LPG price hike: रसोई गैस पर महंगाई की मार, LPG सिलिंडर 50 रुपये महंगा, उज्ज्वला लाभार्थियों की बढ़ी टेंशन – lpg price hike inflation hits lpg cylinder becomes costlier by rs 50 ujjwala beneficiaries more affected – बिज़नेस स्टैंडर्ड

LPG price hike: रसोई गैस पर महंगाई की मार, LPG सिलिंडर 50 रुपये महंगा, उज्ज्वला लाभार्थियों की बढ़ी टेंशन – lpg price hike inflation hits lpg cylinder becomes costlier by rs 50 ujjwala beneficiaries more affected – बिज़नेस स्टैंडर्ड


LPG price hike: अप्रैल से रसोई गैस (एलपीजी) की खुदरा महंगाई दर में बढ़त नजर आएगी जिसमें फरवरी 2025 के बाद लगातार डेढ़ साल से गिरावट चल रही है। सरकार द्वारा घरेलू उपयोग वाले रसोई गैस सिलिंडर की कीमत 50 रुपये बढ़ाए जाने के बाद स्थिति में बदलाव आने वाला है। ढुलाई को छोड़कर एलपीजी की खुदरा कीमत अवस्फीति वित्त वर्ष 2024-25 के पहले 5 महीने में 24 फीसदी से अधिक थी। इसमें बाद में कुछ सुधार हुआ, लेकिन इसके बावजूद अवस्फीति अगले 3 महीने तक दो अंक में बनी रही। आखिरी 3 महीने में यह 10 फीसदी से नीचे आई, लेकिन इसके बावजूद यह 9 फीसदी से ऊपर थी।

कीमत में बढ़ोतरी के पहले रसोई गैस सिलिंडर (14.2 किलो) की कीमत दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में 813.25 रुपये थी। कीमत 50 रुपये जोड़ने से इसकी खुदरा मूल्य महंगाई दर इन चार महानगरों में 6.15 प्रतिशत हो जाएगी। अगर सरकार आगे कोई बदलाव नहीं करती है तो यह महंगाई दर एक साल जारी रह सकती है। पूरे देश में इसका कुल मिलाकर असर थोड़ा अलग होगा, जो देश के अन्य हिस्सों में इसकी कीमत पर निर्भर है।

सब्सिडी वाले सिलिंडर (उज्ज्वला) में मूल्य वृद्धि का असर थोड़ा अधिक होगा। चार महानगरों में इस सिलिंडर की औसत कीमत 513.25 रुपये थी और कीमत में 50 रुपये की वृद्धि से इसकी महंगाई दर 9.74 फीसदी हो जाएगी। इसका कुल मिलाकर महंगाई दर पर असर बहुत मामूली होगा। ऐसा इसलिए है क्योंकि एलपीजी का खुदरा मूल्य सूचकांक में अधिभार महज 1.29 फीसदी है। फैसले से 0.07 से 0.12 फीसदी तक का असर पड़ सकता है।


First Published – April 11, 2025 | 7:11 AM IST



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सोने की कीमतों में उबाल, अक्टूबर 2023 के बाद सबसे बड़ी छलांग – gold prices on the rise biggest jump since october 2023 – बिज़नेस स्टैंडर्ड

सोने की कीमतों में उबाल, अक्टूबर 2023 के बाद सबसे बड़ी छलांग – gold prices on the rise biggest jump since october 2023 – बिज़नेस स्टैंडर्ड


अमेरिका और चीन के बीच बढ़ती व्यापार जंग के कारण सोने की कीमतों में गुरुवार को बढ़ोतरी हुई। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने दूसरे देशों पर शुल्क 90 दिन तक रोकने का ऐलान किया है। गुरुवार की सुबह हाजिर सोना 1.3 फीसदी चढ़कर 3,122.02 डॉलर प्रति औंस हो गया। सोने में यह अक्टूबर, 2023 के बाद एक दिन में सबसे बड़ी तेजी है। अमेरिकी वायदा सोना 1.9 फीसदी चढ़कर 3,137.80 डॉलर पर पहुंच गया।

विजडम ट्री के कमोडिटी रणनीतिकार नीतेश शाह ने कहा कि हम अभी अत्यधिक अनिश्चितता वाले माहौल में रह रहे हैं। हमें वाकई यह नहीं पता कि यह व्यापार युद्ध क्या मोड़ लेगा। मुझे लगता है कि इस साल सोना और ऊपर जाएगा।

उल्लेखनीय है कि ट्रंप ने बुधवार को कहा कि वह कई देशों पर लगाए गए भारी शुल्कों को अस्थायी रूप से कम कर देंगे, लेकिन पेईचिंग द्वारा अमेरिकी वस्तुओं पर लगाए गए 84 फीसदी शुल्क के निर्णय के बाद उन्होंने चीन पर जवाबी शुल्क 104 फीसदी से बढ़ाकर 125 फीसदी कर दिया। हाजिर चांदी 0.6 फीसदी गिरकर 30.85 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। प्लैटिनम 0.4 फीसदी गिरकर 933.55 डॉलर पर आ गया और पैलेडियम 1.7 फीसदी गिरकर 915.68 डॉलर रह गया।

 


First Published – April 11, 2025 | 6:22 AM IST



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तेल कीमतों में उबाल फिर ठंडा पड़ा – oil prices see sudden rise followed by quick fall – बिज़नेस स्टैंडर्ड

तेल कीमतों में उबाल फिर ठंडा पड़ा – oil prices see sudden rise followed by quick fall – बिज़नेस स्टैंडर्ड


अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की 90 दिन तक शुल्क रोकने की घोषणा के बाद गुरुवार को तेल की कीमतों में 2 फीसदी से अधिक की गिरावट आई। ब्रेंट वायदा गुरुवार दोपहर तक 1.77 डॉलर यानी 2.7 फीसदी गिरकर 63.71 डॉलर प्रति बैरल रह गया। यूएस वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट क्रूड वायदा भी 1.77 डॉलर यानी 2.84 फीसदी घटकर 60.58 डॉलर तक फिसल गया। बुधवार को क्रूड बेंचमार्क दिन में पहले 7 फीसदी तक गिर गए थे लेकिन ट्रंप की घोषणा के बाद 4 फीसदी तक चढ़ गए।

पैनम्योर लिबेरम में विश्लेषक ऐश्ली केल्टी ने कहा, ‘अमेरिका और चीन के बीच व्यापार युद्ध से तेल की मांग में वृद्धि को लेकर काफी अनिश्चितताएं पैदा हो गई हैं जिससे कीमतों में गिरावट का जोखिम और बढ़ गया है।’ अभी काफी अस्थिरता है और यह कहना मुश्किल है कि निकट भविष्य में तेल की कीमतें कहां रहेंगी।

चीन ने भी अमेरिकी वस्तुओं पर अतिरिक्त आयात शुल्क लगाने की घोषणा की है और उसने कहा है कि गुरुवार से 84 फीसदी शुल्क लगाया जाएगा। शुल्क स्थगन के बाद भी सैक्सो बैंक में कमोडिटी रणनीति के प्रमुख ओले हेन्सन ने कहा कि दुनिया अभी सन् 1930 के दशक के बाद से सबसे गंभीर व्यापार बाधाओं का सामना कर रही है।


First Published – April 11, 2025 | 6:19 AM IST



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गोल्ड में फिर तूफानी तेजी ! MCX पर बनाया 92,400 रुपये का नया ऑल टाइम हाई, 3 दिन में 6 हजार रुपये हुआ महंगा – gold prices again hit a new all time high of rs 91464 on mcx it became expensive by 5 thousand rupees in 3 days – बिज़नेस स्टैंडर्ड

गोल्ड में फिर तूफानी तेजी ! MCX पर बनाया 92,400 रुपये का नया ऑल टाइम हाई, 3 दिन में 6 हजार रुपये हुआ महंगा – gold prices again hit a new all time high of rs 91464 on mcx it became expensive by 5 thousand rupees in 3 days – बिज़नेस स्टैंडर्ड


Gold prices hit all-time high:  घरेलू फ्यूचर्स मार्केट यानी एमसीएक्स (MCX) पर गुरुवार को सोना 92,400 रुपये के नए ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया। सोने की कीमतों में 7 अप्रैल के निचले स्तर से तकरीबन 6 हजार रुपये की रिकवरी आई है। सोमवार (7 अप्रैल) को यह 86,710 रुपये तक नीचे चली गई थी। सोना ग्लोबल मार्केट में भी फिलहाल 3,150 डॉलर प्रति औंस के ऊपर है। सोने की कीमतों में यह तेजी अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते ट्रेड वॉर के मद्देनजर बतौर सुरक्षित विकल्प (safe-haven) इस बेशकीमती धातु की मांग में आई मजबूती की वजह से आई है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जवाबी टैरिफ की घोषणा (2अप्रैल) के बाद सोने की कीमतों में नरमी देखी जा रही थी।

घरेलू स्पॉट मार्केट आज ‘महावीर जयंती’ के अवसर पर बंद हैं, जबकि घरेलू फ्यचर्स मार्केट यानी एमसीएक्स (MCX) पर सिर्फ शाम के सत्र में कारोबार हो रहा है।

ग्लोबल मार्केट में सोना फिलहाल अपने रिकॉर्ड हाई से थोड़ा पीछे है। बेंचमार्क स्पॉट गोल्ड आज 3,159 डॉलर प्रति औंस के इंट्रा डे हाई तक ऊपर गया। वहीं यूएस गोल्ड फ्यूचर्स आज कारोबार के दौरान 3,186 डॉलर प्रति औंस की उंचाई तक पहुंचा। इस हफ्ते की शुरुआत में कीमतें 3 हजार डॉलर से नीचे चली गई थी। 

इस बीच चीन पर अमेरिकी टैरिफ के 125 फीसदी किए जाने के बाद दोनों देशों के बीच बड़े पैमाने पर ट्रेड वॉर छिड़ने की आशंका तेज हो गई हैचीन पर पहले ही 20 फीसदी का टैरिफ लगा हुआ थापिछले हफ्ते ही राष्ट्रपति ट्रंप ने अतिरिक्त 34 फीसदी टैरिफ लगाने की घोषणा की थी। यह 9 अप्रैल को लागू होना था लेकिन इसके चंद घंटे पहले ट्रंप ने इसमें 50 फीसदी टैरिफ और बढ़ाने की घोषणा कर दी।

चीन ने इसके जवाब में बुधवार को अमेरिकी वस्तुओं पर टैरिफ को 50 फीसदी बढ़ाते हुए 84 फीसदी कर दिया। इसके बाद बुधवार को अचानक ट्रंप ने चीन पर टैरिफ को 125 फीसदी करने का ऐलान कर दिया जबकि बाकी देशों को 90 दिन की छूट देते हुए रेसिप्रोकल टैरिफ घटाकर एक समान 10 फीसदी कर दिया ।

ब्याज दरों में कटौती की संभावना, अमेरिका सहित दुनिया की अर्थव्यवस्था में स्लोडाउन और महंगाई के बढ़ने की आशंका के मद्देनजर ज्यादातर जानकार सोने को लेकर फिलहाल बेहद बुलिश हैं। उनका मानना है कि ग्लोबल लेवल पर खासकर अमेरिका और चीन के बीच छिड़े ट्रेड वॉर के मद्देनजर जो अनिश्चितता की स्थिति बनी है उसमें बतौर सुरक्षित विकल्प (safe-haven) सोने की मांग बरकरार रह सकती है। साथ ही बढ़ते जियो-पॉलिटिकल टेंशन की वजह से भी बतौर सुरक्षित विकल्प सोने की मांग में और तेजी आने की उम्मीद है। इतना ही नहीं महंगाई के खिलाफ ‘हेज’ के तौर पर सोने की पूछ परख बढ़ सकती है।

जानकार मानते हैं कि इन्वेस्टमेंट डिमांड गोल्ड के लिए इस साल सबसे ज्यादा सपोर्टिव साबित हो सकता है क्योंकि इसका सपोर्ट पिछले मई से ही मिलना शुरू हुआ है। मौजूदा तेजी से पहले जब भी गोल्ड में तेजी का दौर चला है, सबसे बड़ी भूमिका इन्वेस्टमेंट यानी ईटीएफ डिमांड ने ही निभाई है। फिर चाहे वह 2020 या 2012 की तेजी की बात कर लें।

सोने में रिकॉर्डतोड़ तेजी के बीच लोग फिलहाल इसके ईटीएफ में जमकर निवेश कर रहे हैं। आंकड़े बताते हैं कि पिछले 4 महीने से गोल्ड ईटीएफ में इनफ्लो बना हुआ है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (World Gold Council) के मुताबिक मार्च के दौरान ग्लोबल लेवल पर गोल्ड ईटीएफ में निवेश 8.6 बिलियन डॉलर बढ़ा। वॉल्यूम /होल्डिंग के लिहाज से इस दौरान निवेश में 92 टन की वृद्धि हुई। सोने की कीमतों में तेजी और लगातार चौथे महीने आए इनफ्लो के दम पर  मार्च 2025 के अंत तक गोल्ड ईटीएफ का एसेट अंडर मैनेजमेंट यानी AUM बढ़कर रिकॉर्ड 345 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया। टोटल होल्डिंग भी पिछले महीने के अंत तक 3,445 टन पर दर्ज किया गया जो मई 2023 के बाद सबसे ज्यादा है। मई 2023 में टोटल होल्डिंग 3,476 टन पर था।

फरवरी की तुलना में एसेट अंडर मैनेजमेंट और टोटल होल्डिंग दोनों में कमश: 12.74 फीसदी और 2.74 फीसदी की वृद्धि हुई।

इसके अलावा सेंट्रल बैंकों की खरीदारी भी कीमतों के लिए सपोर्टिव हैं। 2022 से इसने सोने को लगातार सबसे ज्यादा सपोर्ट किया है। बदलते जियो पॉलिटिकल परिदृश्य और टैरिफ वॉर के मद्देनजर इसके आगे भी मजबूत रहने की संभावना है। सबसे ज्यादा खरीदारी चीन के केंद्रीय बैंक की तरफ से निकलने की उम्मीद है। पिछले कुछ आंकड़ों से भी इस बात के संकेत मिलने लगे हैं। चीन के केंद्रीय बैंक पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (PBoC) के मुताबिक उसकी तरफ से मार्च में 3 टन (0.09 मिलियन औंस) सोने की खरीद की गई। छह महीने के ब्रेक के बाद पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (PBoC) ने लगातार पांचवें महीने ( नवंबर 2024 से लेकर मार्च 2025 तक) गोल्ड खरीदा है। मौजूदा कैलेंडर ईयर के पहले तीन महीनों के दौरान चीन के गोल्ड रिजर्व में 13 टन की वृद्धि हुई और यह बढ़कर 2,292 टन पर पहुंच गया है।

यूएस डॉलर (US Dollar) में देखें तो चीन के कुल फॉरेक्स रिजर्व में गोल्ड की हिस्सेदारी बढ़कर रिकॉर्ड 6.5 फीसदी पर पहुंच गई है। फरवरी 2025  तक यह हिस्सेदारी 6 फीसदी जबकि ठीक एक साल पहले मार्च 2024 तक 4.6 फीसदी थी। इस तरह से देखें तो एक साल में चीन के फॉरेक्स रिजर्व में गोल्ड की हिस्सेदारी में 2 फीसदी का इजाफा हुआ है।

यदि ट्रंप की नीतियों की वजह से चीन और अमेरिका के बीच व्यापार को लेकर टकराहट और बढ़ती है तो शायद चीन का केंद्रीय बैंक सोने की खरीद में और तेजी लाए। इस बात की गुंजाइश इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि चीन के कुल विदेशी मुद्रा भंडार में गोल्ड की हिस्सेदारी अभी भी 7 फीसदी के नीचे है। जबकि भारत के कुल विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी बढ़कर 11 फीसदी के ऊपर पहुंच गई है। जानकार मानते हैं के बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य (geo-political scenario) के मद्देनजर चीन गोल्ड की हिस्सेदारी को कम से कम 10 फीसदी तक बढ़ाना चाहेगा।

घरेलू फ्यूचर्स मार्केट

घरेलू फ्यूचर्स मार्केट एमसीएक्स (MCX) पर सोने का बेंचमार्क जून कॉन्ट्रैक्ट गुरुवार को 1,946  रुपये यानी 2.17 फीसदी की मजबूती  के साथ 91,750 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर है। इससे पहले यह आज 1,660 रुपये चढ़कर 91,230 रुपये के भाव पर खुला और कारोबार के दौरान 92,024 रुपये के रिकॉर्ड हाई और 90,911 रुपये के लो के बीच कारोबार किया।

गोल्ड फ्यूचर (Rupees/10 gm)  

तारीख कॉन्ट्रैक्ट पिछला क्लोजिंग ओपनिंग इंट्राडे  हाई इंट्राडे  लो लास्ट ट्रेडिंग प्राइस बदलाव
10 अप्रैल 2025 गोल्ड जून  कॉन्ट्रैक्ट 89,804 91,464 92,400 90,911 91,750 +1,946 (+2.17%)

(Source: MCX 6:30 pm IST) 

ग्लोबल मार्केट

ग्लोबल मार्केट में बेंचमार्क स्पॉट गोल्ड (spot gold) कारोबार के दौरान आज 3132.33 डॉलर प्रति औंस तक ऊपर और 3,071.77 डॉलर प्रति औंस तक नीचे गया। फिलहाल यह 1.43 फीसदी की तेजी के साथ 3,126.39  डॉलर प्रति औंस पर है। इसने 3 अप्रैल को 3,167.57  डॉलर प्रति औंस का रिकॉर्ड हाई बनाया था। इसी तरह बेंचमार्क यूएस जून गोल्ड फ्यूचर्स (Gold COMEX JUN′25) भी आज कारोबार के दौरान 3,152 डॉलर और 3,086.10 डॉलर प्रति औंस के रेंज में रहा। फिलहाल यह 1.96  फीसदी की मजबूती के साथ 3,139.70 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है। इसने 2 अप्रैल को 3,201.60  डॉलर प्रति औंस का रिकॉर्ड हाई बनाया था।

इंटरनेशनल गोल्ड (USD/ounce) 

तारीख गोल्ड पिछला क्लोजिंग ओपनिंग इंट्राडे  हाई इंट्राडे  लो लास्ट ट्रेडिंग प्राइस बदलाव
10 अप्रैल 2025 गोल्ड जून कॉन्ट्रैक्ट

(COMEX)

3,079.40 3,099.10 3,152 3,086.10 3,139.70 +60.30(+1.96%)
10 अप्रैल  2025 स्पॉट गोल्ड 3,082.18 3,082.18 3,132.33 3,071.77 3,126.39 +44.2 (+1.43%)

Source: Bloomberg (6:30 PM IST)

 


First Published – April 10, 2025 | 7:05 PM IST



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Trump Tariff से Global Crude कीमतों में भारी उथल-पुथल की आशंका, लेकिन भारत कमाएगा करोड़ों-अरबों – global crude from trump tariff feared heavy turmoil in prices but india will earn crores of billions of rupees – बिज़नेस स्टैंडर्ड

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए हाई टैक्स से भारतीय रिफाइनरों को अप्रत्याशित लाभ मिलने की उम्मीद है। सरकारी और रिफाइनिंग सेक्टर के अधिकारियों ने बताया कि इन शुल्कों ने जनवरी में अमेरिका द्वारा रूसी तेल निर्यात पर लगाए गए कड़े प्रतिबंधों का प्रभाव लगभग समाप्त कर दिया है।

इसके अलावा, भारत के तीसरे सबसे बड़े आपूर्तिकर्ता सऊदी अरब द्वारा मई महीने के लदान के लिए एशियाई खरीदारों को तेल की कीमतों में की गई बड़ी कटौती और ट्रंप के शुल्कों के चलते तेल बाजार में बढ़ी अस्थिरता के कारण ओपेक के उत्पादन में अपेक्षा से अधिक बढ़ोतरी ने भी भारत की सार्वजनिक क्षेत्र की रिफाइनिंग कंपनियों को फायदा पहुंचाया है।

इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी कंपनियों ने इस साल इराक, सऊदी अरब और यूएई से दीर्घकालिक अनुबंधों का विस्तार किया है। ये तीनों देश मिलकर भारत की कुल कच्चे तेल की ज़रूरतों का 40 प्रतिशत तक आपूर्ति करते हैं।

‘भारत को होगा बहुत फायदा’

एक शीर्ष सरकारी अधिकारी ने बिज़नेस स्टैंडर्ड से कहा कि भारत इस समय एक ‘स्वीट स्पॉट’ में है क्योंकि न केवल तेल की कीमतें गिर गई हैं, बल्कि रूसी तेल की कीमतें भी 50 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं, जिससे अमेरिकी प्रतिबंधों का असर खत्म हो गया है। रूसी एक्सपोर्ट ग्रेड ‘यूराल्स’ की कीमत यूरोपीय बेंचमार्क ब्रेंट की तुलना में भारी छूट पर है।

लंदन की ऑयल प्राइसिंग एजेंसी Argus के अनुसार, ब्रेंट के 63 डॉलर प्रति बैरल के मुकाबले यूराल्स 15 डॉलर की छूट पर यानी 48 डॉलर प्रति बैरल पर उपलब्ध है। इससे पश्चिमी शिपिंग कंपनियों और बीमा सेवाओं का उपयोग किया जा सकता है, क्योंकि ये प्रतिबंधों के दायरे में नहीं आते।

2023 की शुरुआत में पश्चिमी देशों ने रूसी कच्चे तेल के निर्यात पर 60 डॉलर प्रति बैरल की प्राइस कैप लागू की थी। इस सीमा से ऊपर मूल्य वाले माल पर पश्चिमी सेवाओं का उपयोग नहीं किया जा सकता। लेकिन अब यूराल्स की कीमत इस कैप से नीचे होने के कारण भारतीय रिफाइनरों के लिए खरीदारी आसान हो गई है।

हालांकि पश्चिमी शिपिंग सेवाओं का उपयोग किए बिना भी रूसी आपूर्तिकर्ताओं के पास 100 से अधिक टैंकर हैं जो भारत तक तेल पहुंचाने में सक्षम हैं और अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे में नहीं आते, शिप ट्रैकिंग डेटा से यह सामने आया है। हालांकि, इन विकल्पों में दस्तावेज़ीकरण अधिक जटिल है।

एक सरकारी रिफाइनरी अधिकारी ने बताया कि जनवरी में लगे अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद बैंक अब तेल खेपों की गहन जांच कर रहे हैं और अधिक दस्तावेज़ों की मांग कर रहे हैं।

सऊदी अरब ने भी क्रूड कीमतों में कटौती

यूके की एनर्जी इंटेलिजेंस की रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरामको ने अप्रैल की तुलना में मई लदानों के लिए एशियाई खरीदारों को आधिकारिक बिक्री मूल्य (OSP) में 2.30 डॉलर प्रति बैरल की कटौती की है। यह कटौती अक्टूबर 2022 के बाद सबसे बड़ी मानी जा रही है और इसके तहत अरब लाइट व अरब मीडियम ग्रेड शामिल हैं। सऊदी दरों का असर इराक और यूएई द्वारा तय की जाने वाली कीमतों पर भी पड़ता है। इसलिए पश्चिम एशिया में किसी भी तरह का मूल्य परिवर्तन भारत की करीब 45 प्रतिशत तेल आपूर्ति को प्रभावित करता है।

मुंबई स्थित एक विश्लेषक के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के चलते पेट्रोल और डीजल पर रिफाइनरों को ₹12 प्रति लीटर से अधिक का लाभ मिल रहा है। यह महामारी से पहले की औसत कमाई से पांच गुना ज्यादा है। इससे सरकार पर वित्तीय बोझ भी कम होगा क्योंकि रिफाइनर एलपीजी पर होने वाले नुकसान की आंशिक भरपाई खुद कर सकते हैं।

रूसी तेल बना भारतीय अर्थव्यवस्था का सहारा

एक वरिष्ठ भारतीय रिफाइनिंग अधिकारी ने बताया कि रूस से आने वाला तेल भारत की कुल 5.3 मिलियन बैरल प्रति दिन (bpd) की कच्चे तेल की जरूरत का 35 प्रतिशत से अधिक हिस्सा पूरा करता है। बीते तीन वर्षों में डिलीवर्ड रूसी क्रूड पर मिल रही छूट ने भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए संजीवनी का काम किया है।

Kpler के शिप ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, अप्रैल के पहले सप्ताह में रूसी तेल की आपूर्ति औसतन 1.6 मिलियन bpd रही, जो मार्च के 1.88 मिलियन bpd से 2.8 लाख bpd कम है। हालांकि महीने की शुरुआत होने के कारण यह आंकड़ा अंतिम नहीं माना जा सकता।

फरवरी में भारत को रूसी तेल आपूर्ति में बड़ी दिक्कतें आई थीं और आपूर्ति घटकर 1.46 मिलियन bpd रह गई थी, जो दिसंबर 2023 के बाद सबसे कम थी। इसकी वजह यह रही कि अमेरिका ने 183 टैंकरों, बीमा कंपनियों, व्यापारियों और रूसी तेल उत्पादकों पर प्रतिबंध लगा दिया था, जिससे कुछ समय के लिए भारत-रूस तेल व्यापार ठप हो गया था।

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First Published – April 9, 2025 | 7:51 PM IST



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सोने की कीमतों में उबाल, अक्टूबर 2023 के बाद सबसे बड़ी छलांग – gold prices on the rise biggest jump since october 2023 – बिज़नेस स्टैंडर्ड

सोने पर लोन के नियम होंगे एक जैसे, RBI लाएगा नया ड्राफ्ट – rules for loan on gold will be same rbi will bring new draft – बिज़नेस स्टैंडर्ड


भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने कहा है कि वह सोने के गहनों के बदले मिलने वाले लोन के नियमों को दोबारा देखेगा और नए नियम बनाएगा। अभी बैंकों और दूसरी कंपनियों के लिए सोने पर लोन देने के अलग-अलग नियम हैं। कोई नियम सख्त है, तो कोई थोड़ा आसान। RBI चाहता है कि अब सभी के लिए एक जैसे नियम बनाए जाएं, जिससे लोगों को समझने में आसानी हो और सभी कंपनियां नियमों का ठीक से पालन करें।

क्यों जरूरी है नए नियम बनाना?

लोग दो तरह से सोने पर लोन लेते हैं – कुछ लोग अपने खर्च पूरे करने के लिए, और कुछ लोग काम-धंधा शुरू करने या बढ़ाने के लिए। RBI ने देखा कि कुछ जगहों पर लोन देने में गड़बड़ हो रही है, या फिर नियम सही से नहीं माने जा रहे हैं। इसलिए RBI अब नए और साफ-साफ नियम बनाना चाहता है, जिससे लोगों को नुकसान न हो और कंपनियां भी ठीक तरीके से लोन दें।

लोगों से मांगे गए सुझाव

RBI एक ड्राफ्ट यानी मसौदा बनाएगा जिसमें बताया जाएगा कि सोने पर लोन देने के क्या-क्या नियम होने चाहिए। ये ड्राफ्ट सबके लिए जारी किया जाएगा और लोग इस पर अपने सुझाव दे सकेंगे। RBI का कहना है कि नए नियम लाकर वह लोन की प्रक्रिया को और सुरक्षित और आसान बनाना चाहता है।


First Published – April 9, 2025 | 6:34 PM IST



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