90,000 करोड़ रुपये रहा अमूल का राजस्व – amuls revenue was rs 90000 crore – बिज़नेस स्टैंडर्ड

90,000 करोड़ रुपये रहा अमूल का राजस्व – amuls revenue was rs 90000 crore – बिज़नेस स्टैंडर्ड


भारत के सबसे बड़े डेरी ब्रांड अमूल ने बीते वित्त वर्ष में सभी श्रेणियों में दो अंकों में वृद्धि हासिल की है। कंपनी की आय वित्त वर्ष 2025 में 90,000 करोड़ रुपये हो गई जो एक साल पहले के वित्त वर्ष 2024 में 80,000 करोड़ रुपये थी। अमूल के प्रबंध निदेशक जयेन मेहता ने बिज़नेस स्टैंडर्ड से कहा, ‘अब हम अगले वित्त वर्ष 2026 में एक लाख करोड़ रुपये के राजस्व का लक्ष्य कर रहे हैं क्योंकि सभी श्रेणियों में हमें दमदार वृद्धि बरकरार रहने की उम्मीद है।’ उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष की शुरुआत भी मजबूत रही है क्योंकि आइसक्रीम और मिल्कशेक जैसे गर्मी के उत्पादों की जबरदस्त मांग है।

मेहता ने कहा कि गुजरात सहकारी दुग्ध विपणन संघ (जीसीएमएमएफ) का राजस्व 66,000 करोड़ रुपये रहा, जो वित्त वर्ष 2025 में करीब 12 फीसदी अधिक रहा है। देश भर में अमूल के उत्पाद बेचने वाले गुजरात सहकारी दुग्ध विपणन संघ के कारोबार में इस गिरावट का बड़ा कारण वलसाड, राजकोट, गोधरा, सूरत, वडोदरा और आणंद की डेरी खुद से दूध और दुग्ध उत्पाद अमूल ब्रांड के तहत ही बेचती हैं मगर यह अमूल के कारोबार में नहीं दिखता है। इसके अलावा अमूल के कुल कारोबार में मवेशी चारा कारोबार दर्शाया जाता है जो गुजरात सहकारी दुग्ध विपणन संघ के कारोबार का हिस्सा नहीं है।

अमूल की पहचान अपनी डेरी के लिए है, लेकिन धीरे-धीरे अब वह खाद्य कंपनी बनने की ओर अग्रसर है और उसने ऑर्गेनिक दाल, आटा, बासमती चावल, मसाले सहित कई उत्पाद उतार दिए हैं। बीते वित्त वर्ष में अमूल ने अपने ताजे दूध के साथ अमेरिकी बाजार में प्रवेश किया था और इसके लिए कंपनी ने मिशिगन मिल्क प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (एमएमपीए) के साथ साझेदारी की थी। इस साझेदारी के तहत मिशिगन मिल्क प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन दूध संग्रह और प्रसंस्करण करेगी और गुजरात सहकारी दुग्ध विपणन संघ देश में उसकी मार्केटिंग और अमूल के लिए ब्रांडिंग करेगी।

वित्त वर्ष 1974 में इस सहकारी संगठन की शुरुआत हुई थी और अब यह 50 से अधिक देशों में अपने उत्पादों का निर्यात करती है। गुजरात सहकारी दुग्ध विपणन संघ 9 जुलाई, 1973 को अस्तित्व में आया था, जब वर्गीज कुरियन के नेतृत्व में छह डेरी सहकारी समितियां एक साथ आईं और कुरियन को भारत का मिल्कमैन कहा जाने लगा। कुरियन ने अमूल ब्रांड के तहत दूध और दुग्ध उत्पादों के विपणन का विचार रखा था। फिलहाल, गुजरात सहकारी दुग्ध विपणन संघ के पास गुजरात के 18,600 गावों में 36 करोड़ से अधिक किसानों के साथ 18 सदस्य संघ हैं।


First Published – April 23, 2025 | 11:17 PM IST



संबंधित पोस्ट





Source link

Gold prices below 95K: सोना धड़ाम! रिकॉर्ड हाई से 4,400 रुपये फिसला, MCX पर 95 हजार के आया नीचे – gold price below 96k gold crashes 4400 rupees from record high falls below 95 thousand on mcx – बिज़नेस स्टैंडर्ड

Gold prices below 95K: सोना धड़ाम! रिकॉर्ड हाई से 4,400 रुपये फिसला, MCX पर 95 हजार के आया नीचे – gold price below 96k gold crashes 4400 rupees from record high falls below 95 thousand on mcx – बिज़नेस स्टैंडर्ड


Gold prices on 23rd April 2025: घरेलू स्पॉट मार्केट में बुधवार (23 अप्रैल) को कारोबार के दौरान सोना 95 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के नीचे आ गया। एमसीएक्स (MCX) पर सोने के बेंचमार्क कॉन्ट्रैक्ट ने आज 94,959 रुपये का इंट्राडे लो बनाया जबकि मंगलवार को इसने 99,358 का नया रिकॉर्ड हाई बनाया था। इस तरह से सोना रिकॉर्ड हाई से 4,399 रुपये नीचे आ गया है। घरेलू स्पॉट मार्केट में भी आज सोना घटकर 96 हजार के लेवल पर आ गया। ग्लोबल मार्केट में भी बेचमार्क कीमतेंं आज कारोबार के दौरान 3,300 डॉलर प्रति औंस से नीचे आ गईं जबकि मंगलवार को यह 3,500 डॉलर के ऊपर चली गई थीं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चीन पर नरम रुख दिखाने और फेडरल रिजर्व के चेयरमैन पर दिए अपने पहले के बयान से यू-टर्न लेने के बाद बतौर सुरक्षित विकल्प (safe-haven) मांग कम होने से सोने की कीमतों में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद गिरावट आई है। ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि ट्रेड वॉर के दौरान चीनी वस्तुओं पर लगाए गए भारी टैरिफ को जल्द ही काफी हद तक कम किया जाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह फेडरल रिजर्व के चेयरमैन पॉवेल को नहीं हटाएंगे।

अमेरिकी डॉलर में मजबूती के बीच ऊपरी स्तरों से हो रही मुनाफावसूली की वजह से भी कीमतों पर दबाव बना है। अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (US Dollar Index) फिलहाल 0.64 फीसदी की तेजी के साथ 99.55 के लेवल पर है। सोमवार को यह 3 साल से ज्यादा (मार्च 2022) के अपने लो 97.92  तक चला गया था। जब अमेरिकी डॉलर मजबूत होता है तो सोना उन खरीदारों के लिए महंगा हो जाता है जो इसे किसी अन्य करेंसी में खरीदना चाहते हैं। इससे सोने की मांग घट सकती है और कीमतों पर दबाव बन सकता है।

हालांकि ब्याज दरों में कटौती की संभावना, अमेरिका सहित दुनिया की अर्थव्यवस्था में स्लोडाउन और महंगाई के बढ़ने की आशंका के मद्देनजर ज्यादातर जानकार सोने को लेकर फिलहाल बेहद बुलिश हैं। उनका मानना है कि ग्लोबल लेवल पर खासकर अमेरिका और चीन के बीच छिड़े ट्रेड वॉर के मद्देनजर जो अनिश्चितता की स्थिति बनी है उसमें बतौर सुरक्षित विकल्प (safe-haven) सोने की मांग बरकरार रह सकती है। साथ ही बढ़ते जियो-पॉलिटिकल टेंशन की वजह से भी बतौर सुरक्षित विकल्प सोने की मांग में और तेजी आने की उम्मीद है। इतना ही नहीं महंगाई के खिलाफ ‘हेज’ के तौर पर सोने की मांग बढ़ सकती है।

घरेलू स्पॉट मार्केट

Indian Bullion and Jewellers Association (IBJA) के मुताबिक स्पॉट (हाजिर) मार्केट में सोना 24 कैरेट (999) बुधवार को कारोबार की समाप्ति पर पिछले कारोबारी दिन (मंगलवार) की क्लोजिंग के मुकाबले 2,399 रुपये टूटकर 96,085 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर दर्ज किया गया। मंगलवार को कारोबार की समाप्ति पर यह 98,484 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर देखा गया था।

स्पॉट गोल्ड (Rupees/10 gm)

गोल्ड

22 अप्रैल 2025  (क्लोजिंग प्राइस/ 10 ग्राम) 23 अप्रैल 2025 (क्लोजिंग प्राइस/10 ग्राम) बदलाव
गोल्ड 24 कैरेट (999 ) 98,484 96,085       -2,399
गोल्ड 24 कैरेट (995) 98,090 95,700    -2,390
गोल्ड 22  कैरेट (916) 90,211 88,014 -2,197
सिल्वर/kg 95,607 96,613

+1,006

Source: IBJA

घरेलू फ्यूचर्स मार्केट

घरेलू फ्यूचर्स मार्केट एमसीएक्स (MCX) पर सोने का बेंचमार्क जून कॉन्ट्रैक्ट बुधवार को शाम के सत्र (6:40 PM IST) में 2,096 रुपये यानी 2.15 फीसदी की गिरावट के साथ 95,244 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर है। इससे पहले यह आज 96,500 रुपये पर खुला और कारोबार के दौरान 96,500 रुपये के रिकॉर्ड हाई और 94,959 रुपये के लो के बीच कारोबार किया ।

गोल्ड फ्यूचर (Rupees/10 gm)  

तारीख कॉन्ट्रैक्ट पिछला क्लोजिंग ओपनिंग इंट्राडे  हाई इंट्राडे  लो लास्ट ट्रेडिंग प्राइस बदलाव
23 अप्रैल 2025 गोल्ड जून  कॉन्ट्रैक्ट 97,340 96,500 96,500 94,959 95,244 -2,096 (-2.15%)

(Source: MCX 6:40 pm IST) 

ग्लोबल मार्केट

ग्लोबल मार्केट में बेंचमार्क स्पॉट गोल्ड (spot gold) कारोबार के दौरान आज  3,386.72  डॉलर प्रति औंस तक ऊपर और 3,291.75  डॉलर प्रति औंस तक नीचे गया। फिलहाल यह 2.22 फीसदी की कमजोरी के साथ 3,306.14 डॉलर प्रति औंस पर है। इसी तरह बेंचमार्क यूएस जून गोल्ड फ्यूचर्स (Gold COMEX JUN′25) भी आज कारोबार के दौरान 3,396 डॉलर और 3,302.60  डॉलर प्रति औंस के रेंज में रहा। फिलहाल यह 2.89 फीसदी की गिरावट के साथ 3,320.50  डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है। बेंचमार्क स्पॉट गोल्ड और यूएस जून गोल्ड फ्यूचर्स मंगलवार (22 अप्रैल) को क्रमश: 3,500.05 और 3,509.90 डॉलर के नए रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गए थे। 


First Published – April 23, 2025 | 7:10 PM IST



संबंधित पोस्ट





Source link

Arhar procurement: अरहर की सरकारी खरीद 4 लाख टन के करीब पहुंची, आंध्र प्रदेश में खरीद अव​धि बढ़ी – central government approved government procurement of 13 million tonnes of arhar – बिज़नेस स्टैंडर्ड

Arhar procurement: अरहर की सरकारी खरीद 4 लाख टन के करीब पहुंची, आंध्र प्रदेश में खरीद अव​धि बढ़ी – central government approved government procurement of 13 million tonnes of arhar – बिज़नेस स्टैंडर्ड


उत्पादक राज्यों में अरहर की सरकारी खरीद जारी है। इसकी खरीद लक्ष्य के 30 फीसदी के करीब पहुंच गई है। केंद्र सरकार ने आंध्र प्रदेश में अरहर खरीदने की समय सीमा भी बढ़ा दी है। केंद्र सरकार ने दालों के घरेलू उत्पादन बढ़ाने, किसानों को प्रोत्साहित करने और आयात पर निर्भरता कम करने के लिए खरीद वर्ष 2024-25 के लिए राज्य के उत्पादन के 100 फीसदी के बराबर मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत अरहर , उड़द और मसूर की खरीद को मंजूरी दी है। देश में वर्ष 2024-25 में अरहर का उत्पादन 35.11 लाख टन होने का अनुमान है, जबकि वर्ष 2023-24 में यह 33.85 लाख टन था। 2024-25 में मसूर का उत्पादन 18.17 लाख टन और चना का उत्पादन  115.35 लाख टन रहने का अनुमान है।

अब तक कितनी हुई अरहर की सरकारी खरीद?
केंद्र सरकार ने पिछले महीने 13.22 लाख टन अरहर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) योजना के तहत खरीदने को मंजूरी दी थी। आंध्र प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र और तेलंगाना में नैफेड और एनसीसीएफ के माध्यम से एमएसपी पर अरहर की खरीद जारी है।  खरीद वर्ष 2024-25 में 22 अप्रैल तक इन राज्यों में कुल 3.92 लाख मीट्रिक टन अरहर की खरीद की जा चुकी है। जिससे इन राज्यों के 2,56,517 किसान लाभान्वित हुए हैं। तुअर की खरीद  NAFED के ई-समृद्धि पोर्टल और  NCCF के ई-संयुक्ति पोर्टल पर पूर्व पंजीकृत किसानों से भी की जाती है। केंद्र सरकार ने अरहर के अलावा 9.40 लाख टन मसूर और 1.35 लाख टन उड़द की सरकारी खरीद को भी मंजूरी दी है।

आंध्र प्रदेश में अरहर खरीद की अवधि बढ़ी
केंद्र सरकार ने आंध्र प्रदेश के अरहर किसानों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने किसानों के हित में आंध्र प्रदेश में खरीद अवधि 30 दिन और बढ़ा दी है। अब आंध्र प्रदेश में अरहर की खरीद 22 मई तक की जा सकेगी। इससे पहले सरकार ने कर्नाटक में अरहर की खरीद अवधि 30 दिन बढ़ाकर एक मई तक कर दी थी। केंद्र सरकार ने बजट 2025 में घोषणा की थी कि देश में दालों में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए केंद्रीय नोडल एजेंसियों NAFED और NCCF के माध्यम से 2028-29 तक अगले चार वर्षों के लिए राज्य के उत्पादन का 100 फीसदी अरहर, उड़द और मसूर की खरीद की जाएगी।





Source link

Akshaya Tritiya: सिर्फ 9 रुपये से शुरू कर सकते हैं सोने की खरीद, यहां मिल रहा है ये शानदार ऑफर – akshaya tritiya can start gold from just 9 rupees this great offer is available here – बिज़नेस स्टैंडर्ड

Akshaya Tritiya: सिर्फ 9 रुपये से शुरू कर सकते हैं सोने की खरीद, यहां मिल रहा है ये शानदार ऑफर – akshaya tritiya can start gold from just 9 rupees this great offer is available here – बिज़नेस स्टैंडर्ड


अक्षय तृतीया पर पेटीएम (One97 Communications Limited) ने ‘गोल्डन रश’ नाम से एक खास अभियान शुरू किया है। इस अभियान का मकसद लोगों को डिजिटल तरीके से सोने में निवेश के लिए प्रोत्साहित करना है। इस शुभ अवसर पर सोने की खरीद को बहुत ही भाग्यशाली माना जाता है, और पेटीएम ने इसे और खास बना दिया है।

₹500 या उससे ज़्यादा के निवेश पर इनाम

अगर कोई भी यूज़र पेटीएम ऐप पर ₹500 या उससे अधिक का डिजिटल गोल्ड खरीदता है, तो उसे हर खरीदारी पर 5% वैल्यू के बराबर रिवॉर्ड प्वाइंट्स मिलते हैं। ये प्वाइंट्स एक लीडरबोर्ड पर जुड़ते हैं और सबसे ज़्यादा प्वाइंट्स कमाने वालों को 100 ग्राम सोने के इनाम में से जीतने का मौका मिलता है।

ALSO READ: Sovereign Gold Bond: गोल्ड बॉन्ड पर प्रॉफिट बुक करने का शानदार मौका! अगले महीने इन 7 किस्तों का होगा प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन

24 कैरेट शुद्ध सोने में सुरक्षित निवेश

पेटीएम गोल्ड 24 कैरेट, 99.99% शुद्ध सोना उपलब्ध कराता है, जो MMTC-PAMP से लिया गया होता है। यह भारत की वही रिफाइनरी है जिसे लंदन बुलियन मार्केट एसोसिएशन (LBMA) की मान्यता प्राप्त है। इस सोने को पूरी तरह से इंश्योर्ड वॉल्ट्स में सुरक्षित रखा जाता है, जिससे निवेशकों को पारदर्शिता और सुरक्षा का पूरा भरोसा मिलता है।

रोज़ाना SIP से बनाएं सोने की बचत की आदत

पेटीएम गोल्ड में आप रोज़ाना सिर्फ ₹9 से भी निवेश शुरू कर सकते हैं। इसकी Daily Gold SIP सुविधा से लोग धीरे-धीरे और नियमित रूप से बचत कर सकते हैं, जिससे आगे चलकर शादी, त्योहार या लॉन्गटर्म टार्गेट के लिए अच्छी रकम इकट्ठा हो जाती है।

ALSO READ: RBI gold buying:आरबीआई ने मार्च में फिर सोने पर लगाया दांव, फॉरेक्स रिजर्व में गोल्ड की हिस्सेदारी बढ़कर 12 फीसदी के करीब पहुंची

निवेश कैसे करें?

  • Paytm ऐप खोलें और सर्च बार में ‘Paytm Gold’ या ‘Daily Gold SIP’ टाइप करें।
  • ‘Buy More’ पर क्लिक करें और जितनी रकम का सोना खरीदना हो, वो दर्ज करें। न्यूनतम राशि ₹9 है।
  • लाइव गोल्ड प्राइस देखें, जो GST समेत ऐप पर दिखेगा। आप एक बार में खरीद सकते हैं या SIP चुन सकते हैं – रोज़ाना, हफ्तावार या महीने के हिसाब से।
  • भुगतान UPI, नेट बैंकिंग या डेबिट कार्ड से करें। आपका सोना सुरक्षित वॉल्ट में रखा जाएगा।
  • आपको SMS और ईमेल के ज़रिए ट्रांजैक्शन की पुष्टि मिल जाएगी।


First Published – April 23, 2025 | 4:10 PM IST



संबंधित पोस्ट





Source link

Sovereign Gold Bond: गोल्ड बॉन्ड पर प्रॉफिट बुक करने का शानदार मौका! अगले महीने इन 7 किस्तों का होगा प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन – sovereign gold bond a great chance to book profit on gold bond these 7 tranches will eligible for premature redemption next month – बिज़नेस स्टैंडर्ड

Sovereign Gold Bond: गोल्ड बॉन्ड पर प्रॉफिट बुक करने का शानदार मौका! अगले महीने इन 7 किस्तों का होगा प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन – sovereign gold bond a great chance to book profit on gold bond these 7 tranches will eligible for premature redemption next month – बिज़नेस स्टैंडर्ड


Sovereign Gold Bond Premature Redemption in May 2025: सोने का भाव घरेलू मार्केट में 1 लाख रुपये के पार चला गया है। यदि आपने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश किया है तो आपके लिए इसमें प्रॉफिट बुक करने का शानदार मौका है। अगले महीने यानी मई 2025 में बॉन्ड धारकों को कुल 7 सात सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड को मैच्योरिटी से पहले भुनाने का मौका मिलेगा। लेकिन बॉन्ड धारक को इसके लिए तय समय सीमा के भीतर अप्लाई करना होगा। यदि वे ऐसा नहीं करते तो उन्हें इन बॉन्ड को बेचने का मौका नहीं मिलेगा। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की इन किस्तों को मैच्योरिटी से पहले भुनाने पर बॉन्ड धारकों को 232 फीसदी तक का ग्रॉस रिटर्न मिल सकता है। अब जानते हैं कि आखिर कौन-कौन से सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड अगले महीने प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन के योग्य होंगे :

2018-19 Series I (IN0020180033)

अगले महीने सबसे पहले यानी 3 मई को वित्त वर्ष 2018-19 की पहली सीरीज यानी 22वें सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड को मैच्योरिटी से पहले बेचने का पांचवीं  बार मौका मिलेगा। इस बॉन्ड को 5 साल की होल्डिंग पीरियड के बाद  मैच्योरिटी से पहले पहली बार बेचने का मौका बॉन्ड धारकों को 4 मई 2023 को मिला था। यह बॉन्ड 4 मई 2018 को 3,114 रुपये के इश्यू प्राइस पर जारी किया गया था।  इस बॉन्ड के प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन के लिए अप्लाई करने की प्रक्रिया 3 अप्रैल  2025 से शुरू हो गई है। इच्छुक बॉन्ड धारकों के लिए अप्लाई करने की अंतिम तारीख 23 अप्रैल है।

SGB Tranche Issue Date Date of premature redemption Dates for submitting the request for premature redemption  IBJA price  Issue Price 
2018-19 Series I May 4,  2018 May 3, 2025 Apr 3, 2025 to Apr 23, 2025 Rs 9,578 Rs 3,114

 

Also Read: RBI gold buying:आरबीआई ने मार्च में फिर सोने पर लगाया दांव, फॉरेक्स रिजर्व में गोल्ड की हिस्सेदारी बढ़कर 12 फीसदी के करीब पहुंची

2017-18 Series VI (IN0020170083)

वित्त वर्ष 2017-18 की छठी  सीरीज यानी 13 वें सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड को अगले महीने 6 मई  को  मैच्योरिटी से पहले छठी यानी आखिरी बार बेचने का मौका मिलेगा। 5 साल की होल्डिंग पीरियड के बाद इस बॉन्ड को मैच्योरिटी से पहले पहली बार बेचने का मौका बॉन्ड धारकों को 6 नवंबर 2022 को मिला था। यह बॉन्ड 6 नवंबर 2017 को 2,945 रुपये के इश्यू प्राइस पर जारी किया गया था। इस बॉन्ड के प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन के लिए अप्लाई करने की प्रक्रिया 5 अप्रैल  2025 से शुरू हो गई है। इच्छुक बॉन्ड धारकों के लिए अप्लाई करने की अंतिम तारीख 28 अप्रैल है।

SGB Tranche Issue Date Date of premature redemption Dates for submitting the request for premature redemption  IBJA price  Issue Price  
2017-18 Series VI Nov 6,  2017 May 6, 2025 Apr 5, 2025 to Apr 28, 2025 Rs 9,578 Rs 2,945

 

2017-18 Series VII (IN0020170091)

वित्त वर्ष 2017-18 की सातवीं  सीरीज यानी 14 वें सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड को 13 मई  को  मैच्योरिटी से पहले छठी यानी आखिरी बार बेचने का मौका मिलेगा। 5 साल की होल्डिंग पीरियड के बाद इस बॉन्ड को मैच्योरिटी से पहले पहली बार बेचने का मौका बॉन्ड धारकों को 13 नवंबर 2022 को मिला था। यह बॉन्ड 13 नवंबर 2017 को 2,934 रुपये के इश्यू प्राइस पर जारी किया गया था। इस बॉन्ड के प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन के लिए अप्लाई करने की प्रक्रिया 11 अप्रैल  2025 से शुरू हो गई है। इच्छुक बॉन्ड धारकों के लिए अप्लाई करने की अंतिम तारीख 3 मई  है।

SGB Tranche Issue Date Date of premature redemption Dates for submitting the request for premature redemption  IBJA price  Issue Price 

2017-18 Series VII

Nov  13,  2017 May 13, 2025 Apr 11, 2025 to May 3, 2025 Rs 9,578 Rs 2,934

 

2018-19 Series III (IN0020180314)

वित्त वर्ष 2018-19 की तीसरी सीरीज यानी 24 वें सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड को अगले महीने 13 मई को मैच्योरिटी से पहले चौथीबार बेचने का मौका मिलेगा। 5 साल की होल्डिंग पीरियड के बाद इस बॉन्ड को मैच्योरिटी से पहले पहली बार बेचने का मौका बॉन्ड धारकों को 13 नवंबर 2023 को मिला था। यह बॉन्ड 13 नवंबर 2018 को 3,183 रुपये के इश्यू प्राइस पर जारी किया गया था। इस बॉन्ड के प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन के लिए अप्लाई करने की प्रक्रिया 11 अप्रैल  2025 से शुरू हो गई है। इच्छुक बॉन्ड धारकों के लिए अप्लाई करने की अंतिम तारीख 3 मई  है।

SGB Tranche Issue Date Date of premature redemption Dates for submitting the request for premature redemption  IBJA price  Issue Price 

2018-19 Series III

Nov 13,  2018 May 13, 2025 Apr 11, 2025 to May 3, 2025 Rs 9,578 Rs 3,183

 

2020-21, Series II (IN0020200088)

वित्त वर्ष 2020-21 की दूसरी  सीरीज यानी 39 वें सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड को 19 मई को  5 साल की होल्डिंग पीरियड के बाद मैच्योरिटी से पहले पहली बार बेचने का मौका मिलेगा। यह बॉन्ड 19 मई 2020 को 4,590 रुपये के इश्यू प्राइस पर जारी किया गया था। इस बॉन्ड के प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन के लिए अप्लाई करने की प्रक्रिया 19 अप्रैल  2025 से शुरू हो गई है। इच्छुक बॉन्ड धारकों के लिए अप्लाई करने की अंतिम तारीख 9 मई  है।

SGB Tranche Issue Date Date of premature redemption Dates for submitting the request for premature redemption  IBJA price  Issue Price 

2020-21 Series II

May 19,  2020 May 19, 2025 Apr 19, 2025 to May 9, 2025 Rs 9,578 Rs 4,590

 

2017-18 Series VIII (IN0020170109)

अगले महीने 20 मई को वित्त वर्ष 2017-18 की आठवीं सीरीज यानी 15 वें सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड को 5 साल की होल्डिंग पीरियड के बाद मैच्योरिटी से पहले छठी यानी आखिरी बार बेचने का मौका मिलेगा। 5 साल की होल्डिंग पीरियड के बाद इस बॉन्ड को मैच्योरिटी से पहले पहली बार बेचने का मौका बॉन्ड धारकों को 20 नवंबर 2022 को मिला था। यह बॉन्ड 20 नवंबर 2017 को 2,961 रुपये के इश्यू प्राइस पर जारी किया गया था। इस बॉन्ड के प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन के लिए अप्लाई करने की प्रक्रिया 19 अप्रैल  2025 से शुरू हो गई है। इच्छुक बॉन्ड धारकों के लिए अप्लाई करने की अंतिम तारीख 13 मई  है।

SGB Tranche Issue Date Date of premature redemption Dates for submitting the request for premature redemption  IBJA price Issue Price 
2017-18 Series VIII Nov 20,  2017 May 20, 2025 Apr 19, 2025 to May 9, 2025 Rs 9,578 2,961

 

2017-18 Series IX (IN0020170117)

अगले महीने 27 मई को वित्त वर्ष 2017-18 की नौवीं  सीरीज यानी 16 वें सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड को 5 साल की होल्डिंग पीरियड के बाद मैच्योरिटी से पहले छठी यानी आखिरी बार बेचने का मौका मिलेगा। 5 साल की होल्डिंग पीरियड के बाद इस बॉन्ड को मैच्योरिटी से पहले पहली बार बेचने का मौका बॉन्ड धारकों को 27 नवंबर 2022 को मिला था। यह बॉन्ड 27 नवंबर 2017 को 2,964 रुपये के इश्यू प्राइस पर जारी किया गया था। इस बॉन्ड के प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन के लिए अप्लाई करने की प्रक्रिया 25 अप्रैल  2025 से शुरू हो गई है। इच्छुक बॉन्ड धारकों के लिए अप्लाई करने की अंतिम तारीख 17 मई  है।

SGB Tranche Issue Date Date of premature redemption Dates for submitting the request for premature redemption  IBJA price Issue Price 
2017-18 Series IX Nov 27,  2017 May 27, 2025 Apr 25, 2025 to May 17, 2025 Rs 9,578 2,964

Source: RBI, IBJA

अब जानते हैं कि प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन को लेकर नियम क्या हैं?

कब कर सकते हैं प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन ?

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड को मैच्योरिटी से पहले रिडीम करने का विकल्प भी निवेशकों के पास होता है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड को आप उसके इश्यू होने के 5 साल बाद मैच्योरिटी से पहले रिडीम कर सकते हैं। आरबीआई प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन की तारीख उस दिन तय करती है जिस दिन इस बॉन्ड पर इंटरेस्ट देय होता है। इस बॉन्ड पर इंटरेस्ट प्रत्येक छह महीने यानी साल में दो दफे मिलता है।

कैसे होती है प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन प्राइस की गणना

मैच्योरिटी से पहले रिडेम्प्शन प्राइस प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन की तारीख से ठीक पहले के 3 कारोबारी दिन के लिए आईबीजेए (IBJA) की तरफ से प्राप्त 24 कैरेट गोल्ड (999) के क्लोजिंग प्राइस का एवरेज होता है।

टैक्स को लेकर क्या हैं नियम ?

अगर आपने मैच्योरिटी पीरियड से पहले रिडीम किया तो टैक्स लिस्टेड फाइनेंशियल एसेट्स की तरह लगेगा। मतलब सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड खरीदने के बाद 12 महीने से पहले बेच देते हैं तो होने वाली कमाई यानी कैपिटल गेन को शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन (STCG) माना जाएगा। जो आपके ग्रॉस टोटल इनकम में जोड़ दिया जाएगा और आपको अपने टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स चुकाना होगा। लेकिन अगर आप 12 महीने बाद बेचते हैं तो 12.5 फीसदी लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स चुकाना होगा। लेकिन यदि आप सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड को उसकी मैच्योरिटी यानी 8 साल तक होल्ड करते हैं तो रिडेम्प्शन के समय आपको कोई टैक्स नहीं देना होगा।

 


First Published – April 23, 2025 | 3:50 PM IST



संबंधित पोस्ट





Source link

यूपी में महिलाएं बनेंगी ‘कृषि सखी’, मिलेगी ट्रेनिंग, मानदेय होगा 5,000 रुपये – women will be made krishi sakhi in up training will be honorarium of rs 5000 – बिज़नेस स्टैंडर्ड

यूपी में महिलाएं बनेंगी ‘कृषि सखी’, मिलेगी ट्रेनिंग, मानदेय होगा 5,000 रुपये – women will be made krishi sakhi in up training will be honorarium of rs 5000 – बिज़नेस स्टैंडर्ड


उत्तर प्रदेश सरकार बुंदेलखंड और गंगा तट के इलाकों में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने जा रही है। साथ ही इस काम के लिए सरकार ने 250 करोड़ रुपये का बजट भी निर्धारित किया है। इतना ही नहीं बुंदेलखंड और गंगा के तटवर्ती इलाकों के बाद गंगा की सहयोगी नदियों के दोनों किनारों पर भी ऐसी खेती को बढ़ावा दिया जा रहा। इस खेती के प्रति किसानों को जागरूक करने के लिए प्रति माह 5000 रूपये के मानदेय पर कृषि सखियों की नियुक्ति की जाएगी। इनको संबंधित जिले के कृषि विज्ञान केंद्र के एक्सपर्ट प्रशिक्षण देंगे। प्राकृतिक खेती के लिए हर जिले में दो बायो इनपुट रिसर्च सेंटर (बीआरसी) भी खोले जाएंगे।  सरकार की मंशा 282 ब्लाकों, 2144 ग्राम पंचायतों की करीब 2.5 लाख किसानों को इससे जोड़ने की है। योजना के मुताबिक खेती क्लस्टर में होगी और हर क्लस्टर 50 हेक्टेयर का होगा। सरकार इस योजना पर अगले दो वर्ष में करीब 250 करोड़ रुपए खर्च करेगी।

गौरतलब है कि इसी तरह योगी सरकार बुंदेलखंड के जिलों झांसी, ललितपुर, जालौन, हमीरपुर, महोबा, बांदा और चित्रकूट में गो आधारित प्राकृतिक खेती मिशन चला रही है। किसान गोबर व गोमूत्र से ही खाद और कीटनाशक (जीवामृत, बीजामृत और घन जीवामृत) जैसे मिश्रण बनाने के तरीके सिखा रहे हैं। किसान इसे बनाकर उनका खेत और फसल में प्रयोग करें, इसके लिए उनको प्रशिक्षित किया गया है। प्राकृतिक खेती मिशन के पहले और दूसरे चरण के लिए सरकार ने 13.16 करोड़ रुपए जारी भी किए हैं। अब तक 470 क्लस्टर गठित कर 21934 किसानों को इससे जोड़ा गया है। हर ग्राम पंचायत में 50 हेक्टेयर का एक क्लस्टर बनाया जा रहा है। किसानों को दो हेक्टेयर तक के लिए वित्तीय सहायता भी दी जा रही है। फार्मर्स फील्ड स्कूल के 2535 सत्र आयोजित किए गए हैं।

ALSO READ: World Bank ने FY26 के लिए भारत की ग्रोथ रेट का अनुमान घटाकर 6.3% किया, वैश्विक अनिश्चितता को बताया कारण

इसी पहल के तहत अब तक प्रदेश में योगी सरकार 7700 से अधिक गो आश्रय केंद्र बना चुकी है। इनमें करीब 12.5 लाख निराश्रित गोवंश रखे गए हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत करीब 1 लाख लाभार्थियों को 1.62 लाख निराश्रित गोवंश दिए गए हैं। योजना के तहत हर लाभार्थी को प्रति माह 1500 रुपये भी दिए जाते हैं। प्रवक्ता ने बताया कि  गो आश्रय केंद्रों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए संबंधित विभाग कृषि विभाग से मिलकर सभी जगहों पर वहां की क्षमता के अनुसार वर्मी कंपोस्ट इकाई लगाएगा। गोबर और गोमूत्र को प्रसंस्कृत करने के लिए उचित तकनीक की जानकारी देने के बाबत इन केंद्रों और अन्य लोगों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसमें चारे की उन्नत प्रजातियों के बेहतर उत्पादन उनको फोर्टीफाइड कर लंबे समय तक संरक्षित करने के बाबत भी प्रशिक्षित किया जाएगा। इसमें राष्ट्रीय चारा अनुसंधान केंद्र झांसी की मदद ली जाएगी। 

 


First Published – April 23, 2025 | 3:47 PM IST



संबंधित पोस्ट





Source link

YouTube
Instagram
WhatsApp