हार्ट ब्लॉकेज होने पर दिखते हैं ये 6 लक्षण, कहीं आप तो नहीं हैं इससे परेशान

हार्ट ब्लॉकेज होने पर दिखते हैं ये 6 लक्षण, कहीं आप तो नहीं हैं इससे परेशान


सीने में दर्द और भारीपन: सीने में बीच-बीच में दबाव, जलन या भारीपन महसूस होना हार्ट ब्लॉकेज का सबसे सामान्य लक्षण है. इसे अक्सर “एंजाइना” कहा जाता है. यह दर्द कभी कंधे, बाजू या पीठ तक भी फैल सकता है। अगर ऐसा बार-बार हो रहा है तो डॉक्टर से तुरंत जांच कराना जरूरी है.

सांस लेने में तकलीफ: थोड़ा-सा चलने या सीढ़ियां चढ़ने पर ही अगर आपको सांस फूलने लगे, तो यह हार्ट ब्लॉकेज का संकेत हो सकता है. ब्लॉकेज होने से दिल तक ऑक्सीजन पहुंचने में दिक्कत होती है, जिससे सांस लेने में परेशानी आती है.

सांस लेने में तकलीफ: थोड़ा-सा चलने या सीढ़ियां चढ़ने पर ही अगर आपको सांस फूलने लगे, तो यह हार्ट ब्लॉकेज का संकेत हो सकता है. ब्लॉकेज होने से दिल तक ऑक्सीजन पहुंचने में दिक्कत होती है, जिससे सांस लेने में परेशानी आती है.

थकान और कमजोरी: दिनभर बिना किसी भारी काम के ही थकावट महसूस होना, नींद पूरी होने के बाद भी कमजोरी रहना हार्ट ब्लॉकेज का लक्षण हो सकता है. धमनियों में रुकावट की वजह से शरीर को पर्याप्त खून और ऑक्सीजन नहीं मिल पाती, जिससे लगातार थकान महसूस होती है.

थकान और कमजोरी: दिनभर बिना किसी भारी काम के ही थकावट महसूस होना, नींद पूरी होने के बाद भी कमजोरी रहना हार्ट ब्लॉकेज का लक्षण हो सकता है. धमनियों में रुकावट की वजह से शरीर को पर्याप्त खून और ऑक्सीजन नहीं मिल पाती, जिससे लगातार थकान महसूस होती है.

चक्कर आना और बेहोशी: हार्ट ब्लॉकेज के कारण जब खून का बहाव बाधित होता है, तो दिमाग तक पर्याप्त रक्त नहीं पहुंच पाता. इसका नतीजा चक्कर आना, सिर घूमना या कभी-कभी बेहोश हो जाना हो सकता है. इसे सामान्य कमजोरी समझने की भूल न करें.

चक्कर आना और बेहोशी: हार्ट ब्लॉकेज के कारण जब खून का बहाव बाधित होता है, तो दिमाग तक पर्याप्त रक्त नहीं पहुंच पाता. इसका नतीजा चक्कर आना, सिर घूमना या कभी-कभी बेहोश हो जाना हो सकता है. इसे सामान्य कमजोरी समझने की भूल न करें.

पैरों और पंजों में सूजन: दिल का सही तरीके से काम न करना शरीर में फ्लूइड रिटेंशन बढ़ा देता है. इससे पैरों, टखनों और पंजों में सूजन आ सकती है. यह हार्ट ब्लॉकेज के अलावा हार्ट फेल्योर का भी शुरुआती संकेत हो सकता है.

पैरों और पंजों में सूजन: दिल का सही तरीके से काम न करना शरीर में फ्लूइड रिटेंशन बढ़ा देता है. इससे पैरों, टखनों और पंजों में सूजन आ सकती है. यह हार्ट ब्लॉकेज के अलावा हार्ट फेल्योर का भी शुरुआती संकेत हो सकता है.

अत्यधिक पसीना आना: गर्मी या एक्सरसाइज के बिना ही बार-बार और ज्यादा पसीना आना भी हार्ट ब्लॉकेज का संकेत हो सकता है. यह स्थिति दिल पर दबाव बढ़ने और ब्लॉकेज के कारण होती है. खासकर सीने में दर्द के साथ पसीना आना गंभीर खतरे की ओर इशारा करता है.

अत्यधिक पसीना आना: गर्मी या एक्सरसाइज के बिना ही बार-बार और ज्यादा पसीना आना भी हार्ट ब्लॉकेज का संकेत हो सकता है. यह स्थिति दिल पर दबाव बढ़ने और ब्लॉकेज के कारण होती है. खासकर सीने में दर्द के साथ पसीना आना गंभीर खतरे की ओर इशारा करता है.

Published at : 16 Aug 2025 05:31 PM (IST)


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किस साल तक खत्म हो जाएंगी ये 3 घातक बीमारियां, बदल जाएगी करोड़ों लोगों की जिंदगी

किस साल तक खत्म हो जाएंगी ये 3 घातक बीमारियां, बदल जाएगी करोड़ों लोगों की जिंदगी


Eradication of Diseases: हमारा स्वास्थ्य ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है. लेकिन दुनिया में कुछ ऐसी बीमारियां हैं, जिन्होंने इंसान की जिंदगी को सालों से डर और दर्द में जकड़ रखा है. कैंसर, अंधापन और लकवा जैसी गंभीर बीमारियां न केवल शरीर को कमजोर करती हैं, बल्कि परिवार और समाज पर भी गहरा असर डालती हैं. अच्छी खबर ये है कि वैज्ञानिकों ने हाल ही में एक एडवांस वैक्सीन विकसित की है, जिसकी मदद से अनुमान लगाया जा रहा है कि 2030 तक ये बीमारियां दुनिया से लगभग खत्म हो सकती हैं.

कैंसर से हमेशा के लिए छुटकारा?

कैंसर आज दुनिया में मौत के सबसे बड़े कारणों में से एक है। हर साल लाखों लोग इस बीमारी की चपेट में आते हैं. अब वैज्ञानिकों ने एक ऐसी एडवांस वैक्सीन विकसित की है, जो कैंसर कोशिकाओं पर सीधा असर करती है और उन्हें पनपने से रोकती है. रिसर्च में पाया गया है कि, यह वैक्सीन इम्यून सिस्टम को इतना मजबूत बना देती है कि शरीर खुद कैंसर कोशिकाओं से लड़ने लगता है. अगर यह वैक्सीन बड़े पैमाने पर सफल रही, तो 2030 तक कैंसर का इलाज आसान और सस्ता हो जाएगा और लाखों लोगों की जिंदगी बचाई जा सकेगी.

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अब लोगों को मिलेगी रोशनी

दृष्टिहीनता भी एक ऐसी समस्या है जो न केवल व्यक्ति की जिंदगी को अंधेरे में डाल देती है, बल्कि उसके सपनों को भी रोक देती है. अब वैज्ञानिकों ने आंखों की कोशिकाओं को रीजेनरेट करने वाली एक नई तकनीक और विशेष वैक्सीन पर काम किया है. इस वैक्सीन की मदद से आंखों की कमजोर नसें फिर से काम करना शुरू कर सकती हैं. कई ट्रायल्स में पाया गया है कि शुरुआती अवस्था का अंधापन अब पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है. अनुमान है कि अगले कुछ सालों में इस तकनीक से लाखों लोग फिर से रोशनी देख पाएंगे.

पैरालिसिस से मुक्त होगी जिंदगी

लकवा एक ऐसी स्थिति है जिसमें इंसान का पूरा शरीर या शरीर का कोई हिस्सा काम करना बंद कर देता है. यह न केवल व्यक्ति को शारीरिक रूप से कमजोर बना देता है, बल्कि मानसिक और आर्थिक बोझ भी डालता है. वैज्ञानिकों ने अब एक ऐसी एडवांस वैक्सीन तैयार की है जो नर्व सेल्स को रिपेयर करती है और क्षतिग्रस्त न्यूरॉन्स को दोबारा सक्रिय करती है.

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Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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महिलाओं में क्यों हो जाती है कैल्शियम की कमी, इससे कैसे बचें?

महिलाओं में क्यों हो जाती है कैल्शियम की कमी, इससे कैसे बचें?


Calcium Deficiency in Women: कैल्शियम हमारे शरीर की सबसे जरूरी चीज है. यह न सिर्फ हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाता है, बल्कि दिल की धड़कन, नसों के कामकाज और मांसपेशियों की मजबूती के लिए भी जरूरी है. खासतौर पर महिलाओं में कैल्शियम की कमी बहुत ज्यादा देखने को मिलती है. इसका मुख्य कारण है हार्मोनल बदलाव, गर्भावस्था, स्तनपान और मेनोपॉज़ के बाद शरीर में होने वाले परिवर्तन.

डॉ. प्रेरणा चौहान के अनुसार, समय रहते अगर कैल्शियम की कमी को पूरा न किया जाए तो महिलाओं को ऑस्टियोपोरोसिस, हड्डियों का कमजोर होना और लगातार थकान जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है.

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महिलाओं में कैल्शियम की कमी के मुख्य कारण

  • हार्मोनल बदलाव मेनोपॉज़ के बाद एस्ट्रोजन हार्मोन कम हो जाता है, जिससे शरीर में कैल्शियम का स्तर तेजी से घटता है
  • गर्भावस्था और स्तनपान इस समय महिला का शरीर बच्चे की ज़रूरत पूरी करने के लिए अधिक कैल्शियम का इस्तेमाल करता है
  • अनियमित खानपान दूध, दही और हरी सब्जियों जैसी कैल्शियम युक्त चीजों को डाइट में शामिल न करने से कमी हो जाती है
  • शारीरिक गतिविधि की कमी लगातार बैठे रहना और व्यायाम न करना हड्डियों की मजबूती को प्रभावित करता है
  • अत्यधिक कैफीन और जंक फूड ज्यादा चाय-कॉफी और प्रोसेस्ड फूड कैल्शियम को शरीर से बाहर निकाल देता है

कैल्शियम की कमी के लक्षण

  • हड्डियों और जोड़ों में दर्द रहना
  • दांत कमजोर होना या जल्दी टूटना
  • मांसपेशियों में खिंचाव और ऐंठन
  • थकान और कमजोरी
  • नाखूनों का भुरभुरा होना

महिलाओं के लिए कैल्शियम के प्रमुख स्रोत

  • डेयरी प्रोडक्ट्स दूध, दही, पनीर और छाछ कैल्शियम के बेहतरीन स्रोत हैं
  • हरी पत्तेदार सब्जियां पालक, मेथी, बथुआ और सरसों का साग जरूर खाएं
  • सूखे मेवे और बीज बादाम, अंजीर, तिल और अलसी में भरपूर कैल्शियम होता है
  • समुद्री भोजन मछली और झींगा खाने वालों के लिए यह कैल्शियम का अच्छा स्रोत है
  • सप्लीमेंट्स डॉक्टर की सलाह से कैल्शियम और विटामिन D की दवा ली जा सकती है

कैल्शियम की कमी से बचने के आसान उपाय

  • रोजाना धूप में 15 मिनट जरूर बैठें ताकि विटामिन D मिल सके
  • नियमित व्यायाम करें, खासकर योग और वॉकिंग से हड्डियां मजबूत होती हैं
  • जंक फूड, ज्यादा नमक और कोल्ड ड्रिंक से दूरी बनाएं
  • डाइट में कैल्शियम और प्रोटीन युक्त भोजन शामिल करें

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कितनी खतरनाक होती है स्पोर्ट्स हॉर्निया, जिसकी सूर्य कुमार यादव ने कराई सर्जरी?

कितनी खतरनाक होती है स्पोर्ट्स हॉर्निया, जिसकी सूर्य कुमार यादव ने कराई सर्जरी?


Surya Kumar Yadav Sports Hernia Surgery: खेल की दुनिया में चोट लगना आम बात है, लेकिन कुछ चोटें इतनी जटिल होती हैं कि खिलाड़ी को लंबे समय तक मैदान से दूर कर देती हैं. टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव को भी ऐसी ही एक गंभीर समस्या का सामना करना पड़ा. उन्हें स्पोर्ट्स हॉर्निया हो गया, जिसके कारण उन्होंने जर्मनी में सर्जरी करवाई. यह सुनकर कई लोगों के मन में सवाल उठता है कि, आखिर स्पोर्ट्स हॉर्निया होता क्या है और यह कितना खतरनाक हो सकता है?

डॉ. रत्नेश जेनाव के अनुसार, अगर स्पोर्ट्स हॉर्निया का समय पर इलाज न कराया जाए तो यह खिलाड़ी की फिटनेस और करियर दोनों पर बुरा असर डाल सकता है.

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क्या है स्पोर्ट्स हॉर्निया?

स्पोर्ट्स हॉर्निया एक ऐसी स्थिति है जिसमें पेट के निचले हिस्से या जांघ के आसपास की मांसपेशियां और टिश्यूज़ कमजोर होकर फट जाते हैं. यह पारंपरिक “हॉर्निया” से थोड़ा अलग होता है क्योंकि इसमें सूजन या गांठ दिखाई नहीं देती.

  • आमतौर पर यह फुटबॉल, क्रिकेट, हॉकी, टेनिस और कुश्ती जैसे खेलों में ज्यादा देखने को मिलता है.
  • अचानक तेज मोड़ लेना, जर से हिलना-डुलना या स्ट्रेचिंग की वजह से यह समस्या बढ़ सकती है.

स्पोर्ट्स हॉर्निया के लक्षण

  • पेट के निचले हिस्से या ग्रोइन एरिया में तेज दर्द
  • खेलते समय या दौड़ते वक्त दर्द बढ़ना
  • खांसने या छींकने पर दर्द महसूस होना
  • समय के साथ सामान्य चलने-फिरने में भी असुविधा

कितना खतरनाक है स्पोर्ट्स हॉर्निया?

  • अगर समय रहते सर्जरी न कराई जाए तो यह न केवल खिलाड़ी की परफॉर्मेंस को प्रभावित करती है, बल्कि लंबे समय तक खेल से बाहर भी कर सकती है.
  • खिलाड़ियों के लिए जोखिम: लगातार दर्द और मूवमेंट में कमी से करियर खतरे में पड़ सकता है.
  • अगर किसी को यह समस्या हो जाए और इलाज न कराया जाए तो सामान्य जीवन भी मुश्किल हो सकता है.

इलाज और सर्जरी

  • शुरुआती स्टेज में डॉक्टर आराम, फिजियोथेरेपी और दवाइयों से इसे कंट्रोल करने की कोशिश करते हैं
  • अगर दर्द लगातार बना रहे तो सर्जरी ही एकमात्र उपाय होता है
  • सूर्यकुमार यादव के मामले में भी जर्मनी में सर्जरी कराई गई, ताकि वह पूरी तरह फिट होकर क्रिकेट में वापसी कर सकें

क्या स्पोर्ट्स हॉर्निया से बचाव संभव है?

  • खेल से पहले सही तरीके से वॉर्म-अप और स्ट्रेचिंग करना
  • पेट और जांघ की मांसपेशियों को मजबूत बनाने वाले एक्सरसाइज करना
  • खेल के दौरान अचानक ज़ोरदार मूवमेंट से बचना

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इन बीमारियों से पीड़ित हैं रूस के राष्ट्रपति पुतिन, जानिए ये कितनी खतरनाक

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Vladimir Putin Health Update: दुनिया के सबसे शक्तिशाली नेताओं में से एक माने जाने वाले रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन हमेशा अपने राजनीतिक फैसलों और कड़े रुख के कारण चर्चा में रहते हैं. लेकिन लगता है सेहत को लेकर ज्यादा सजग नहीं रहते हैं. दरअसल. पुतिन कई गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं. इन बीमारियों में कार्डियक अरेस्ट का खतरा, पार्किंसंस बीमारी और कैंसर जैसी समस्याएं शामिल हैं.

डॉ. अरविंद कुमार के अनुसार, अगर ये बीमारियां किसी भी व्यक्ति को हो जाएं तो वह शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से कमजोर हो सकता है. आइए जानते हैं इन बीमारियों के लक्षण, खतरे और इनका असर.

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कार्डियक अरेस्ट

कार्डियक अरेस्ट एक ऐसी स्थिति है जब दिल अचानक धड़कना बंद कर देता है. इससे शरीर के अन्य हिस्सों तक खून का प्रवाह रुक जाता है और कुछ ही मिनटों में जान जाने का खतरा बढ़ जाता है.

  • इसके लक्षण: अचानक बेहोशी, सीने में दर्द, सांस लेने में कठिनाई.
  • क्यों खतरनाक है: कार्डियक अरेस्ट का समय पर इलाज न मिलने पर यह कुछ ही मिनटों में घातक साबित हो सकता है.

पार्किंसंस बीमारी

पार्किंसंस एक न्यूरोलॉजिकल बीमारी है जो दिमाग की नसों को प्रभावित करती है. इसमें शरीर का कांपना, चलने-फिरने में कठिनाई और बोलने में समस्या जैसी दिक्कतें होती हैं.

  • इसके लक्षण: हाथ-पैरों का कांपना, बैलेंस बिगड़ना, चेहरा सख्त पड़ जाना.
  • क्यों खतरनाक है: यह बीमारी धीरे-धीरे बढ़ती है और मरीज को शारीरिक रूप से निर्भर बना सकती है.

कैंसर

कैंसर होने की वजह से शरीर की कोशिकाएं अनियंत्रित तरीके से बढ़ने लगती हैं और धीरे-धीरे पूरे अंगों को प्रभावित कर देती हैं.

  • इसके लक्षण: वजन कम होना, थकान, शरीर में गांठ या असामान्य सूजन.
  • क्यों खतरनाक है: कैंसर अगर शुरुआती स्टेज में पकड़ में न आए तो इसका इलाज मुश्किल हो जाता है और जीवन को खतरे में डाल सकता है.

कार्डियक अरेस्ट, पार्किंसंस और कैंसर जैसी बीमारियां बेहद गंभीर मानी जाती हैं. इन बीमारियों का समय पर इलाज और सही जीवनशैली ही मरीज को लंबे समय तक स्वस्थ रख सकती है. पुतिन की सेहत को लेकर चाहे सच्चाई जो भी हो, लेकिन आम इंसान के लिए इससे सीख यही है कि, सेहत सबसे बड़ी पूंजी है और इसका ध्यान रखना बेहद जरूरी है.

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सोने से पहले पिएं दालचीनी का पानी, इन 5 बीमारियों की हो जाएगी छुट्टी

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Cinnamon Water Benefits: आजकल हमारी जीवनशैली इतनी व्यस्त और अस्वस्थ हो चुकी है कि, शरीर को रोजाना कई बीमारियों का सामना करना पड़ता है. फास्ट फूड, तनाव और कम नींद ने हमारे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर दिया है. ऐसे में अगर आप एक छोटा-सा बदलाव अपनी दिनचर्या में शामिल कर लें, तो शरीर को कई तरह की बीमारियों से बचाया जा सकता है.

डॉ. बिमल छाजेड़ के अनुसार, दालचीनी का पानी न केवल स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है बल्कि कई गंभीर बीमारियों से भी सुरक्षा प्रदान करता है. आइए जानते हैं इसके फायदों के बारे में…

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ब्लड शुगर को करता है कंट्रोल

दालचीनी में प्राकृतिक गुण होते हैं जो रक्त में शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करते हैं. अगर आप रात को सोने से पहले दालचीनी का पानी पीते हैं, तो यह सुबह तक ब्लड शुगर को संतुलित बनाए रखता है. यह विशेष रूप से उन लोगों के लिए फायदेमंद है जिन्हें डायबिटीज की समस्या है या जो इसके जोखिम में हैं.

पाचन तंत्र को बनाता है मजबूत

दालचीनी का पानी पाचन शक्ति को बढ़ाने में भी मदद करता है। यह गैस, अपच और पेट की सूजन जैसी समस्याओं को दूर करता है. रात में सोने से पहले इसे पीने से खाना अच्छे से पचता है और अगली सुबह पेट हल्का और आरामदायक महसूस होता है.

हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी

दालचीनी का पानी हृदय को स्वस्थ रखने में भी मदद करता है. यह कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करता है और रक्त प्रवाह को बेहतर बनाता है. इससे हृदय रोगों का खतरा कम होता है और रक्तचाप संतुलित रहता है.

प्रतिरक्षा प्रणाली को करता है मजबूत

शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए दालचीनी का पानी बेहद उपयोगी है. इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स मौजूद होते हैं जो शरीर में संक्रमण से लड़ने की क्षमता को बढ़ाते हैं. ठंड, खांसी और जुकाम जैसी सामान्य बीमारियों से भी यह आपको दूर रखता है.

वजन घटाने में मददगार

अगर आप वजन घटाने की कोशिश कर रहे हैं तो दालचीनी का पानी आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है. यह मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है और शरीर में फैट जलाने की प्रक्रिया को तेज करता है. सोने से पहले पीने पर यह अगले दिन तक शरीर में कैलोरी बर्न करने में मदद करता है.

कैसे बनाएं दालचीनी का पानी?

  • एक गिलास पानी उबालें
  • इसमें 1 इंच दालचीनी की छाल डालें
  • 5–7 मिनट उबालें और फिर छान लें
  • रात को सोने से 30 मिनट पहले इसे गर्म या हल्का ठंडा पीएं

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