योगी सरकार का UP के 3.54 करोड़ बिजली उपभोक्ताओं को मई की गर्मी में बड़ा तोहफा, बिजली बिल हो गया इतना कम – yogi governments 354 crore electricity consumers of up got the big gift of may so low – बिज़नेस स्टैंडर्ड

योगी सरकार का UP के 3.54 करोड़ बिजली उपभोक्ताओं को मई की गर्मी में बड़ा तोहफा, बिजली बिल हो गया इतना कम – yogi governments 354 crore electricity consumers of up got the big gift of may so low – बिज़नेस स्टैंडर्ड


उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को मई के महीने में बिल में दो फीसदी की राहत मिलेगी। उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) ने ईंधन अधिभार शुल्क के तौर पर यह राहत देने का एलान किया है। प्रदेश के 3.54 करोड़ बिजली उपभोक्ताओं को इसका लाभ मिलेगा।

उपभोक्ताओं को यह राहत मल्टी ईयर टैरिफ रेगुलेशन 2025 के तहत दी जा रही हैजिसे यूपी विद्युत नियामक आयोग ने पारित किया था। रेग्युलेशन के तहत बिजली कंपनियों को प्रत्येक माह स्वतः फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज तय करने का अधिकार दिया गया था। इसके तहत प्रदेश में पहली बार बिजली बिल कम होने का आदेश आया है।

उत्तर प्रदेश विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष ने क्या कहा?

उत्तर प्रदेश विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने बताया कि इस संबंध में उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन ने अपना आदेश जारी कर दिया है आदेश के मुताबिक फरवरी महीने में प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं का ईंधन अधिकार शुल्क के रूप में लगभग 170 करोड़ का लाभ होगा जिसकी अदायगी पावर कॉरपोरेशन मई 2025 के महीने में उपभोक्ताओं को करेगा यानी मई 2025 में पहली बार काफी लंबे समय के बाद प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं की बिजली दरों में कमी देखने को मिलेगी

उन्होंने बताया कि वर्तमान में अप्रैल महीने में कारपोरेशन ने ईंधन अधिभार के रूप में 1.24 फीसदी की बढ़ोतरी गुपचुप तरीके से कर दी थी लेकिन विद्युत उपभोक्ता परिषद ने पहले ही पेश बंदी करते हुए उस पर रोक लगाने के लिए विद्युत नियामक आयोग में प्रस्ताव दाखिल किया है और विद्युत उपभोक्ताओं का बिजली कंपनियों पर निकल रहे सर प्लस 33122 करोड़ के एवज में बढ़ोतरी पर पूर्णतया रोक लगने की मांग उठाई है।

ALSO READ: पढ़ें PM Modi का India Steel 2025 में दिया जोरदार भाषण

मई में 2% बिजली दरो में कमी लागू करने के लिए बिलिंग सॉफ्टवेयर बिग को आदेश जारी

उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष ने कहा कि पावर कारपोरेशन ने मई के महीने में 2% बिजली दरो में कमी लागू करने के लिए बिलिंग सॉफ्टवेयर बिग को आदेश जारी कर दिया है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता परिषद हर महीने बहुत ही बारीकी से मल्टी ईयर टैरिफ रेगुलेशन के तहत ईंधन अधिभार शुल्क की गणना स्वत करेगा। आने वाले समय में पेट्रोल डीजल की तरह हर महीने दरों में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा जिसका लाभ उपभोक्ताओं को मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में भी रुपया 170 करोड़ के हिसाब से मई महीने में 2 फीसदी  से ज्यादा कमी होनी चाहिए।

निवेशकों को योगी सरकार का बड़ा तोहफा, UPSIDA से मिलेगी आसानी से जमीन

Yogi Govt ने गन्ना किसानों, चीनी मिल मालिकों के लिए किया बड़ा एलान

India Steel 2025: पीएम मोदी ने बताए भारत के steel sector के आंकड़ें, जानकर चौंक जाएंगे आप

 

 

 


First Published – April 24, 2025 | 7:45 PM IST



संबंधित पोस्ट





Source link

पढ़ें PM Modi का India Steel 2025 में दिया जोरदार भाषण – read pm modis strong speech in india steel 2025 – बिज़नेस स्टैंडर्ड

पढ़ें PM Modi का India Steel 2025 में दिया जोरदार भाषण – read pm modis strong speech in india steel 2025 – बिज़नेस स्टैंडर्ड


सभी सम्मानित अतिथि, मंत्रिमंडल के मेरे सहयोगी, इंडस्ट्री लीडर्स, इंटरनेशनल डेलिगेट्स और मेरे साथियों, नमस्कार।

आज और अगले 2 दिन, हम भारत के सनराइज सेक्टर, स्टील सेक्टर (steel sector) के सामर्थ्य और उसकी संभावनाओं पर व्यापक चर्चा करने वाले हैं। एक ऐसा सेक्टर, जो भारत की प्रगति (India’s growth) का आधार है, जो विकसित भारत की मजबूत नींव है, और जो भारत में बड़े बदलाव की नई गाथा लिख रहा है। मैं आप सभी का इंडिया स्टील 2025 (India Steel 2025) में अभिनंदन करता हूं। मुझे विश्वास है, ये आयोजन नए आइडियाज साझा करने के लिए, नए पार्टनर बनाने के लिए और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए एक नए लॉंच पैड का काम करेगा। ये स्टील सेक्टर में एक नए अध्याय की शुरुआत का आधार बनेगा।

साथियों,

स्टील की भूमिका दुनिया की आधुनिक अर्थव्यवस्थाओं में skeleton की तरह रही है। स्काई-स्क्रैपर्स हों या शिपिंग, हाईवेज़ हों या हाई-स्पीड रेल, स्मार्ट सिटी (smart city) हों या इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (industrial corridors), हर सक्सेस स्टोरी (success story) के पीछे स्टील की ताकत है। आज भारत 5 ट्रिलियन डॉलर इकॉनॉमी (trillion dollar economy) के संकल्प को सिद्ध करने में जुटा है। इस लक्ष्य को साधने में स्टील सेक्टर की भी भूमिका कम नहीं है। हमें गर्व है कि, आज भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा स्टील उत्पादक बन चुका है। हमने नेशनल स्टील पॉलिसी (national steel policy) के तहत 2030 तक 300 मिलियन टन स्टील उत्पादन का लक्ष्य तय किया है। आज हमारी प्रति व्यक्ति स्टील की खपत लगभग ninety eight किलोग्राम है, और ये भी बढ़कर 2030 तक one hundred sixty किलोग्राम हो जाने की संभावना है। स्टील का ये बढ़ता consumption देश के इन्फ्रा और economy के लिए golden standard का काम करता है। ये देश की दिशा, सरकार की efficiency और effectiveness की भी एक कसौटी है।

साथियों, 

आज हमारी स्टील इंडस्ट्री अपने भविष्य को लेकर नए भरोसे से भरी हुई है। क्योंकि, आज देश के पास पीएम-गतिशक्ति नेशनल मास्टर प्लान जैसा आधार है। पीएम-गतिशक्ति के जरिए अलग-अलग utility services को, logistics modes को integrate किया जा रहा है। देश के mine areas और steel units को बेहतर multi-modal connectivity के लिए map किया जा रहा है। देश के पूर्वी भाग में, जहां ज़्यादातर स्टील सेक्टर मौजूद है, वहाँ क्रिटिकल इनफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करने के लिए नए प्रोजेक्ट्स लाये जा रहे हैं। हम 1.3  ट्रिलियन डॉलर की National Infrastructure Pipeline को भी आगे बढ़ा रहे हैं। आज देश के शहरों को स्मार्ट सिटीज़ बनाने के लिए large scale पर काम हो रहा है। Roads, railways, airports, ports और pipeline के development का ये unprecedented pace, स्टील सेक्टर के लिए नई संभावनाएं बना रहा है। आज देश में पीएम आवास योजना के तहत करोड़ों घर बन रहे हैं। जल जीवन मिशन का इतना बड़ा इनफ्रास्ट्रक्चर गाँव-गाँव में बिल्ड हो रहा है। अक्सर हमारे देश में ऐसी योजनाओं को केवल वेलफेयर के चश्मे से देखा जाता है। लेकिन, गरीब कल्याण की ये योजनाएँ भी स्टील इंडस्ट्री को नई ताकत दे रही हैं। हमने ये भी तय किया है कि, सरकारी प्रोजेक्ट में सिर्फ़ ‘मेड इन इंडिया’ स्टील ही इस्तेमाल हो। इन्हीं प्रयासों का नतीजा है कि, बिल्डिंग Construction और इंफ्रास्ट्रक्चर में स्टील की जो खपत है, उसमें सबसे ज्यादा हिस्सा सरकार से जुड़े initiatives का है।

ALSO READ: Simla Agreement: क्या है भारत-पाकिस्तान शिमला समझौता और आज भी क्यों है ये अहम, जानें विस्तार से

साथियों,

स्टील कितने ही सेक्टर्स की ग्रोथ का प्राइमरी कॉम्पोनेंट है। इसलिए, स्टील इंडस्ट्री के लिए सरकार की नीतियाँ भारत की दूसरी कई इंडस्ट्रीज़ को ग्लोबली competitive बनाने में अहम रोल अदा कर रही हैं। हमारा मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर, construction, मशीनरी और ऑटोमोटिव सेक्टर, आज इन सब को भारतीय स्टील इंडस्ट्री से शक्ति मिल रही है। इस बार बजट में हमारी सरकार ने ‘मेक इन इंडिया’ को गति देने के लिए National Manufacturing Mission की भी घोषणा की है। ये मिशन small, medium और large, सभी इंडस्ट्रीज़ के लिए है। National Manufacturing Mission भी हमारी स्टील इंडस्ट्री के लिए नए अवसर खोलेगा।

साथियों,

भारत लंबे समय तक हाई-ग्रेड स्टील के लिए आयात पर निर्भर रहा है। डिफेंस और strategic sectors के लिए इस स्थिति को बदलना जरूरी था। आज हमें इस बात का गर्व होता है, कि भारत के पहले स्वदेशी एयरक्राफ्ट करियर को बनाने में जिस स्टील का इस्तेमाल हुआ है, वो भारत में बना है। हमारे ऐतिहासिक चंद्रयान मिशन की सफलता में भारतीय स्टील का सामर्थ्य जुड़ा है। Capability और Confidence, अब दोनों हमारे पास हैं। ये ऐसे ही नहीं हुआ। PLI स्कीम के तहत हाई-ग्रेड स्टील के उत्पादन के लिए हजारों करोड़ रुपए की मदद दी जा रही है। और ये तो अभी शुरुआत है, हमें लंबी दूरी तय करनी है। देश में ऐसे कितने ही मेगा-प्रोजेक्ट्स शुरू हो रहे हैं, जिनमें हाइ-ग्रेड स्टील की डिमांड और ज्यादा बढ़ने वाली है। इस बार के बजट में हमने ‘शिप बिल्डिंग’ को इनफ्रास्ट्रक्चर के तौर पर शामिल किया है। हम देश में आधुनिक और बड़े शिप्स बनाने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। हमारा टार्गेट है, भारत में बने शिप्स दुनिया के दूसरे देश भी खरीदें। इसी तरह, पाइपलाइन ग्रेड स्टील और corrosion  resistant alloys की डिमांड भी देश में बढ़ रही है। 

आज देश में रेल इनफ्रास्ट्रक्चर भी अभूतपूर्व गति से expand हो रहा है। ऐसी सभी जरूरतों के लिए Goal होना चाहिए-  ‘ज़ीरो इम्पोर्ट’ और net export! अभी हम 25 मिलियन टन स्टील के एक्सपोर्ट का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। हम 2047 तक अपनी क्षमता 500 मिलियन टन तक पहुंचाने के लिए भी काम कर रहे हैं। लेकिन, इसके लिए जरूरी है कि, हमारा स्टील सेक्टर new processes, new grades और new scale के लिए तैयार हो। हमें भविष्य को ध्यान में रखकर expand और upgrade करना होगा। हमें अभी से future ready बनना होगा। स्टील इंडस्ट्री के इस ग्रोथ potential में employment generation की, रोजगार के अवसर की, अनंत संभावनाएं हैं। मैं प्राइवेट और पब्लिक सेक्टर, दोनों से आह्वान करता हूं, आप नए ideas develop करें, उन्हें nurture  करें और share करें। Manufacturing में, R&D में, Technology upgrade में, हमें मिलकर आगे बढ़ना है। देश के युवाओं के लिए ज्यादा से ज्यादा रोजगार के नए अवसर बनाने हैं।

साथियों,

स्टील इंडस्ट्री की विकास यात्रा में कुछ चुनौतियां भी हैं और आगे बढ़ने के लिए इनका समाधान करना भी आवश्यक है। Raw Material Security एक बड़ी चिंता है। हम अभी भी निकेल, कोकिंग कोल और मैंगनीज के लिए आयात पर निर्भर हैं। और इसलिए, हमें ग्लोबल साझेदारियों को मज़बूत करना होगा, Supply chains को secure बनाना होगा, Technology अपग्रेड करने पर फोकस करना होगा। हमें और तेजी से energy-efficient, low-emission और digitally advanced टेक्नॉलजी की ओर बढ़ना होगा। AI, ऑटोमेशन, री-साइक्लिंग और by-product utilization स्टील इंडस्ट्री का भविष्य तय करेगी। इसलिए हमें इनमें इनोवेशन के लिए अपने प्रयास बढ़ाने होंगे। हमारे ग्लोबल पार्टनर्स और भारतीय कंपनियां साथ मिलकर इस दिशा में काम करेंगे, तो इन चुनौतियों का और तेजी से समाधान होगा।

ALSO READ: पहलगाम हमले के बाद PM मोदी का सख्त संदेश, मिट्टी में मिला देंगे…आतंकियों को कल्पना से बड़ी सजा देंगे

साथियों,

आप सभी जानते हैं, कोल आयात, खासकर कोकिंग कोल आयात का असर, cost और economy, दोनों पर पड़ता है। हमें इसके alternatives तलाशने होंगे। आज DRI route और अन्य आधुनिक technologies उपलब्ध हैं। हम इन्हें और बढ़ावा देने का प्रयास कर रहे हैं। इसके लिए हम coal gasification का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। Coal gasification  के जरिए हम देश के कोल संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल कर सकते हैं, आयात पर निर्भरता कम कर सकते हैं। मैं चाहूँगा, स्टील इंडस्ट्री के सभी प्लेयर्स इस प्रयास का हिस्सा बनें, इस दिशा में जरूरी कदम उठाएँ।

साथियों, 

एक और अहम विषय,unused greenfield mines का भी है। पिछले 10 वर्षों में देश ने कई mining reforms किए हैं। Iron ore की availability आसान हुई है। अब इन alloted mines का, देश के इन संसाधनों का सही इस्तेमाल करना और समय पर करना, ये बहुत जरूरी है। इसमें जितनी देरी होगी, देश का तो नुकसान होगा ही होगा, इंडस्ट्री का भी उतना ही नुकसान होगा। इसलिए, मैं चाहूँगा ग्रीन-फील्ड माइनिंग को तेज किया जाए।

साथियों,

आज का भारत केवल डोमेस्टिक ग्रोथ की नहीं सोच रहा, बल्कि ग्लोबल लीडरशिप के लिए भी तैयार हो रहा है। आज दुनिया हमें हाई-क्वालिटी स्टील के trusted supplier के रूप में देखती है। जैसा कि मैंने कहा, हमें स्टील के world-class standards को बनाए रखना होगा, खुद को upgrade करते रहना होगा। Logistics में सुधार, Multi-modal transport networks का विकास और लागत कम से कम, ये भारत को Global Steel Hub बनाने में मदद करेंगे।

साथियों,

इंडिया स्टील का ये प्लैटफ़ार्म हमारे पास एक अवसर है, जहां से हम अपनी क्षमताओं का विस्तार करेंगे, जहां से हमारे आइडियाज को जमीन पर उतारने का रास्ता बनाएंगे। मैं आप सभी को इस अवसर पर शुभकामनाएं देता हूं। आइए मिलकर, एक Resilient, Revolutionary और Steel-Strong भारत का निर्माण करें। धन्यवाद।

जानें India- Saudi Arabia वार्ता और पीएम मोदी के सऊदी अरब दौरे की हर बात 

IMF ने बताया Global Tariff War से Indian Economy को होगा कितना नुकसान  

 

 

 

India Steel 2025: पीएम मोदी ने बताए भारत के steel sector के आंकड़ें, जानकर चौंक जाएंगे आप

 


First Published – April 24, 2025 | 7:24 PM IST



संबंधित पोस्ट





Source link

India Steel 2025: पीएम मोदी ने बताए भारत के steel sector के आंकड़े, जानकर चौंक जाएंगे आप – india steel 2025 pm modi told you that you will be shocked to know the figures of steel sector of india – बिज़नेस स्टैंडर्ड

India Steel 2025: पीएम मोदी ने बताए भारत के steel sector के आंकड़े, जानकर चौंक जाएंगे आप – india steel 2025 pm modi told you that you will be shocked to know the figures of steel sector of india – बिज़नेस स्टैंडर्ड


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया स्टील 2025 कार्यक्रम के दौरान अपने भाषण में भारत के स्टील सेक्टर में हुई प्रगति का लेखा-जोखा रखते हुए बताया कि भारत अब विश्व का दूसरा सबसे बड़ा स्टील उत्पादक बन गया है। नेशनल स्टील पॉलिसी के तहत भारत ने 2030 तक 300 मिलियन टन स्टील उत्पादन का लक्ष्य रखा है। इतना ही नहीं भारत में निर्मित स्टील से देश का पहला स्वदेशी विमानवाहक पोत बना है और इस्पात का योगदान चंद्रयान जैसे मिशनों में भी देखने को मिला है। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार 24 अप्रैल को मुंबई में आयोजित इंडिया स्टील hr2025 कार्यक्रम के दौरान वीडियो संदेश के माध्यम से अपने विचार साझा किए। सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले दो दिनों में भारत के उदीयमान क्षेत्र—स्टील उद्योग—की संभावनाओं और अवसरों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र भारत की प्रगति की नींव है, एक विकसित भारत का आधार मजबूत करता है और देश में परिवर्तन का नया अध्याय लिख रहा है। प्रधानमंत्री ने सभी को इंडिया स्टील 2025 में स्वागत किया और विश्वास जताया कि यह कार्यक्रम नए विचारों को साझा करने, नई साझेदारियों के निर्माण और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एक लॉन्चपैड के रूप में कार्य करेगा। यह आयोजन स्टील क्षेत्र में एक नए अध्याय की नींव रखेगा।

प्रधानमंत्री ने कहा, “स्टील ने आधुनिक अर्थव्यवस्थाओं में एक ढाचें की तरह महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है”, यह बताते हुए कि चाहे वह गगनचुंबी इमारतें हों, शिपिंग, हाईवे, हाई-स्पीड रेल, स्मार्ट सिटी या औद्योगिक गलियारे—हर सफलता की कहानी के पीछे स्टील की ताकत है। भारत 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य की ओर अग्रसर है और स्टील क्षेत्र इस मिशन में अहम भूमिका निभा रहा है”। 

Also read : Explainer: क्या है Trump Tariff? क्यों लगाया? कैसे वसूलेगा US दूसरे देशों से; जानें हर बात

क्या है भारत की स्टील खपत, जिसे कहते है Infrastructure का Golden Standard

यह बताते हुए कि भारत को विश्व का दूसरा सबसे बड़ा स्टील उत्पादक होने पर गर्व है। उन्होंने बताया कि नेशनल स्टील पॉलिसी के तहत भारत ने 2030 तक 300 मिलियन टन स्टील उत्पादन का लक्ष्य रखा है। फिलहाल भारत में प्रति व्यक्ति स्टील खपत लगभग 98 किलोग्राम है, जो 2030 तक 160 किलोग्राम तक पहुंचने की उम्मीद है। यह बढ़ती खपत न केवल भारत की अवसंरचना और अर्थव्यवस्था के लिए एक ‘गोल्डन स्टैंडर्ड’ है, बल्कि यह सरकार की कार्यकुशलता और दिशा का भी संकेतक है।

प्रधानमंत्री ने बताया कि पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत स्टील उद्योग अपने भविष्य को लेकर नए आत्मविश्वास से भरा हुआ है। इस पहल के माध्यम से विभिन्न उपयोगिता सेवाओं और लॉजिस्टिक मोड्स को जोड़ा जा रहा है। खदान क्षेत्रों और स्टील इकाइयों को बेहतर मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी के लिए मैप किया जा रहा है। पूर्वी भारत में स्टील क्षेत्र की सघन उपस्थिति को देखते हुए वहां के बुनियादी ढांचे के उन्नयन के लिए नई परियोजनाओं की जानकारी देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि 1.3 ट्रिलियन डॉलर की नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन को भी तेज गति से आगे बढ़ाया जा रहा है। शहरों को स्मार्ट सिटी में बदलने, सड़कें, रेलवे, हवाई अड्डे, बंदरगाह और पाइपलाइनों के निर्माण में हो रही अभूतपूर्व तेजी से स्टील क्षेत्र के लिए नए अवसर उत्पन्न हो रहे हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत करोड़ों घरों का निर्माण और जल जीवन मिशन के माध्यम से गांवों में हो रहा बुनियादी ढांचे का विकास भी स्टील उद्योग को नई ताकत दे रहा है। प्रधानमंत्री ने सरकार की केवल ‘मेड इन इंडिया’ स्टील का उपयोग करने की नीति को रेखांकित किया और कहा कि सरकारी परियोजनाओं में स्टील की खपत सर्वाधिक होती है।

Also read: दुनिया की टॉप Audit एजेंसी की रिपोर्ट, इन सेक्टर्स में बरसेगा अब पैसा ही पैसा

Made-in-India स्टील से बना पहला स्वदेशी विमानवाहक पोत, चंद्रयान

पहले भारत उच्च गुणवत्ता वाले स्टील के लिए आयात पर निर्भर था, जो रक्षा और रणनीतिक क्षेत्रों के लिए आवश्यक होता था, लेकिन अब भारत में निर्मित स्टील से देश का पहला स्वदेशी विमानवाहक पोत बना है और इस्पात का योगदान चंद्रयान जैसे मिशनों में भी देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि यह परिवर्तन पीएलआई योजना जैसे प्रयासों के कारण संभव हुआ है, जिसमें हजारों करोड़ रुपये की सहायता दी गई है। उन्होंने कहा कि देश में मेगा-प्रोजेक्ट्स की वजह से उच्च गुणवत्ता वाले स्टील की मांग लगातार बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि इस साल के बजट में शिपबिल्डिंग को इन्फ्रास्ट्रक्चर में शामिल किया गया है और भारत का लक्ष्य है कि देश में ही आधुनिक जहाज बनाकर उन्हें अन्य देशों को निर्यात किया जाए। 

उन्होंने पाइपलाइन ग्रेड स्टील और जंग-प्रतिरोधी मिश्र धातुओं की बढ़ती मांग का भी उल्लेख किया। रेल अवसंरचना के तेजी से विस्तार के साथ, प्रधानमंत्री ने “शून्य आयात” का लक्ष्य रखने और नेट निर्यात पर फोकस करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि भारत का लक्ष्य 2047 तक 500 मिलियन टन की उत्पादन क्षमता और 25 मिलियन टन स्टील के निर्यात का है।

Trump Tariff से डरना क्यों जरूरी, सबसे ज्यादा सवा 11 लाख करोड़ का है India- US Trade

क्या है Steel sector की चुनौतियां, सुनें पीएम मोदी से

उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि स्टील उद्योग कुछ चुनौतियों का सामना कर रहा है, जिनमें कच्चे माल की सुरक्षा एक प्रमुख चिंता है, क्योंकि निकेल, कोकिंग कोल और मैंगनीज जैसी सामग्रियों के लिए भारत अब भी आयात पर निर्भर है। उन्होंने वैश्विक साझेदारी को मजबूत करने, आपूर्ति शृंखलाओं को सुरक्षित करने और प्रौद्योगिकी उन्नयन पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि स्टील उद्योग का भविष्य AI, ऑटोमेशन, रीसायक्लिंग, और बाय-प्रोडक्ट उपयोग से तय होगा और इन क्षेत्रों में नवाचार के जरिए प्रयास तेज करने होंगे।

कोकिंग कोल के आयात के प्रभाव पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने वैकल्पिक उपायों की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने DRI रूट जैसी तकनीकों को बढ़ावा देने और कोल गैसीफिकेशन के माध्यम से देश के कोयला संसाधनों का बेहतर उपयोग करने का सुझाव दिया। उन्होंने सभी हितधारकों से इस दिशा में सक्रिय भागीदारी की अपील की।

प्रधानमंत्री ने ग्रीनफील्ड खदानों के उपयोग के मुद्दे पर कहा कि पिछले एक दशक में खनन क्षेत्र में कई सुधार हुए हैं, जिससे लौह अयस्क की उपलब्धता आसान हो गई है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि आवंटित खदानों का प्रभावी ढंग से उपयोग सुनिश्चित किया जाए ताकि देश के संसाधनों का पूरा लाभ मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी कि इसमें देरी से उद्योग को नुकसान हो सकता है।

प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि भारत अब केवल घरेलू विकास पर नहीं, बल्कि वैश्विक नेतृत्व की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि अब दुनिया भारत को एक विश्वसनीय और उच्च गुणवत्ता वाले स्टील आपूर्तिकर्ता के रूप में देख रही है। उन्होंने विश्वस्तरीय गुणवत्ता बनाए रखने और क्षमताओं को लगातार उन्नत करते रहने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि लॉजिस्टिक्स सुधार, मल्टी-मोडल परिवहन नेटवर्क का विकास और लागत में कमी से भारत एक ग्लोबल स्टील हब बन सकता है।

बुरी खबर! दिग्गज रेटिंग एजेंसी की रिपोर्ट, Trump Tariff से 2025, 2026 में Indian Economy को बड़ा घाटा

Explainer: क्या था वक्फ अधिनियम, 1995; क्या है वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024; जानें हर बात 

पढ़ें PM Modi का India Steel 2025 में दिया जोरदार भाषण

जानें India- Saudi Arabia वार्ता और पीएम मोदी के सऊदी अरब दौरे की हर बात 

 

 

 

 


First Published – April 24, 2025 | 6:17 PM IST



संबंधित पोस्ट





Source link

Gold reclaims 96K: दो दिनों की गिरावट के बाद सोने में लौटी तेजी, 2 हजार रुपये से ज्यादा हुआ महंगा, रिकॉर्ड हाई से अभी भी 3,500 रुपये नीचे – gold reclaims 96k after two days of sharp fall uptrend returns in gold rises by more than 2 thousand rupees – बिज़नेस स्टैंडर्ड

Gold reclaims 96K: दो दिनों की गिरावट के बाद सोने में लौटी तेजी, 2 हजार रुपये से ज्यादा हुआ महंगा, रिकॉर्ड हाई से अभी भी 3,500 रुपये नीचे – gold reclaims 96k after two days of sharp fall uptrend returns in gold rises by more than 2 thousand rupees – बिज़नेस स्टैंडर्ड


Gold prices on 24th April 2025: दो दिनों की सुस्ती के बाद सोने में तेजी फिर से लौट आई है। घरेलू फ्यूचर्स मार्केट में गुरुवार (24 अप्रैल) को कारोबार के दौरान सोना 96 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के ऊपर पहुंच गया। फिलहाल यह 95,958 के भाव पर है। इससे पहले एमसीएक्स (MCX) पर सोने के बेंचमार्क कॉन्ट्रैक्ट ने बुधवार को 94,000 रुपये का इंट्राडे लो बनाया जबकि मंगलवार को इसने 99,358 का नया रिकॉर्ड  हाई बनाया था। इस तरह सोना रिकॉर्ड हाई से अभी भी 3,500 रुपये से ज्यादा नीचे है।

घरेलू स्पॉट मार्केट में भी सोना फिलहाल 96 हजार के ऊपर है। ग्लोबल मार्केट में बेचमार्क कीमतें आज कारोबार के दौरान 3,350 डॉलर प्रति औंस से ऊपर चली गई गईं। मंगलवार (22 अप्रैल) को 3,500 डॉलर के पार जाने के बाद बुधवार (23 अप्रैल) को यह 3 फीसदी से ज्यादा टूटकर 3,300 डॉलर से नीचे चली गई थीं। गोल्ड के लिए बीते नवंबर के बाद यह सबसे खराब एक दिवसीय प्रदर्शन था।

जानकारों के अनुसार निचले स्तर से निकल रही खरीदारी ने सोने की कीमतों को फिर से सपोर्ट किया है। पिछले दो दिनों के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चीन पर नरम रुख दिखाने और फेडरल रिजर्व के चेयरमैन पर दिए अपने पहले के बयान से यू-टर्न लेने के बाद बतौर सुरक्षित विकल्प (safe-haven) मांग कम होने से सोने की कीमतों में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद गिरावट आई थी। ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि ट्रेड वॉर के दौरान चीनी वस्तुओं पर लगाए गए भारी टैरिफ को जल्द ही काफी हद तक कम किया जाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह फेडरल रिजर्व के चेयरमैन पॉवेल को नहीं हटाएंगे।

Gold ETF: अमेरिका से दोगुना नेट इनफ्लो चीन में ! निवेशकों ने लगातार 12वें हफ्ते डाले पैसे, AUM रिकॉर्ड 377 बिलियन डॉलर के पार

अमेरिकी डॉलर में आई कमजोरी ने भी कीमतों को एक हद तक सहारा दिया है। अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (US Dollar Index) फिलहाल 0.46 फीसदी की कमजोरी के साथ 99.39 के लेवल पर है। सोमवार को यह 3 साल से ज्यादा (मार्च 2022) के अपने लो 97.92  तक चला गया था। अमेरिकी डॉलर इंडेक्स इस साल अब तक 8 फीसदी से ज्यादा टूटा है। जब अमेरिकी डॉलर कमजोर होता है तो सोना उन खरीदारों के लिए सस्ता हो जाता है जो इसे किसी अन्य करेंसी में खरीदना चाहते हैं। इससे सोने की मांग बढ़ सकती है और कीमतों में इजाफा हो सकता है।

Sovereign Gold Bond: गोल्ड बॉन्ड पर प्रॉफिट बुक करने का शानदार मौका! अगले महीने इन 7 किस्तों का होगा प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन

ब्याज दरों में कटौती की संभावना, अमेरिका सहित दुनिया की अर्थव्यवस्था में स्लोडाउन और महंगाई के बढ़ने की आशंका के मद्देनजर ज्यादातर जानकार सोने को लेकर फिलहाल बेहद बुलिश हैं। उनका मानना है कि ग्लोबल लेवल पर खासकर अमेरिका और चीन के बीच छिड़े ट्रेड वॉर के मद्देनजर जो अनिश्चितता की स्थिति बनी है उसमें बतौर सुरक्षित विकल्प (safe-haven) सोने की मांग बरकरार रह सकती है। साथ ही बढ़ते जियो-पॉलिटिकल टेंशन की वजह से भी बतौर सुरक्षित विकल्प सोने की मांग में और तेजी आने की उम्मीद है। इतना ही नहीं महंगाई के खिलाफ ‘हेज’ के तौर पर सोने की मांग बढ़ सकती है।

घरेलू फ्यूचर्स मार्केट

घरेलू फ्यूचर्स मार्केट एमसीएक्स (MCX) पर सोने का बेंचमार्क जून कॉन्ट्रैक्ट बुधवार को दोपहर बाद के कारोबार (4:55 PM IST) में 1,236 रुपये यानी 1.30 फीसदी की मजबूती के साथ 95,958 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर है। इससे पहले यह आज 95,580 रुपये पर खुला और कारोबार के दौरान 96,188 रुपये के रिकॉर्ड हाई और 95,562 रुपये के लो के बीच कारोबार किया ।

गोल्ड फ्यूचर (Rupees/10 gm)

तारीख कॉन्ट्रैक्ट पिछला क्लोजिंग ओपनिंग इंट्राडे  हाई इंट्राडे  लो लास्ट ट्रेडिंग प्राइस बदलाव
24 अप्रैल 2025 गोल्ड जून  कॉन्ट्रैक्ट 94,722 95,580 96,188 95,562 95,958 +1,236 (+1.30%)

(Source: MCX 4:50 pm IST)

घरेलू स्पॉट मार्केट

Indian Bullion and Jewellers Association (IBJA) के मुताबिक स्पॉट (हाजिर) मार्केट में सोना 24 कैरेट (999) गुरुवार को कारोबार की समाप्ति पर पिछले कारोबारी दिन (बुधवार) की क्लोजिंग के मुकाबले 201 रुपये चढ़कर 96,286 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर दर्ज किया गया। बुधवार को कारोबार की समाप्ति पर यह 96,085 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर देखा गया था।

स्पॉट गोल्ड (Rupees/10 gm)

गोल्ड 23 अप्रैल 2025  (क्लोजिंग प्राइस/ 10 ग्राम) 24 अप्रैल 2025 (क्लोजिंग प्राइस/10 ग्राम) बदलाव
गोल्ड 24 कैरेट (999 ) 96,085 96,286 +201
गोल्ड 24 कैरेट (995) 95,700 95,900 +200
गोल्ड 22  कैरेट (916) 88,014 88,198 +184
सिल्वर/kg 96,613 97,634 +1,021

Source: IBJA

ग्लोबल मार्केट

ग्लोबल मार्केट में बेंचमार्क स्पॉट गोल्ड (spot gold) कारोबार के दौरान आज  3,367.89  डॉलर प्रति औंस तक ऊपर और 3,288.34  डॉलर प्रति औंस तक नीचे गया। फिलहाल यह 1.55 फीसदी की तेजी  के साथ 3,339.24 डॉलर प्रति औंस पर है। इसी तरह बेंचमार्क यूएस जून गोल्ड फ्यूचर्स (Gold COMEX JUN′25) भी आज कारोबार के दौरान 3,377 डॉलर और 3,301.30 डॉलर प्रति औंस के रेंज में रहा। फिलहाल यह 1.75 फीसदी की मजबूती के साथ 3,351.90 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है। बेंचमार्क स्पॉट गोल्ड और यूएस जून गोल्ड फ्यूचर्स मंगलवार (22 अप्रैल) को क्रमश: 3,500.05 और 3,509.90 डॉलर के नए रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गए थे।

इंटरनेशनल गोल्ड (USD/ounce) 

तारीख गोल्ड पिछला क्लोजिंग ओपनिंग इंट्राडे  हाई इंट्राडे  लो लास्ट ट्रेडिंग प्राइस बदलाव
24 अप्रैल 2025 गोल्ड जून कॉन्ट्रैक्ट

(COMEX)

3,294.10 3,301.80 3,377 3,301.30 3,348.60 +54.50 (+1.65%)
24 अप्रैल 2025 स्पॉट गोल्ड 3,288.34 3,288.34 3,367.89 3,288.34 3,338.76 +50.42 (-1.53%)

Source: Bloomberg (5:40 PM IST)


First Published – April 24, 2025 | 5:38 PM IST



संबंधित पोस्ट





Source link

Gold ETF: अमेरिका से दोगुना नेट इनफ्लो चीन में ! निवेशकों ने लगातार 12वें हफ्ते डाले पैसे, AUM रिकॉर्ड 377 बिलियन डॉलर के पार – gold etf net inflow to china doubles that of america investors put money in gold etf for the 12th consecutive week  – बिज़नेस स्टैंडर्ड

Gold ETF: अमेरिका से दोगुना नेट इनफ्लो चीन में ! निवेशकों ने लगातार 12वें हफ्ते डाले पैसे, AUM रिकॉर्ड 377 बिलियन डॉलर के पार – gold etf net inflow to china doubles that of america investors put money in gold etf for the 12th consecutive week – बिज़नेस स्टैंडर्ड


Gold ETF for the week ended April 18, 2025: सोने की कीमतों में शानदार तेजी के बीच इसके ईटीएफ में  पिछले 12 हफ्ते से  लगातार इनफ्लो बना हुआ है। चीन में इस दौरान गोल्ड ईटीएफ ने सबसे ज्यादा दम दिखाया और इसमें अमेरिकी फंडों के मुकाबले दोगुना नेट इनफ्लो आया। इससे पहले 24 जनवरी 2025 को खत्म हुए हफ्ते के दौरान ग्लोबल लेवल पर गोल्ड ईटीएफ में 0.9 बिलियन डॉलर (8 टन) का आउटफ्लो दर्ज किया गया था।

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (World Gold Council) के मुताबिक 18 अप्रैल को खत्म हुए हफ्ते के दौरान ग्लोबल लेवल पर गोल्ड ईटीएफ में 3.4 बिलियन डॉलर (+33.4 टन) का नेट इनफ्लो आया। पिछले यानी 11 अप्रैल को खत्म हुए हफ्ते के दौरान भी 4.7 बिलियन डॉलर (+51.6 टन)  का इनफ्लो आया था। ग्लोबल लेवल खासकर अमेरिका और चीन के बीच छिड़े ट्रेड वॉर  के मद्देनजर बनी अनिश्चितता ने निवेशकों को गोल्ड ईटीएफ में निवेश के लिए लगातार प्रोत्साहित किया है। गोल्ड में बेहतर रिटर्न की संभावना के बीच निवेशक फिलहाल अपने पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाई करने के लिए इस एसेट क्लास में ईटीएफ के जरिये जमकर निवेश कर रहे हैं।

Also Read: Sovereign Gold Bond: गोल्ड बॉन्ड पर प्रॉफिट बुक करने का शानदार मौका! अगले महीने इन 7 किस्तों का होगा प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन

सोने की कीमतों में तेजी और इनफ्लो के दम पर 18 अप्रैल तक गोल्ड ईटीएफ का एसेट अंडर मैनेजमेंट यानी AUM बढ़कर रिकॉर्ड 370.4 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया। टोटल होल्डिंग भी इस दौरान 3,544.5 (3,425.9) टन पर दर्ज किया गया जो 7 अक्टूबर 2022 के बाद सबसे ज्यादा है। टोटल होल्डिंग 7 अक्टूबर 2022 को खत्म हुए हफ्ते के दौरान 3,557.6 टन था।

गोल्ड ईटीएफ को बीते हफ्ते सबसे तगड़ा सपोर्ट चीन से मिला। इस दौरान चीनी फंडों फंडों में  1.6  बिलियन  डॉलर (+15.7 टन) का नेट इनफ्लो देखा गया। चीन का Huaan Yifu Gold ETF 0.6 बिलियन डॉलर (+6 टन) के नेट इनफ्लो के साथ दुनिया के अन्य सभी गोल्ड फंडों से आगे रहा।

Top 10 fund flows (Week ending

Fund Country Fund Flows
(US$mn)
Holdings
(tonnes)
Demand
(tonnes)
Demand
(% of holdings)
Huaan Yifu Gold ETF China P.R. Mainland 632.5 74.7 6.0 8.7%
iShares Gold Trust US 342.7 433.3 3.2 0.8%
E Fund Gold Tradable Open-end Securities Investment Fund China P.R. Mainland 285.1 30.6 2.7 9.6%
SPDR Gold MiniShares Trust US 259.2 136.8 2.5 1.8%
iShares Physical Gold ETC UK 253.0 217.9 2.4 1.1%
Amundi Physical Gold ETC France 249.9 74.3 2.4 3.4%
Guotai Gold ETF China P.R. Mainland 246.2 22.0 2.3 11.8%
Bosera Gold Exchange Trade Open-End Fund ETF China P.R. Mainland 209.2 33.2 2.0 6.4%
Invesco Physical Gold ETC UK 146.0 202.9 1.4 0.7%
Xetra-Gold Germany 129.8 175.3 1.2 0.7%

(Source: World Gold Council)

अमेरिकी  फंडों में  भी निवेशकों ने इस दौरान नेट 0.8 बिलियन डॉलर (+7.6 टन) डाले। इंग्लैंड, जर्मनी और फ्रांस में इस दौरान गोल्ड ईटीएफ में क्रमश: 0.4 बिलियन डॉलर (+4.1 टन),  0.3 बिलियन डॉलर (+2.6 टन) और 0.25 बिलियन डॉलर (+2.4 टन)  का नेट इनफ्लो दर्ज किया गया।

Gold ETF holdings and flows by region/country (Week ending

By region 

Region AUM
(bn)
Fund Flows
(US$mn)
Holdings
(tonnes)
Demand
(tonnes)
Demand
(% of holdings)
North America 193.5 802.3 1,820.7 7.6 0.4%
Europe 144.3 925.9 1,357.3 9.4 0.7%
Asia 32.2 1,656.8 297.0 15.8 5.6%
Other 7.4 51.0 69.5 0.6 0.9%
Total 377.4 3,436.1 3,544.5 33.4 1.0%
Global inflows / Positive Demand 4,284.7 42.9 1.2%
Global outflows / Negative Demand -848.6 -9.6 -0.3%
Country AUM
(bn)
Fund Flows
(US$mn)
Holdings
(tonnes)
Demand
(tonnes)
Demand
(% of holdings)
US 186.0 808.2 1,749.8 7.6 0.4%
UK 64.1 385.5 603.6 4.1 0.7%
Switzerland 35.5 9.7 334.5 0.2 0.1%
Germany 34.7 280.8 327.0 2.6 0.8%
China P.R. Mainland 19.8 1,646.9 183.0 15.7 9.4%
France 7.9 249.9 74.3 2.4 3.4%
Canada 7.5 -5.9 70.9 0.0 0.0%
India 7.1 0.0 63.9 0.0 0.0%
Japan 5.0 0.0 46.0 -0.0 -0.0%
Australia 4.9 37.1 46.2 0.5 1.0%
South Africa 2.2 11.6 20.8 0.1 0.4%
Ireland 1.3 0.0 12.2 -0.0 -0.0%
Italy 0.6 0.0 5.3 0.0 0.0%
Hong Kong SAR 0.4 5.9 3.6 0.1 1.6%
Turkey 0.2 1.8 2.3 0.0 1.1%
Liechtenstein 0.1 0.5 0.0 0.0%
Malaysia 0.0 4.0 0.4 0.0 11.2%
Saudi Arabia 0.0 0.5 0.1 0.0 5.1%

(Source: World Gold Council)

इस महीने 18 अप्रैल तक देखें तो गोल्ड ईटीएफ में निवेशकों ने नेट 10.3 बिलियन डॉलर (+107.9 टन) डाले। यदि महीने के आखिरी2  हफ्ते के दौरान निवेशक भारी निकासी नहीं करते हैं तो अप्रैल लगातार पांचवां महीना होगा जब ग्लोबल लेवल पर गोल्ड ईटीएफ में नेट इनफ्लो देखा गया हो। वहीं इस साल 18 अप्रैल तक गोल्ड ईटीएफ में निवेशकों ने नेट 31.3 बिलियन डॉलर (+334.4 टन) का निवेश किया है।

बीते महीने यानी मार्च के आंकड़े भी बेहद शानदार रहे थे। मार्च तिमाही (जनवरी-मार्च 2025) की बात करें तो ग्लोबल लेवल पर गोल्ड ईटीएफ में इस दौरान दूसरा सबसे  बड़ा नेट इनफ्लो दर्ज किया गया। सिर्फ मार्च के दौरान ग्लोबल लेवल पर गोल्ड ईटीएफ में निवेश 8.6 बिलियन डॉलर बढ़ा। वॉल्यूम /होल्डिंग के लिहाज से इस दौरान निवेश में 92 टन की वृद्धि हुई। सोने की कीमतों में तेजी और लगातार चौथे महीने आए इनफ्लो के दम पर  मार्च 2025 के अंत तक गोल्ड ईटीएफ का एसेट अंडर मैनेजमेंट यानी AUM बढ़कर 345 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया। टोटल होल्डिंग भी पिछले महीने के अंत तक 3,445 टन पर दर्ज किया गया जो मई 2023 के बाद सबसे ज्यादा है। मई 2023 में टोटल होल्डिंग 3,476 टन पर था।

फरवरी की तुलना में एसेट अंडर मैनेजमेंट और टोटल होल्डिंग दोनों में कमश: 12.74 फीसदी और 2.74 फीसदी की वृद्धि हुई।

गोल्ड नए रिकॉर्ड हाई पर

घरेलू स्पॉट मार्केट में मंगलवार (22 अप्रैल) को सोने ने पहली बार 1 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड लेवल को छू लिया। Indian Bullion and Jewellers Association (IBJA) के मुताबिक स्पॉट (हाजिर) मार्केट में सोना 24 कैरेट (999) मंगलवार  को शुरुआती कारोबार में पिछले कारोबारी दिन (सोमवार) की क्लोजिंग के मुकाबले 3,330 रुपये उछलकर 1,00,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड भाव पर दर्ज किया गया। घरेलू फ्यूचर्स मार्केट एमसीएक्स (MCX) पर सोने का बेंचमार्क जून कॉन्ट्रैक्ट मंगलवार को कारोबार के दौरान 99,358 रुपये के रिकॉर्ड हाई तक ऊपर गया। ग्लोबल मार्केट में भी बेंचमार्क स्पॉट गोल्ड (spot gold) कारोबार के दौरान रिकॉर्ड 3,500.05 डॉलर प्रति औंस तक ऊपर गया। इसी तरह बेंचमार्क यूएस जून गोल्ड फ्यूचर्स (Gold COMEX JUN′25) ने 3,509.90 डॉलर का रिकॉर्ड हाई बनाया।


First Published – April 24, 2025 | 1:40 PM IST



संबंधित पोस्ट





Source link

Gold silver price today: सोने ने फिर दिखाई चमक, चांदी पड़ी नरम; चेक करें आज का भाव – gold silver price today on 24 april 2025 on mcx comex seen opposite trends in early trade – बिज़नेस स्टैंडर्ड

Gold silver price today: सोने ने फिर दिखाई चमक, चांदी पड़ी नरम; चेक करें आज का भाव – gold silver price today on 24 april 2025 on mcx comex seen opposite trends in early trade – बिज़नेस स्टैंडर्ड


Gold silver price today: सोने के भाव बुधवार को बड़ी गिरावट के बाद आज सुधर गए। चांदी के भाव में भी नरमी देखने को मिल रही है। खबर लिखे जाने के समय घरेलू बाजार में गुरुवार (24 अप्रैल) को सोने के भाव 95,850 रुपये, जबकि चांदी के भाव 95,450 रुपये के करीब कारोबार कर रहे हैं। सोने के भाव मंगलवार को ग्लोबल मार्केट में 3,509.90 डॉलर के नए रिकॉर्ड पर पहुंच थे, घरेलू बाजार में भी सोने के वायदा भाव ने 99,358 रुपये का नया हाई बनाया था।

सोने के वायदा भाव चढ़े

सोने के वायदा भाव की शुरुआत तेजी के साथ हुई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने का बेंचमार्क जून कॉन्ट्रैक्ट आज 858 रुपये की तेजी के साथ 95,580 रुपये के भाव पर खुला। पिछला बंद भाव 94,722 रुपये था। खबर लिखे जाने के समय यह कॉन्ट्रैक्ट 1,137 रुपये की तेजी के साथ 95,859 रुपये के भाव पर कारोबार कर रहा था। इस समय इसने 96,188 रुपये के भाव पर दिन का उच्च और 95,580 रुपये के भाव पर दिन का निचला स्तर छू लिया। सोने के वायदा भाव ने मंगलवार को 99,358 रुपये के भाव पर सर्वोच्च स्तर छू लिया था।

Also Read: भारत बना MNCs का ग्रोथ इंजन, ग्लोबल वॉल्यूम ग्रोथ में 8 गुना तक बढ़ा योगदान

चांदी की शुरुआत सुस्त

चांदी के वायदा भाव की शुरुआत सुस्त रही। MCX पर चांदी का बेंचमार्क मई कॉन्ट्रैक्ट आज 348 रुपये की नरमी के साथ 95,451 रुपये पर खुला। पिछला बंद भाव 95,799 रुपये था। खबर लिखे जाने के समय यह कॉन्ट्रैक्ट 333 रुपये की गिरावट के साथ 95,466 रुपये के भाव पर कारोबार कर रहा था। इस समय इसने 95,685 रुपये के भाव पर दिन का उच्च और 95,450 रुपये के भाव पर दिन का निचला स्तर छू लिया। चांदी के वायदा भाव ने इस साल 1,01,999 रुपये किलो के भाव पर सर्वोच्च स्तर छू लिया था।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना तेज, चांदी नरम

  • अंतरराष्ट्रीय बाजार में आज सोने चांदी के वायदा भाव की शुरुआत तेजी के साथ हुई। Comex पर सोना 3,301.80 डॉलर प्रति औंस पर खुला। पिछला क्लोजिंग प्राइस 3,294.10 डॉलर प्रति औंस था।
  • खबर लिखे जाने के समय यह 41.40 डॉलर की तेजी के साथ 3,335.50 डॉलर प्रति औंस के भाव पर कारोबार कर रहा था। सोने के वायदा भाव ने मंगलवार को 3,509.90 डॉलर के ऑल टाइम हाई पर थे।
  • Comex पर चांदी के वायदा भाव 33.56 डॉलर पर खुले, पिछला क्लोजिंग प्राइस 33.54 डॉलर था। हालांकि खबर लिखे जाने के समय यह 0.21 डॉलर की गिरावट के साथ 33.33 डॉलर प्रति औंस के भाव पर कारोबार कर रहा था।

Also Read: Akshaya Tritiya: सिर्फ 9 रुपये से शुरू कर सकते हैं सोने की खरीद, यहां मिल रहा है ये शानदार ऑफर

MCX, Comes पर भाव

MCX Open Last Close LTP
सोना 95,580 94,722 95,859
चांदी 95,451 95,799 95,466
Comex Open Last Close LTP
सोना 3,301.80 3,294.10 3,335.50
चांदी 33.56 33.54 33.33

(नोट: MCX में सोने के वायदा भाव रुपये प्रति 10 ग्राम, चांदी रुपये प्रति किलो में हैं। कॉमेक्स में दोनों के वायदा भाव डॉलर प्रति ओंस में हैं। last trading price (LTP) खबर लिखे जाने के समय के हैं।)


First Published – April 24, 2025 | 9:58 AM IST



संबंधित पोस्ट





Source link

YouTube
Instagram
WhatsApp