Dollar index tumbles to over two-week low on US-Iran temporary ceasefire; FOMC minutes in focus

Dollar index tumbles to over two-week low on US-Iran temporary ceasefire; FOMC minutes in focus


Dollar index slumped to an over two week low on Wednesday morning in Asia after US and Iran agreed to a two-week ceasefire that improved investor sentiments and send the safe haven currency tumbling lower. US President Donald Trump said he has agreed to a proposed two-week ceasefire between the US and Iran if shipping traffic is allowed to move through the Strait of Hormuz. This comes following Trumps warning Iran that he could target important infrastructure like power plants and bridges if Tehran did not agree to his demands, which include reopening the Strait of Hormuz. The dollar index that measures the greenback against a basket of currencies is quoting down around 1% at 98.69. Basket currencies GBP/USD and EUR/USD are both seen surging around 1% amid dollar slide. Going forward in the global day, the Federal Open Market Committee (FOMC) Minutes will be in the spotlight.

 

Disclaimer: No Business Standard Journalist was involved in creation of this content

First Published: Apr 08 2026 | 11:16 AM IST



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13000 रुपये महंगी हुई चांदी, 3000 से ऊपर चढ़ी सोने की कीमत; क्यों एकाएक बढ़े भाव?

13000 रुपये महंगी हुई चांदी, 3000 से ऊपर चढ़ी सोने की कीमत; क्यों एकाएक बढ़े भाव?


Gold-Silver Price Today: आज 8 अप्रैल को सोने-चांदी की कीमतों में गजब की तेजी देखने को मिल रही है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी की कीमत अभी 2,44,770 प्रति किलोग्राम है. इसमें लगभग 6 परसेंट की तेजी के साथ 13000 रुपये का उछाल आया है.

वहीं, लगभग 2.4 परसेंट की तेजी के साथ सोना 3,600 रुपये की बढ़त के साथ 1,53,944 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंचा गया है. इसी तरह से इंटरनेशन मार्केट में भी स्पॉट गोल्ड 2.3 परसेंट की रैली के साथ 4,811.26 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया है. वहीं,अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स भी 3.3 परसेंट की तेजी के साथ 4,840 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर बंद हुआ है. 

क्यों एकाएक बढ़ी सोने-चांदी की कीमत? 

  • सोने-चांदी की कीमत पर आज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के साथ दो हफ्ते के सीजफायर का असर दिख रहा है. इससे वापस से निवेशकों का भरोसा लौटा है. 
  • क्रूड ऑयल में जबरदस्त गिरावट भी इस उछाल के लिए जिम्मेदार है. कच्चे तेल की कीमतों में करीब 15-20 परसेंट की भारी गिरावट के चलते वैश्विक बाजारों में जोखिम लेने की क्षमता बढ़ी है. इससे निचले स्तरों पर सोने-चांदी की खरीदारी बढ़ी है. 
  • तेल की कम हुई कीमतों के बीच महंगाई कम होने की भी उम्मीद बढ़ गई है. इससे निवेशकों का सेंटिमेंट मजबूत हुआ है.
  • भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने रेपो रेट को 5.25 परसेंट पर स्थिर रखने का फैसला लिया है. इससे बाजार में तेजी के बीच कीमती धातुओं की कीमतें बढ़ी हैं. 

देश के बडे़ शहरों में सोने-चांदी के दाम

  • दिल्ली में आज 24 कैरेट सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम 1,53,540 रुपये है. यहां 22 कैरेट सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम के हिसाब से 1,40,745 रुपये है. दिल्ली में चांदी की कीमत 2,44,100 रुपये प्रति किलोग्राम है. 
  • मुंबई में 24 और 22 कैरेट सोने की कीमत क्रमश: 1,53,810 रुपये और 1, 40,993 रुपये प्रति 10 ग्राम है. यहां चांदी की कीमत 2,44,520 रुपये प्रति किलोग्राम है. 
  • चेन्नई में आज 24 कैरेट सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम 1,54,260 रुपये है. यहां 22 कैरेट सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम 1,40,400 रुपये है. चेन्नई में चांदी की कीमत 2,45,230 रुपये प्रति किलोग्राम है. 
  • कोलकाता में आज 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 1,49,950 रुपये और 22 कैरेट सोने की कीमत 1,37,350 रुपये है. यहां चांदी की कीमत प्रति किलोग्राम 2,49,900 रुपये है. 

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Trump says US will help with traffic buildup in Strait of Hormuz

Trump says US will help with traffic buildup in Strait of Hormuz


US President Donald ​Trump ⁠said on
Wednesday the United States will help with the ‌traffic buildup
in the Strait ‌of Hormuz.

“We’ll be ‌loading ⁠up with ⁠supplies of all kinds, and just
‘hangin’ around’ in ​order ‌to make sure that everything goes
well,” Trump said.

“There will be ‌lots of ​positive action! Big money will be
made. ⁠Iran can start the reconstruction process,” ‌he also said.

Trump on Tuesday agreed to a two-week ceasefire with Iran
less than ‌two hours before his ​deadline for Tehran to reopen ⁠the
strait or face attacks ⁠on its civilian infrastructure.

Published on April 8, 2026



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मुंबई इंडियंस के लिए बुरा सपना साबित हो रहे हैं विपक्षी टीमों के मैदान, पिछले 25 मैचों के आंकड़

मुंबई इंडियंस के लिए बुरा सपना साबित हो रहे हैं विपक्षी टीमों के मैदान, पिछले 25 मैचों के आंकड़


IPL 2026,  MI VS RR: इंडियन प्रीमियर लीग में मुंबई इंडियंस (MI) और चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) दो ऐसी टीमें हैं जिनके पास 5-5 बार खिताब जीतने का रिकॉर्ड है. फिलहाल ये दोनों ही टीमें बुरे दौर से गुजर रही हैं. मुंबई इंडियंस के लिए आईपीएल 2023 से विपक्षी टीमों का घरेलू मैदान किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा है.

आईपीएल 2026 में मंगलवार को मुंबई इंडियंस का सामना राजस्थान रॉयल्स (RR) से था. एमआई इस मैच के लिए आरआर के दूसरे होम ग्राउंड गुवाहाटी पहुंची थी. बारिश की वजह से मैच मात्र 11-11 ओवरों का हुआ. आरआर ने पहले बल्लेबाजी करते हुए बता दिया कि एमआई उनके सामने कहीं नहीं है. टॉस गंवाने के बाद राजस्थान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए यशस्वी जायसवाल के 32 गेंदों पर नाबाद 77 और वैभव सूर्यवंशी के 14 गेंदों पर 39 रन की मदद से 3 विकेट पर 150 रन बनाए. एमआई 9 विकेट पर 123 रन बना सकी और मैच 27 रन से हार गई.

विपक्षी टीमों के घर में यह निराशाजनक प्रदर्शन एमआई के लिए अब नया नहीं रह गया है. आईपीएल 2023 से विपक्षी टीमों के घरेलू मैदान पर एमआई लगातार फिसड्डी साबित हो रही है. विपक्षी टीमों के मैदान एमआई के लिए बुरा सपना साबित हो रहे हैं. आईपीएल 2023 से आईपीएल 2026 में 7 अप्रैल को आरआर के खिलाफ हुए मैच तक एमआई ने कुल 25 मुकाबले विपक्षी टीमों के मैदान पर खेले हैं. इसमें 16 मैचों में एमआई को हार का सामना करना पड़ा है, जबकि 9 मैचों में जीत मिली है. पांच बार खिताब जीत चुकी मुंबई का 2023 से विपक्षी टीम के मैदान में जीत का प्रतिशत मात्र 36 है, जो किसी भी टीम के मुकाबले सबसे खराब है.

आईपीएल 2026 में एमआई ने अब तक तीन मैच खेले हैं. इसमें एकमात्र जीत उन्हें केकेआर के खिलाफ अपने होम ग्राउंड वानखेड़े स्टेडियम में मिली है. दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम और आरआर के खिलाफ बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में एमआई को हार का सामना करना पड़ा है. आईपीएल 2026 में 3 मैचों में 2 हार और 1 जीत के साथ एमआई अंकतालिका में सातवें स्थान पर है.



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हार्ट अटैक का खतरा 31% तक होगा कम! डायबिटीज मरीजों के लिए वरदान साबित होगी यह नई दवा

हार्ट अटैक का खतरा 31% तक होगा कम! डायबिटीज मरीजों के लिए वरदान साबित होगी यह नई दवा


Can Evolocumab Prevent First Heart Attack: दिल की बीमारियां आज भी दुनिया भर में मौत की सबसे बड़ी वजह बनी हुई हैं. अक्सर लोग तब इलाज शुरू करते हैं, जब हालत गंभीर हो चुकी होती है, जैसे धमनियों में ब्लॉकेज या हार्ट अटैक के बाद. लेकिन अब नई रिसर्च इशारा कर रही है कि अगर इलाज पहले और ज्यादा प्रभावी तरीके से शुरू किया जाए, तो इन खतरों को पहले ही रोका जा सकता है. 

हार्ट से जुड़ी दिक्कत को कम किया जा सकता है

अमेरिका के मैसाचुसेट्स जनरल ब्रिगहम  की एक नई स्टडी, जो JAMA में पब्लिश हुई और अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी के सालाना साइंटिस्ट सत्र में पेश की गई, उसमें बताया गया कि इवोलोक्यूमैब नाम की दवा हाई-रिस्क डायबिटीज मरीजों में दिल से जुड़ी पहली बड़ी घटना के खतरे को काफी हद तक कम कर सकती है. भले ही उनमें अभी  आर्टरीज की बीमारी के साफ संकेत न हों.

क्यों बढ़ता है खतरा

हमारा हार्ट शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए साफ और खुली ब्लड वेसल्स पर निर्भर करता है. लेकिन समय के साथ आर्टरीज की दीवारों में प्लाक नाम का पदार्थ जमा होने लगता है, जिसे एथेरोस्क्लेरोसिस कहा जाता है. जब यह जमाव बढ़ जाता है, तो ब्लड फ्लो रुक सकता है और हार्ट अटैक या स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है. इस प्रक्रिया के पीछे एक बड़ा कारण एलडीएल यानी बैड कोलेस्ट्रॉल होता है. लंबे समय से डॉक्टर इसे कम करने के लिए स्टैटिन दवाओं का इस्तेमाल करते आ रहे हैं. हालांकि ये दवाएं असरदार हैं, लेकिन हाई-रिस्क मरीजों में हमेशा पर्याप्त कमी नहीं ला पातीं.

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नए विकल्प आते हैं

यहीं पर इवोलोक्यूमैब जैसे नए विकल्प सामने आते हैं. यह एक पीसीएसके9 इनहिबिटर दवा है, जो स्टैटिन से अलग तरीके से काम करती है और एलडीएल कोलेस्ट्रॉल को लगभग 60 प्रतिशत तक कम कर सकती है. अब तक इसका उपयोग मुख्य रूप से उन मरीजों में किया जाता था, जिन्हें पहले से दिल की बीमारी हो. इस स्टडी में यह जांचा गया कि क्या इस दवा का इस्तेमाल पहले से, यानी बीमारी के गंभीर होने से पहले, किया जाए तो क्या यह दिल की समस्याओं को रोक सकती है. इसके लिए 3,655 हाई-रिस्क डायबिटीज मरीजों को शामिल किया गया, जिनमें लंबे समय से डायबिटीज, इंसुलिन पर निर्भरता या छोटी ब्लड वेसल्स में नुकसान जैसी स्थितियां थीं, लेकिन एथेरोस्क्लेरोसिस के स्पष्ट संकेत नहीं थे.

करीब एक साल बाद नतीजे सामने आए कि इवोलोक्यूमैब लेने वालों में एलडीएल कोलेस्ट्रॉल लगभग 51 प्रतिशत तक कम हो गया.  लेकिन असली असर लंबे समय में दिखा. करीब पांच साल के फॉलो-अप में पाया गया कि इस दवा का इस्तेमाल करने वालों में पहली बार हार्ट अटैक, स्ट्रोक या दिल से जुड़ी मौत का खतरा 31 प्रतिशत तक कम था.

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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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