Gold at new record high: सोने ने बनाया नया रिकॉर्ड, MCX पर 95 हजार के पार, ग्लोबल मार्केट में 3,300 डॉलर के लेवल को किया फतह – gold prices at new record high hits record high of rupees 94573 on mcx – बिज़नेस स्टैंडर्ड

Gold at new record high: सोने ने बनाया नया रिकॉर्ड, MCX पर 95 हजार के पार, ग्लोबल मार्केट में 3,300 डॉलर के लेवल को किया फतह – gold prices at new record high hits record high of rupees 94573 on mcx – बिज़नेस स्टैंडर्ड


Gold prices on 16th April 2025: घरेलू और ग्लोबल मार्केट में बुधवार (16 अप्रैल) को सोना एक बार फिर नए ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया। घरेलू फ्यचर्स मार्केट यानी  (MCX) पर आज सोना सुबह के सत्र में 95 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड लेवल को पार कर गया। पिछले शुक्रवार को इसने 93,940 रुपये का रिकॉर्ड हाई बनाया था। घरेलू स्पॉट मार्केट में भी आज सोना शुरुआती कारोबार में 94,489 रुपये के रिकॉर्ड हाई पर दर्ज किया गया।

ग्लोबल मार्केट में भी सोना फिलहाल नए शिखर पर है। बेंचमार्क स्पॉट गोल्ड बुधवार को कारोबार के दौरान 3,291.68 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड हाई तक ऊपर गया, वहीं यूएस गोल्ड फ्यूचर्स 3,311.70 डॉलर प्रति औंस की नई ऊंचाई पर पहुंच गया। मौजूदा कैलेंडर ईयर के दौरान इसने 25वें दिन और इस महीने छठे दिन रिकॉर्ड हाई बनाया है। सोने की कीमतों में यह तेजी अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते ट्रेड वॉर के मद्देनजर बतौर सुरक्षित विकल्प (safe-haven) इस बेशकीमती धातु की मांग में आई मजबूती की वजह से आई है। चीन पर अमेरिकी टैरिफ के 145 फीसदी किए जाने के बाद दोनों देशों के बीच बड़े पैमाने पर ट्रेड वॉर छिड़ने की आशंका तेज हो गई है। चीन ने भी इसके जवाब में पिछले शुक्रवार को अमेरिकी वस्तुओं पर टैरिफ को 41 फीसदी बढ़ाते हुए 125 फीसदी कर दिया।

साथ ही अमेरिकी डॉलर में कमजोरी ने भी इस बेशकीमती धातु की कीमतों को परवान चढाने में मदद की है।

ब्याज दरों में कटौती की संभावना, अमेरिका सहित दुनिया की अर्थव्यवस्था में स्लोडाउन और महंगाई के बढ़ने की आशंका के मद्देनजर ज्यादातर जानकार सोने को लेकर फिलहाल बेहद बुलिश हैं। उनका मानना है कि ग्लोबल लेवल पर खासकर अमेरिका और चीन के बीच छिड़े ट्रेड वॉर के मद्देनजर जो अनिश्चितता की स्थिति बनी है उसमें बतौर सुरक्षित विकल्प (safe-haven) सोने की मांग बरकरार रह सकती है। साथ ही बढ़ते जियो-पॉलिटिकल टेंशन की वजह से भी बतौर सुरक्षित विकल्प सोने की मांग में और तेजी आने की उम्मीद है। इतना ही नहीं महंगाई के खिलाफ ‘हेज’ के तौर पर सोने की पूछ परख बढ़ सकती है।

जानकार मानते हैं कि इन्वेस्टमेंट डिमांड गोल्ड के लिए इस साल सबसे ज्यादा सपोर्टिव साबित हो सकता है क्योंकि इसका सपोर्ट पिछले मई से ही मिलना शुरू हुआ है। मौजूदा तेजी से पहले जब भी गोल्ड में तेजी का दौर चला है, सबसे बड़ी भूमिका इन्वेस्टमेंट यानी ईटीएफ डिमांड ने ही निभाई है। फिर चाहे वह 2020 या 2012 की तेजी की बात कर लें।

सोने में रिकॉर्डतोड़ तेजी के बीच लोग फिलहाल इसके ईटीएफ में जमकर निवेश कर रहे हैं। आंकड़े बताते हैं कि पिछले 4 महीने से गोल्ड ईटीएफ में इनफ्लो बना हुआ है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (World Gold Council) के मुताबिक मार्च के दौरान ग्लोबल लेवल पर गोल्ड ईटीएफ में निवेश 8.6 बिलियन डॉलर बढ़ा। वॉल्यूम /होल्डिंग के लिहाज से इस दौरान निवेश में 92 टन की वृद्धि हुई। सोने की कीमतों में तेजी और लगातार चौथे महीने आए इनफ्लो के दम पर  मार्च 2025 के अंत तक गोल्ड ईटीएफ का एसेट अंडर मैनेजमेंट यानी AUM बढ़कर रिकॉर्ड 345 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया। टोटल होल्डिंग भी पिछले महीने के अंत तक 3,445 टन पर दर्ज किया गया जो मई 2023 के बाद सबसे ज्यादा है। मई 2023 में टोटल होल्डिंग 3,476 टन पर था।

फरवरी की तुलना में एसेट अंडर मैनेजमेंट और टोटल होल्डिंग दोनों में कमश: 12.74 फीसदी और 2.74 फीसदी की वृद्धि हुई।

इसके अलावा सेंट्रल बैंकों की खरीदारी भी कीमतों के लिए सपोर्टिव हैं। 2022 से इसने सोने को लगातार सबसे ज्यादा सपोर्ट किया है। बदलते जियो पॉलिटिकल परिदृश्य और टैरिफ वॉर के मद्देनजर इसके आगे भी मजबूत रहने की संभावना है। सबसे ज्यादा खरीदारी चीन के केंद्रीय बैंक की तरफ से निकलने की उम्मीद है। पिछले कुछ आंकड़ों से भी इस बात के संकेत मिलने लगे हैं। चीन के केंद्रीय बैंक पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (PBoC) के मुताबिक उसकी तरफ से मार्च में 3 टन (0.09 मिलियन औंस) सोने की खरीद की गई। छह महीने के ब्रेक के बाद पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (PBoC) ने लगातार पांचवें महीने ( नवंबर 2024 से लेकर मार्च 2025 तक) गोल्ड खरीदा है। मौजूदा कैलेंडर ईयर के पहले तीन महीनों के दौरान चीन के गोल्ड रिजर्व में 13 टन की वृद्धि हुई और यह बढ़कर 2,292 टन पर पहुंच गया है।

यूएस डॉलर (US Dollar) में देखें तो चीन के कुल फॉरेक्स रिजर्व में गोल्ड की हिस्सेदारी बढ़कर रिकॉर्ड 6.5 फीसदी पर पहुंच गई है। फरवरी 2025  तक यह हिस्सेदारी 6 फीसदी जबकि ठीक एक साल पहले मार्च 2024 तक 4.6 फीसदी थी। इस तरह से देखें तो एक साल में चीन के फॉरेक्स रिजर्व में गोल्ड की हिस्सेदारी में 2 फीसदी का इजाफा हुआ है।

यदि ट्रंप की नीतियों की वजह से चीन और अमेरिका के बीच व्यापार को लेकर टकराहट और बढ़ती है तो शायद चीन का केंद्रीय बैंक सोने की खरीद में और तेजी लाए। इस बात की गुंजाइश इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि चीन के कुल विदेशी मुद्रा भंडार में गोल्ड की हिस्सेदारी अभी भी 7 फीसदी के नीचे है। जबकि भारत के कुल विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी बढ़कर 11 फीसदी के ऊपर पहुंच गई है। जानकार मानते हैं के बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य (geo-political scenario) के मद्देनजर चीन गोल्ड की हिस्सेदारी को कम से कम 10 फीसदी तक बढ़ाना चाहेगा।

घरेलू फ्यूचर्स मार्केट

घरेलू फ्यूचर्स मार्केट एमसीएक्स (MCX) पर सोने का बेंचमार्क जून कॉन्ट्रैक्ट बुधवार को दोपहर के कारोबार (2:15 PM IST) में 1,645 रुपये यानी 1.76 फीसदी की मजबूती के साथ 95,096 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर है। इससे पहले यह आज 1,122 रुपये उछलकर 94,573 रुपये पर खुला और कारोबार के दौरान 95,435 रुपये के रिकॉर्ड हाई और 94,311 रुपये के लो के बीच कारोबार किया।

घरेलू स्पॉट मार्केट
Indian Bullion and Jewellers Association (IBJA) के मुताबिक स्पॉट (हाजिर) मार्केट में सोना 24 कैरेट (999) बुधवार को शुरुआती कारोबार में पिछले कारोबारी दिन (मंगलवार) की क्लोजिंग के मुकाबले 1,387 रुपये उछलकर 94,489 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड भाव पर दर्ज किया गया। मंगलवार को कारोबार की समाप्ति पर यह 93,102 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर देखा गया था।

स्पॉट गोल्ड (Rupees/10 gm)

गोल्ड 15 अप्रैल 2025  (क्लोजिंग प्राइस/ 10 ग्राम) 16 अप्रैल 2025 (ओपनिंग प्राइस/10 ग्राम) बदलाव
गोल्ड 24 कैरेट (999 ) 93,102 94,489 +1,387
गोल्ड 24 कैरेट (995) 92,729 94,111 +1,382
गोल्ड 22  कैरेट (916) 85,281 86,552 +1,271
सिल्वर/kg 95,030 95,403 +373

Source: IBJA

ग्लोबल मार्केट

ग्लोबल मार्केट में बेंचमार्क स्पॉट गोल्ड (spot gold) कारोबार के दौरान आज रिकॉर्ड 3,291.68 डॉलर प्रति औंस तक ऊपर और 3,226.62 डॉलर प्रति औंस तक नीचे गया। फिलहाल यह 1.92 फीसदी की तेजी के साथ 3,289.43 डॉलर प्रति औंस पर है। इसी तरह बेंचमार्क यूएस जून गोल्ड फ्यूचर्स (Gold COMEX JUN′25) भी आज कारोबार के दौरान रिकॉर्ड 3,311.70 डॉलर और 3,245.20 डॉलर प्रति औंस के रेंज में रहा। फिलहाल यह 1.98 फीसदी की मजबूती के साथ 3,304.70 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है।


First Published – April 16, 2025 | 10:22 AM IST



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शुल्क से राहत की उम्मीद से मिली रुपये को मजबूती  – rupee was strengthened with expectation of relief from fee – बिज़नेस स्टैंडर्ड

शुल्क से राहत की उम्मीद से मिली रुपये को मजबूती  – rupee was strengthened with expectation of relief from fee – बिज़नेस स्टैंडर्ड


मंगलवार को रुपया मजबूत होकर 86 रुपये प्रति डॉलर से नीचे पहुंच गया। यह डॉलर के मुकाबले 27 पैसे मजबूत होकर बंद हुआ। अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप द्वारा शुल्क में राहत दिए जाने की उम्मीद से रुपये में मजबूती आई है। आखिर में डॉलर के मुकाबले रुपया 85.77 प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जबकि इसके पहले 86.04 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।  

डॉलर सूचकांक 99.70 के निचले स्तर पर रहा, जबकि इसके पहले 99.75 पर बंद हुआ था। इससे 6 प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती का पता चलता है। 

ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के मुताबिक डॉलर के मुकाबले रुपया मजबूत होकर 85.59 पर आ गया, लेकिन संभवतः डॉलर की खरीदारी के माध्यम से रिजर्व बैंक ने हस्तक्षेप किया, जिससे स्थिति बदली।

फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स एलएलपी में ट्रेजरी हेड और कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार भंसाली ने कहा, ‘रुपया आज फिर मजबूत हुआ क्योंकि डॉलर सूचकांक 100 के नीचे था और डॉलर की आवक, इसकी निकासी की तुलना में ज्यादा रही। ऐसा लगता है कि रिजर्व बैंक ने 85.56 के स्तर पर हस्तक्षेप किया और यह गिरकर 85.85 पर पहुंच गया और आखिर में 85.77 पर बंद हुआ। डॉलर में गिरावट के साथ ही रुपया 84.50 से 86.50 के व्यापक दायरे में मजबूत रहने वाला है। रिजर्व बैंक अपना भंडार बढ़ाने की कवायद कर सकता है।’

उधर सरकार के बॉन्ड की यील्ड 40 माह के निचले स्तर पर यानी 17 दिसंबर, 2021 के स्तर पर पहुंच गई। डीलरों ने कहा कि रिजर्व बैंक ने दीर्घावधि के हिसाब से व्यवस्था में नकदी डालने की घोषणा की है, जिसका असर पड़ा। बेंचमार्क यील्ड 6.41 प्रतिशत पर बंद हुई, जबकि इसके पहले 6.44 प्रतिशत पर बंद हुई थी। 

एक सरकारी बैंक से जुड़े डीलर ने कहा, ‘नकदी डालने में सक्रियता बाजार के लिए सकारात्मक संकेत है। रिजर्व बैंक वही कर रहा है, जो उसने वादा किया था।’ उन्होंने कहा, ‘हम जून के अंत तक 6.25 प्रतिशत (बेंचमार्क बॉन्ड पर यील्ड) के अनुमान पर कायम हैं।’

रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को 40,000 करोड़ रुपये की सरकारी प्रतिभूतियों को खरीदने के लिए 17 अप्रैल को ओपन मार्केट ऑपरेशन (ओएमए) संचालित करने की घोषणा की थी। यह पहले घोषित 80,000 करोड़ रुपये के एमओएम प्रोग्राम के अतिरिक्त है।


First Published – April 15, 2025 | 10:40 PM IST



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खुदरा व थोक महंगाई दर में कमी आई – retail and wholesale inflation decreased – बिज़नेस स्टैंडर्ड

खुदरा व थोक महंगाई दर में कमी आई – retail and wholesale inflation decreased – बिज़नेस स्टैंडर्ड


खाद्य कीमतों में गिरावट और ज्यादा आधार के असर के कारण मार्च में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित महंगाई दर घटकर 3.34 प्रतिशत पर आ गई है, जो अगस्त 2019 के बाद का निचला स्तर है। इससे भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा रीपो रेट कम किए जाने की उम्मीद बढ़ गई है।  

सांख्यिकी मंत्रालय की ओर से मंगलवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक प्रमुख खुदरा महंगाई मार्च में करीब 6 साल के निचले स्तर पर पहुंच गई है, जो फरवरी में 3.61 प्रतिशत थी। महंगाई दर लगातार दूसरे महीने में रिजर्व बैंक के मध्यावधि लक्ष्य से कम बनी रही। इसके पहले अगस्त 2019 में प्रमुख खुदरा महंगाई दर 3.28 प्रतिशत थी। वहीं वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर से मंगलवार को जारी आंकड़ों से पता चलता है कि भारत की थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) पर आधारित महंगाई दर भी मार्च में कम होकर 6 महीने के निचले स्तर 2.05 प्रतिशत पर आ गई है।  यह फरवरी में 2.86 प्रतिशत थी। खाद्य कीमतों में कमी के कारण ऐसा हुआ है, हालांकि विनिर्मित उत्पादों और ईंधन की कीमत में क्रमिक आधार पर वृद्धि हुई है।

आंकड़ों से पता चलता है कि खुदरा महंगाई में मार्च में खाद्य महंगाई सबसे तेजी से गिरकर 2.69 प्रतिशत पर आ गई, जो फरवरी में 3.75 प्रतिशत थी। मोटे अनाज (5.93 प्रतिशत), मांस (0.32 प्रतिशत) और दूध (2.56 प्रतिशत) की महंगाई कम हुई है। इसके अलावा सब्जियों (-7.04 प्रतिशत), दालों (-2.73 प्रतिशत) और अंडों (-3.16 प्रतिशत) की कीमत माह के दौरान संकुचन के क्षेत्र में रही। 

 हालांकि तेल और फैट  (17.07 प्रतिशत), फलों (16.27 प्रतिशत) और चीनी (3.89 प्रतिशत) की कीमत माह के दौरान बढ़ी है।

मार्च में सबसे महंगी होने वाली वस्तुओं में नारियल तेल (56.81 प्रतिशत), नारियल (42.05 प्रतिशत), सोना (34.09 प्रतिशत), चांदी (31.57 प्रतिशत) और अंगूर (25.55 प्रतिशत) शामिल हैं। इसके विपरीत कम महंगाई दर वाली वस्तुओं में अदरक (-38.11 प्रतिशत), जीरा (-25.86 प्रतिशत) और लहसुन (-25.22 प्रतिशत) शामिल हैं।  इक्रा में मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा कि मौद्रिक सख्ती किए जाने की उम्मीद बनी है और मौद्रिक नीति समिति की अगली 3 बैठकों में इसमें 50 आधार अंक की कमी की जा सकती है। महंगाई दर के अगले आंकड़े भी 4 प्रतिशत से नीचे रहने की उम्मीद है। 

उन्होंने आगे कहा, ‘आने वाले दिनों में तापमान बढ़ने से खराब होने वाले सामान की कीमत बढ़ सकती है। वहीं शुरुआती अनुमान में मॉनसूनी बारिश सामान्य से अधिक होने की संभावना है। बारिश का वक्त और उसके वितरण की कृषि उत्पादन में अहम भूमिका होगी।’

केयर रेटिंग्स में मुख्य अर्थशास्त्री रजनी सिन्हा ने कहा कि रिजर्व बैंक की दरों में कटौती का चक्र अधिक तीव्र  होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है, अगर वैश्विक व्यापार की अनिश्तितताएं वृद्धि पर असर नहीं डालती हैं। वित्त वर्ष 2026 में नीतिगत दर में 50 आधार अंक और कटौती किए जाने की संभावना है। 

उन्होंने कहा, ‘डॉलर सूचकांक में हालिया नरमी तथा फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में और कटौती की उम्मीदों के कारण रिजर्व बैंक नीतिगत दरों में और कटौती करने की बेहतर स्थिति में है।’इस माह की शुरुआत में 6 सदस्यों वाली मौद्रिक नीति समिति ने एक स्वर से नीतिगत रीपो दर में 25 आधार अंक और कटौती करने का फैसला किया, जिससे रीपो दर 6 प्रतिशत हो गया है। वहीं रुख समावेशी कर दिया है, जिससे कि आने वाले महीनों में दर में और कटौती की संभावना बनी है। रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2026 के लिए खुदरा महंगाई का अनुमान भी 4.2 प्रतिशत से घटाकर 4 प्रतिशत कर दिया है। 

समीक्षा बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन में रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि खाद्य महंगाई का परिदृश्य बहुत सकारात्मक है और रबी की फसल की अनिश्चितता काफी कम हो गई है।

 हालांकि मुख्य महंगाई दर, जिसमें खाद्य वस्तुएं और ईंधन शामिल नहीं हैं, महीने के दौरान थोड़ी बढ़ी है। हालांकि यह अभी भी यह कम स्तर (लगभग 4 प्रतिशत) पर बनी रही, क्योंकि आवास (3.03 प्रतिशत) और स्वास्थ्य (4.26 प्रतिशत), परिवहन (3.3 प्रतिशत) और पर्सनल केयर (13.5 प्रतिशत) जैसी सेवाओं की कीमतों में महीने के दौरान तेजी आई है। 

आंकड़ों से पता चलता है कि थोक महंगाई दर, जिसमें विनिर्मित उत्पादों की श्रेणी की हिस्सेदारी 64.2 प्रतिशत है, मार्च में 3.07 प्रतिशत रही, जो फरवरी में 2.86 प्रतिशत थी।  विनिर्मित वस्तुओं में अपैरल (1.98 प्रतिशत), चमड़े के उत्पाद (2.02 प्रतिशत) कागज के उत्पाद (2.39 प्रतिशत) और फॉर्मास्यूटिकल्स (1.26 प्रतिशत) व अन्य की कीमत बढ़ी है। 

 इसी तरह से ईंधन और बिजली की कीमत भी मार्च में बढ़कर 0.2 प्रतिशत हुई है, जो फरवरी में -0.71 प्रतिशत थी। पेट्रोल (-3.86 प्रतिशत) और हाई स्पीड डीजल (-2.28 प्रतिशत) की कीमतों में अवस्फीति के कारण ऐसा हुआ है।


First Published – April 15, 2025 | 10:37 PM IST



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Sovereign Gold Bond 2017-18 Series III: RBI ने किया रिकॉर्ड रिडेम्प्शन प्राइस का ऐलान, बॉन्ड धारकों को मिलेगा 217% से अधिक रिटर्न – sovereign gold bond 2017 18 series iii rbi announces record redemption price for 10th sgb bond holders to get 217 percent gross return – बिज़नेस स्टैंडर्ड

Sovereign Gold Bond 2017-18 Series III: RBI ने किया रिकॉर्ड रिडेम्प्शन प्राइस का ऐलान, बॉन्ड धारकों को मिलेगा 217% से अधिक रिटर्न – sovereign gold bond 2017 18 series iii rbi announces record redemption price for 10th sgb bond holders to get 217 percent gross return – बिज़नेस स्टैंडर्ड


Sovereign Gold Bond 2017-18 Series III premature redemption: देश के 10वें (SGB 2017-18 Series III) सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (Sovereign Gold Bond) को मैच्योरिटी से पहले छठी यानी आखिरी बार बेचने का मौका बॉन्ड धारकों को बुधवार (16 अप्रैल 2025) को अब तक के सबसे ऊंचे रिडेम्प्शन प्राइस (9,221 रुपये) पर मिलेगा। यह बॉन्ड इसी साल 16 अक्टूबर को मैच्योर होगा। वैसे बॉन्ड धारक ही इस बॉन्ड को मैच्योरिटी से पहले 16 अप्रैल को भुना सकते हैं जिन्होंने इसके लिए अप्लाई किया है। प्रीमैच्योर रिडेम्पशन को लेकर इच्छुक बॉन्ड धारकों के लिए अप्लाई करने की तारीख 15 मार्च से लेकर 7 अप्रैल तक थी।

कितने यूनिट गोल्ड बॉन्ड का अब से पहले हो चुका है प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन

इस प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन से पहले भी बॉन्डधारकों ने इस बॉन्ड में अपने यूनिट बेचे हैं। आरबीआई के आंकड़े बताते हैं कि इससे पहले के पांच मौकों पर बॉन्ड धारकों ने इस बॉन्ड के कुल 12,172 यूनिट भुनाए। इस बॉन्ड के लिए कुल 2,64,815 यूनिट की खरीद की गई थी। इस तरह से इस बॉन्ड के 2,52,643 यूनिट अभी भी बॉन्ड धारकों के पास पड़े हैं।

Also Read: Sovereign Gold Bond: इन 7 किस्तों को इसी महीने मैच्योरिटी से पहले बेचने का मौका, रिडेम्प्शन प्राइस रह सकता है अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर

क्या  है प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन प्राइस?

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के लिए इश्यू और रिडेम्प्शन प्राइस आईबीजेए (IBJA) से 24 कैरेट गोल्ड (999) के लिए मिले रेट के आधार पर तय होते हैं। नियमों के अनुसार सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के लिए प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन प्राइस प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन की तारीख से ठीक पहले के 3 कारोबारी दिन के लिए आईबीजेए से प्राप्त 24 कैरेट गोल्ड (999) के क्लोजिंग प्राइस का एवरेज होता है। 14 अप्रैल, 13 अप्रैल, 12 अप्रैल और 10 अप्रैल को अवकाश होने की वजह से आरबीआई (RBI) ने इस सीरीज का प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन प्राइस 15 अप्रैल, 11 अप्रैल और 9 अप्रैल के क्लोजिंग प्राइस के आधार पर तय किया है। 15 अप्रैल, 11 अप्रैल और 9 अप्रैल के क्लोजिंग प्राइस का एवरेज 9,221 रुपये है, इसलिए 10वें सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड का प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन प्राइस 9,221 रुपये प्रति यूनिट है।

तारीख क्लोजिंग प्राइस (gold 999)
9 अप्रैल 9,016 रुपये प्रति यूनिट
10 अप्रैल महावीर जयंती
11 अप्रैल 9,335 रुपये प्रति यूनिट
12  अप्रैल शनिवार 
13 अप्रैल रविवार 
14 अप्रैल अंबेडकर जयंती
15 अप्रैल 9,310 रुपये प्रति यूनिट
एवरेज क्लोजिंग प्राइसप्रीमैच्योर रिडेम्प्शन प्राइस   9,221 रुपये प्रति यूनिट

Source: IBJA

अब जानते हैं कि आखिर वैसे बॉन्ड धारक जो इस बॉन्ड को मैच्योरिटी से पहले 16 अप्रैल को भुनाएंगे उन्हें कितनी कमाई होगी।

बिना टैक्स चुकाए कमाई

यह सॉवरेन गोल्ड (IN0020170059) 2,956 रुपये के इश्यू प्राइस पर 16 अक्टूबर 2017 को जारी हुआ था, जबकि प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन प्राइस 9,221 रुपये प्रति यूनिट है। इस हिसाब से इस सीरीज को मैच्योरिटी से पहले रिडीम करने पर बॉन्ड धारकों को 211.94 फीसदी का ग्रॉस रिटर्न और 20.88 फीसदी का एनुअल रिटर्न  मिलेगा। ऑनलाइन बॉन्ड धारक तो और ज्यादा फायदे में रहेंगे क्योंकि उन्हें इस बॉन्ड की खरीदारी पर इश्यू प्राइस के मुकाबले 50 रुपये प्रति यूनिट का डिस्काउंट भी मिला होगा। ऐसे बॉन्ड धारकों को इस बॉन्ड के प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन पर 217.31 फीसदी का ग्रॉस रिटर्न और 21.22 फीसदी का एनुअल रिटर्न  मिलेगा।

टैक्स चुकाने के बाद कमाई

 प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन के मामले में बॉन्ड धारक बॉन्ड इश्यू होने के 12 महीने बाद बेच रहे हैं इसलिए उन्हें कैपिटल गेन पर 12.5 फीसदी लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स चुकाना पड़ेगा।

अब इस बॉन्ड को मैच्योरिटी से पहले रिडीम करने के मामले में लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन टैक्स, ग्रॉस रिटर्न और एनुअल रिटर्न की गणना करते हैं:

परचेज प्राइस/ इश्यू प्राइस: 2,956 रुपये

रिडेम्प्शन प्राइस : 9,221 रुपये

टैक्सेबल कैपिटल गेन: 9,221 – 2,956 = 6,265 रुपये

लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स (12.5%): 783 रुपये

टैक्स चुकाने के बाद कमाई: 6,265- 783 = 5,480 रुपये

रिडेम्प्शन प्राइस (LTCG टैक्स घटाने के बाद): 9,221-783 = 8,438 रुपये

ऑफलाइन बॉन्ड धारक 

ग्रॉस रिटर्न (%): 185.45%

एनुअल रिटर्न (CAGR): 19.10%

ऑनलाइन बॉन्ड धारक 

ग्रॉस रिटर्न (%): 190.36%

एनुअल रिटर्न (CAGR): 19.44%

इंटरेस्ट जोड़कर कमाई

निवेशकों को इस सीरीज के लिए प्रति वर्ष 2.5 फीसदी यानी 36.95 रुपये प्रति छह महीने जबकि 6 साल की होल्डिंग पीरियड के दौरान 443 रुपये इंटरेस्ट/कूपन मिला। इस तरह से देखें तो इंटरेस्ट को जोड़ने के बाद इस बॉन्ड से 20.12 फीसदी का एनुअल रिटर्न (CAGR) मिलेगा। ऑनलाइन बॉन्ड धारकों को तो 20.47 फीसदी का एनुअल रिटर्न मिलेगा। सितंबर 2016 के बाद जारी होने वाले सीरीज के लिए इंटरेस्ट को सालाना 2.75 फीसदी से घटाकर 2.5 फीसदी कर दिया गया है।

SGB की इस सीरीज पर इंटरेस्ट जोड़कर सालाना कमाई (CAGR) की गणना:

परचेज प्राइस/ इश्यू प्राइस: 2,956 रुपये

रिडेम्प्शन प्राइस : 9,221 रुपये

टैक्सेबल कैपिटल गेन: 9,221 – 2,956 = 6,265 रुपये

लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स (12.5%): 783 रुपये

टैक्स चुकाने के बाद कमाई: 6,264- 783 = 5,481 रुपये

रिडेम्प्शन प्राइस (LTCG टैक्स घटाने के बाद): 9,221-783 = 8,438 रुपये

इंटरेस्ट: 443  रुपये

ऑफलाइन बॉन्ड धारक 

ग्रॉस रिटर्न (%): 200.44%

एनुअल रिटर्न (CAGR): 20.12%

ऑनलाइन बॉन्ड धारक 

ग्रॉस रिटर्न: 205.61%

एनुअल रिटर्न (CAGR): 20.47%

अब जानते हैं कि प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन को लेकर नियम क्या हैं?

कब कर सकते हैं प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन ?

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड को मैच्योरिटी से पहले रिडीम करने का विकल्प भी निवेशकों के पास होता है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड को आप उसके इश्यू होने के 5 साल बाद मैच्योरिटी से पहले रिडीम कर सकते हैं। आरबीआई प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन की तारीख उस दिन तय करती है जिस दिन इस बॉन्ड पर इंटरेस्ट देय होता है। इस बॉन्ड पर इंटरेस्ट प्रत्येक छह महीने यानी साल में दो दफे मिलता है।

कैसे होती है प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन प्राइस की गणना

मैच्योरिटी से पहले रिडेम्प्शन प्राइस प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन की तारीख से ठीक पहले के 3 कारोबारी दिन के लिए आईबीजेए (IBJA) की तरफ से प्राप्त 24 कैरेट गोल्ड (999) के क्लोजिंग प्राइस का एवरेज होता है।

टैक्स को लेकर क्या हैं नियम ?

अगर आपने मैच्योरिटी पीरियड से पहले रिडीम किया तो टैक्स लिस्टेड फाइनेंशियल एसेट्स की तरह लगेगा। मतलब सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड खरीदने के बाद 12 महीने से पहले बेच देते हैं तो होने वाली कमाई यानी कैपिटल गेन को शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन (STCG) माना जाएगा। जो आपके ग्रॉस टोटल इनकम में जोड़ दिया जाएगा और आपको अपने टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स चुकाना होगा। लेकिन अगर आप 12 महीने बाद बेचते हैं तो 12.5 फीसदी लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स चुकाना होगा। लेकिन यदि आप सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड को उसकी मैच्योरिटी यानी 8 साल तक होल्ड करते हैं तो रिडेम्प्शन के समय आपको कोई टैक्स नहीं देना होगा।

 


First Published – April 15, 2025 | 6:46 PM IST



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Sovereign Gold Bond पर 143 फीसदी का ग्रॉस रिटर्न! 32वें गोल्ड बॉन्ड का आज प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन – 143 percent gross return on sovereign gold bond premature redemption of 32nd gold bond today – बिज़नेस स्टैंडर्ड

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Sovereign Gold Bond 2019-20 Series V premature redemption: देश के 32वें (SGB 2019-20 Series V) सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (Sovereign Gold Bond) को मैच्योरिटी से पहले दूसरी बार बेचने का मौका बॉन्ड धारकों को आज यानी मंगलवार (15 अप्रैल  2025) को अब तक के सबसे ऊंचे रिडेम्प्शन प्राइस (9,069 रुपये) पर मिल रहा है। यह बॉन्ड 15 अक्टूबर 2027 को मैच्योर होगा। वैसे बॉन्ड धारक ही इस बॉन्ड को मैच्योरिटी से पहले 15 अप्रैल को भुना सकते हैं जिन्होंने इसके लिए अप्लाई किया है। प्रीमैच्योर रिडेम्पशन को लेकर इच्छुक बॉन्ड धारकों के लिए अप्लाई करने की तारीख 15 मार्च  से लेकर 5 अप्रैल तक थी।

कितने यूनिट गोल्ड बॉन्ड का अब से पहले हो चुका है प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन

इस प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन से पहले भी बॉन्डधारकों ने इस बॉन्ड में अपने यूनिट बेचे हैं। बीते साल 15 अक्टूबर को इस बॉन्ड को मैच्योरिटी से पहले पहली बार बेचने का मौका मिला था। आरबीआई के आंकड़े बताते हैं कि बॉन्ड धारकों ने इस दौरान बॉन्ड के कुल 1,133 यूनिट भुनाए। इससे पहले इस बॉन्ड के लिए कुल 4,55,776 यूनिट की खरीद की गई थी। इस तरह से इस बॉन्ड के 454,643 यूनिट अभी भी बचे हैं।

(SGB 2019-20 Series V)

प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन की तारीख  प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन प्राइस प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन वॉल्यूम
15 अक्टूबर 2024 7,549 रुपये प्रति  यूनिट 1,133 यूनिट

(Source: RBI)

क्या  है प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन प्राइस?

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के लिए इश्यू और रिडेम्प्शन प्राइस आईबीजेए (IBJA) से 24 कैरेट गोल्ड (999) के लिए मिले रेट के आधार पर तय होते हैं। नियमों के अनुसार सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के लिए प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन प्राइस प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन की तारीख से ठीक पहले के 3 कारोबारी दिन के लिए आईबीजेए से प्राप्त 24 कैरेट गोल्ड (999) के क्लोजिंग प्राइस का एवरेज होता है। 10 अप्रैल,  12 अप्रैल और 13 अप्रैल को अवकाश होने की वजह से आरबीआई (RBI) ने इस सीरीज का प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन प्राइस 8 अप्रैल, 9 अप्रैल  और 11 अप्रैल के क्लोजिंग प्राइस के आधार पर तय किया है। 8 अप्रैल, 9 अप्रैल  और 11 अप्रैल  के क्लोजिंग प्राइस का एवरेज 9,069 रुपये है, इसलिए 32वें सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड का प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन प्राइस 9,069 रुपये प्रति यूनिट है।

तारीख क्लोजिंग प्राइस (gold 999)
8 अप्रैल 8,855 रुपये प्रति यूनिट
9 अप्रैल 9,016  रुपये प्रति यूनिट
10 अप्रैल महावीर जयंती
11 अप्रैल 9,335 रुपये प्रति यूनिट
12 अप्रैल शनिवार 
13 अप्रैल रविवार 
एवरेज क्लोजिंग प्राइसप्रीमैच्योर रिडेम्प्शन प्राइस        9,069 रुपये प्रति यूनिट

Source: IBJA

अब जानते हैं कि आखिर वैसे बॉन्ड धारक जो इस बॉन्ड को मैच्योरिटी से पहले 15 अप्रैल को भुनाएंगे उन्हें कितनी कमाई होगी।

बिना टैक्स चुकाए कमाई

यह सॉवरेन गोल्ड (IN0020190370) 3,788 रुपये के इश्यू प्राइस पर 17 सितंबर 2019 को जारी हुआ था, जबकि प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन प्राइस 9,069 रुपये प्रति यूनिट है। इस हिसाब से इस सीरीज को मैच्योरिटी से पहले रिडीम करने पर बॉन्ड धारकों को 139.41 फीसदी का ग्रॉस रिटर्न और 15.66 फीसदी का एनुअल रिटर्न  मिल रहा है। ऑनलाइन बॉन्ड धारक तो और ज्यादा फायदे में रहेंगे क्योंकि उन्हें इस बॉन्ड की खरीदारी पर इश्यू प्राइस के मुकाबले 50 रुपये प्रति यूनिट का डिस्काउंट भी मिला होगा। ऐसे बॉन्ड धारकों को इस बॉन्ड के प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन पर 142.62 फीसदी का ग्रॉस रिटर्न और 15.92 फीसदी का एनुअल रिटर्न  मिल रहा है। ।

टैक्स चुकाने के बाद कमाई

 प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन के मामले में बॉन्ड धारक बॉन्ड इश्यू होने के 12 महीने बाद बेच रहे हैं इसलिए उन्हें कैपिटल गेन पर 12.5 फीसदी लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स चुकाना पड़ेगा।

अब इस बॉन्ड को मैच्योरिटी से पहले रिडीम करने के मामले में लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन टैक्स, ग्रॉस रिटर्न और एनुअल रिटर्न की गणना करते हैं:

परचेज प्राइस/ इश्यू प्राइस: 3,788 रुपये

रिडेम्प्शन प्राइस : 9,069 रुपये

टैक्सेबल कैपिटल गेन: 9,069-3,788 = 5,281 रुपये

लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स (12.5%): 660 रुपये

टैक्स चुकाने के बाद कमाई: 5,281- 660 = 4,621 रुपये

रिडेम्प्शन प्राइस (LTCG टैक्स घटाने के बाद): 9,069-660 = 8,409 रुपये

ऑफलाइन बॉन्ड धारक 

ग्रॉस रिटर्न (%): 122%

एनुअल रिटर्न (CAGR): 14.21%

ऑनलाइन बॉन्ड धारक 

ग्रॉस रिटर्न (%): 142.62%

एनुअल रिटर्न (CAGR): 14.47%

इंटरेस्ट जोड़कर कमाई

निवेशकों को इस सीरीज के लिए प्रति वर्ष 2.5 फीसदी यानी 47.35 रुपये प्रति छह महीने जबकि 5.5 साल की होल्डिंग पीरियड के दौरान 521 रुपये इंटरेस्ट/कूपन मिला। इस तरह से देखें तो इंटरेस्ट को जोड़ने के बाद इस बॉन्ड से 15.36 फीसदी का एनुअल रिटर्न (CAGR) मिल रहा है। ऑनलाइन बॉन्ड धारकों को तो 15.62 फीसदी का एनुअल रिटर्न मिल रहा है। सितंबर 2016 के बाद जारी होने वाले सीरीज के लिए इंटरेस्ट को सालाना 2.75 फीसदी से घटाकर 2.5 फीसदी कर दिया गया है।

SGB की इस सीरीज पर इंटरेस्ट जोड़कर सालाना कमाई (CAGR) की गणना:

परचेज प्राइस/ इश्यू प्राइस: 3,788 रुपये

रिडेम्प्शन प्राइस : 9,069 रुपये

टैक्सेबल कैपिटल गेन: 9,069-3,788 = 5,281 रुपये

लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स (12.5%): 660 रुपये

टैक्स चुकाने के बाद कमाई: 5,281- 660 = 4,621 रुपये

रिडेम्प्शन प्राइस (LTCG टैक्स घटाने के बाद): 9,069-660 = 8,409 रुपये

इंटरेस्ट: 521 रुपये

ऑफलाइन बॉन्ड धारक 

ग्रॉस रिटर्न (%): 135.74%

एनुअल रिटर्न (CAGR): 15.36%

ऑनलाइन बॉन्ड धारक 

ग्रॉस रिटर्न: 139%

एनुअल रिटर्न (CAGR): 15.62%

अब जानते हैं कि प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन को लेकर नियम क्या हैं?

कब कर सकते हैं प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन ?

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड को मैच्योरिटी से पहले रिडीम करने का विकल्प भी निवेशकों के पास होता है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड को आप उसके इश्यू होने के 5 साल बाद मैच्योरिटी से पहले रिडीम कर सकते हैं। आरबीआई प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन की तारीख उस दिन तय करती है जिस दिन इस बॉन्ड पर इंटरेस्ट देय होता है। इस बॉन्ड पर इंटरेस्ट प्रत्येक छह महीने यानी साल में दो दफे मिलता है।

कैसे होती है प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन प्राइस की गणना

मैच्योरिटी से पहले रिडेम्प्शन प्राइस प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन की तारीख से ठीक पहले के 3 कारोबारी दिन के लिए आईबीजेए (IBJA) की तरफ से प्राप्त 24 कैरेट गोल्ड (999) के क्लोजिंग प्राइस का एवरेज होता है।

टैक्स को लेकर क्या हैं नियम ?

अगर आपने मैच्योरिटी पीरियड से पहले रिडीम किया तो टैक्स लिस्टेड फाइनेंशियल एसेट्स की तरह लगेगा। मतलब सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड खरीदने के बाद 12 महीने से पहले बेच देते हैं तो होने वाली कमाई यानी कैपिटल गेन को शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन (STCG) माना जाएगा। जो आपके ग्रॉस टोटल इनकम में जोड़ दिया जाएगा और आपको अपने टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स चुकाना होगा। लेकिन अगर आप 12 महीने बाद बेचते हैं तो 12.5 फीसदी लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स चुकाना होगा। लेकिन यदि आप सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड को उसकी मैच्योरिटी यानी 8 साल तक होल्ड करते हैं तो रिडेम्प्शन के समय आपको कोई टैक्स नहीं देना होगा।

 


First Published – April 15, 2025 | 1:37 PM IST



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Gold Prices: सोने में रेंज बाउंड कारोबार; MCX पर 93 हजार के ऊपर – gold prices range bound trade in gold mcx gold above 93 thousand – बिज़नेस स्टैंडर्ड

Gold Prices: सोने में रेंज बाउंड कारोबार; MCX पर 93 हजार के ऊपर – gold prices range bound trade in gold mcx gold above 93 thousand – बिज़नेस स्टैंडर्ड


Gold prices on 15th April 2025 घरेलू फ्यचर्स मार्केट यानी (MCX) पर मंगलवार (15 अप्रैल) को सोने में रेंज बाउंड कारोबार देखा जा रहा है। पिछले शुक्रवार को यह 93,940 रुपये के नए ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया था। घरेलू स्पॉट मार्केट में हालांकि सोने में कमजोरी है।

अंबेडकर जयंती के अवसर पर घरेलू स्पॉट मार्केट सोमवार को बंद रहे जबकि एमसीएक्स (MCX) पर सिर्फ शाम के सत्र में कारोबार हुआ।

ग्लोबल मार्केट में कीमतों में 0.5 फीसदी की मजबूती देखी जा रही है। बेंचमार्क स्पॉट गोल्ड सोमवार को शुरुआती कारोबार में 3,245.76 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड हाई तक ऊपर गया था। मौजूदा कैलेंडर ईयर के दौरान सोने का का यह 24वां जबकि इस महीने का पांचवां रिकॉर्ड हाई था। सोने की कीमतों में यह तेजी अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते ट्रेड वॉर के मद्देनजर बतौर सुरक्षित विकल्प (safe-haven) इस बेशकीमती धातु की मांग में आई मजबूती की वजह से आई है।

इस बीच चीन पर अमेरिकी टैरिफ के 145 फीसदी किए जाने के बाद दोनों देशों के बीच बड़े पैमाने पर ट्रेड वॉर छिड़ने की आशंका तेज हो गई है। चीन ने भी इसके जवाब में पिछले शुक्रवार को अमेरिकी वस्तुओं पर टैरिफ को 41 फीसदी बढ़ाते हुए 125 फीसदी कर दिया।

ब्याज दरों में कटौती की संभावना, अमेरिका सहित दुनिया की अर्थव्यवस्था में स्लोडाउन और महंगाई के बढ़ने की आशंका के मद्देनजर ज्यादातर जानकार सोने को लेकर फिलहाल बेहद बुलिश हैं। उनका मानना है कि ग्लोबल लेवल पर खासकर अमेरिका और चीन के बीच छिड़े ट्रेड वॉर के मद्देनजर जो अनिश्चितता की स्थिति बनी है उसमें बतौर सुरक्षित विकल्प (safe-haven) सोने की मांग बरकरार रह सकती है। साथ ही बढ़ते जियो-पॉलिटिकल टेंशन की वजह से भी बतौर सुरक्षित विकल्प सोने की मांग में और तेजी आने की उम्मीद है। इतना ही नहीं महंगाई के खिलाफ ‘हेज’ के तौर पर सोने की पूछ परख बढ़ सकती है।

जानकार मानते हैं कि इन्वेस्टमेंट डिमांड गोल्ड के लिए इस साल सबसे ज्यादा सपोर्टिव साबित हो सकता है क्योंकि इसका सपोर्ट पिछले मई से ही मिलना शुरू हुआ है। मौजूदा तेजी से पहले जब भी गोल्ड में तेजी का दौर चला है, सबसे बड़ी भूमिका इन्वेस्टमेंट यानी ईटीएफ डिमांड ने ही निभाई है। फिर चाहे वह 2020 या 2012 की तेजी की बात कर लें।

सोने में रिकॉर्डतोड़ तेजी के बीच लोग फिलहाल इसके ईटीएफ में जमकर निवेश कर रहे हैं। आंकड़े बताते हैं कि पिछले 4 महीने से गोल्ड ईटीएफ में इनफ्लो बना हुआ है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (World Gold Council) के मुताबिक मार्च के दौरान ग्लोबल लेवल पर गोल्ड ईटीएफ में निवेश 8.6 बिलियन डॉलर बढ़ा। वॉल्यूम /होल्डिंग के लिहाज से इस दौरान निवेश में 92 टन की वृद्धि हुई। सोने की कीमतों में तेजी और लगातार चौथे महीने आए इनफ्लो के दम पर  मार्च 2025 के अंत तक गोल्ड ईटीएफ का एसेट अंडर मैनेजमेंट यानी AUM बढ़कर रिकॉर्ड 345 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया। टोटल होल्डिंग भी पिछले महीने के अंत तक 3,445 टन पर दर्ज किया गया जो मई 2023 के बाद सबसे ज्यादा है। मई 2023 में टोटल होल्डिंग 3,476 टन पर था।

फरवरी की तुलना में एसेट अंडर मैनेजमेंट और टोटल होल्डिंग दोनों में कमश: 12.74 फीसदी और 2.74 फीसदी की वृद्धि हुई।

इसके अलावा सेंट्रल बैंकों की खरीदारी भी कीमतों के लिए सपोर्टिव हैं। 2022 से इसने सोने को लगातार सबसे ज्यादा सपोर्ट किया है। बदलते जियो पॉलिटिकल परिदृश्य और टैरिफ वॉर के मद्देनजर इसके आगे भी मजबूत रहने की संभावना है। सबसे ज्यादा खरीदारी चीन के केंद्रीय बैंक की तरफ से निकलने की उम्मीद है। पिछले कुछ आंकड़ों से भी इस बात के संकेत मिलने लगे हैं। चीन के केंद्रीय बैंक पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (PBoC) के मुताबिक उसकी तरफ से मार्च में 3 टन (0.09 मिलियन औंस) सोने की खरीद की गई। छह महीने के ब्रेक के बाद पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (PBoC) ने लगातार पांचवें महीने ( नवंबर 2024 से लेकर मार्च 2025 तक) गोल्ड खरीदा है। मौजूदा कैलेंडर ईयर के पहले तीन महीनों के दौरान चीन के गोल्ड रिजर्व में 13 टन की वृद्धि हुई और यह बढ़कर 2,292 टन पर पहुंच गया है।

यूएस डॉलर (US Dollar) में देखें तो चीन के कुल फॉरेक्स रिजर्व में गोल्ड की हिस्सेदारी बढ़कर रिकॉर्ड 6.5 फीसदी पर पहुंच गई है। फरवरी 2025  तक यह हिस्सेदारी 6 फीसदी जबकि ठीक एक साल पहले मार्च 2024 तक 4.6 फीसदी थी। इस तरह से देखें तो एक साल में चीन के फॉरेक्स रिजर्व में गोल्ड की हिस्सेदारी में 2 फीसदी का इजाफा हुआ है।

यदि ट्रंप की नीतियों की वजह से चीन और अमेरिका के बीच व्यापार को लेकर टकराहट और बढ़ती है तो शायद चीन का केंद्रीय बैंक सोने की खरीद में और तेजी लाए। इस बात की गुंजाइश इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि चीन के कुल विदेशी मुद्रा भंडार में गोल्ड की हिस्सेदारी अभी भी 7 फीसदी के नीचे है। जबकि भारत के कुल विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी बढ़कर 11 फीसदी के ऊपर पहुंच गई है। जानकार मानते हैं के बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य (geo-political scenario) के मद्देनजर चीन गोल्ड की हिस्सेदारी को कम से कम 10 फीसदी तक बढ़ाना चाहेगा।

घरेलू फ्यूचर्स मार्केट

घरेलू फ्यूचर्स मार्केट एमसीएक्स (MCX) पर सोने का बेंचमार्क जून कॉन्ट्रैक्ट मंगलवार को 48  रुपये यानी 0.05  फीसदी की मामूली तेजी के साथ 93,300 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर है। इससे पहले यह आज 244 रुपये चढ़कर 93,496 रुपये के भाव पर खुला और कारोबार के दौरान 93496 रुपये के हाई और 93,172 रुपये के लो के बीच कारोबार किया।

गोल्ड फ्यूचर (Rupees/10 gm)  

तारीख कॉन्ट्रैक्ट पिछला क्लोजिंग ओपनिंग इंट्राडे  हाई इंट्राडे  लो लास्ट ट्रेडिंग प्राइस बदलाव
15 अप्रैल 2025 गोल्ड जून  कॉन्ट्रैक्ट 93,252 93,496 93,496 93,172 93,300 +48 (+0.05%)

(Source: MCX 12:50 pm IST) 

 घरेलू स्पॉट मार्केट
Indian Bullion and Jewellers Association (IBJA) के मुताबिक स्पॉट (हाजिर) मार्केट में सोना 24 कैरेट (999) मंगलवार को शुरुआती कारोबार में पिछले कारोबारी दिन (शुक्रवार) की क्लोजिंग के मुकाबले 190 रुपये टूटकर 93,163 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर दर्ज किया गया। घरेलू स्पॉट मार्केट सोमवार को  अंबेडकर जयंती के अवसर पर बंद थे।

स्पॉट गोल्ड (Rupees/10 gm)

गोल्ड 11 अप्रैल 2025 (क्लोजिंग  प्राइस/10 ग्राम) 15 अप्रैल 2025 ( ओपनिंग प्राइस/10 ग्राम) बदलाव
गोल्ड 24 कैरेट (999 ) 93,353 93,163 -190
गोल्ड 24 कैरेट (995) 92,979 92,790 -189
गोल्ड 22  कैरेट (916) 85,511 85,337   -174
सिल्वर/kg 92,929 94,863 +1,934

Source: IBJA

 

ग्लोबल मार्केट

ग्लोबल मार्केट में बेंचमार्क स्पॉट गोल्ड (spot gold) कारोबार के दौरान आज रिकॉर्ड 3,232.50 डॉलर प्रति औंस तक ऊपर और 3,209.80 डॉलर प्रति औंस तक नीचे गया। फिलहाल यह 0.47 फीसदी की मजबूती के साथ 3,224.29  डॉलर प्रति औंस पर है। इसी तरह बेंचमार्क यूएस जून गोल्ड फ्यूचर्स (Gold COMEX JUN′25) भी आज कारोबार के दौरान 3,249 डॉलर और 3,225.50 डॉलर प्रति औंस के रेंज में रहा। फिलहाल यह 0.38  फीसदी की तेजी के साथ 3,238.50 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है।

इंटरनेशनल गोल्ड (USD/ounce) 

तारीख गोल्ड पिछला क्लोजिंग ओपनिंग इंट्राडे  हाई इंट्राडे  लो लास्ट ट्रेडिंग प्राइस बदलाव
15 अप्रैल 2025 गोल्ड जून कॉन्ट्रैक्ट

(COMEX)

3,226.30 3,226.10 3,249 3,225.50 3,238.50 +12.20 (+0.38%)
15 अप्रैल  2025 स्पॉट गोल्ड 3,209.28 3,209.95 3,232.50 3,209.80 3,224.29 +15.01 (+0.47%)

Source: Bloomberg (12:50 PM IST)

 

 

 


First Published – April 15, 2025 | 1:14 PM IST



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