Central Banks Gold Buying ! चीन के सेंट्रल बैंक ने लगातार 5वें महीने मार्च में खरीदा सोना लेकिन इस देश ने सबको छोड़ा पीछे – central banks gold buying china central bank bought gold for fifth consecutive month in march but this central bank left everyone behind – बिज़नेस स्टैंडर्ड

Central Banks Gold Buying ! चीन के सेंट्रल बैंक ने लगातार 5वें महीने मार्च में खरीदा सोना लेकिन इस देश ने सबको छोड़ा पीछे – central banks gold buying china central bank bought gold for fifth consecutive month in march but this central bank left everyone behind – बिज़नेस स्टैंडर्ड


Central Banks Gold Buying March 2025: सोने की कीमतों (gold prices) को लेकर फिर चीन से खुशखबरी आई है। चीन के सेंट्रल बैंक ने मार्च  में लगातार पांचवें  महीने सोने की खरीदारी की। चीन के केंद्रीय बैंक पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (PBoC) के मुताबिक उसकी तरफ से मार्च में 3 टन (0.09 मिलियन औंस) सोने की खरीद की गई। छह महीने के ब्रेक के बाद पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (PBoC) ने लगातार पांचवें महीने ( नवंबर 2024 से लेकर मार्च 2025 तक) गोल्ड खरीदा है। मौजूदा कैलेंडर ईयर के पहले तीन महीनों के दौरान चीन के गोल्ड रिजर्व में 13 टन की वृद्धि हुई और यह बढ़कर 2,292 टन पर पहुंच गया है।

यूएस डॉलर (US Dollar) में देखें तो चीन के कुल फॉरेक्स रिजर्व में गोल्ड की हिस्सेदारी बढ़कर रिकॉर्ड 6.5 फीसदी पर पहुंच गई है। फरवरी 2025  तक यह हिस्सेदारी 6 फीसदी जबकि ठीक एक साल पहले मार्च 2024 तक 4.6 फीसदी थी। इस तरह से देखें तो एक साल में चीन के फॉरेक्स रिजर्व में गोल्ड की हिस्सेदारी में 2 फीसदी का इजाफा हुआ है। नवंबर 2024 से पहले छह महीने तक लगातार चीन के गोल्ड रिजर्व में कोई बढोतरी नहीं दर्ज की गई थी। जबकि चीन के गोल्ड रिजर्व में पिछले साल अप्रैल में लगातार 18 वें महीने इजाफा देखा गया था। अप्रैल के दौरान चीन का गोल्ड रिजर्व 2 टन बढ़कर 2,264 टन पर पहुंच गया था।

चीन के गोल्ड रिजर्व में 2024 और 2023 के दौरान क्रमश 44 टन और 225 टन की वृद्धि हुई ।

जानकारों के अनुसार यदि ट्रंप की नीतियों की वजह से चीन और अमेरिका के बीच व्यापार को लेकर टकराहट और बढ़ती है तो शायद चीन का केंद्रीय बैंक सोने की खरीद में और तेजी लाए। इस बात की गुंजाइश इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि चीन के कुल विदेशी मुद्रा भंडार में गोल्ड की हिस्सेदारी अभी भी 7 फीसदी के नीचे है। जबकि भारत के कुल विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी बढ़कर 11 फीसदी के ऊपर पहुंच गई है। जानकार मानते हैं के बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य (geo-political scenario) के मद्देनजर चीन गोल्ड की हिस्सेदारी को कम से कम 10 फीसदी तक बढ़ाना चाहेगा।

पोलैंड के केंद्रीय बैंक ने सबको पीछे छोड़ा

लेकिन खरीदारी के मामले में पोलैंड के केंद्रीय बैंक नेशनल बैंक ऑफ पोलैंड (NBP) ने सबको पीछे छोड़ दिया। पोलैंड के सेंट्रल बैंक की तरफ से मार्च में लगातार 12वें महीने सोने की नेट खरीदारी की गई। नेशनल बैंक ऑफ पोलैंड ने इस दौरान 16 टन सोना खरीदा। फरवरी के दौरान भी नेशनल बैंक ऑफ पोलैंड खरीदारी के मामले में सबसे आगे था और उसकी तरफ से 29 टन सोने की खरीद की गई। मौजूदा कैलेंडर ईयर के पहले तीन महीनों के दौरान पोलैंड का गोल्ड रिजर्व 49 टन बढ़कर 496 टन पर पहुंच गया जो उसके कुल फॉरेक्स रिजर्व का 20 फीसदी से ज्यादा है। इस तरह से साल के पहले 3 महीने के दौरान ही पोलैंड के सेंट्रल बैंक ने 2024 की कुल खरीद का 54 फीसदी सोना खरीद लिया है। पिछले कैलेंडर ईयर यानी 2024 के दौरान पोलैंड के केंद्रीय बैंक ने 90 टन सोना खरीदा और इस मामले में अग्रणी रहा था।

उज्बेकिस्तान के सेंट्रल बैंक ने सोना बेचा

हालांकि पिछले महीने कुछ देशों के केंद्रीय बैंकों ने सोने की बढ़ती कीमतों  का फायदा उठाने के लिए गोल्ड की बिक्री से भी परहेज नहीं किया।  उज्बेकिस्तान का केंद्रीय बैंक इस मामले में सबसे अव्वल रहा। उज्बेकिस्तान के सेंट्रल बैंक (Central Bank of Uzbekistan) ने मार्च के दौरान 11 टन सोना बेचा। उसने फरवरी के दौरान भी 12 टन सोना बेचा था। इस साल के पहले तीन महीने के दौरान उज्बेकिस्तान का गोल्ड रिजर्व 15 टन घटकर 368 टन पर आ गया ।

क्या आरबीबाई ने भी मार्च में सोना खरीदा?

भारत को लेकर मार्च के आंकड़े अभी तक नहीं आए हैं।  इससे पहले सोने की कीमतों में रिकॉर्ड तेजी के बीच आरबीआई (RBI) ने फरवरी के दौरान सोने की खरीद से परहेज किया । साल की शुरुआत यानी जनवरी में आरबीआई ने 2.8 टन सोना खरीदा था । जबकि बीते साल दिसंबर में लगातार 11 महीने की खरीद के बाद केंद्रीय बैंक ने खरीदारी से अपने हाथ खींचे थे।

केंद्रीय बैंक के अनुसार देश के गोल्ड रिजर्व में फरवरी के दौरान कोई बदलाव नहीं आया और यह जनवरी के लेवल यानी 879.01 टन पर बना रहा लेकिन कीमतों में शानदार तेजी के दम पर आरबीआई के कुल विदेशी मुद्रा भंडार (फॉरेक्स रिजर्व) में इस बेशकीमती धातु की हिस्सेदारी बढ़कर अब तक के उच्चतम स्तर 11.5 फीसदी पर पहुंच गई। पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले यह तकरीबन 4 फीसदी ज्यादा है। 1 मार्च 2024 को देश का कुल गोल्ड रिजर्व 816.99 टन था और उस समय फॉरेक्स रिजर्व में उसकी हिस्सेदारी महज 7.74 फीसदी थी।

पिछले साल जनवरी से आरबीआई लगातार अपने गोल्ड रिजर्व को बढ़ा रहा है। दिसंबर 2024 और फरवरी 2025 को छोड़ दें तो बाकी 12 महीनों के दौरान आरबीआई ने औसतन 6.3 टन सोना खरीदा।

क्यों सेंट्रल बैंक खरीद रहे सोना ?

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के सर्वे (2024 Central Bank Gold Reserves (CBGR) survey) बताते हैं कि केंद्रीय बैंकों की तरफ से खरीदारी की सबसे बड़ी वजह लॉन्ग टर्म स्टोर ऑफ वैल्यू यानी इन्फ्लेशन के खिलाफ हेज के तौर पर सोने की भूमिका है। खरीदारी की दूसरी बड़ी वजह इस कीमती धातु का संकट के दौर में प्रदर्शन है। तीसरी वजह पोर्टफोलियो को प्रभावी रूप से डायवर्सिफाई करने में सोने की भूमिका जबकि चौथी वजह डिफॉल्ट को लेकर सोने का जोखिम रहित होना है। जबकि पांचवीं वजह सोने का ऐतिहासिक महत्व (Historical Position) है।

 

 


First Published – April 8, 2025 | 3:34 PM IST



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Gold silver price today: सोने और चांदी के भाव में आया उछाल, MCX पर सोना 87,500 रुपये के करीब – gold silver price today gold prices rise nears 87500 rupees on mcx on 8 april – बिज़नेस स्टैंडर्ड

Gold silver price today: सोने और चांदी के भाव में आया उछाल, MCX पर सोना 87,500 रुपये के करीब – gold silver price today gold prices rise nears 87500 rupees on mcx on 8 april – बिज़नेस स्टैंडर्ड


Gold silver price today: सोने चांदी के भाव में आज तेजी देखने को मिल रही है। घरेलू बाजार में आज दोनों के वायदा भाव तेजी के साथ खुले।खबर लिखे जाने के समय सोने के वायदा भाव 87,400 रुपये के करीब कारोबार कर रहे थे, जबकि चांदी के भाव 89,000 रुपये के करीब कारोबार कर रहे थे।अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने चांदी के भाव आज तेजी के साथ कारोबार कर रहे हैं।

सोने के भाव चढ़े

सोने के वायदा भाव की शुरुआत तेजी के साथ हुई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने का बेंचमार्क जून कॉन्ट्रैक्ट आज 631 रुपये की तेजी के साथ 87,559 रुपये के भाव पर खुला। पिछला बंद भाव 86,928 रुपये था। खबर लिखे जाने के समय यह कॉन्ट्रैक्ट 507 रुपये की तेजी के साथ 87,435 रुपये के भाव पर कारोबार कर रहा था। इस समय इसने 87,576 रुपये के भाव पर दिन का उच्च और 87,380 रुपये के भाव पर दिन का निचला स्तर छू लिया। सोने के वायदा भाव ने इस महीने 91,423 रुपये के भाव पर सर्वोच्च स्तर छू लिया था।

चांदी चमकी

चांदी के वायदा भाव की शुरुआत तेज रही। MCX पर चांदी का बेंचमार्क मई कॉन्ट्रैक्ट आज 650 रुपये की तेजी के साथ 88,898 रुपये पर खुला। पिछला बंद भाव 88,248 रुपये था। खबर लिखे जाने के समय यह कॉन्ट्रैक्ट 794 रुपये की तेजी के साथ 89,042 रुपये के भाव पर कारोबार कर रहा था। इस समय इसने 89,088 रुपये के भाव पर दिन का उच्च और 88,799 रुपये के भाव पर दिन का निचला स्तर छू लिया। चांदी के वायदा भाव ने इस साल 1,01,999 रुपये किलो के भाव पर सर्वोच्च स्तर छू लिया था।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने चांदी के भाव चमके

अंतरराष्ट्रीय बाजार में आज सोने चांदी के वायदा भाव की शुरुआत तेजी के साथ हुई। Comex पर सोना 2,997.50 डॉलर प्रति औंस के भाव पर खुला। पिछला क्लोजिंग प्राइस 2,973.60 डॉलर प्रति औंस था। खबर लिखे जाने के समय यह 37.80 डॉलर की तेजी के साथ 3,011.40 डॉलर प्रति औंस के भाव पर कारोबार कर रहा था। पिछले सप्ताह सोने के वायदा भाव ऑल टाइम हाई पर पहुंच गए। Comex पर चांदी के वायदा भाव 30.09 डॉलर के भाव पर खुले, पिछला क्लोजिंग प्राइस 29.60 डॉलर था। खबर लिखे जाने के समय यह 0.42 डॉलर की तेजी के साथ 30.03 डॉलर प्रति औंस के भाव पर कारोबार कर रहा था।





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रुपये की 26 महीने की सबसे बड़ी गिरावट, 2025 की पूरी बढ़त एक दिन में साफ – rupees biggest fall in 26 months entire gains of 2025 wiped out in one day – बिज़नेस स्टैंडर्ड

रुपये की 26 महीने की सबसे बड़ी गिरावट, 2025 की पूरी बढ़त एक दिन में साफ – rupees biggest fall in 26 months entire gains of 2025 wiped out in one day – बिज़नेस स्टैंडर्ड


वैश्विक व्यापार युद्ध की चिंता के बीच करीब 26 महीने बाद रुपये में एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई और उसने 2025 की अपनी पूरी बढ़त गंवा दी। चीन ने अमेरिकी वस्तुओं पर जब जवाबी शुल्क लगाया तो वैश्विक व्यापार जंग को लेकर चिंता गहरा गई।

सोमवार को रुपये में 0.6 फीसदी की गिरावट आई जो 6 फरवरी, 2023 के बाद से सबसे बड़ी गिरावट है। आखिरी कारोबारी सत्र के 85.24 प्रति डॉलर के मुकाबले आज रुपया 85.84 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली एशियाई मुद्राओं में आज रुपया भी रहा। कारोबार के दौरान फिलिपींस के पेसो में सर्वाधिक 1.1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।

एक निजी बैंक के डीलर ने कहा, ‘जब तक शुल्कों पर वार्ता होती है, बाजार में उठापटक बने रहने के आसार हैं। भारतीय रिजर्व बैंक कारोबार के शुरुआती घंटों में मौजूद था। हमने कुछ विदेशी बैंकों की बिकवाली भी देखी। मगर प्रमुख स्तर बरकरार रहा और रिजर्व बैंक ने रुपये को 85 के स्तर के करीब बचाए रखा।’

रुपया ने इस साल की अपनी सारी बढ़त को एक ही दिन में गंवा दिया और चालू कैलेंडर वर्ष में अब तक इसमें 0.2 फीसदी की गिरावट आई है। शुक्रवार को रुपया चढ़कर 85 प्रति डॉलर के स्तर पर पहुंच गया था और इंट्राडे के दौरान यह 84.95 प्रति डॉलर पहुंच गया था। कारोबार के अंत में यह 0.44 फीसदी तक चढ़कर बंद हुआ था।

मार्च में डॉलर के मुकाबले रुपये में मजबूती आई थी जो साल की शुरुआत में निचले स्तर पर पहुंचने के बाद निवेश के कारण थी। यह कैलेंडर वर्ष के सभी नुकसानों से उबर गया था। तब यह 88 प्रति डॉलर के स्तर तक चला गया था।
विदेशी मुद्रा बाजार के प्रतिभागियों ने कहा कि रुपये में कुछ सत्रों तक उतार-चढ़ाव की संभावना है मगर मध्यम अवधि में यह 85.50 प्रति डॉलर के आसपास स्थिर हो सकता है।

 


First Published – April 7, 2025 | 11:01 PM IST



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सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर बढ़ाया टैक्स, घरेलू गैस भी ₹50 हुई महंगी; आम लोगों की जेब पर पड़ेगा सीधा असर – government increased tax on petrol diesel lpg also has a direct impact on the pockets of expensive people – बिज़नेस स्टैंडर्ड

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प्रतीकात्मक तस्वीर | फोटो क्रेडिट: Pexels

Fuel Excise Duty Hike: सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क बढ़ाने की घोषणा की है। इन दोनों पेट्रोलियम उत्पादों पर उत्पाद शुल्क में 2-2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। अतिरिक्त शुल्क का बोझ तेल विपणन कंपनियां उठाएंगी। अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप द्वारा जवाबी शुल्क लागू किए जाने के बाद कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में भारी गिरावट आई है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी बरकरार रही तो ईंधन के खुदरा मूल्य में भी कटौती की जा सकती है।

हालांकि सब्सिडी वाले और सब्सिडी रहित यानी दोनों तरह के उपभोक्ताओं को घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) सिलिंडर के लिए अब अधिक खर्च करना पड़ेगा क्योंकि कीमतों में 50 रुपये प्रति सिलिंडर का इजाफा किया गया है। पेट्रोलियम मंत्री ने आज इसकी घोषणा की। यह बढ़ोतरी प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) के लाभार्थियों पर भी पर लागू होगी।

पेट्रोल और डीजल पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (एसएईडी) में वृद्धि के जरिये इसे लागू किया जाएगा जो 8 अप्रैल से प्रभावी होगा। इस प्रकार पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क प्रभावी तौर पर बढ़कर 13 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 10 रुपये प्रति लीटर हो जाएगा। इसके अलावा राज्य सरकारें भी पेट्रोल एवं डीजल पर अपने कर लगाती हैं।

अधिकारियों ने बताया कि उत्पाद शुल्क में 34 महीनों के बाद यह बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि सरकारी राजस्व को बढ़ाने के लिए ऐसा किया गया है। वित्त वर्ष 2025 की पहली छमाही में पेट्रोलियम क्षेत्र ने उत्पाद शुल्क के जरिये सरकारी खजाने में 1.22 लाख करोड़ रुपये का योगदान किया। यह एक साल पहले के कुल 2.74 लाख करोड़ रुपये के योगदान का 48 फीसदी है।

तेल विपणन कंपनियां ईंधन की खुदरा कीमतों को बढ़ाए बिना अतिरिक्त कर का बोझ आसानी से वहन कर लेंगी क्योंकि फिलहाल वे कम कीमतों पर खरीदे गए कच्चे तेल के भंडार का इस्तेमाल कर रही हैं।

इस साल 2 अप्रैल के बाद वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड के साथ-साथ अमेरिकी बेंचमार्क डब्ल्यूटीआई की कीमतें चार साल के निचले स्तर पर आ गई हैं। औद्योगिक मांग में नरमी और अधिक आपूर्ति की चिंताओं के कारण कीमतों में गिरावट आई है। सोमवार को खबर लिखे जाने तक ब्रेंट क्रूड वायदा भाव 64.53 डॉलर प्रति बैरल था।

पुरी ने कहा, ‘तेल विपणन कंपनियों का स्टॉक 45 दिन पहले का है। जाहिर तौर पर वे काफी अधिक कीमत पर खरीदे गए हैं। मुझे लगता है कि कच्चे तेल की कीमतें भले ही 60 डॉलर प्रति बैरल से बढ़ जाएं लेकिन 75 डॉलर प्रति बैरल के पार जाने के आसार नहीं है। कीमतें 65 डॉलर प्रति बैरल तक बढ़ने पर भी तेल विपणन कंपनियों के पास खुदरा मूल्य में कटौती के लिए गुंजाइश होगी।’

इससे पहले सरकार ने मार्च, 2024 में लोक सभा चुनाव से ठीक पहले ईंधन कीमतों में बदलाव किया था। उस समय तेल विपणन कंपनियों ने रिकॉर्ड 22 महीने के बाद पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में 2-2 रुपये की कमी की थी।


First Published – April 7, 2025 | 10:15 PM IST



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Gold Silver price today: मार्केट में हाहाकार के बीच सोने-चांदी ने दिखाई चमक, MCX पर गोल्ड ₹88,350 – gold silver price today on 7 april gold and silver shine on black monday gold at rs 88350 on mcx – बिज़नेस स्टैंडर्ड

Gold Silver price today: मार्केट में हाहाकार के बीच सोने-चांदी ने दिखाई चमक, MCX पर गोल्ड ₹88,350 – gold silver price today on 7 april gold and silver shine on black monday gold at rs 88350 on mcx – बिज़नेस स्टैंडर्ड


Gold Silver price today: सोने चांदी के भाव में इस सप्ताह के पहले दिन तेजी देखने को मिल रही है। घरेलू बाजार में आज चांदी के वायदा भाव तेजी के साथ खुले, जबकि सोने के भाव हल्की गिरावट के साथ खुलने के बाद चढ़ गए। खबर लिखे जाने के समय सोने के वायदा भाव 88,350 रुपये के करीब कारोबार कर रहे थे, जबकि चांदी के भाव 88,900 रुपये के करीब कारोबार कर रहे थे।अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने चांदी के भाव आज तेजी के साथ कारोबार कर रहे हैं।

सोने के भाव सुस्त शुरुआत के बाद चढ़े

सोने के वायदा भाव की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने का बेंचमार्क जून कॉन्ट्रैक्ट आज 75 रुपये की गिरावट के साथ 88,000 रुपये के भाव पर खुला। पिछला बंद भाव 88,075 रुपये था। खबर लिखे जाने के समय यह कॉन्ट्रैक्ट 305 रुपये की तेजी के साथ 88,380 रुपये के भाव पर कारोबार कर रहा था। इस समय इसने 88,380 रुपये के भाव पर दिन का उच्च और 88,000 रुपये के भाव पर दिन का निचला स्तर छू लिया। सोने के वायदा भाव ने इस महीने 91,423 रुपये के भाव पर सर्वोच्च स्तर छू लिया था।

चांदी चमकी

चांदी के वायदा भाव की शुरुआत तेज रही। MCX पर चांदी का बेंचमार्क मई कॉन्ट्रैक्ट आज 1,627 रुपये की तेजी के साथ 88,884 रुपये पर खुला। पिछला बंद भाव 87,211 रुपये था। खबर लिखे जाने के समय यह कॉन्ट्रैक्ट 1,723 रुपये की तेजी के साथ 88,934 रुपये के भाव पर कारोबार कर रहा था। इस समय इसने 89,345 रुपये के भाव पर दिन का उच्च और 88,550 रुपये के भाव पर दिन का निचला स्तर छू लिया। चांदी के वायदा भाव ने इस साल 1,01,999 रुपये किलो के भाव पर सर्वोच्च स्तर छू लिया था।

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अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने चांदी की तेज शुरुआत

अंतरराष्ट्रीय बाजार में आज सोने चांदी के वायदा भाव की शुरुआत तेजी के साथ हुई। Comex पर सोना 3,055.10 डॉलर प्रति औंस के भाव पर खुला। पिछला क्लोजिंग प्राइस 3,035.40 डॉलर प्रति औंस था। खबर लिखे जाने के समय यह 10.90 डॉलर की तेजी के साथ 3,046.30 डॉलर प्रति औंस के भाव पर कारोबार कर रहा था। पिछले सप्ताह सोने के वायदा भाव ऑल टाइम हाई पर पहुंच गए। Comex पर चांदी के वायदा भाव 29.23 डॉलर के भाव पर खुले, पिछला क्लोजिंग प्राइस 29.23 डॉलर था। खबर लिखे जाने के समय यह 0.98 डॉलर की तेजी के साथ 30.21 डॉलर प्रति औंस के भाव पर कारोबार कर रहा था।

MCX, Comes पर भाव

MCX Open Last Close LTP
सोना 88000 88075 89,342
चांदी 88,884 87,211 88,934
Comex Open Last Close LTP
सोना 3055.10 3035.40 3046.30
चांदी 29.23 29.23 30.21

(नोट: mcx में सोने के वायदा भाव रुपये प्रति 10 ग्राम, चांदी रुपये प्रति किलो में हैं। कॉमेक्स में दोनों के वायदा भाव डॉलर प्रति ओंस में हैं। last trading price (LTP) खबर लिखे जाने के समय के हैं।)


First Published – April 7, 2025 | 9:46 AM IST



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डॉलर के मुकाबले स्थिर रहेगा रुपया – rupee will remain stable against dollar – बिज़नेस स्टैंडर्ड

डॉलर के मुकाबले स्थिर रहेगा रुपया – rupee will remain stable against dollar – बिज़नेस स्टैंडर्ड


डॉनल्ड ट्रंप के जवाबी कर की नीति से अमेरिका में वृद्धि को लेकर बढ़ती चिंता के बीच डॉलर कमजोर हो रहा है। अगले कुछ महीनों के दौरान रुपया स्थिर रहने की संभावना है, जिससे भारत के केंद्रीय बैंक को अपना विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ाने का बेहतर मौका मिलेगा। दिसंबर से फरवरी के दौरान कई बार सर्वाधिक निचले स्तर पर पहुंचने के बाद अब मार्च से रुपये में उल्लेखनीय रिकवरी देखी जा रही है। डॉलर के मुकाबले रुपया 0.44 फीसदी मजबूत हुआ है।

बिज़नेस स्टैंडर्ड के एक पोल के परिणामों का माध्य निकालने से पता चलता है कि जून के अंत तक डॉलर के मुकाबले रुपया 85.50 पर और सितंबर के अंत तक 85.24 प्रति डॉलर पर कारोबार करने का अनुमान लगाया जा रहा है। शुक्रवार को रुपया 85.24 प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जबकि इसके पहले 85.44 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की मुख्य अर्थशास्त्री गौरा सेनगुप्ता ने कहा, ‘रुपये में गिरावट की रफ्तार धीमी रहने की संभावना है, क्योंकि अमेरिका की वृद्धि दर कम होने से डॉलर कमजोर होगा। ट्रंप द्वारा घोषित जवाबी कर अनुमान से बहुत ज्यादा है और साफतौर पर यह शुल्क में अंतर से जुड़ा हुआ नहीं है।’

शुक्रवार को डॉलर सूचकांक में गिरावट के बाद रुपया मजबूत होकर 85प्रति डॉलर के स्तर से नीचे पहुंच गया था। बाजार को उम्मीद थी कि रिजर्व बैंक डॉलर खरीदकर बाजार में हस्तक्षेप करेगा, लेकिन केंद्रीय बैंक की अनुपस्थिति ने बाजार को चकित किया। इस कैलेंडर वर्ष में पहली बार रुपया 85 रुपये प्रति डॉलर से नीचे आया और 18 दिसंबर 2024 के बाद पहली बार ऐसा हुआ। पिछले वित्त वर्ष में डॉलर के मुकाबले रुपये में 2.42 फीसदी की गिरावट आई है।

भारत पर चीन, वियतनाम और थाईलैंड जैसे क्षेत्रीय पड़ोसियों की तुलना में 26 फीसदी का कम जवाबी शुल्क लगाया गया है, इसकी वजह से भी बाजार की धारणा को बल मिला है।

फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स एलएलपी के ट्रेजरी हेड और कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार भंसाली ने कहा, ‘इस समय बहुत अनिश्चितता की स्थिति है। जोखिम से बचने की धारणा बढ़ रही है। ट्रंप के अहंकार और चल रहे व्यापार युद्ध के कारण दर का पूर्वानुमान लगाना बहुत कठिन है। हालांकि मुझे अगले 3 से 6 महीने में शांति की उम्मीद है और मैं अनुमान लगा रहा हूं कि एशिया के अन्य देशों की तुलना में भारत पर सबसे कम शुल्क लगेगा। ’

मार्च में रुपये ने डॉलर के मुकाबले फिर मजबूती हासिल कर ली। साल की शुरुआत में निचले स्तर पर पहुंचने के बाद विदेशी पूंजी प्रवाह के कारण ऐसा हुआ। रुपये में बहुत उतार चढ़ाव को रोकने के लिए रिजर्व बैंक ने विदेशी मुद्रा बाजार में लगातार हस्तक्षेप किया और खरीद-बिक्री स्वैप नीलामियों का आयोजन किया। इन कदमों से बैंकिंग व्यवस्था में रुपये डालने में मदद मिली और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच रुपये को समर्थन मिला। परिणामस्वरूप मार्च में रुपये में उल्लेखनीय रूप से मजबूती आई और यह करीब 88 रुपये प्रति डॉलर के निचले स्तर से ऊपर आया और इस कैलेंडर वर्ष में आई गिरावट की भरपाई हो गई।


First Published – April 6, 2025 | 10:34 PM IST



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