Cabinet Decisions: जाति जनगणना, गन्ने का FRP, North-East में Greenfield High-Speed Corridor; मोदी कैबिनेट ने लिए अहम फैसलें – cabinet decisions caste census sugarcanes frp north east greenfield high speed corridor modi cabinet for important decisions – बिज़नेस स्टैंडर्ड

Cabinet Decisions: जाति जनगणना, गन्ने का FRP, North-East में Greenfield High-Speed Corridor; मोदी कैबिनेट ने लिए अहम फैसलें – cabinet decisions caste census sugarcanes frp north east greenfield high speed corridor modi cabinet for important decisions – बिज़नेस स्टैंडर्ड


देश में अगली जनगणना के साथ जाति की गणना भी की जाएगी। सरकार ने बुधवार को इस संबंध में फैसला किया और कहा कि पूरी प्रक्रिया को ‘पारदर्शी’ तरीके से अंजाम दिया जाएगा। इससे जातिगत आंकड़ों के संग्रह का मार्ग प्रशस्त होगा। जाति संबंधी आंकड़े पिछली बार 2011 के सामाजिक-आर्थिक जाति सर्वेक्षण के हिस्से के रूप में एकत्र किए गए थे, लेकिन उसके विवरण कभी सार्वजनिक नहीं किए गए। जनगणना के हिस्से के रूप में अंतिम व्यापक जातिगत गणना लगभग एक सदी पहले 1931 में की गई थी।

केंद्रीय मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्र सरकार में शामिल घटक दलों तेदेपा और जदयू के साथ-साथ बीजू जनता दल ने फैसले को ऐतिहासिक बताया वहीं कांग्रेस, सपा, राजद जैसे विपक्षी दलों ने भी इसका स्वागत किया और तय समयसीमा में इस प्रक्रिया को पूरी करने की मांग उठाई।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राजनीतिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति द्वारा लिए गए निर्णय की जानकारी देते हुए बताया कि संविधान के अनुच्छेद 246 के तहत, जनगणना एक केंद्रीय विषय है जो 7वीं अनुसूची में संघ सूची में 69 पर सूचीबद्ध है। यानी जनगणना केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आती है, लेकिन कुछ राज्यों ने सर्वेक्षण के नाम पर जातिगत गणना गैर-पारदर्शी तरीके से इसे कराया है, जिससे समाज में संदेह पैदा हुआ है।

वैष्णव ने कहा, ‘इन सभी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए और यह सुनिश्चित करने के लिए कि हमारा सामाजिक ताना-बाना राजनीतिक दबाव में न आए, यह निर्णय लिया गया है कि जाति गणना को अलग सर्वेक्षण के रूप में आयोजित करने के बजाय मुख्य जनगणना में शामिल किया जाना चाहिए।’ उन्होंने कहा कि इससे यह सुनिश्चित होगा कि समाज आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत होगा और देश की प्रगति बिना किसी बाधा के जारी रहेगी।

वैष्णव और बाद में सरकार ने अपने बयान में कहा कि स्वतंत्रता के बाद से आयोजित सभी जनगणना कार्यों से जाति को बाहर रखा गया था। उन्होंने 2011 में जाति जनगणना कराने में विफल रहने के लिए कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार पर उंगली उठाई। इसमें कहा गया है कि जाति जनगणना के विषय पर विचार-विमर्श करने के लिए 2010 में मंत्रियों का एक समूह बनाया गया था और अधिकांश राजनीतिक दलों ने जातिगत गणना कराने की सिफारिश की थी। वैष्णव ने कहा, ‘इसके बावजूद पिछली सरकार ने जाति जनगणना के बजाय सर्वेक्षण का विकल्प चुना, जिसे सामाजिक-आर्थिक और जाति जनगणना के रूप में जाना जाता है।’

दूसरी ओर, भारत जोड़ो अभियान से जुड़े राजनीतिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव ने कहा कि यह अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार थी, जो 2001 की जनगणना के हिस्से के रूप में जातिगत गणना कराने में विफल रही थी।  हालांकि, अगली जनगणना कब होगी, इस पर अभी भी कोई स्पष्टता नहीं है। महामारी के कारण 2021 की जनगणना में देरी हुई। पिछले साल, केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने कहा था कि जनगणना बहुत जल्द कराई जाएगी। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि हम इसका पूरी तरह समर्थन करते हैं, लेकिन यह काम एक निश्चित समयसीमा में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार अब तक जातिगत गणना का विरोध कर रही थी, लेकिन अचानक इसे करने का फैसला किया गया, हम इस कदम का स्वागत करते हैं।  

केंद्र ने गन्ने का एफआरपी बढ़ाया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने बुधवार को अक्टूबर से शुरू होने वाले आगामी 2025-26 सत्र के लिए गन्ने का उचित और लाभकारी मूल्य (एफआरपी) 4.41 प्रतिशत बढ़ाकर 355 रुपये प्रति क्विंटल करने का फैसला किया है। चालू 2024-25 सत्र के लिए गन्ने का एफआरपी 340 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। केंद्र सरकार एफआरपी तय करती है, जो अनिवार्य न्यूनतम मूल्य है। चीनी मिलें गन्ना किसानों को उनकी उपज के लिए यह मूल्य देने को कानूनी रूप से बाध्य हैं।

शिलॉन्ग-सिलचर राजमार्ग मंजूर

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मेघालय के मावलिंगखुंग से असम के पंचग्राम तक 22,864 करोड़ रुपये की कुल लागत से 166.80 किलोमीटर लंबे राजमार्ग के निर्माण की बुधवार को मंजूरी दे दी। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इस राजमार्ग परियोजना का 144.80 किलोमीटर लंबा हिस्सा मेघालय और 22 किलोमीटर लंबा हिस्सा असम में स्थित है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक में यह फैसला किया गया।


First Published – April 30, 2025 | 10:26 PM IST



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Cabinet Decision: गन्ना किसानों के लिए खुशखबरी, सरकार ने 2025-26 के लिए ₹355 प्रति क्विंटल FRP को दी मंजूरी – cabinet decision government approves rs355 per quintal frp for 2025 26 – बिज़नेस स्टैंडर्ड

Cabinet Decision: गन्ना किसानों के लिए खुशखबरी, सरकार ने 2025-26 के लिए ₹355 प्रति क्विंटल FRP को दी मंजूरी – cabinet decision government approves rs355 per quintal frp for 2025 26 – बिज़नेस स्टैंडर्ड


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने मंगलवार को गन्ना किसानों के हित में एक अहम फैसला लिया है। चीनी सत्र 2025-26 (अक्टूबर 2025 से सितंबर 2026) के लिए गन्ने का उचित एवं लाभकारी मूल्य (Fair and Remunerative Price – FRP) ₹355 प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। यह निर्णय कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (CACP) की सिफारिशों और राज्यों व संबंधित पक्षों से परामर्श के बाद लिया गया है।

यह कीमत 10.25% की मूल रिकवरी दर पर आधारित है। यदि रिकवरी इस दर से अधिक होती है, तो हर 0.1% अतिरिक्त रिकवरी पर ₹3.46 का प्रीमियम मिलेगा। वहीं, रिकवरी कम होने पर समान अनुपात से मूल्य में कटौती होगी।

हालाँकि, सरकार ने 9.5% से कम रिकवरी वाले चीनी मिलों से गन्ना बेचने वाले किसानों को राहत देते हुए स्पष्ट किया है कि ऐसी स्थिति में कोई कटौती नहीं की जाएगी। इन किसानों को ₹329.05 प्रति क्विंटल का भुगतान सुनिश्चित किया गया है।

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किसानों को मिलेगा उत्पादन लागत से 105.2% अधिक मूल्य

सरकार ने बताया कि 2025-26 के लिए गन्ने की अनुमानित उत्पादन लागत (A2+FL) ₹173 प्रति क्विंटल है। इसके मुकाबले ₹355 प्रति क्विंटल की एफआरपी 105.2% अधिक है। यह दर वर्तमान सत्र 2024-25 की तुलना में 4.41% अधिक है।

5 करोड़ किसानों और 5 लाख श्रमिकों को होगा लाभ

इस फैसले से देशभर के लगभग 5 करोड़ गन्ना किसानों एवं उनके आश्रितों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके अलावा 5 लाख श्रमिक जो चीनी मिलों एवं सहायक गतिविधियों में लगे हैं, उन्हें भी लाभ होगा।

गन्ना बकाया भुगतान में हुई उल्लेखनीय प्रगति

सरकार ने गन्ना भुगतान की अद्यतन स्थिति भी साझा की।

  • 2023-24 सत्र में ₹1,11,782 करोड़ में से ₹1,11,703 करोड़ (99.92%) किसानों को चुकाए जा चुके हैं। 
  • 2024-25 सत्र में ₹97,270 करोड़ में से अब तक ₹85,094 करोड़ (87%) का भुगतान हो चुका है (28 अप्रैल 2025 तक)। 

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First Published – April 30, 2025 | 9:03 PM IST



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Akshaya Tritiya 2025: सोने-चांदी की बंपर खरीदारी! ₹12 हजार करोड़ का कारोबार, महंगे दाम पर भी ग्राहकों की भीड़ – akshaya tritiya 2025 bumper purchase of gold and silver business of rs 12000 crores – बिज़नेस स्टैंडर्ड

Akshaya Tritiya 2025: सोने-चांदी की बंपर खरीदारी! ₹12 हजार करोड़ का कारोबार, महंगे दाम पर भी ग्राहकों की भीड़ – akshaya tritiya 2025 bumper purchase of gold and silver business of rs 12000 crores – बिज़नेस स्टैंडर्ड


Akshaya Tritiya 2025: आज अक्षय तृतीया है जिसको भारतीय संस्कृति में बेहद ही शुभ माना गया है और आज पूरे भारत में सोने चांदी की बड़ी खरीद होने की उम्मीद है जिसके लिए देश भर में ज्वैलर्स ने बड़ी तैयारियां की और बाजारों में भी ग्राहकों का आना जाना लगातार बना रहा। भारी सोने के मुकाबले हल्के वजन के आभूषणों की मांग ज्यादा दिखाई दी। कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय महामंत्री तथा दिल्ली चांदनी चौक से सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने बताया कि आज अक्षय तृतीया के दिन देश भर के ज्वेलरी व्यापारियों को उम्मीद है कि दिन भर के व्यापार के बाद एक मोटे अनुमान के अनुसार देश भर में लगभग 12 हजार करोड़ के सोने के आभूषण आदि की बिक्री हुई। इसी तरह से चांदी की लगभग 4 हजार करोड़ का व्यापार हुआ है।

हालांकि सोने चांदी की कीमतों में काफी तेजी है किंतु शादियों का सीजन होने तथा अक्षय तृतीया के शुभ दिन पर सोना चांदी खरीदने की पुरातन परंपरा से आज अच्छा व्यापार हुआ। उन्होंने बताया कि सोने को धन निवेश का सबसे अच्छा विकल्प माना जाता है इसलिए सोने चांदी के भावों में तेजी होने के बावजूद आज सोना चांदी खरीदा गया।

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अक्षय तृतीया पर सोने चांदी के भाव लुढ़के

ऑल इंडिया ज्वैलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन के अध्यक्ष पंकज अरोड़ा ने बताया कि आज अक्षय तृतीया पर सोने का भाव ₹97,500 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹98,000 प्रति किलोग्राम रहा, जो कि ऐतिहासिक रूप से उच्चतम स्तर पर है। आज सोने के भाव में एक हजार तथा चांदी के भाव में 2 हजार रुपए की गिरावट हुई। ऊंचे भाव होने के बावजूद बाजार में ग्राहकों की रुचि बनी हुई थी, जो इस शुभ पर्व की धार्मिक और सांस्कृतिक महत्वता को दर्शाती है।

अरोड़ा ने बताया की वर्ष 2022 में सोने का भाव ₹52,700 प्रति 10 ग्राम तथा चांदी का भाव ₹65 हजार प्रति किलो था जबकि वर्ष 2023 में सोने का रेट ₹61,800 तथा चांदी का भाव ₹76,500। कम भाव होने से मांग अधिक रहती है।

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अक्षय तृतीया पर सोना खरीदना शुभ

कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी सी भरतिया ने कहा की अक्षय का अर्थ है शाश्वत समृद्धि अर्थात कभी कम नहीं होने वाला। ऐसा माना जाता है कि इस दिन जो कुछ भी खरीदा या शुरू किया जाता है, वह निरंतर बढ़ता है और स्थायी समृद्धि लाता है। धन, शुद्धता और समृद्धि का प्रतीक होने के कारण सोना इस दिन खरीदने के लिए सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली संपत्ति है और इसीलिए आज के दिन देश भर में सोने चांदी का बड़ा व्यापार होता है और देश भर के ज्वैलर्स, सुनार तथा सोने-चांदी के कारीगर आज के दिन का बेसब्री से इंतजार करते हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन भगवान शिव ने कुबेर को खजाना व माता लक्ष्मी को धन की देवी होने का आशीर्वाद दिया था। इसीलिए आज के दिन खरीदारी को बेहद शुभ माना गया है


First Published – April 30, 2025 | 3:44 PM IST



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गोल्ड के चढ़ते भाव से निवेश का बढ़ रहा क्रेज, 2025 तक 700-800 टन के बीच रह सकती है कुल डिमांड: WGC – gold investment demand to boost in 2025 while jewellery purchases may dent says wgc in latest repo – बिज़नेस स्टैंडर्ड

गोल्ड के चढ़ते भाव से निवेश का बढ़ रहा क्रेज, 2025 तक 700-800 टन के बीच रह सकती है कुल डिमांड: WGC – gold investment demand to boost in 2025 while jewellery purchases may dent says wgc in latest repo – बिज़नेस स्टैंडर्ड


WGC रिपोर्ट के मुताबिक, गोल्ड की निवेश मांग मजबूत बनी हुई है और यह जनवरी-मार्च में 43.6 टन से 7 फीसदी बढ़कर 46.7 टन हो गई। (File Image)

WGC Report on Gold investment trends: वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) ने कहा कि भारत की कुल सोने की खपत में निवेश डिमांड की भागीदारी 2025 में बढ़ने की संभावना है। ऐसा इसलिए क्योंकि सोने की बेतहासा बढ़ती कीमतों के चलते ज्वेलरी डिमांड में कमी आई है। जबकि जियो-पॉलिटिकल टेंशन के चलते सेफ इनवेस्टमेंट के लिए सोने की डिमांड बढ़ी है। WGC की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2025 की पहली (जनवरी-मार्च) तिमाही के दौरान ज्वेलरी डिमांड 25 फीसदी घटकर 71.4 टन रह गई, जो एक साल की इसी अवधि में अवधि में 95.5 टन थी। एक्सपर्ट मान रहे हैं कि निवेशक पोर्टफोलियो में विविधता लाने के लिए सोने में निवेश को तरजीह दे रहे हैं।

WGC की ओर से बुधवार को जारी पूर्वानुमान के मुताबिक, 2025 तक भारत की सोने की डिमांड 700-800 टन के बीच रह सकती है। वर्ष 2025 के आरंभ से सोने की कीमतें 25 प्रतिशत तक बढ़ चुकी हैं, जो 1,00,000 रुपये प्रति 10 ग्राम की सीमा पर पहुंच गई जिससे उपभोक्ता के खरीद के तरीके में बदलाव आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की सोने की मांग इस साल जनवरी-मार्च तिमाही में 15 फीसदी घटकर 118.1 टन रह गई, जबकि बढ़ती कीमतों के कारण इसकी वैल्यू 22 फीसदी बढ़कर 94,030 करोड़ रुपये हो गई।

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गोल्ड निवेश पर क्या है WGC की राय

WGC इंडिया के सीईओ सचिन जैन ने रॉयटर्स को बताया कि ग्लोबल ट्रेड वार की चिंताओं के बीच शेयर बाजार में गिरावट से निवेश डिमांड बढ़ रही है। खासकर सोने के एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) के जरिए, जबकि ज्वेलरी डिमांड  में कमी आ रही है।

जैन ने अपनी तिमाही रिपोर्ट में कहा, ऊंची कीमतों ने खरीद क्षमता को प्रभावित किया है। फिर भी सोने की कल्चरल डिमांड खासकर अक्षय तृतीया और आगामी वेडिंग सीजन में खरीदारी का सेंटीमेंट देखने को मिल सकता है। अक्षय तृतीया पर गोल्ड मार्केट में हलचल रहने देखी जा रही है। इस दिन का भारत में पारंपरिक और सांस्कृतिक महत्व के चलते सोने की खरीदारी की जाती है।

रिपोर्ट के मुताबिक, गोल्ड की निवेश मांग मजबूत बनी हुई है और यह जनवरी-मार्च में 43.6 टन से 7 फीसदी बढ़कर 46.7 टन हो गई। हालांकि, 2025 की पहली (जनवरी-मार्च) तिमाही के दौरान ज्वेलरी डिमांड  25 फीसदी घटकर 71.4 टन रह गई, जो एक साल पहले समान अवधि में 95.5 टन थी।

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2020 के बाद से सबसे कम वॉल्यूम

WGC की रिपोर्ट बताती है कि 2020 के बाद से गोल्ड का सबसे कम वॉल्यूम था। हालांकि, वैल्यू सालाना आधार पर तीन फीसदी ज्यादा रही। सोने का आयात जनवरी-मार्च तिमाही में आठ फीसदी बढ़कर 167.4 टन हो गया, जबकि उपभोक्ताओं द्वारा रिकॉर्ड कीमतों के बावजूद अपने सोने को बचाए रखने के कारण रिसाइकिल 32 फीसदी घटकर 26 टन रह गया।

इस वर्ष की पहली (जनवरी-मार्च) तिमाही में सोने की औसत तिमाही कीमत 79,633.4 रुपये प्रति 10 ग्राम रही जबकि 2024 की पहली तिमाही में यह 55,247.2 रुपये थी। इस बीच, 2025 की जनवरी-मार्च तिमाही में ग्लोबल मार्केट में सोने की डिमांड  एक फीसदी बढ़कर 1,206 टन हो गई है, जो 2019 के बाद पहली तिमाही में दर्ज सबसे ज्यादा डिमांड है।

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Gold Demand: क्या कहती है जीरोधा की एक रिपोर्ट

  • फंड हाउस जीरोधा की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में भारत में सोने की डिमांड  800 टन से ज्यादा रही। वहीं, 1992 में यह 340 टन थी।
  • रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में भारत दुनियाभर में सोने के ज्वेलरी का सबसे बड़ा उपभोक्ता बनकर उभरा है, जहां सालाना खपत 563 टन से भी ज्यादा रही और इसकी कुल डिमांड  की कीमत ₹3.6 लाख करोड़ रुपये के पार निकल गई।
  • भारत में सोने के सिक्कों और बिस्किट्स की डिमांड  तेजी से बढ़ी है। 2024 में इस तरह के निवेश में भारत ने लगभग 239 टन सोना खरीदा, जो दुनिया में चीन के बाद दूसरा सबसे बड़ा आंकड़ा है। भारतीय रुपये में बात करें, तो 2024 में सोने के सिक्कों और बिस्किट्स की डिमांड  ₹1.5 लाख करोड़ के आसपास रही। यह 2023 के मुकाबले 60% ज्यादा है।
  • 5 साल में Gold ETF की होल्डिंग्स 200% से ज्यादा बढ़ी है। पिछले पांच वर्षों में गोल्ड ईटीएफ होल्डिंग्स 21 टन से बढ़कर 63 टन से ज्यादा हो गई है। गोल्ड ईटीएफ होल्डिंग्स का मतलब- भारतीय स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्टेड और ट्रेड होने वाले विभिन्न गोल्ड ईटीएफ द्वारा रखे गए कुल सोने का भंडार से है।

(Input: Reuters, PTI)


First Published – April 30, 2025 | 2:03 PM IST



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Gold silver price today: अक्षय तृतीया पर सोने चांदी के भाव लुढ़के, खरीदारों में खुशी की लहर – gold silver price falls on akshaya tritiya early trade on 30 april 2025 check rates on mcx comex today – बिज़नेस स्टैंडर्ड

Gold silver price today: अक्षय तृतीया पर सोने चांदी के भाव लुढ़के, खरीदारों में खुशी की लहर – gold silver price falls on akshaya tritiya early trade on 30 april 2025 check rates on mcx comex today – बिज़नेस स्टैंडर्ड


Gold silver price today: अक्षय तृतीया के अवसर पर आज सोने चांदी की कीमतों में गिरावट देखी जा रही है। दोनों के वायदा भाव आज गिरावट के साथ खुले। खबर लिखे जाने के समय घरेलू बाजार में आज सोने के भाव 95,150 रुपये, जबकि चांदी के भाव 96,000 रुपये के करीब कारोबार कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने चांदी के वायदा भाव में गिरावट देखी जा रही है।

सोने के भाव गिरे

सोने के वायदा भाव की शुरुआत सुस्ती के साथ हुई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने का बेंचमार्क जून कॉन्ट्रैक्ट आज 239 रुपये की गिरावट के साथ 95,353 रुपये के भाव पर खुला। पिछला बंद भाव 95,592 रुपये था। खबर लिखे जाने के समय यह कॉन्ट्रैक्ट 428 रुपये की गिरावट के साथ 95,164 रुपये के भाव पर कारोबार कर रहा था। इस समय इसने 95,353 रुपये के भाव पर दिन का उच्च और 95,090 रुपये के भाव पर दिन का निचला स्तर छू लिया। सोने के वायदा भाव ने पिछले सप्ताह 99,358 रुपये के भाव पर सर्वोच्च स्तर छू लिया था।

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चांदी फिसली

चांदी के वायदा भाव की शुरुआत सुस्त रही। MCX पर चांदी का बेंचमार्क मई कॉन्ट्रैक्ट आज 749 रुपये की नरमी के साथ 96,113 रुपये पर खुला। पिछला बंद भाव 96,862 रुपये था। खबर लिखे जाने के समय यह कॉन्ट्रैक्ट 832 रुपये की गिरावट के साथ 96,030 रुपये के भाव पर कारोबार कर रहा था। इस समय इसने 96,134 रुपये के भाव पर दिन का उच्च और 96,030 रुपये के भाव पर दिन का निचला स्तर छू लिया। चांदी के वायदा भाव ने इस साल 1,01,999 रुपये किलो के भाव पर सर्वोच्च स्तर छू लिया था।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना चांदी नरम पड़े

अंतरराष्ट्रीय बाजार में आज सोने चांदी के वायदा भाव के भाव में नरमी देखने को मिल रही है। Comex पर सोना 3,324.50 डॉलर प्रति औंस के भाव पर खुला। पिछला क्लोजिंग प्राइस 3,333.60 डॉलर प्रति औंस था। खबर लिखे जाने के समय यह 15.30 डॉलर की गिरावट के साथ 3,318.30 डॉलर प्रति औंस के भाव पर कारोबार कर रहा था। सोने के वायदा भाव पिछले सप्ताह 3,509.90 डॉलर के भाव पर ऑल टाइम हाई पर पहुंच गए थे। Comex पर चांदी के वायदा भाव 32.89 डॉलर के भाव पर खुले, पिछला क्लोजिंग प्राइस 33.27 डॉलर था। खबर लिखे जाने के समय यह 0.39 डॉलर की गिरावट के साथ 32.88 डॉलर प्रति औंस के भाव पर कारोबार कर रहा था।

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MCX, Comes पर भाव

MCX Open Last Close LTP
सोना 95,353 95,592 95,164
चांदी 96,113 96,862 96,030
Comex Open Last Close LTP
सोना 3,324.50 3,333.60 3,318.30
चांदी 32.89 33.27 32.88

(नोट: mcx में सोने के वायदा भाव रुपये प्रति 10 ग्राम, चांदी रुपये प्रति किलो में हैं। कॉमेक्स में दोनों के वायदा भाव डॉलर प्रति ओंस में हैं। last trading price (LTP) खबर लिखे जाने के समय के हैं।)


First Published – April 30, 2025 | 9:44 AM IST



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Gold: जब भी भाव घटे खरीदें, बुल केस में ₹1.10 लाख जा सकता है भाव, एनॉलिस्ट ने बताया- क्यों आएगी तेजी – akshaya tritiya gold outlook analysts says prices may touch rs 110000 in bull case here key reasons – बिज़नेस स्टैंडर्ड

Gold: जब भी भाव घटे खरीदें, बुल केस में ₹1.10 लाख जा सकता है भाव, एनॉलिस्ट ने बताया- क्यों आएगी तेजी – akshaya tritiya gold outlook analysts says prices may touch rs 110000 in bull case here key reasons – बिज़नेस स्टैंडर्ड


एनॉलिस्ट मान रहे हैं कि नियर टर्म में सोने में भले उतार-चढ़ाव रहे लेकिन लॉन्ग टर्म के फंडामेंटल मजबूत नजर आ रहे हैं।

Akshaya Tritiya, Gold Prices: सोने की कीमतों ने पिछले दिनों 1 लाख रुपये प्रति दस ग्राम का लेवल टच कर लिया। इसके बाद फिर नरमी आई और फिलहाल 95-96 हजार के रेंज में कारोबार कर रहा है। पिछले एक साल में सोना करीब 30 फीसदी चढ़ चुका है और काफी हद तक यह आम उपभोक्ता की खरीद क्षमता से बाहर हो गया है। इसके बावजूद अक्षय तृतीया (30 अप्रैल) से पहले एक बार फिर यह चर्चा है कि सोने में निवेश करना चाहिए या नहीं? बुलियन मार्केट एक्सपर्ट और एनॉलिस्ट मान रहे हैं कि नियर टर्म में सोने में भले उतार-चढ़ाव रहे लेकिन लॉन्ग टर्म के फंडामेंटल मजबूत नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि बुल केस में सोना अगले साल अक्षय तृतीया तक 1,10,000 रुपये प्रति दस ग्राम का लेवल टच कर सकता है। जियो-पॉलिटिकल टेंशन, केंद्रीय बैंकों की अग्रेसिव खरीदारी सोने में तेजी की कुछ अहम वजहें होंगी।

Gold: गिरावट में खरीदें, ₹1.10 लाख तक टारगेट

ए​क्सिस सिक्युरिटीज (Axis Securities) के सीनियर रिसर्च एनॉलिस्ट (कमोडिटीज) देवेया गगलानी कहते हैं, पिछले तीन वर्षों में एमसीएक्स (MCX) पर सोने के भाव में जोरदार उछाल देखने को मिला है। इससे निवेशकों को डबल-डिजिट रिटर्न मिला। साल 2025 के पहले चार महीने सोने के निवेशकों के लिए बीते एक दशक में सबसे बेहतरीन शुरुआत में से एक रहे हैं। सोने की कीमतों में इस साल अब तक करीब 25 फीसदी की जोरदार तेजी आई है।

गगलानी का कहना है, मौजूदा समय में हाई लेवल पर रिस्क-रिटर्न अनुपात (risk-reward ratio) अनुकूल नहीं है। बुल केस ​स्थिति में, अगर सोने की कीमतें 1,00,000 रुपये के ऊपर टिकती हैं, तो अगले अक्षय तृतीया तक यह 1,10,000 रुपये तक पहुंच सकती हैं। वहीं, निचले स्तर पर, कीमतों में 87,000 रुपये के आसपास कंसॉलिडेशन देखने को मिल सकता है।

मोतीलाल ओसवाल फाइनें​शियल सर्विसेज (MOFSL) की रिपोर्ट का कहना है कि गोल्ड में गिरावट में खरीदारी की स्ट्रैटजी बनाए रखें। यानी, सोना जब भी सस्ता हो, उसे खरीदें। वहीं, निवेशक 1.06 लाख रुपये के लॉन्ग टर्म टारगेट लेकर खरीदें। हालांकि, MOFSL का कहना है कि निवेशकों को सपोर्ट जोन का ध्यान रखना चाहिए। टे​क्निकली मीडियम से लॉन्ग टर्म का सपोर्ट 90,000-91,000 रुपये है जबकि रेसिस्टेंस 99,000 रुपये है।

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MOFSL की रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 की पहली तिमाही में सोना में करीब 18 फीसदी का उछला गया। नए फाइनेंशयिल ईयर में सोने ने $3500 का आल टाइम हाई बनाया और घरेलू बाजार में 1 लाख के करीब पहुंच गया। हालांकि, सोने की तेजी में तुरंत बदला आया। ऐसा इसलिए क्योंकि रिकॉर्ड ऊंचाई से आगे बढ़ते हुए तेज बिकवाली देखने को मिली।

Source: Reuters, MOFSL report

Gold: किन वजहों से तेजी

MOFSL के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट (कमोडिटी) मानव मोदी का कहना है, बीते सालों में यह ट्रेंड देखा गया है कि डिमांड और सप्लाई जैसे फैक्टर्स का सोने की कीमतों पर सीधे तौर पर बड़ा असर नहीं पड़ा है, खासकर तब जब बाजार में ज्यादा बड़ी अनिश्चितताएं मौजूद हों। पिछले कुछ महीनों में सोने की कीमतों में तेज देखने को मिली है। इसलिए कीमतों में थोड़ी नरमी आने की संभावना भी है।

उनका कहना है, मौजूदा समय में सोने के लिए पॉजिटिव और निगेटिव दोनों तरह के फैक्टर्स हैं। मिक्स्ड इकोनॉमिक आंकड़े, टैरिफ वार, महंगाई बढ़ने की आशंका, धीमी इकोनॉमिक ग्रोथ, ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें, जियो-पॉलिटिकल टेंशन, बढ़ते कर्ज को लेकर चिंताएं, डिमांड में इजाफा और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट, ये ऐसे फैक्टर हैं, जो सोने की कीमतों को बूस्ट दे सकते हैं। अगर इन अनिश्चितताओं में कोई नरमी आती है तो बुलियन (सोना-चांदी) पर दबाव बन सकता है।”

टाटा एसेट मैनेजमेंट की हेड (प्रोडक्ट्स) शैली गांग कहती हैं, सोना एक बार फिर सेफ और स्ट्रैटजिक निवेश के रूप में सोने की डिमांड बढ़ रही है। एशिया के कई देशों के केंद्रीय बैंक अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता घटाने के लिए तेजी से अपने सोने के भंडार बढ़ा रहे हैं। मौजूदा जियो-पॉलिटिकल तनाव और महंगाई के दबावों ने भी सोने की मांग को मजबूती दी है। हाल ही में सोने की कीमतों में आई तेज बढ़त इसी मजबूत मांग और स्ट्रक्चरल बदलाव का नतीजा है।

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लदेवेया गगलानी कहते हैं, इस साल अमेरिका और चीन के बीच टैरिफ वार के चलते ग्लोबल फाइनेंशयिल मार्केट्स में आई उथल-पुथल के बीच सोना सुरक्षित निवेश विकल्प बनकर उभरा है। आर्थिक अनिश्चितता के चलते निवेशकों ने सोने की ओर रुख किया। इसके अलावा, केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की खरीदारी, डॉलर इंडेक्स में गिरावट और भू-राजनीतिक तनाव जैसे कारकों ने भी सोने की तेजी को मजबूत समर्थन दिया।

Akshaya Tritiya: निवेश का अच्छा मौका!

शैली गांग कहती हैं, भले ही निकट भविष्य में कीमतों में कुछ उतार-चढ़ाव देखने को मिले, लेकिन लंबी अवधि के लिए सोने के मजबूत फंडामेंटल बरकरार हैं। निवेशक इस समय को देखते हुए किस्तों में सोने में निवेश करने की स्ट्रैटजी अपना सकते हैं। अक्षय तृतीया जैसे शुभ मौके पर सोने में निवेश की शुरुआत करना या अपने पोर्टफोलियो में इसकी हिस्सेदारी बढ़ाना एक समझदारी भरा कदम हो सकता है।

देवेया गगलानी का कहना है, अक्षय तृतीया को सोना खरीदना शुभ माना जाता है और इसे एसेट और सेफ इन्वेस्टमेंट का प्रतीक माना जाता है। जो निवेशक पिछले साल अक्षय तृतीया पर सोने में निवेश किए थे, उन्हें अब तक 31 फीसदी से ज्यादा का मजबूत रिटर्न मिला है। मौजूदा समय में सोने की कीमतें तेज उछाल के बाद ओवरबॉट (overbought) लेवल के करीब हैं। ऐसे में सलाह दी जाती है कि निवेशक अगर कीमतों में 5-10% की गिरावट आए तो चरणबद्ध तरीके से सोने में निवेश करें।

MOFSL की रिपोर्ट के मुताबिक, बीते 15 सालों के अक्षय तृतीया पर सोने के रिटर्न की तुलना करें, तो औसतन 10 फीसदी सालाना औसत चक्रवृद्धि दर (CAGR) रहा है। भले ही बीच-बीच में कीमतों में कुछ गिरावट देखने को मिली हो, लेकिन कुल मिलाकर सोने की कीमतों में स्थिर और लगातार बढ़ोतरी रही है।

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रिपेार्ट के मुताबिक, मौजूदा समय में निवेशकों के पास अपने जोखिम प्रोफाइल के आधार पर सोने में निवेश करने के कई ऑप्शन मौजूद हैं। इसमें गोल्ड ईटीएफ (Exchange Traded Fund) अब काफी लोकप्रिय है। साथ ही एक्सचेंज ट्रेडेड डेरिवेटिव्स, डिजिटल गोल्ड, और फिजिकल सोने के बार व सिक्के भी निवेश के प्रमुख इंस्ट्रूमेंट्स हैं।

MOFSL की रिपोर्ट के मुताबिक, बीते 15 सालों के अक्षय तृतीया पर सोने के रिटर्न की तुलना करें, तो औसतन 10 फीसदी सालाना औसत चक्रवृद्धि दर (CAGR) रहा है। MOFSL की रिपोर्ट के मुताबिक, बीते 15 सालों के अक्षय तृतीया पर सोने के रिटर्न की तुलना करें, तो औसतन 10 फीसदी सालाना औसत चक्रवृद्धि दर (CAGR) रहा है।

Source: Reuters, MOFSL Report

Gold Demand: कहां-कितनी डिमांड

  • फंड हाउस जीरोधा की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में भारत में सोने की मांग 800 टन से ज्यादा रही। वहीं, 1992 में यह 340 टन थी।
  • रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में भारत दुनियाभर में सोने के आभूषणों का सबसे बड़ा उपभोक्ता बनकर उभरा है, जहां सालाना खपत 563 टन से भी ज्यादा रही और इसकी कुल मांग की कीमत ₹3.6 लाख करोड़ रुपये के पार निकल गई।
  • भारत में सोने के सिक्कों और बिस्किट्स की मांग तेजी से बढ़ी है। 2024 में इस तरह के निवेश में भारत ने लगभग 239 टन सोना खरीदा, जो दुनिया में चीन के बाद दूसरा सबसे बड़ा आंकड़ा है। भारतीय रुपये में बात करें, तो 2024 में सोने के सिक्कों और बिस्किट्स की मांग ₹1.5 लाख करोड़ के आसपास रही। यह 2023 के मुकाबले 60% ज्यादा है।
  • 5 साल में Gold ETF की होल्डिंग्स 200% से ज्यादा बढ़ी है। पिछले पांच वर्षों में गोल्ड ईटीएफ होल्डिंग्स 21 टन से बढ़कर 63 टन से ज्यादा हो गई है। गोल्ड ईटीएफ होल्डिंग्स का मतलब- भारतीय स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्टेड और ट्रेड होने वाले विभिन्न गोल्ड ईटीएफ द्वारा रखे गए कुल सोने का भंडार से है।


First Published – April 29, 2025 | 3:12 PM IST



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