्ट्रीय टीम में दोबारा नेतृत्व की भूमिका हासिल करना आसान नहीं दिखता. हालांकि मुंबई इंडियंस में उनकी स्थिति फिलहाल मजबूत मानी जा रही है और उन्हें रिलीज या ट्रेड किए जाने जैसी कोई जानकारी सामने नहीं आई है.

मुंबई इंडियंस करेगी रिव्यू

दूसरी तरफ कप्तान हार्दिक पंड्या को लेकर भी फ्रेंचाइजी के भीतर कई स्तर पर चर्चा चल रही है. पांच बार की आईपीएल चैंपियन मुंबई इंडियंस के लिए 2026 का सीजन बेहद खराब साबित हुआ. टीम केवल बेहतर नेट रन रेट के कारण अंक तालिका में सबसे निचले स्थान पर पहुंचने से बच सकी. खराब नतीजों के बाद फ्रेंचाइजी अब पूरे सीजन का मूल्यांकन करने की तैयारी में है. रिपोर्ट्स के अनुसार टीम प्रबंधन प्रदर्शन में रही कमियों की समीक्षा करेगा और अगले सीजन से पहले नए सिरे से रणनीति बनाने पर काम करेगा.

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कई खिलाड़ियों को दी गई कप्तानी

मुंबई इंडियंस के इस सीजन में कई ऐसे फैसले देखने को मिले जिन्होंने सभी को हैरान किया. पूरे टूर्नामेंट के दौरान सूर्यकुमार यादव और जसप्रीत बुमराह समेत तीन अलग-अलग खिलाड़ियों ने टीम की कप्तानी संभाली. इसके अलावा रिकॉर्ड 24 खिलाड़ियों को मौका दिया गया और कई मौकों पर रणनीतिक चूक भी देखने को मिली.

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गुजरात टाइटंस से बड़ी उम्मीदों के साथ टीम में लौटे हार्दिक पंड्या की अगुवाई में मुंबई इंडियंस उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी. साल 2020 के बाद से टीम एक भी आईपीएल ट्रॉफी नहीं जीत पाई है. वहीं 2024 से अब तक हार्दिक की कप्तानी में मुंबई इंडियंस का जीत प्रतिशत करीब 38 रहा है, जहां टीम को 39 मुकाबलों में से 24 मैचों में हार झेलनी पड़ी है.



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