अफगानिस्तान को मिली वनडे इतिहास की दूसरी सबसे बड़ी मात, बन गया ये शर्मनाक रिकॉर्ड

अफगानिस्तान को मिली वनडे इतिहास की दूसरी सबसे बड़ी मात, बन गया ये शर्मनाक रिकॉर्ड


 भारत रनों के लिहाज से अफगानिस्तान के खिलाफ दूसरी सबसे बड़ी जीत दर्ज करने वाला देश बन गया है. टीम इंडिया ने बुधवार को भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए दूसरे वनडे मैच को 170 रन से अपने नाम किया.

अफगानिस्तान के खिलाफ सबसे बड़ी जीत दर्ज करने का रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के नाम है, जिसने साल 2015 में पर्थ में खेला गया मैच 275 रन से अपने नाम किया था. तीसरे स्थान पर मौजूद श्रीलंका ने साल 2024 में इस टीम को 155 रन से शिकस्त दी थी. जिम्बाब्वे ने साल 2018 में अफगानिस्तान के खिलाफ 154 रन से जीत दर्ज की थी, जबकि स्कॉटलैंड ने साल 2015 में 150 रन से मुकाबला अपने नाम किया. इंग्लैंड की टीम साल 2019 में अफगानिस्तान को 150 रन से शिकस्त दे चुकी है.

लखनऊ में पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम 49.5 ओवरों में 402 रन पर सिमट गई. इस टीम ने 9 के स्कोर पर यशस्वी जायसवाल (4) का विकेट खो दिया था. इसके बाद रोहित शर्मा ने कप्तान शुभमन गिल के साथ दूसरे विकेट के लिए 87 रन की साझेदारी करते हुए टीम को मजबूती दी.

रोहित 39 गेंदों में 8 बाउंड्री के साथ 48 रन बनाकर आउट हुए, जिसके बाद गिल ने ईशान किशन के साथ तीसरे विकेट के लिए 140 गेंदों में 224 रन जोड़े. ईशान 79 गेंदों में 7 छक्कों और 14 चौकों के साथ 125 रन बनाकर आउट हुए, जबकि गिल ने 110 गेंदों में 2 छक्कों और 22 चौकों के साथ 154 रन की पारी खेली. मेहमान टीम से नांगेलिया खरोटी ने सर्वाधिक 4 विकेट हासिल किए। राशिद खान ने 3 विकेट निकाले.

इसके जवाब में अफगान टीम 44.3 ओवरों में 232 रन पर ऑलराउंट हो गई. इस टीम के लिए रहमानुल्लाह गुरबाज ने 41 रन बनाए, जबकि रहमत शाह ने 79 रन की पारी खेली. इनके अलावा, सेदिकुल्लाह अटल ने 42 रन का योगदान टीम के खाते में दिया. भारत की ओर से अर्शदीप सिंह और गुरनूर बरार ने 3-3 विकेट निकाले. प्रिंस यादव को 2 विकेट हाथ लगे, जबकि वॉशिंगटन सुंदर ने 1 विकेट हासिल किया.

 

 

 

 



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NSE IPO may push exchange into India’s top 10 companies by market value

NSE IPO may push exchange into India’s top 10 companies by market value


The proposed NSE’s IPO, expected to be around Rs 30,000 crore, is being seen as a major milestone for India’s capital markets.

The National Stock Exchange (NSE) is likely to enter the league of India’s 10 most-valued listed companies on its stock market debut, based on its valuation in the unlisted market.

The exchange’s proposed IPO is estimated at around Rs 30,000 crore, with market participants valuing NSE at over Rs 5 lakh crore in the unlisted space.

At this valuation, NSE could rank among the country’s top-10 listed firms by market capitalisation, surpassing several blue-chip companies.

Given its estimated valuation, NSE would rank ahead of Infosys, which has a market capitalisation of Rs 4.7 lakh crore as on Wednesday.

NSE valuation places it alongside major blue-chip firms

Among companies in the Rs 5 lakh crore bracket, Bajaj Finance commands a market capitalisation of about Rs 5.96 lakh crore, followed by Larsen & Toubro at Rs 5.78 lakh crore, Life Insurance Corporation of India (LIC) at Rs 5.28 lakh crore and Hindustan Unilever at Rs 5.16 lakh crore, data with the exchanges showed.

No listed company currently has a market value in the Rs 6 lakh crore to Rs 7 lakh crore range. Tata Consultancy Services (TCS) commands a market capitalisation of Rs 8 lakh crore.

As of June 17, Reliance Industries remained India’s most valuable company, commanding a market capitalisation of over Rs 18 lakh crore. This was followed by HDFC Bank at Rs 12.11 lakh crore.

Bharti Airtel has a market capitalisation of Rs 11.43 lakh crore, and ICICI Bank has a market capitalisation of Rs 9.6 lakh crore.

IPO expected to draw global investor interest

NSE’s draft papers filing marks a significant milestone for Indian capital markets and is expected to attract strong interest from global investors.

“NSE’s proposed DRHP filing is a landmark development for Indian markets and is likely to be viewed by international investors as a high-quality opportunity to participate in India’s financial market infrastructure story. NSE represents scale, technology, liquidity and institutional trust,” Mrugank Paranjape – Managing Partner, MCQube, said.

Listing to offer direct participation in India’s market infrastructure growth

The bourse, which dominates equity and derivatives trading in India, has long been among the country’s most valuable unlisted entities.

Its listing is expected to provide investors an opportunity to participate directly in the growth of India’s largest stock exchange operator.

Published on June 18, 2026



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FIFA WC 2026: Yirenkyi 95th minute goal breaks Panama hearts as Ghana snatch late win at FIFA WC 2026 | Other Sports News | Zee News

FIFA WC 2026: Yirenkyi 95th minute goal breaks Panama hearts as Ghana snatch late win at FIFA WC 2026 | Other Sports News | Zee News


A 95th-minute goal by Caleb Yirenkyi saw Ghana secure a hard-fought 1-0 win over Panama in the FIFA World Cup Group L clash here at Toronto Stadium on Thursday.

Pnama enjoyed the first chance of note, as Amir Murillo’s low cross found Cecilio Waterman in the area, but Benjamin Asare repelled his first-time effort with a fine diving save. They created the next opening when a poor Asare punch fell to the feet of Jiovany Ramos, and while the defender had time, he blazed his effort over.

The Ghana goal continued to live a charmed life in the second half, with Cristian Martinez next to come close. The No6 collected a loose ball in the area and deployed a clever shimmy to buy a yard, only to flash his shot into the side netting.

Queiroz, who has now coached at a joint-record five successive World Cups, made a double change just before the hour which very nearly paid instant dividends. Substitute Brandon Thomas-Asante darted down the right and slid the ball across goal for Jordan Ayew, but Ramos got back to produce a goal-saving challenge.

Both sides looked happy to settle for a draw until Thomas-Asante was set free down the left and drove into the area, before squaring for Yirenkyi to tap home his first international goal, winning the game for the Black Stars and denying Panama a first World Cup point in the process.

Notably, Queiroz has coached teams at five successive World Cups. He led Portugal at South Africa 2010, Iran at Brazil 2014, Russia 2018 and Qatar 2022, and now Ghana at the 2026 edition. He is just the second coach to achieve that following Bora Milutinovic.

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सौरव गांगुली और अभिषेक डालमिया के बीच मनमुटाव खुलकर सामने आया? कैब ने भ्रष्टाचार के आरोपों का क

सौरव गांगुली और अभिषेक डालमिया के बीच मनमुटाव खुलकर सामने आया? कैब ने भ्रष्टाचार के आरोपों का क


बंगाल क्रिकेट संघ (कैब) के पूर्व अध्यक्ष अभिषेक डालमिया और सौरव गांगुली के नेतृत्व वाले मौजूदा प्रशासन के बीच लंबे समय से चल रहा तनाव बुधवार को खुलकर सामने आ गया. राज्य की क्रिकेट संस्था के शीर्ष अधिकारियों ने अपनी सालाना आम बैठक (एजीएम) से ठीक तीन महीने पहले भ्रष्टाचार और कामकाज में खामियों के आरोपों को सिरे से खारिज किया.

पश्चिम बंगाल के खेल मंत्री डॉ. इंद्रनील खान को लिखे तीन पन्नों के पत्र में कैब ने भ्रष्टाचार, पारदर्शिता की कमी और ‘व्यवस्था में गड़बड़ी’ के बारे में जताई गई ‘सामान्य आशंकाओं’ को खारिज कर दिया. अभिषेक ने गड़बड़ी की शिकायतों की जांच के लिए राज्य सरकार की ‘स्पोर्ट्स इंटीग्रिटी एंड एंटी-करप्शन हेल्पलाइन’ से संपर्क किया था, जिसके चार दिन बाद यह पत्र लिखा गया.

गांगुली, सचिव बबलू कोले और अन्य पदाधिकारियों के हस्ताक्षर वाले कैब के पत्र में संस्था के कामकाज के तरीके का बचाव किया गया, और मौजूदा संस्थागत तरीकों को अपनाने के बजाय मामले को सार्वजनिक करने के अभिषेक के फैसले पर सवाल उठाए गए.

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पत्र में गांगुली के प्रशासनिक और क्रिकेट से जुड़े अनुभवों का भी जिक्र किया गया. इसमें बताया गया कि उन्होंने भारत के कप्तान, कैब अध्यक्ष, भारतीय क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष और आईसीसी क्रिकेट समिति के अध्यक्ष के तौर पर काम किया है, और फिर भी ’उनकी ईमानदारी पर कभी कोई आरोप नहीं लगा.’

कैब ने तर्क दिया कि अभिषेक को सचिव और अध्यक्ष के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान इस प्रक्रिया की पूरी जानकारी थी, फिर भी उन्होंने इसे ‘नजरअंदाज’ किया.

यह घटनाक्रम इसलिए अहम है क्योंकि यह सितंबर में होने वाली एजीएम से पहले हुआ है.

उम्मीद थी कि अभिषेक पिछले साल की एजीएम में गांगुली गुट को चुनौती देंगे, लेकिन आखिरी समय में वे पीछे हट गए. इससे विरोधी गुटों के बीच सुलह के बाद स्नेहाशीष गांगुली के निर्विरोध चुने जाने का रास्ता साफ हो गया था.अभिषेक की चिंताओं का जवाब देते हुए कैब ने कहा कि भ्रष्टाचार और कामकाज में खामियों के आरोप संस्था की असलियत को नहीं दर्शाते.

पत्र में कहा गया कि ‘भ्रष्टाचार, व्यवस्था में गड़बड़ी, चयन में ईमानदारी’ और पारदर्शिता की कमी के बारे में जताई गई आशंकाएं कैब के कामकाज को सही ढंग से नहीं दर्शाती हैं.संस्था ने कहा कि पिछले तीन दशकों में बीएन दत्त, जगमोहन डालमिया, सौरव गांगुली और खुद अभिषेक डालमिया के समय में ‘इस संस्था पर कभी भी व्यवस्था में गड़बड़ी के ऐसे आरोप नहीं लगे थे।.

पत्र में कहा गया, ‘‘इसलिए यह हैरानी की बात है कि हालिया बातचीत से ऐसा लगता है कि सिर्फ उनके कार्यकाल को छोड़कर बाकी सभी प्रशासकों के दौरान गड़बड़ियां रही हैं.’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह कहना कि सब कुछ सिर्फ एक खास कार्यकाल के दौरान ठीक से चल रहा था, और बाकी सभी के दौरान उसमें कमियां थीं, सही नहीं है.’’

संघ ने एक कदम और आगे बढ़ते हुए कहा, ‘‘गलतियों को आम बात बताना या अधिकतर लोगों के बारे में मनगढ़ंत बातें करना तथ्यों को पूरी तरह गलत तरीके से पेश करना है, और यह उनकी सच्ची कोशिशों और इरादों का अपमान है. कैब के किसी भी पूर्व अध्यक्ष या सचिव ने कभी भी इस तरह का कोई सार्वजनिक पत्र जारी नहीं किया है, और संघ के सभी लोगों के लिए यह बहुत हैरानी की बात है.’’

कैब के बचाव का एक मुख्य बिंदु उच्चतम न्यायालय से मंजूर लोढ़ा सुधारों के तहत एक स्वतंत्र लोकपाल और नैतिक अधिकारी की व्यवस्था का होना था.

संघ ने बताया कि कलकत्ता उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश ज्योतिर्मय भट्टाचार्य कैब के लोकपाल और नैतिक अधिकारी के तौर पर काम कर रहे हैं, और सभी हितधारक सबूतों के साथ उनके पास शिकायतें लेकर जा सकते हैं.

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अफगानिस्तान को 170 रनों से रौंदा, फिर भी अधूरा रह गया कप्तान गिल का सपना

अफगानिस्तान को 170 रनों से रौंदा, फिर भी अधूरा रह गया कप्तान गिल का सपना


दूसरे वनडे मैच में भारत ने अफगानिस्तान को 170 रनों के विशाल अंतर से हरा दिया. टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 402 रन बनाए थे, जिसके जवाब में अफगानिस्तान की पूरी टीम 232 रनों पर सिमट गई. भारत की इस जीत में कप्तान शुभमन गिल की 154 रन की ऐतिहासिक पारी का बड़ा योगदान रहा. मगर अफगान टीम पर 170 रन की जीत के बाद भी कप्तान गिल का एक सपना अधूरा रह गया.

भारतीय टीम पहले बैटिंग करने आई, लेकिन यशस्वी जायसवाल जल्दी आउट हो गए थे. रोहित शर्मा ने 48 रन बनाए, वहीं शुभमन गिल और ईशान किशन ने शतक लगाया. गिल ने 110 गेंदों में 22 चौके और 2 छक्कों से सुसज्जित पारी में 154 रन बनाए.

गिल का सपना रह गया अधूरा

दरअसल शुभमन गिल जिस अंदाज में बल्लेबाजी कर रहे थे, उनके पास मौका था कि वे रोहित शर्मा के बाद दुनिया के ऐसे दूसरे बल्लेबाज बन जाएं जिन्होंने वनडे में 2 बार दोहरा शतक लगाया हो. लेकिन दूसरे वनडे में गिल 154 के स्कोर पर आउट हो गए.

मैच के बाद शुभमन गिल ने कहा, “हां, मैं दोहरा शतक लगाने के बारे में सोच रहा था, लेकिन साथ ही यह भी दिमाग में चल रहा था कि मुझे निरंतर शॉट्स लगाने होंगे, जिससे टीम 430, 440 या 450 रन तक पहुंच पाए.”

कप्तान गिल इस सीरीज में डेब्यू करने वाले गुरनूर बराड़, हर्ष दुबे और प्रिंस यादव से काफी प्रभावित हुए. उन्होंने कहा कि वे सभी आत्मविश्वास से भरे हैं. गुरनूर बराड़ ने सबसे ज्यादा प्रभावित किया, जिन्होंने 2 मैचों में 6 विकेट चटकाए. हर्ष दुबे ने एक मैच खेलकर 3 विकेट चटकाए हैं, जबकि दूसरे वनडे में डेब्यू करने वाले प्रिंस यादव महंगे जरूर साबित हुए, लेकिन 2 विकेट लेने में कामयाब रहे.

16 महीनों बाद आया कोई शतक

शुभमन गिल को वनडे मैचों में शतकीय पारी खेलने के लिए 16 महीनों लंबा इंतजार करना पड़ा. गिल की आखिरी शतकीय पारी फरवरी 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी में बांग्लादेश के खिलाफ आई थी. उसके बाद गिल 11 वनडे पारियों में तीन बार अर्धशतक लगा चुके थे, लेकिन शतक का इंतजार लंबा ही खिंचता जा रहा था.

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