गोल्ड में रिकार्डतोड़ तेजी! MCX पर बनाया 93,940 रुपये का नया ऑल टाइम हाई, इस हफ्ते 6 हजार रुपये हुआ महंगा – recorded boom in gold hits new all time high of rs 93940 on mcx rises by rs 6 thousand so far this week – बिज़नेस स्टैंडर्ड

गोल्ड में रिकार्डतोड़ तेजी! MCX पर बनाया 93,940 रुपये का नया ऑल टाइम हाई, इस हफ्ते 6 हजार रुपये हुआ महंगा – recorded boom in gold hits new all time high of rs 93940 on mcx rises by rs 6 thousand so far this week – बिज़नेस स्टैंडर्ड


Gold prices at fresh all-time high:  घरेलू फ्यूचर्स मार्केट यानी एमसीएक्स (MCX) पर शुक्रवार (11 अप्रैल) को सोना 93,940 रुपये के नए ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया। इस हफ्ते सोने की कीमतों में अब तक तकरीबन 6 हजार रुपये की मजबूती आई है। वहीं 7 अप्रैल के निचले स्तर से तो सोना 7 हजार रुपये से ज्यादा चढ़ चुका है। सोमवार (7 अप्रैल) को यह 86,710 रुपये तक नीचे चला गया था। सोना ग्लोबल मार्केट में भी फिलहाल नए रिकॉर्ड हाई पर है। सोने की कीमतों में यह तेजी अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते ट्रेड वॉर के मद्देनजर बतौर सुरक्षित विकल्प (safe-haven) इस बेशकीमती धातु की मांग में आई मजबूती की वजह से आई है। हालांकि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जवाबी टैरिफ की घोषणा (2 अप्रैल) के बाद सोने की कीमतों में नरमी देखी जा रही थी।

ग्लोबल मार्केट में बेंचमार्क स्पॉट गोल्ड आज 3,244.23 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड हाई तक ऊपर गया। वहीं यूएस गोल्ड फ्यूचर्स शुक्रवार को कारोबार के दौरान 3,262.30 डॉलर प्रति औंस के उच्चतम स्तर तक पहुंचा। इस हफ्ते की शुरुआत में कीमतें 3  हजार डॉलर प्रति औंस से नीचे चली गई थीं। 

चीन पर अमेरिकी टैरिफ के 145 फीसदी किए जाने के बाद दोनों देशों के बीच बड़े पैमाने पर ट्रेड वॉर छिड़ने की आशंका तेज हो गई है। इस बीच चीन ने इसके जवाब में शुक्रवार को अमेरिकी वस्तुओं पर टैरिफ को 41 फीसदी बढ़ाते हुए 125 फीसदी कर दिया।

Also Read: Sovereign Gold Bond: इन 7 किस्तों को इसी महीने मैच्योरिटी से पहले बेचने का मौका, रिडेम्पशन प्राइस रह सकता है अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर

ब्याज दरों में कटौती की संभावना, अमेरिका सहित दुनिया की अर्थव्यवस्था में स्लोडाउन और महंगाई के बढ़ने की आशंका के मद्देनजर ज्यादातर जानकार सोने को लेकर फिलहाल बेहद बुलिश हैं। उनका मानना है कि ग्लोबल लेवल पर खासकर अमेरिका और चीन के बीच छिड़े ट्रेड वॉर के मद्देनजर जो अनिश्चितता की स्थिति बनी है उसमें बतौर सुरक्षित विकल्प (safe-haven) सोने की मांग बरकरार रह सकती है। साथ ही बढ़ते जियो-पॉलिटिकल टेंशन की वजह से भी बतौर सुरक्षित विकल्प सोने की मांग में और तेजी आने की उम्मीद है। इतना ही नहीं महंगाई के खिलाफ ‘हेज’ के तौर पर सोने की पूछ परख बढ़ सकती है।

जानकार मानते हैं कि इन्वेस्टमेंट डिमांड गोल्ड के लिए इस साल सबसे ज्यादा सपोर्टिव साबित हो सकता है क्योंकि इसका सपोर्ट पिछले मई से ही मिलना शुरू हुआ है। मौजूदा तेजी से पहले जब भी गोल्ड में तेजी का दौर चला है, सबसे बड़ी भूमिका इन्वेस्टमेंट यानी ईटीएफ डिमांड ने ही निभाई है। फिर चाहे वह 2020 या 2012 की तेजी की बात कर लें।

Also Read: Gold ETF in India: 10 महीने के लगातार इनफ्लो के बाद गोल्ड ईटीएफ से लोगों ने मार्च में निकाले पैसे, नेट AUM फिर भी रिकॉर्ड स्तर पर

सोने में रिकॉर्डतोड़ तेजी के बीच लोग फिलहाल इसके ईटीएफ में जमकर निवेश कर रहे हैं। आंकड़े बताते हैं कि पिछले 4 महीने से गोल्ड ईटीएफ में इनफ्लो बना हुआ है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (World Gold Council) के मुताबिक मार्च के दौरान ग्लोबल लेवल पर गोल्ड ईटीएफ में निवेश 8.6 बिलियन डॉलर बढ़ा। वॉल्यूम /होल्डिंग के लिहाज से इस दौरान निवेश में 92 टन की वृद्धि हुई। सोने की कीमतों में तेजी और लगातार चौथे महीने आए इनफ्लो के दम पर  मार्च 2025 के अंत तक गोल्ड ईटीएफ का एसेट अंडर मैनेजमेंट यानी AUM बढ़कर रिकॉर्ड 345 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया। टोटल होल्डिंग भी पिछले महीने के अंत तक 3,445 टन पर दर्ज किया गया जो मई 2023 के बाद सबसे ज्यादा है। मई 2023 में टोटल होल्डिंग 3,476 टन पर था।

फरवरी की तुलना में एसेट अंडर मैनेजमेंट और टोटल होल्डिंग दोनों में कमश: 12.74 फीसदी और 2.74 फीसदी की वृद्धि हुई।

इसके अलावा सेंट्रल बैंकों की खरीदारी भी कीमतों के लिए सपोर्टिव हैं। 2022 से इसने सोने को लगातार सबसे ज्यादा सपोर्ट किया है। बदलते जियो पॉलिटिकल परिदृश्य और टैरिफ वॉर के मद्देनजर इसके आगे भी मजबूत रहने की संभावना है। सबसे ज्यादा खरीदारी चीन के केंद्रीय बैंक की तरफ से निकलने की उम्मीद है। पिछले कुछ आंकड़ों से भी इस बात के संकेत मिलने लगे हैं। चीन के केंद्रीय बैंक पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (PBoC) के मुताबिक उसकी तरफ से मार्च में 3 टन (0.09 मिलियन औंस) सोने की खरीद की गई। छह महीने के ब्रेक के बाद पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (PBoC) ने लगातार पांचवें महीने ( नवंबर 2024 से लेकर मार्च 2025 तक) गोल्ड खरीदा है। मौजूदा कैलेंडर ईयर के पहले तीन महीनों के दौरान चीन के गोल्ड रिजर्व में 13 टन की वृद्धि हुई और यह बढ़कर 2,292 टन पर पहुंच गया है।

यूएस डॉलर (US Dollar) में देखें तो चीन के कुल फॉरेक्स रिजर्व में गोल्ड की हिस्सेदारी बढ़कर रिकॉर्ड 6.5 फीसदी पर पहुंच गई है। फरवरी 2025  तक यह हिस्सेदारी 6 फीसदी जबकि ठीक एक साल पहले मार्च 2024 तक 4.6 फीसदी थी। इस तरह से देखें तो एक साल में चीन के फॉरेक्स रिजर्व में गोल्ड की हिस्सेदारी में 2 फीसदी का इजाफा हुआ है।

यदि ट्रंप की नीतियों की वजह से चीन और अमेरिका के बीच व्यापार को लेकर टकराहट और बढ़ती है तो शायद चीन का केंद्रीय बैंक सोने की खरीद में और तेजी लाए। इस बात की गुंजाइश इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि चीन के कुल विदेशी मुद्रा भंडार में गोल्ड की हिस्सेदारी अभी भी 7 फीसदी के नीचे है। जबकि भारत के कुल विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी बढ़कर 11 फीसदी के ऊपर पहुंच गई है। जानकार मानते हैं के बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य (geo-political scenario) के मद्देनजर चीन गोल्ड की हिस्सेदारी को कम से कम 10 फीसदी तक बढ़ाना चाहेगा।

घरेलू फ्यूचर्स मार्केट

घरेलू फ्यूचर्स मार्केट एमसीएक्स (MCX) पर सोने का बेंचमार्क जून कॉन्ट्रैक्ट शुक्रवार को 1,647  रुपये यानी 1.79 फीसदी की मजबूती के साथ 93,680 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर है। इससे पहले यह आज 430 रुपये चढ़कर 92,463 रुपये के भाव पर खुला और कारोबार के दौरान 93,940 रुपये के रिकॉर्ड हाई और 92,463 रुपये के लो के बीच कारोबार किया।

गोल्ड फ्यूचर (Rupees/10 gm)  

तारीख कॉन्ट्रैक्ट पिछला क्लोजिंग ओपनिंग इंट्राडे  हाई इंट्राडे  लो लास्ट ट्रेडिंग प्राइस बदलाव
11 अप्रैल 2025 गोल्ड जून  कॉन्ट्रैक्ट 92,033 92,463 93,940 92,463 93,680 +1,647 (+1.79%)

(Source: MCX 7:45 pm IST) 

घरेलू स्पॉट मार्केट
Indian Bullion and Jewellers Association (IBJA) के मुताबिक स्पॉट (हाजिर) मार्केट में सोना 24 कैरेट (999) शुक्रवार को कारोबार की समाप्ति पर पिछले कारोबारी दिन (बुधवार) की क्लोजिंग के मुकाबले 3,192 रुपये उछलकर 93,353 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड भाव पर दर्ज किया गया। बुधवार को कारोबार की समाप्ति पर यह 90,161 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर देखा गया था। घरेलू स्पॉट मार्केट गुरुवार  को  महावीर जयंती  के अवसर पर बंद थे।

स्पॉट गोल्ड (Rupees/10 gm)

गोल्ड अप्रैल 2025  (क्लोजिंग प्राइस/ 10 ग्राम) 11 अप्रैल 2025 (क्लोजिंग  प्राइस/10 ग्राम) बदलाव
गोल्ड 24 कैरेट (999 ) 90,161 93,353 +3,192
गोल्ड 24 कैरेट (995) 89,800 92,979 +3,179
गोल्ड 22  कैरेट (916) 82,588 85,511 +2,923
सिल्वर/kg 90,669 92,929 +2,260

Source: IBJA

 ग्लोबल मार्केट

ग्लोबल मार्केट में बेंचमार्क स्पॉट गोल्ड (spot gold) कारोबार के दौरान आज रिकॉर्ड  3,244.23 डॉलर प्रति औंस तक ऊपर और 3,175.78 डॉलर प्रति औंस तक नीचे गया। फिलहाल यह 1.82 फीसदी की तेजी के साथ 3,233.44  डॉलर प्रति औंस पर है। इसी तरह बेंचमार्क यूएस जून गोल्ड फ्यूचर्स (Gold COMEX JUN′25) भी आज कारोबार के दौरान रिकॉर्ड  3,262.30 डॉलर और 3,193.40 डॉलर प्रति औंस के रेंज में रहा। फिलहाल यह 2.27  फीसदी की मजबूती के साथ 3,249.50 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है।

इंटरनेशनल गोल्ड (USD/ounce) 

तारीख गोल्ड पिछला क्लोजिंग ओपनिंग इंट्राडे  हाई इंट्राडे  लो लास्ट ट्रेडिंग प्राइस बदलाव
11 अप्रैल 2025 गोल्ड जून कॉन्ट्रैक्ट

(COMEX)

3,177.50 3,194.20 3,262.30 3,193.40 3,249.50 +72 (+2.27%)
11 अप्रैल  2025 स्पॉट गोल्ड 3,173.92 3,173.92 3,244.23 3,175.78 3,233.44 +57.66 (+1.82%)

Source: Bloomberg (7:45 PM IST)

 


First Published – April 11, 2025 | 8:10 PM IST



संबंधित पोस्ट





Source link

Gold at new high: सोना एक ही दिन में 6250 रुपये हुआ महंगा, 10 ग्राम का भाव ₹96,450 के नए हाई पर; जानिए क्यों बढ़े भाव – gold reached %e2%82%b9 96450 in one go silver also soared know why the price increased – बिज़नेस स्टैंडर्ड

Gold at new high: सोना एक ही दिन में 6250 रुपये हुआ महंगा, 10 ग्राम का भाव ₹96,450 के नए हाई पर; जानिए क्यों बढ़े भाव – gold reached %e2%82%b9 96450 in one go silver also soared know why the price increased – बिज़नेस स्टैंडर्ड


शुक्रवार को दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने की कीमत ₹6,250 बढ़कर ₹96,450 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, लोकल ज्वेलर्स और रिटेलर्स की भारी खरीदारी की वजह से यह तेजी आई है। विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते व्यापारिक तनाव के चलते दुनियाभर में सुरक्षित निवेश (safe-haven) के तौर पर सोने की मांग तेज हुई है। इसका सीधा असर घरेलू बाजार पर भी पड़ा है।

चार दिन की गिरावट के बाद जबरदस्त उछाल

बुधवार को 99.9% शुद्धता वाला सोना ₹90,200 पर बंद हुआ था। वहीं 99.5% शुद्धता वाला सोना ₹6,250 उछलकर ₹96,000 तक पहुंच गया, जो पिछले बंद भाव ₹89,750 के मुकाबले बड़ी छलांग है। केवल सोना ही नहीं, बल्कि चांदी की कीमतों में भी तेज उछाल देखने को मिला। चांदी ₹2,300 बढ़कर ₹95,500 प्रति किलो हो गई, जो पिछले बंद भाव ₹93,200 से काफी ऊपर है। यह तेजी भी ग्लोबल मार्केट ट्रेंड्स के अनुरूप है। बता दें कि गुरुवार को महावीर जयंती की छुट्टी के कारण सर्राफा बाजार बंद था, और शुक्रवार को खुलते ही बाजार में जोरदार तेजी देखी गई।

MCX पर फ्यूचर्स गोल्ड भी रिकॉर्ड हाई पर

जून डिलीवरी वाला सोना MCX (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज) पर ₹1,703 चढ़कर ₹93,736 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया, जो कि एक और ऑल-टाइम हाई है। LKP Securities के रिसर्च एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी के मुताबिक, “अमेरिका-चीन के बीच तनाव और जियोपॉलिटिकल टकराव के कारण निवेशक सोने की तरफ भाग रहे हैं। यही वजह है कि रुपया मजबूत होने के बावजूद सोना रिकॉर्ड बना रहा है।”

  • अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना चमका
  • विदेशी बाजारों में भी सोने की कीमतें नए रिकॉर्ड बना रही हैं।
  • स्पॉट गोल्ड: $3,237.39 प्रति औंस तक गया, फिर $3,222.04 पर आ गया।
  • कॉमैक्स गोल्ड फ्यूचर्स: एशियन मार्केट में $3,249.16 प्रति औंस तक पहुंच गया।

Kotak Securities की Kaynat Chainwala के अनुसार, अमेरिका और चीन के बीच टैरिफ वॉर ने निवेशकों को सोने में निवेश करने को मजबूर किया है। यही वजह है कि कीमतें रिकॉर्ड बना रही हैं।

ट्रेड वॉर और कमजोर डॉलर ने दिया सपोर्ट

2 अप्रैल को सोने की कीमत $3,200 के पार पहुंची थी, लेकिन बाद में मुनाफावसूली से थोड़ी नीचे आई। लेकिन अब फिर से कीमतें नई ऊंचाइयों पर हैं। गुरुवार को अमेरिका ने चीन के सामानों पर 145% तक टैक्स लगाया, जिसके जवाब में चीन ने भी 125% तक ड्यूटी लगा दी। इस तनाव के चलते डॉलर कमजोर हुआ और सोने को सपोर्ट मिला।

UBS का अनुमान: लंबे समय तक सोना रहेगा मजबूत

इन हालातों में, निवेश बैंक UBS का मानना है कि व्यापार युद्ध, आर्थिक मंदी की आशंका, और भू-राजनीतिक तनाव के चलते आने वाले समय में भी सोने की चमक बनी रहेगी। UBS के मुताबिक, अमेरिका-चीन ट्रेड वॉर के बीच कई देश अब डॉलर की बजाय गोल्ड को रिज़र्व के तौर पर जमा कर रहे हैं। पिछले 3 सालों में सेंट्रल बैंकों ने हर साल 1,000 टन से ज़्यादा सोना खरीदा है, और यह ट्रेंड अभी थमने वाला नहीं है। (PTI के इनपुट के साथ)


First Published – April 11, 2025 | 7:44 PM IST



संबंधित पोस्ट





Source link

Sovereign Gold Bond: इन 7 किस्तों को इसी महीने मैच्योरिटी से पहले बेचने का मौका, रिडेम्प्शन प्राइस रह सकता है अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर – sovereign gold bond opportunity to redeem these 7 tranches of sgb before maturity this month redemption price may remain at the highest level ever – बिज़नेस स्टैंडर्ड

Sovereign Gold Bond: इन 7 किस्तों को इसी महीने मैच्योरिटी से पहले बेचने का मौका, रिडेम्प्शन प्राइस रह सकता है अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर – sovereign gold bond opportunity to redeem these 7 tranches of sgb before maturity this month redemption price may remain at the highest level ever – बिज़नेस स्टैंडर्ड


Premature redemption of Sovereign Gold Bond in April 2025: नए वित्त वर्ष 2025-26 की शुरुआत यानी अप्रैल में बॉन्ड धारकों को कुल 7 सात सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड को मैच्योरिटी से पहले भुनाने का मौका मिलेगा। लेकिन बॉन्ड धारकों को इसके लिए तय समय सीमा के भीतर अप्लाई करना जरूरी है। इन 7 किस्तों में से 2 के लिए तो अप्लाई करने की डेडलाइन खत्म हो गई है। यदि तय समय सीमा के भीतर अप्लाई करने में चूक जाते हैं तो आपको इन बॉन्ड को मैच्योरिटी से पहले बेचने का मौका नहीं मिलेगा।

अब जानते हैं कि आखिर कौन-कौन से सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड अगले महीने प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन के योग्य होंगे और इसके लिए अप्लाई करने की समय सीमा क्या है :

2019-20 Series V (IN0020190370)

इस महीने सबसे पहले यानी 15 अप्रैल को वित्त वर्ष 2019-20 की पांचवीं सीरीज यानी 32वें सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड को मैच्योरिटी से पहले बेचने का दूसरी बार मौका मिलेगा। इस बॉन्ड को 5 साल की होल्डिंग पीरियड के बाद  मैच्योरिटी से पहले पहली बार बेचने का मौका बॉन्ड धारकों को 15 अक्टूबर 2024 को मिला था। यह बॉन्ड 15 अक्टूबर 2019 को 3,788 रुपये के इश्यू प्राइस पर जारी किया गया था।  इस बॉन्ड के प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन के लिए अप्लाई करने की तारीख 15 मार्च  से लेकर 5 अप्रैल तक थी।

SGB Tranche Issue Date Date of premature redemption Dates for submitting the request for premature redemption  IBJA price  Issue Price 
2019-20 Series V Oct 15,  2019 Apr 15, 2025 Mar 15, 205 to Apr 5, 2025 Rs 9,069 Rs 3,788

Source: RBI, IBJA

नोट: आईबीजेए प्राइस 8 से लेकर 11 अप्रैल के क्लोजिंग प्राइस का एवरेज है। घरेलू सर्राफा बाजार 10 अप्रैल को महावीर जयंती के अवसर पर बंद थे।

2017-18 Series III (IN0020170059)

वित्त वर्ष 2017-18 की तीसरी  सीरीज यानी 10 वें सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड को इस महीने 16 अप्रैल को  मैच्योरिटी से पहले छठी यानी आखिरी बार बेचने का मौका मिलेगा। 5 साल की होल्डिंग पीरियड के बाद इस बॉन्ड को मैच्योरिटी से पहले पहली बार बेचने का मौका बॉन्ड धारकों को 16 अक्टूबर 2022 को मिला था। यह बॉन्ड 16 अक्टूबर 2017 को 2,956 रुपये के इश्यू प्राइस पर जारी किया गया था। इस बॉन्ड के प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन के लिए अप्लाई करने की तारीख 17 मार्च  से लेकर 7 अप्रैल तक थी।

SGB Tranche Issue Date Date of premature redemption Dates for submitting the request for premature redemption  IBJA price  Issue Price  
2017-18 Series III Oct 16,  2017 Apr 16, 2025 Mar 17, 205 to Apr 7, 2025 Rs 9,069 Rs 2,956

Source: RBI, IBJA

2017-18 Series IV (IN0020170067)

वित्त वर्ष 2017-18 की चौथी सीरीज यानी 11 वें सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड को 23 अप्रैल को  मैच्योरिटी से पहले छठी यानी आखिरी बार बेचने का मौका मिलेगा। 5 साल की होल्डिंग पीरियड के बाद इस बॉन्ड को मैच्योरिटी से पहले पहली बार बेचने का मौका बॉन्ड धारकों को 23 अक्टूबर 2022 को मिला था। यह बॉन्ड 23 अक्टूबर 2017 को 2,987 रुपये के इश्यू प्राइस पर जारी किया गया था। इस बॉन्ड के प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन के लिए अप्लाई करने की प्रक्रिया 24  मार्च 2025 से शुरू हो गई है। इच्छुक बॉन्ड धारकों के लिए अप्लाई करने की अंतिम तारीख 15 अप्रैल है।

SGB Tranche Issue Date Date of premature redemption Dates for submitting the request for premature redemption  IBJA price  Issue Price 

2017-18 Series IV

Oct  23,  2017 Apr 23, 2025 Mar 24, 205 to Apr 15, 2025 Rs 9,069 Rs 2,987

Source: RBI, IBJA

2018-19 Series II (IN0020180249)

वित्त वर्ष 2018-19 की दूसरी सीरीज यानी 23 वीं  सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड को इस महीने 23 अप्रैल को मैच्योरिटी से पहले चौथीबार बेचने का मौका मिलेगा। 5 साल की होल्डिंग पीरियड के बाद इस बॉन्ड को मैच्योरिटी से पहले पहली बार बेचने का मौका बॉन्ड धारकों को 23 अक्टूबर 2023 को मिला था। यह बॉन्ड 23 अक्टूबर 2018 को 3,146 रुपये के इश्यू प्राइस पर जारी किया गया था। इस बॉन्ड के प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन के लिए अप्लाई करने की प्रक्रिया 24 मार्च 2025 से शुरू हो गई है। इच्छुक बॉन्ड धारकों के लिए अप्लाई करने की अंतिम तारीख 15 अप्रैल है।

SGB Tranche Issue Date Date of premature redemption Dates for submitting the request for premature redemption  IBJA price  Issue Price 

2018-19 Series II

Oct 23,  2018 Apr 23, 2025 Mar 24, 205 to Apr 15, 2025 Rs 9,069 Rs 3,146

Source: RBI, IBJA

2020-21 Series I (IN0020200062)

वित्त वर्ष 2020-21 की पहली सीरीज यानी 38 वें सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड को 28 अप्रैल को  5 साल की होल्डिंग पीरियड के बाद मैच्योरिटी से पहले पहली बार बेचने का मौका मिलेगा। यह बॉन्ड 28 अप्रैल 2020 को 4,639 रुपये के इश्यू प्राइस पर जारी किया गया था। इस बॉन्ड के प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन के लिए अप्लाई करने की प्रक्रिया 29 मार्च 2025 से शुरू होगी। इच्छुक बॉन्ड धारकों के लिए अप्लाई करने की अंतिम तारीख 19 अप्रैल है।

SGB Tranche Issue Date Date of premature redemption Dates for submitting the request for premature redemption  IBJA price  Issue Price 

2020-21 Series I

Apr 28,  2019 Apr 28, 2025 Mar 29, 205 to Apr 19, 2025 Rs 9,069 Rs 4,639

Source: RBI, IBJA

2017-18 Series V (IN0020170075)

इस महीने की आखिरी तारीख यानी 30 अप्रैल को वित्त वर्ष 2017-18 की पांचवीं सीरीज यानी 12 वें सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड को 5 साल की होल्डिंग पीरियड के बाद मैच्योरिटी से पहले छठी यानी आखिरी बार बेचने का मौका मिलेगा। 5 साल की होल्डिंग पीरियड के बाद इस बॉन्ड को मैच्योरिटी से पहले पहली बार बेचने का मौका बॉन्ड धारकों को 30 अक्टूबर 2022 को मिला था। यह बॉन्ड 23 अक्टूबर 2017 को 2,971 रुपये के इश्यू प्राइस पर जारी किया गया था। इस बॉन्ड के प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन के लिए अप्लाई करने की प्रक्रिया 31 मार्च 2025 से शुरू होगी। इच्छुक बॉन्ड धारकों के लिए अप्लाई करने की अंतिम तारीख 21 अप्रैल है।

SGB Tranche Issue Date Date of premature redemption Dates for submitting the request for premature redemption  IBJA price Issue Price 
2017-18 Series V Oct 30,  2017 Apr 30, 2025 Mar 31, 205 to Apr 21, 2025 Rs 9,069 2,971

Source: RBI, IBJA

2019-20 Series VI (IN0020190388)

वित्त वर्ष 2019-20 की छठी सीरीज यानी 33वें सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड को इस महीने की आखिरी तारीख यानी 30 अप्रैल को 5 साल की होल्डिंग पीरियड के बाद मैच्योरिटी से पहले दूसरी बार बेचने का मौका मिलेगा। 5 साल की होल्डिंग पीरियड के बाद इस बॉन्ड को मैच्योरिटी से पहले पहली बार बेचने का मौका बॉन्ड धारकों को 30 अक्टूबर 2024 को मिला था। यह बॉन्ड 30 अक्टूबर 2019 को 3,835 रुपये के इश्यू प्राइस पर जारी किया गया था। इस बॉन्ड के प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन के लिए अप्लाई करने की प्रक्रिया 31 मार्च 2025 से शुरू होगी। इच्छुक बॉन्ड धारकों के लिए अप्लाई करने की अंतिम तारीख 21 अप्रैल है।

SGB Tranche Issue Date Date of premature redemption Dates for submitting the request for premature redemption  IBJA price Issue Price 

2019-20 Series VI

Oct 30,  2019 Apr 30, 2025 Mar 31, 205 to Apr 21, 2025 Rs 9,069 Rs 3,835

Source: RBI, IBJA

अब जानते हैं कि प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन को लेकर नियम क्या हैं?

कब कर सकते हैं प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन ?

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड को मैच्योरिटी से पहले रिडीम करने का विकल्प भी निवेशकों के पास होता है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड को आप उसके इश्यू होने के 5 साल बाद मैच्योरिटी से पहले रिडीम कर सकते हैं। आरबीआई प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन की तारीख उस दिन तय करती है जिस दिन इस बॉन्ड पर इंटरेस्ट देय होता है। इस बॉन्ड पर इंटरेस्ट प्रत्येक छह महीने यानी साल में दो दफे मिलता है।

कैसे होती है प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन प्राइस की गणना

मैच्योरिटी से पहले रिडेम्प्शन प्राइस प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन की तारीख से ठीक पहले के 3 कारोबारी दिन के लिए आईबीजेए (IBJA) की तरफ से प्राप्त 24 कैरेट गोल्ड (999) के क्लोजिंग प्राइस का एवरेज होता है।

टैक्स को लेकर क्या हैं नियम ?

अगर आपने मैच्योरिटी पीरियड से पहले रिडीम किया तो टैक्स लिस्टेड फाइनेंशियल एसेट्स की तरह लगेगा। मतलब सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड खरीदने के बाद 12 महीने से पहले बेच देते हैं तो होने वाली कमाई यानी कैपिटल गेन को शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन (STCG) माना जाएगा। जो आपके ग्रॉस टोटल इनकम में जोड़ दिया जाएगा और आपको अपने टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स चुकाना होगा। लेकिन अगर आप 12 महीने बाद बेचते हैं तो 12.5 फीसदी लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स चुकाना होगा। लेकिन यदि आप सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड को उसकी मैच्योरिटी यानी 8 साल तक होल्ड करते हैं तो रिडेम्प्शन के समय आपको कोई टैक्स नहीं देना होगा।

 

 

 


First Published – April 11, 2025 | 7:12 PM IST



संबंधित पोस्ट





Source link

Soybean Crushing: सोयाबीन की पेराई 10% घटी, सोया खली निर्यात भी पड़ा सुस्त – soybean crushing decreased by 10 pc and soybean meal export also slowed down – बिज़नेस स्टैंडर्ड

Soybean Crushing: सोयाबीन की पेराई 10% घटी, सोया खली निर्यात भी पड़ा सुस्त – soybean crushing decreased by 10 pc and soybean meal export also slowed down – बिज़नेस स्टैंडर्ड


Soybean crushing and Soybean meal export: सोयाबीन की पेराई में सुस्ती देखने को मिल रही है। चालू तेल वर्ष यानी 2024-25 (अक्टूबर से सितंबर) के 6 महीनों में सोयाबीन की पेराई में गिरावट दर्ज की गई है। चालू तेल वर्ष में कुल पेराई में आ रही कमी की वजह देश में सोयाबीन तेल का बड़े पैमाने पर आयात और सोया खली की मांग सुस्त पड़ना है। चालू तेल वर्ष में सोया खली का निर्यात भी घट रहा है।

तेल वर्ष 2024-25 में कितनी हुई सोयाबीन की पेराई?

सोयाबीन उद्योग के प्रमुख संगठन सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (SOPA) के आंकड़ों के अनुसार तेल वर्ष 2024-25 की अक्टूबर-मार्च अवधि में 60.50 लाख टन सोयाबीन की पेराई हो चुकी है। पिछली समान अवधि में यह आंकड़ा 67.50 लाख टन था। इस तरह चालू तेल वर्ष के पहले 6 महीने में सोयाबीन की पेराई में 10 फीसदी से अधिक कमी देखी गई है। मार्च महीने में भी सालाना आधार पर सोयाबीन की पेराई में गिरावट दर्ज की गई है। मार्च में 9 लाख टन सोयाबीन की पेराई हुई, जबकि पिछले साल मार्च में यह आंकड़ा 10.50 लाख टन था।

चालू तेल वर्ष में कितनी हो सकती है सोयाबीन की पेराई?

SOPA के मुताबिक चालू तेल वर्ष में 115 लाख टन पेराई होने का अनुमान है। पिछले तेल वर्ष में 122.50 लाख टन सोयाबीन की पेराई हुई थी। जाहिर है कि चालू तेल वर्ष में सोयाबीन की पेराई कम होने का अनुमान लगाया गया है। ऐसा तब है जब वर्ष 2024-25 में सोयाबीन का उत्पादन अधिक होने का अनुमान है। वर्ष 2024-25 में 125.82 लाख टन उत्पादन का अनुमान है, जो इससे पहले वर्ष के 118.74 लाख टन सोयाबीन उत्पादन से अधिक है। पिछले तेल वर्ष के कैरीओवर को मिलाकर इस तेल वर्ष में सोयाबीन की कुल उपलब्धता 135.76 लाख टन रहने का अनुमान है, जो पिछले तेल वर्ष की कुल उपलब्धता 149 लाख टन से कम है।

Also read: तेल कीमतों में उबाल फिर ठंडा पड़ा

सोया खली के निर्यात में भी आ रही है कमी

चालू तेल वर्ष के पहले 6 महीने के दौरान सोया खली के निर्यात में भी गिरावट देखने को मिल रही है। SOPA के अनुसार तेल वर्ष 2024-25 की अक्टूबर-मार्च अवधि में 11.12 लाख टन सोया खली का निर्यात हुआ है, जो पिछली समान अवधि में निर्यात हुई 13.47 लाख टन से करीब 17.50 फीसदी कम है। मार्च महीने में भी सोया खली का निर्यात घटा है। मार्च में 1.62 लाख टन सोया खली का निर्यात हुआ, जबकि पिछले साल मार्च में यह आंकड़ा 1.76 लाख टन था।

सोयाबीन पेराई और खली निर्यात में कमी की क्या है वजह?

कमोडिटी एक्सपर्ट और एग्रोकॉर्प इंटरनेशनल में रिसर्च हेड इंद्रजीत पॉल ने कहा कि सोयाबीन की पेराई में कमी की अहम वजह सोया खली की निर्यात और घरेलू मांग सुस्त पड़ना है। मक्का का एथनॉल बनाने में बड़े पैमाने पर उपयोग हो रहा है। मक्का के एथनॉल बनाने में प्रयोग के दौरान Distiller’s Dried Grains with Solubles (DDGS) निकलता है। इसका उपयोग पशु चारे खासकर पोल्ट्री फीड के रूप में किया जाता है और यह सोया खली से काफी सस्ता होता है। DDGS की इस समय कीमत 15 से 16 रुपये है, जबकि खली के भाव 30 से 31 रुपये किलो हैं। इस वजह से सोया खली की घरेलू मांग कमजोर पड़ गई है। वहीं अमेरिका का सोया खली भारतीय खली से वैश्विक बाजार में सस्ता है। इस वजह से भारतीय सोया खली की निर्यात मांग में गिरावट आई है। सोया खली की घरेलू व निर्यात दोनों मांग घटने का असर सोयाबीन की पेराई पर पड़ रहा है।


First Published – April 11, 2025 | 2:54 PM IST



संबंधित पोस्ट





Source link

Gold ETF in India: 10 महीने के लगातार इनफ्लो के बाद गोल्ड ईटीएफ से लोगों ने मार्च में निकाले पैसे, नेट AUM फिर भी रिकॉर्ड स्तर पर – gold etf in india faces net outflow in march after 10 months of net inflow despite net aum hits record high – बिज़नेस स्टैंडर्ड

Gold ETF in India: 10 महीने के लगातार इनफ्लो के बाद गोल्ड ईटीएफ से लोगों ने मार्च में निकाले पैसे, नेट AUM फिर भी रिकॉर्ड स्तर पर – gold etf in india faces net outflow in march after 10 months of net inflow despite net aum hits record high – बिज़नेस स्टैंडर्ड


Gold ETF in India March 2025: लगातार 10 महीने के नेट इनफ्लो के बाद मार्च मे घरेलू गोल्ड ईटीएफ से निवेशकों ने पैसे निकाले। इससे पहले बीते साल अप्रैल में गोल्ड ईटीएफ में नेट आउटफ्लो देखा गया था।

एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के ताजा आंकड़ों के अनुसार देश के कुल 20 गोल्ड ETF (Gold Exchange Traded Fund) में पिछले महीने 77.21 करोड़ रुपये का नेट आउटफ्लो दर्ज किया गया। पिछले साल इसी महीने के दौरान देश के कुल 17 गोल्ड ईटीएफ में 373.36 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश हुआ था। फरवरी 2025 के दौरान गोल्ड ईटीएफ में 1,979.84 करोड़ रुपये रुपये का शुद्ध निवेश हुआ, जबकि साल की शुरुआत यानी जनवरी में रिकॉर्ड 3,751.42 करोड़ रुपये रुपये का शुद्ध निवेश हुआ था।

नेट आउटफ्लो के बावजूद गोल्ड की कीमतों में शानदार तेजी के चलते मार्च के अंत तक गोल्ड ईटीएफ का नेट एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) बढ़कर रिकॉर्ड  58,887.99  करोड रुपये पर पहुंच गया। पिछले साल की समान अवधि के दौरान यह 31,223.69 करोड़ रुपये था जबकि फरवरी 2025 में यह 55,677. 25 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

इससे पहले पूरे कैलेंडर ईयर 2024 के दौरान गोल्ड ईटीएफ में कुल 11,266.11 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश हुआ जबकि कैलेंडर ईयर 2023 के दौरान 2,923.81 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया था। कैलेंडर ईयर 2022 के दौरान 11 गोल्ड ईटीएफ (Gold ETF) में कुल 458.79 करोड़ रुपये का निवेश हुआ था।

क्यों गोल्ड ईटीएफ से निवेशकों ने निकाले पैसे?

जानकारों के अनुसार लगातार 5 महीने की गिरावट के बाद मार्च में घरेलू इक्विटी मार्केट ने जिस तरह का दम दिखाया उससे निवेशक इस एसेट क्लास में निवेश को लेकर उत्साहित हुए। देश के मैक्रोइकोनॉमिक इंडिकेटर्स में सुधार के संकेतों के बीच विदेशी निवेशकों की तरफ से महीने के दूसरे हाफ के दौरान पिटे हुए स्टॉक में जिस तरह से खरीदारी की गई, घरेलू बाजार को लेकर निवेशकों का भरोसा नि:संदेह बढ़ा। मार्च के दौरान बेंचमार्क सेंसेक्स और निफ्टी में क्रमश: 6.3 फीसदी और 5.1 फीसदी की तेजी आई। बेंचमार्क इडेक्स के लिए पिछले 15 महीने का यह सबसे बेहतरीन प्रदर्शन था। साथ ही गोल्ड में पिछले डेढ़ साल से जारी शानदार रैली के आगे भी बने रहने को लेकर कुछ निवेशक एक हद तक सर्तक दिखे और गोल्ड ईटीएफ से पैसे निकालकर इक्विटी में लगाना बेहतर समझा। वहीं नए वित्त वर्ष यानी अप्रैल से टैक्स नियमों में हो रहे बदलाव ने भी कुछ निवेशकों को इस एसेट क्लास से निकलने के लिए प्रोत्साहित किया खासकर ऐसे निवेशक जो ऊपरी टैक्स स्लैब में आते हैं।

ग्लोबल लेवल पर लगातार चौथे महीने निवेशकों को भाया गोल्ड ईटीएफ

मार्च के दौरान लगातार चौथे महीने इन्वेस्टमेंट डिमांड में तेजी देखने को मिली। गोल्ड ईटीएफ  (gold ETF) के आंकड़े इस बात की तस्दीक करते हैं। मार्च तिमाही (जनवरी-मार्च 2025) की बात करें तो ग्लोबल लेवल पर गोल्ड ईटीएफ में इस दौरान दूसरा सबसे  बड़ा नेट इनफ्लो दर्ज किया गया। अमेरिकी डॉलर मे कमजोरी, ग्लोबल लेवल पर ट्रेड वॉर की आशंका और जबरदस्त इन्वेस्टमेंट डिमांड के बीच मार्च के दौरान सोने के भाव में यूएस डॉलर और भारतीय रुपये में क्रमश: 9.9 फीसदी और 4.6 फीसदी का इजाफा हुआ।

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (World Gold Council) से मिले ताजा आंकड़ों के मुताबिक मार्च के दौरान ग्लोबल लेवल पर गोल्ड ईटीएफ में निवेश 8.6 बिलियन डॉलर बढ़ा। वॉल्यूम /होल्डिंग के लिहाज से इस दौरान निवेश में 92 टन की वृद्धि हुई। सोने की कीमतों में तेजी और लगातार चौथे महीने आए इनफ्लो के दम पर  मार्च 2025 के अंत तक गोल्ड ईटीएफ का एसेट अंडर मैनेजमेंट यानी AUM बढ़कर रिकॉर्ड 345 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया। टोटल होल्डिंग भी पिछले महीने के अंत तक 3,445 टन पर दर्ज किया गया जो मई 2023 के बाद सबसे ज्यादा है। मई 2023 में टोटल होल्डिंग 3,476 टन पर था।

फरवरी की तुलना में एसेट अंडर मैनेजमेंट और टोटल होल्डिंग दोनों में कमश: 12.74 फीसदी और 2.74 फीसदी की वृद्धि हुई।

Also Read: सबसे सस्ता सोना यहां मिलेगा! सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड पर डिस्काउंट 5 फीसदी के पार, दोगुना हुआ डेली ट्रेडिंग वॉल्यूम

फरवरी के दौरान गोल्ड ईटीएफ में निवेश 9.4 बिलियन डॉलर ( 100 टन) बढ़ा। जनवरी  के दौरान इसमें 3 बिलियन डॉलर (34.5 टन) की तेजी आई, जबकि 2024 के आखिरी महीने दिसंबर में 0.8 बिलियन डॉलर (3.6 टन) का नेट इनफ्लो रहा था। इससे पहले बीते साल नवंबर में लगातार छह महीने  की तेजी के बाद गोल्ड ईटीएफ में 2.1 बिलियन डॉलर यानी 28.6 टन का आउटफ्लो दर्ज किया गया था।

गोल्ड ईटीएफ में दूसरा सबसे बड़ा इनफ्लो

मार्च तिमाही की बात करें तो इस दौरान ग्लोबल लेवल पर गोल्ड ईटीएफ में 21 बिलियन डॉलर (226 टन) का नेट इनफ्लो आया। गोल्ड ईटीएफ में यह दूसरा सबसे बडा नेट इनफ्लो है। इससे ज्यादा नेट इनफ्लो सिर्फ 2020 की दूसरी तिमाही के दौरान देखा गया था। उस दौरान गोल्ड ईटीएफ में 24 बिलियन डॉलर (433 टन) का इनफ्लो दर्ज किया गया था।

नार्थ अमेरिकी  फंडों ने लगातार दूसरे महीने दिखाया दम 

मार्च के दौरान गोल्ड ईटीएफ को सबसे तगड़ा सपोर्ट नॉर्थ अमेरिका से मिला। इस दौरान नार्थ अमेरिकी  फंडों में  6.5  बिलियन  डॉलर (+67.4 टन) का नेट इनफ्लो देखा गया। फरवरी के दौरान इसमें  6.8 बिलियन डॉलर (72.2 टन) की बढ़त देखी गई थी। इससे पहले नार्थ अमेरिकी  फंडों में दिसंबर 2024 और जनवरी 2025 के दौरान आउटफ्लो देखा गया था।

पिछले महीने यूरोप में गोल्ड ईटीएफ में 1 बिलियन  डॉलर (+13.7 टन) का नेट इनफ्लो देखा गया। फरवरी और जनवरी के दौरान यूरोप में क्रमश: 0.2 बिलियन  डॉलर (+2 टन) और 3.4 बिलियन  डॉलर (+39 टन) का नेट इनफ्लो देखा गया था। हालांकि बीते साल ज्यादातर महीने यूरोप में नेट आउटफ्लो दर्ज किया गया था।

Also Read: Central Banks Gold Buying ! चीन के सेंट्रल बैंक ने लगातार 5वें महीने मार्च में खरीदा सोना लेकिन इस देश ने सबको छोड़ा पीछे

इस दौरान एशिया में  निवेशकों ने नेट 0.9 बिलियन डॉलर (+9.5 टन) डाले। एशिया में चीन इनफ्लो के मामले में सबसे आगे रहा। इस दौरान गोल्ड ईटीएफ में निवेशकों ने वहां 772.1 मिलियन डॉलर (+7.7 टन)  डाले।

Gold ETF holdings and flows by region (Month ending 31 March, 2025)

By region

Region AUM
(bn)
Fund Flows
(US$mn)
Holdings
(tonnes)
Demand
(tonnes)
Demand
(% of holdings)
North America 178.7 6,537.9 1,784.3 67.4 3.9%
Europe 134.4 1,019.7 1,342.4 13.7 1.0%
Asia 25.4 943.5 250.7 9.5 3.9%
Other 6.8 98.4 68.0 1.3 2.0%
Total 345.4 8,599.5 3,445.3 92.0 2.7%
Global inflows / Positive Demand 12,711.1 99.5 4.2%
Global outflows / Negative Demand -4,111.6 -7.6 -1.3%

By country

Country AUM
(bn)
Fund Flows
(US$mn)
Holdings
(tonnes)
Demand
(tonnes)
Demand
(% of holdings)
US 171.7 6,456.8 1,714.5 66.6 4.0%
UK 60.4 358.2 602.7 4.3 0.7%
Switzerland 32.7 290.9 326.5 4.6 1.4%
Germany 32.5 3.7 324.5 1.0 0.3%
China P.R. Mainland 13.9 772.1 138.2 7.7 5.9%
France 7.1 331.2 70.7 3.4 5.1%
Canada 7.0 81.1 69.8 0.9 1.2%
India 6.6 -51.4 63.8 -0.5 -0.8%
Australia 4.5 78.2 45.3 0.9 2.1%
Japan 4.4 220.1 44.4 2.3 5.4%
South Africa 2.0 10.3 20.3 0.3 1.5%
Ireland 1.2 43.4 12.2 0.4 3.8%
Italy 0.5 -7.4 5.3 -0.1 -1.4%
Hong Kong SAR 0.4 0.0 3.9 -0.0 -0.1%
Turkey 0.2 10.0 2.3 0.1 4.4%
Liechtenstein 0.1 -0.4 0.5 -0.0 -0.9%
Malaysia 0.0 2.7 0.4 0.0 7.3%
Saudi Arabia 0.0 0.0 0.1 -0.0 -0.9%

(Source: World Gold Council)


First Published – April 11, 2025 | 12:36 PM IST



संबंधित पोस्ट





Source link

गोल्ड में रिकार्डतोड़ तेजी! MCX पर बनाया 93,940 रुपये का नया ऑल टाइम हाई, इस हफ्ते 6 हजार रुपये हुआ महंगा – recorded boom in gold hits new all time high of rs 93940 on mcx rises by rs 6 thousand so far this week – बिज़नेस स्टैंडर्ड

Gold Silver Price Today: ट्रंप टैरिफ टला, ₹1500 उछलकर नई ऊंचाई पर पहुंचा सोना; चांदी ने भी लगाई छलांग – gold prices hit lifetime high on mcx and comex silver follows uptrend – बिज़नेस स्टैंडर्ड


Gold Silver Price Today, April 11: अमेरिका द्वारा चीन को छोड़कर बाकी देशों पर लगाए गए शुल्क को 90 दिन टालने के बाद सोना तेजी से दौड़ रहा है। लगातार दो दिन से अंतरराष्ट्रीय व घरेलू दोनों बाजार में सोना नया रिकॉर्ड बना रहा है। आज भी दोनों मार्केट में सोने के वायदा भाव ऑल टाइम हाई पर पहुंच गए। कॉमेक्स पर सोने के वायदा भाव ने 3241.50 डॉलर और mcx पर 93,736 रुपये का सर्वोच्च स्तर छू लिया। खबर लिखे जाने के समय घरेलू वायदा बाजार में सोने के वायदा भाव 93,350 रुपये के करीब कारोबार कर रहे थे, जबकि चांदी के भाव 92,350 रुपये के करीब कारोबार कर रहे थे।

सोना 93 हजार पार कर नए रिकॉर्ड पर पहुंच

सोने के वायदा भाव की शुरुआत तेजी के साथ हुई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने का बेंचमार्क जून कॉन्ट्रैक्ट आज 430 रुपये की तेजी के साथ 92,463 रुपये के भाव पर खुला। पिछला बंद भाव 92,033  रुपये था। खबर लिखे जाने के समय यह कॉन्ट्रैक्ट 1,497 रुपये की तेजी के साथ 93,530 रुपये के भाव पर कारोबार कर रहा था। इस समय इसने 93,736 रुपये के भाव पर दिन का उच्च और 92,463 रुपये के भाव पर दिन का निचला स्तर छू लिया। सोने के वायदा भाव ने आज 93,736 रुपये के भाव पर सर्वोच्च स्तर छू लिया था।

चांदी के भाव भी चढ़े

चांदी के वायदा भाव की शुरुआत तेज रही। MCX पर चांदी का बेंचमार्क मई कॉन्ट्रैक्ट आज 405 रुपये की तेजी के साथ 92000  रुपये पर खुला। पिछला बंद भाव 91,595 रुपये था। खबर लिखे जाने के समय यह कॉन्ट्रैक्ट 773 रुपये की तेजी के साथ 92,368 रुपये के भाव पर कारोबार कर रहा था। इस समय इसने 92,500 रुपये के भाव पर दिन का उच्च और 92,000 रुपये के भाव पर दिन का निचला स्तर छू लिया। चांदी के वायदा भाव ने इस साल 1,01,999 रुपये किलो के भाव पर सर्वोच्च स्तर छू लिया था

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना ऑल टाइम हाई पर, चांदी भी चढ़ी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में आज सोने चांदी के वायदा भाव की शुरुआत तेजी के साथ हुई। Comex पर सोना 3,194.20 डॉलर प्रति औंस के भाव पर खुला। पिछला क्लोजिंग प्राइस 3,177.50 डॉलर प्रति औंस था। खबर लिखे जाने के समय यह 58.60 डॉलर की तेजी के साथ 3,236.10 डॉलर प्रति औंस के भाव पर कारोबार कर रहा था। सोने के वायदा भाव आज 3,241.50 डॉलर के भाव ऑल टाइम हाई पर पहुंच गए। Comex पर चांदी के वायदा भाव 31.11 डॉलर के भाव पर खुले, पिछला क्लोजिंग प्राइस 30.75 डॉलर था। खबर लिखे जाने के समय यह 0.41 डॉलर की तेजी के साथ 31.16 डॉलर प्रति औंस के भाव पर कारोबार कर रहा था।





Source link

YouTube
Instagram
WhatsApp