दादा-दादी से लेकर मम्मी-पापा तक को है डायबिटीज तो क्या करें, कौन-सा तरीका रखेगा आपको एकदम फिट?

दादा-दादी से लेकर मम्मी-पापा तक को है डायबिटीज तो क्या करें, कौन-सा तरीका रखेगा आपको एकदम फिट?



दादा-दादी से लेकर मम्मी-पापा तक को है डायबिटीज तो क्या करें, कौन-सा तरीका रखेगा आपको एकदम फिट?



Source link

रेनल हाइपरटेंशन क्या है और इसे कैसे करें कंट्रोल, जानिए हेल्दी लाइफस्टाइल के 5 जरूरी कदम

रेनल हाइपरटेंशन क्या है और इसे कैसे करें कंट्रोल, जानिए हेल्दी लाइफस्टाइल के 5 जरूरी कदम


How to Control Renal Hypertension: जब किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित होती है, तो इसका असर ब्लड प्रेशर पर भी पड़ता है. इस स्थिति को रेनल हाइपरटेंशन कहा जाता है. यह केवल ब्लड प्रेशर की समस्या ही नहीं, बल्कि दिल की बीमारियों और किडनी डैमेज का बड़ा कारण भी बन सकती है. अच्छी बात यह है कि, समय पर सही कदम उठाकर इसे नियंत्रित किया जा सकता है. आइए जानते हैं रेनल हाइपरटेंशन को मैनेज करने के प्रभावी तरीके.

दिल्ली में स्थित बीएलके मैक्स हॉस्पिटल के डॉ. भानु मिश्रा का कहना है कि, अगर समय रहते रेनल हाइपरटेंशन को कंट्रोल न किया जाए तो यह दिल की बीमारियों और किडनी फेलियर तक का कारण बन सकता है. इसलिए ज़रूरी है कि मरीज नियमित जांच कराएं और जीवनशैली में सुधार करें.

ये भी पढ़े- महिलाओं में क्यों हो जाती है कैल्शियम की कमी, इससे कैसे बचें?

हेल्दी डाइट लेना

  • रेनल हाइपरटेंशन को काबू में रखने के लिए सबसे पहला कदम है सही खानपान
  • ज्यादा नमक ब्लड प्रेशर को बढ़ाता है। इसलिए कम सोडियम वाली डाइट अपनाना बेहद जरूरी है
  • पोटैशियम से भरपूर आहार: केला, नारंगी और हरी सब्जियां पोटैशियम देती हैं, जो ब्लड प्रेशर संतुलित रखने में मददगार हैं
  • प्रोसेस्ड फूड से दूरी: पैकेट वाले स्नैक्स, इंस्टैंट नूडल्स और फ्रोजन फूड्स ब्लड प्रेशर को बिगाड़ सकते हैं

नियमित व्यायाम करना

  • हर रोज थोड़ी-सी कसरत ब्लड प्रेशर पर जादुई असर डाल सकती है
  • हफ्ते में कम से कम 5 दिन, 30 मिनट तेज़ चलना, जॉगिंग या स्विमिंग करना लाभकारी है
  • शुरुआत धीरे-धीरे करें और फिर धीरे-धीरे समय और मेहनत बढ़ाएं
  • नियमित व्यायाम से दिल मज़बूत होता है और ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है

दवाइया लेना भी जरूरी है

  • कभी-कभी केवल डाइट और व्यायाम से ब्लड प्रेशर नियंत्रित नहीं होता। ऐसे में दवाइयों की जरूरत पड़ती है
  • ACE इनहिबिटर्स या ARBs ये दवाएं ब्लड वेसल्स को रिलैक्स करती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर कम होता है
  • डाययूरेटिक्स (वॉटर पिल्स) शरीर से अतिरिक्त पानी और नमक बाहर निकालने में मदद करती हैं
  • कैल्शियम चैनल ब्लॉकर्स ये दवाएं नसों को मुलायम करती हैं और ब्लड प्रेशर कम करती हैं

वजन पर रखें नियंत्रण

अधिक वजन दिल और किडनी पर दबाव बढ़ाता है. हल्का सा वजन कम करने से भी ब्लड प्रेशर में बड़ा सुधार आता है. संतुलित डाइट, व्यायाम और अनुशासित जीवनशैली सेसिर्फ ब्लड प्रेशर नियंत्रित होता है बल्कि ऊर्जा भी बढ़ती है.

नियमित जांच करवाना

  • रेनल हाइपरटेंशन वाले लोगों के लिए नियमित मॉनिटरिंग बेहद जरूरी है
  • ब्लड प्रेशर की जांच: घर पर या डॉक्टर के पास बार-बार ब्लड प्रेशर चेक करना
  • किडनी टेस्ट: खून और यूरिन टेस्ट से यह पता चलता है कि किडनी ठीक काम कर रही है या नहीं
  • नियमित जांच से समय रहते समस्या पकड़ में आती है और इलाज करना आसान हो जाता है

इसे भी पढ़ें- बच्चों के लिए सोने का सही वक्त कौन-सा, जानें कब और कितना सोना सबसे सही?

Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Check out below Health Tools-
Calculate Your Body Mass Index ( BMI )

Calculate The Age Through Age Calculator



Source link

बच्चे के गले में फंस जाए सिक्का तो कैसे निकालें? 5 मिनट में ऐसे बचेगी जान

बच्चे के गले में फंस जाए सिक्का तो कैसे निकालें? 5 मिनट में ऐसे बचेगी जान


How to Remove Coin from Child Throat: बच्चे अक्सर खेलते-खेलते छोटी चीजें मुंह में डाल लेते हैं. खिलौनों के छोटे हिस्से, बटन, या फिर सिक्का, ये सब उनकी जिज्ञासा का हिस्सा बन जाते हैं. लेकिन कभी-कभी यह आदत खतरे का कारण बन सकती है. खासकर जब सिक्का गले में फंस जाए. ऐसी स्थिति में बच्चा अचानक खांसने लगे, सांस लेने में तकलीफ हो या गले में दर्द महसूस करे. यह पल माता-पिता के लिए बेहद डरावना होता है.

डॉ. अनिमेश बताते हैं कि, ऐसे समय पर घबराने के बजाय तुरंत सही कदम उठाना जरूरी है. समय पर की गई मदद से बच्चे की जान बचाई जा सकती है. तो आइए जानते हैं, अगर बच्चे के गले में सिक्का फंस जाए तो क्या करें और कैसे 5 मिनट के अंदर ही उसकी जान बचाई जा सकती है.

ये भी पढ़े- कितनी खतरनाक होती है स्पोर्ट्स हॉर्निया, जिसकी सूर्य कुमार यादव ने कराई सर्जरी?

घबराएं नहीं, शांत रहें

सबसे पहले माता-पिता को घबराना नहीं चाहिए. पैनिक होने से बच्चे पर भी असर पड़ता है और स्थिति और खराब हो सकती है. कोशिश करें कि बच्चे को शांत रखें और तुरंत कदम उठाएं.

खांसी को रुकने न दें

बच्चा खांस रहा है तो खांसने दें. यानी रोके नहीं, कई बार लगातार खांसने से सिक्का बाहर निकल आता है. बच्चे को पानी पीने के लिए न कहें, क्योंकि पानी पीने से सिक्का और नीचे फंस सकता है.

1 से 8 साल के बच्चे को कैसे संभाले

  • 1 से 8 साल तक के बच्चे के लिए: बच्चे को अपनी गोद में उल्टा लिटाएं और पीठ पर कंधों के बीच 5 बार हल्के-हल्के थपथपाएं.
  • अगर सिक्का बाहर न आए तो बच्चे को सीधा बैठाकर उसके पेट (नाभि के ऊपर) पर हल्का दबाव डालें. यह दबाव हवा को ऊपर की ओर धकेलता है और सिक्का बाहर आ सकता है.

तुरंत डॉक्टर के पास ले जाएं

अगर सिक्का बाहर नहीं निकल रहा है या बच्चा सांस लेने में कठिनाई महसूस कर रहा है, तो समय गंवाए बिना तुरंत नजदीकी अस्पताल जाएं. डॉक्टर एंडोस्कोपी या अन्य तरीकों से सिक्का निकाल सकते हैं.

ऐसी स्थिति से बचाव कैसे करें

  • छोटे बच्चों को कभी भी अकेला न छोड़ें, खासकर जब आसपास सिक्के, बटन या छोटे खिलौने हों
  • बच्चों को बार-बार समझाएं कि सिक्का या कोई भी छोटी चीज मुंह में डालना खतरनाक हो सकता है
  • घर में सिक्के या अन्य छोटे सामान बच्चों की पहुंच से दूर रखें

इसे भी पढ़ें- बच्चों के लिए सोने का सही वक्त कौन-सा, जानें कब और कितना सोना सबसे सही?

Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Check out below Health Tools-
Calculate Your Body Mass Index ( BMI )

Calculate The Age Through Age Calculator



Source link

70 की उम्र में भी दिल रहेगा एकदम हेल्दी, बस आजमाने होंगे ये 5 टिप्स

70 की उम्र में भी दिल रहेगा एकदम हेल्दी, बस आजमाने होंगे ये 5 टिप्स


Healthy Heart Tips: कहते हैं उम्र सिर्फ एक संख्या है. अगर दिल स्वस्थ है तो 70 की उम्र में भी इंसान खुद को उतना ही ऊर्जावान महसूस करता है जितना 40 की उम्र मेंलेकिन हकीकत यह भी है कि जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, दिल की सेहत को लेकर लापरवाही बरतना खतरनाक हो सकता है. ब्लड प्रेशर, शुगर, मोटापा, तनाव और गलत खानपान दिल की बीमारियों को न्योता देते हैं.

इस मसले पर डॉ. बिमल छाजेड़ का कहना है कि, सही जीवनशैली अपनाकर और कुछ आसान टिप्स फॉलो करके 70 साल की उम्र में भी दिल को मजबूत और स्वस्थ रखा जा सकता है. तो आइए जानते हैं वे 5 टिप्स, जिन्हें अपनाकर बढ़ती उम्र में भी आप दिल को फिट और हेल्दी रख सकते हैं.

ये भी पढ़े- क्या है वॉटर बर्थ डिलीवरी, जिनमें पानी में जन्म लेता है बच्चा, प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए यह कितनी सेफ?

रोजाना हल्की-फुल्की कसरत करें

उम्र चाहे कितनी भी हो, शरीर को एक्टिव रखना जरूरी है. 70 साल की उम्र में भी हल्की-फुल्की एक्सरसाइज जैसे टहलना, योग, प्राणायाम, स्ट्रेचिंग या घर के छोटे-छोटे काम करना दिल को मजबूती देता है. इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, हार्ट की मांसपेशियां मजबूत रहती हैं और अनावश्यक फैट शरीर में जमा नहीं होता.

संतुलित और हल्का आहार लें

उम्र बढ़ने पर पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है, इसलिए भोजन हमेशा हल्का और पचने में आसान होना चाहिए. आहार में हरी सब्जियां, मौसमी फल, दालें, सलाद, ओट्स और नट्स शामिल करें. तैलीय और मसालेदार भोजन से दूरी बनाएं। साथ ही, नमक और चीनी का सेवन सीमित मात्रा में करें. इससे ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल कंट्रोल रहता है, जो दिल की बीमारियों से बचाता है.

तनाव से रहें दूर

तनाव दिल की बीमारियों का सबसे बड़ा कारण है। छोटी-सी चिंता भी दिल की धड़कनें असामान्य बना सकती है. इसलिए इस उम्र में मानसिक शांति बेहद जरूरी है. मेडिटेशन करें, अच्छा संगीत सुनें, परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताएं। हंसना और पॉजिटिव सोच बनाए रखना दिल को लंबे समय तक स्वस्थ रखने की कुंजी है.

नींद को दें प्राथमिकता

अच्छी नींद सिर्फ दिमाग ही नहीं, दिल की सेहत के लिए भी जरूरी है. उम्र बढ़ने पर कई लोगों को नींद पूरी नहीं हो पाती, लेकिन कम से कम 6-7 घंटे की गहरी नींद लेना जरूरी है. नींद से शरीर को आराम मिलता है, ब्लड प्रेशर सामान्य रहता है और दिल पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता.

नियमित हेल्थ चेकअप कराएं

70 की उम्र में दिल को स्वस्थ रखने का सबसे आसान तरीका है समय-समय पर चेकअप कराना. ईसीजी, ब्लड प्रेशर, शुगर लेवल और कोलेस्ट्रॉल टेस्ट कराते रहें. इससे किसी भी समस्या का पता समय रहते चल जाता है और बीमारी बढ़ने से पहले उसका इलाज किया जा सकता है.

इसे भी पढ़ें- बच्चों के लिए सोने का सही वक्त कौन-सा, जानें कब और कितना सोना सबसे सही?

Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Check out below Health Tools-
Calculate Your Body Mass Index ( BMI )

Calculate The Age Through Age Calculator



Source link

घर में नहीं है दवा तो इस्तेमाल करें किचन में रखीं ये चीजें, उल्टी-पेट दर्द और दस्त जैसी दिक्कते

घर में नहीं है दवा तो इस्तेमाल करें किचन में रखीं ये चीजें, उल्टी-पेट दर्द और दस्त जैसी दिक्कते


आज की बिजी लाइफ में हर कोई किसी न किसी परेशानी का हिस्सा बना हुआ है, कभी ऑफिस का स्ट्रेस, कभी गलत खानपान, तो कभी नींद की कमी. ऐसे में बीमार पड़ना अब कोई आम बात नहीं रह गई है. उल्टी, पेट दर्द, दस्त, सिर दर्द या कभी चोट लग जाना  ये सब आम समस्याएं हैं, जो किसी भी समय हो सकती हैं. कभी-कभी ऐसा होता है कि रात को या छुट्टी के दिन अचानक कोई तबीयत बिगड़ जाए, और उस समय घर में दवाई भी न हो, तो स्थिति और भी मुश्किल हो जाती है. लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है. हमारी रसोई यानी किचन में ही कई ऐसी चीजें मौजूद होती हैं, जो कई समस्याओं में तुरंत राहत दे सकती हैं. तो आइए जानते हैं कि घर में दवा ना होने पर किचन में रखीं कौन सी चीजें इस्तेमाल करें. जिससे उल्टी-पेट दर्द और दस्त जैसी दिक्कतें चुटकी में दूर होंगी.

घर में दवा ना होने पर किचन में रखीं कौन सी चीजें इस्तेमाल करें?

घर में दवाई न हो, तो किचन में मौजूद कुछ चीजों से भी आप उल्टी, दस्त, पेट दर्द, सिर दर्द, दांत दर्द, चोट या ब्लीडिंग जैसी समस्याओं से राहत पा सकते हैं. ये चीजें ना सिर्फ नेचुरल होती हैं, बल्कि इसका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होता है.

1. कर्पूर, पिपरमिंट और अजवाइन – अगर किसी को अचानक उल्टी, दस्त या पेट में दर्द हो जाए, तो किचन में रखे ये तीन सामान आपकी तुरंत मदद कर सकते हैं. कर्पूर, पिपरमिंट और अजवाइन को समान मात्रा में मिलाकर लें. यह पेट की समस्याओं, सिर दर्द और दांत दर्द में भी फायदेमंद है.

2. फिटकरी से रोकें ब्लीडिंग – अगर किसी को अचानक से ब्लीडिंग होने लगे और रुक न रही हो, तो फिटकरी काम आएगी. फिटकरी को तवे पर भून लें, फिर उसका चूर्ण बना लें. दो चुटकी चूर्ण पानी के साथ पी सकते हैं या सीधे जख्म पर लगा सकते हैं. यह तुरंत असर दिखाता है और ब्लीडिंग को रोक देता है.

3. हल्दी और चूना से चोट का इलाज – चोट लगने पर सूजन और दर्द से राहत चाहिए तो हल्दी और चूने का लेप करें. इसको बनाने के लिए थोड़ी सी हल्दी में हल्का चूना मिलाकर पेस्ट बनाएं और चोट वाली जगह पर लगाएं. यह दर्द को कम करता है और सूजन भी घटाता है.

इन घरेलू उपायों के फायदे

1. इन घरेलू उपायों से दवाओं की जरूरत नहीं पड़ती है.
2. इसके अलावा ये उपाय काफी असरदार और नेचुरल होते है जिनसे तुरंत राहत मिलती है.
3. इसके साथ ही इन घरेलू उपायों को करने से केमिकल वाली दवाओं के साइड इफेक्ट से बचाव मिलता है.
4. यह सस्ते और आसानी से अवेलेबल हो जाते हैं.
5. यह उपाय हर उम्र यानी बच्चों और बुजुर्गों दोनों के लिए सुरक्षित हैं.

यह भी पढ़ें: डाइट में शामिल कर लें ये चीजें, गलती से भी ब्लड प्रेशर नहीं होगा हाई और किडनी रहेगी फिट!

Check out below Health Tools-
Calculate Your Body Mass Index ( BMI )

Calculate The Age Through Age Calculator



Source link

YouTube
Instagram
WhatsApp