रात में नींद से उठकर बार-बार पानी पीते हैं आप, जानिए ये किस बीमारी की शुरुआत?

रात में नींद से उठकर बार-बार पानी पीते हैं आप, जानिए ये किस बीमारी की शुरुआत?


कई लोग रात में प्यास की वजह से बार-बार जाग जाते हैं. अक्सर इसे नॉर्मल हैबिट माना जाता है, लेकिन यह आदत लगातार कायम रहे तो किसी गंभीर बीमारी का सिग्नल भी हो सकती है. आइए जानते हैं कि रात में बार-बार लगने वाली प्यास का कनेक्शन किन बीमारियों से होता है? 

रात में बार-बार प्यास लगने की वजह क्या?

कई लोगों को रात में बार-बार प्यास लगती है. इसकी वजह से उन्हें नींद से जागकर पानी पीने की जरूरत महसूस होती है. मेडिकल टर्म में इस कंडीशन को नॉक्टूरिया (रात में बार-बार पेशाब जाना) या पॉलिडिप्सिया (अत्यधिक प्यास) कहा जाता है, जिसे नॉर्मल नहीं माना जाता है. जयपुर स्थित नारायणा मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में डॉ. प्रवीण गुप्ता के मुताबिक, रात में बार-बार प्यास लगना और पानी पीने की जरूरत आमतौर पर डिहाइड्रेशन, डायबिटीज या किडनी से संबंधित दिक्कतों का सिग्नल हो सकती है. अगर यह आदत काफी वक्त तक बनी रहती है तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. 

इन बीमारियों का हो सकता है खतरा

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में पब्लिश एक स्टडी की मानें तो रात में बार-बार प्यास लगने और पानी पीने का कनेक्शन कई बीमारियों से हो सकता है. आइए आपको इनके कारण बताते हैं.

डायबिटीज मेलिटस (Diabetes Mellitus): रात में ज्यादा प्यास लगने की वजह टाइप 2 डायबिटीज हो सकती है. दरअसल, जब ब्लड शुगर लेवल बढ़ता है तो हमारा एक्स्ट्रा ग्लूकोज को यूरिन के रास्ते बाहर निकालने की कोशिश करता है. इसकी वजह से बार-बार पेशाब आता है और डिहाइड्रेशन की वजह से बार-बार प्यास लगती है. 

डायबिटीज इन्सिपिडस (Diabetes Insipidus): जब हमारी किडनी शरीर में पानी का बैलेंस बनाने में नाकाम होती है तो इसे डायबिटीज इन्सिपिडस नाम की रेयर बीमारी का लक्षण माना जाता है. इसकी वजह से बार-बार प्यास लगती है और बार-बार पेशाब जाना पड़ता है. यह दिक्कत हार्मोनल डिसबैलेंस खासकर एंटी-डाइयूरेटिक हार्मोन (ADH) की कमी के कारण होती है.

किडनी की दिक्कतें: क्रोनिक किडनी डिजीज होने पर शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स का बैलेंस बिगड़ सकता है. इसकी वजह से रात में बार-बार प्यास लगती है. अगर रात में आपकी भी नींद बार-बार प्यास लगने और पेशाब जाने की वजह से टूट रही है तो किडनी की जांच कराने की जरूरत है. 

स्लीप एपनिया: स्लीप एपनिया बीमारी में नींद के दौरान सांस रुकने की दिक्कत होती है. इसकी वजह से मुंह सूखने और बार-बार प्यास लगने की दिक्कत हो सकती है. इसका कनेक्शन खर्राटों और रात में बार-बार जागने से भी होता है.

ये भी पढ़ें: किस विटामिन की कमी से होता है डिप्रेशन, कैसे करें इसे ठीक?

Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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लगातार बनी रहती पेट में गैस और रहता है कब्ज, कहीं ये कैंसर के लक्षण तो नहीं?

लगातार बनी रहती पेट में गैस और रहता है कब्ज, कहीं ये कैंसर के लक्षण तो नहीं?



<p style="text-align: justify;">पेट में गैस और कब्ज बेहद कॉमन प्रॉब्लम बन चुकी है. दरअसल, अनहेल्दी लाइफस्टाइल, गलत खानपान और टेंशन के कारण लाखों लोग इस दिक्कत से परेशान रहते हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या ये लक्षण किसी गंभीर बीमारी जैसे कैंसर की ओर इशारा करते हैं? जानते हैं कि पेट में गैस और कब्ज होने की वजह क्या हो सकती है और इन लक्षणों को कब गंभीरता से लेने की जरूरत होती है?&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>क्या है पेट में गैस बनने और कब्ज की वजह?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">पेट में गैस बनना और कब्ज होना पाचन तंत्र से जुड़ी दिक्कतें हैं, जिनका कनेक्शन डाइट और लाइफस्टाइल से होता है. दरअसल, जब पाचन तंत्र में हवा फंस जाती है या बैक्टीरिया कार्बोहाइड्रेट्स का विघटन करते हैं तो गैस बनती है. वहीं, कब्ज तब होता है, जब मल त्याग में दिक्कत होती है या मल सूखा और कठोर हो जाता है. मुंबई स्थित टाटा मेमोरियल अस्पताल के डॉ. विनय सैमुअल गायकवाड़ बताते हैं कि पेट में गैस, पेट फूलना और कब्ज जैसी दिक्कतें आमतौर पर खराब लाइफस्टाइल, कम फाइबर वाला भोजन करने, कम पानी पीने और फिजिकल एक्टिविटीज कम होने के कारण होती हैं. ये लक्षण काफी वक्त तक बने रहे या वजन घटने, मल में खून या लगातार पेट दर्द जैसे लक्षण दिखाई दें तो चिंता का विषय हो सकता है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>इन वजहों से होती है गैस-कब्ज की दिक्कत</strong></p>
<p style="text-align: justify;">पालक, पत्ता गोभी, बीन्स, राजमा, छोले, मैदा और तले हुए खाद्य पदार्थ खाने से गैस और कब्ज की दिक्कत हो सकती है. वहीं, पूरे दिन बैठे रहने, कम पानी पीने और एक्सरसाइज की कमी से भी परेशानी बढ़ती है. ज्यादा टेंशन लेने के कारण भी गैस और कब्ज की समस्या बढ़ती है.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>क्या कैंसर से हो सकता है गैस और कब्ज का कनेक्शन?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">गैस और कब्ज के ज्यादातर मामलों को नॉर्मल माना जाता है, लेकिन कुछ केसेज में ये गंभीर बीमारियों जैसे पेट के कैंसर का सिग्नल हो सकते हैं. पेट के कैंसर को गैस्ट्रिक कैंसर भी कहते हैं. यह तब होता है, जब पेट की अंदरूनी परतों पर असामान्य कोशिकाएं बढ़ने लगती हैं. यह बीमारी शुरुआत में स्पष्ट तौर पर नजर नहीं आती है, जिसके चलते इसे ‘साइलेंट किलर’ भी कहा जाता है#</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कैंसर का पता बताते हैं ये लक्षण</strong></p>
<p style="text-align: justify;">डॉ. गायकवाड़ के मुताबिक, पेट में गैस, अपच और कब्ज जैसे लक्षण अगर लगातार बने रहें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. साथ ही, इन बातों पर भी गौर करना चाहिए.</p>
<ul>
<li style="text-align: justify;"><strong>लगातार पेट दर्द:</strong> विशेष रूप से खाने के बाद या पेट के ऊपरी हिस्से में.</li>
<li style="text-align: justify;"><strong>अचानक वजन घटना:</strong> बिना किसी स्पष्ट कारण के वजन में कमी.</li>
<li style="text-align: justify;"><strong>मल में खून:</strong> मल का रंग बदलना या मल के साथ खून आना.</li>
<li style="text-align: justify;"><strong>मतली और उल्टी:</strong> विशेष रूप से अगर उल्टी में खून हो.</li>
<li style="text-align: justify;"><strong>भूख में कमी:</strong> खाने की इच्छा कम होना या खाने के बाद भारीपन महसूस होना.</li>
</ul>
<p>एनेल्स ऑफ इंटरनल मेडिसिन में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, जेन-एक्स और मिलेनियल्स में पेट और अपेंडिक्स कैंसर के मामले पहले की तुलना में तीन और चार गुना तेजी से बढ़े हैं. इसकी वजह मॉडर्न लाइफस्टाइल, प्रोसेस्ड फूड का अधिक सेवन और मोटापा बताई जाती है. कई रिसर्च में पेट में गैस और कब्ज का कनेक्शन कुछ गंभीर बीमारियों जैसे कोलोरेक्टल कैंसर और गैस्ट्रिक कैंसर से मिला है. नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) के अनुसार, लंबे समय तक कब्ज और गैस की समस्या पाचन तंत्र में असामान्य कोशिकाओं के विकास को बढ़ावा दे सकती है, जो कैंसर का कारण बन सकती हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/which-vitamin-deficiency-causes-depression-and-how-to-cure-2970194">किस विटामिन की कमी से होता है डिप्रेशन, कैसे करें इसे ठीक?</a></strong></p>
<p><strong>Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.</strong></p>



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इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज, किडनी डैमेज होने की हो सकती है शुरुआत

इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज, किडनी डैमेज होने की हो सकती है शुरुआत



<p style="text-align: justify;">किडनी न सिर्फ ब्लड को प्यूरीफाई करती है, ब​िल्क शरीर में जरूरी पोषक तत्वों का बैलेंस भी बनाए रखती है. लेकिन कई बार &nbsp;किडनी फंक्शन प्रभावित होना शुरू हो जाता है. इसके लक्षणों को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है. लेकिन बाद में ​स्थिति गंभीर हो जाती है. आइए जानते हैं ऐसे वह काैन से लक्षण हैं, जिन्हें देखकर सतर्क हो जाना चाहिए.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यूरिन में बदलाव</strong></p>
<p style="text-align: justify;">यूरिन झागदार आता है तो ये किडनी डैमेज का साइन हो सकता है. किडनी बाॅडी में आवश्यक प्रोटीन को बनाए रखते हुए वेस्ट को बाहर निकालती है. लेकिन जब किडनी ठीक से काम नहीं कर पाती है तो प्रोटीन लीक होना शुरू हो जाता है. इसके चलते ये दिक्कत सामने आती है. इस दाैरान बार-बार यूरिन आना और यू​रिन के कलर में भी बदलाव देखने को मिल सकता है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>​स्किन ड्राई और इचिंग</strong></p>
<p style="text-align: justify;">किडनी डैमेज होने के चलते शरीर में ​स्किन प्राॅब्लम भी देखने को मिल सकती है. ​स्किन ड्राई या फिर खुजली हो सकती है. &nbsp;सुबह ये दिक्कत अ​धिक महसूस हो सकती है. ऐसा इसलिए क्योंकि किडनी बाॅडी में मिनरल्स का बैलेंस बनाए रखने के साथ गंदगी को बाहर निकालती है. लेकिन किडनी फंक्शन प्रभावित होने से बाॅडी में इन दोनों तत्वों का संतुलन बिगड़ जाता है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>बैड ब्रीथ</strong></p>
<p style="text-align: justify;">सुबह जागने पर मुंह की सांसों की स्मेल भी​ किडनी प्राॅब्लम की ओर इशारा करती है. खराब किडनी फंक्शन की वजह से ब्लड में टाॅ​क्सिन जमा होने लगते हैं, जिससे बैड ब्रेथ की समस्या देखने को मिल सकती है. इसी ​स्थिति को यूरेमिक फेटर कहते हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>सांस लेने में दिक्कत</strong></p>
<p style="text-align: justify;">किडनी फंक्शन प्रभावित होने से फ्लूड लंग्स में जमा होने लगता है. वहीं एनीमिया के चलते रेड ब्लड सेल्स का प्रोडक्शन कम हो जाता है, इससे टिश्यूज तक पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती. इससे सांस लेने में दिक्कत महसूस होती है. थोड़ा चलने में भी सांस फूलने लगती है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>भूख में कमी और थकान</strong></p>
<p style="text-align: justify;">किडनी फंक्शन प्रभावित होने से बाॅडी में टाॅ​क्सिन ब्लड में बनना शुरू हो जाते हैं. इ​स ​स्थित को यूरेमिया कहते हैं. इसके चलते पेट की दिक्कत, उल्टी, मतली की ​शिकायत देखने को मिल सकती है. भूख न लगना और थकान सामान्य से दिखने वाले लक्षण हैं. लेकिन किडनी डिजीज में ये भी ये ​स्थिति देखने को मिल सकती है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>सुबह थकान महसूस होना</strong></p>
<p style="text-align: justify;">सुबह नींद से उठने के बाद शरीर थका हुआ या थकान महसूस होती है तो ये किडनी डैमेज का अलार्म हो सकता है. किडनी शरीर में टाॅ​क्सिन को बाहर निकालती है. लेकिन जब किडनी ठीक से काम नहीं करती है तो ये टाॅ​क्सिन ब्लड में जमा होने लगते हैं. जिससे थकान, कंसन्ट्रेट करने में ​कठिनाई आदि महसूस होती है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यूरिन में ब्लड</strong></p>
<p style="text-align: justify;">यूरिन में खून देख अक्सर लोग डर जाते हैं. लेकिन ये यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन या किडनी स्टोन के चलते हो सकता है. हालांकि बिना दर्द के यूरिन में खून आना घातक बीमारी रीनल सेल कार्सिनाेमा या कार्सिनोमा यूरिनरी ब्लैडर का संकेत हो सकता है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/which-vitamin-deficiency-causes-depression-and-how-to-cure-2970194">किस विटामिन की कमी से होता है डिप्रेशन, कैसे करें इसे ठीक?</a></strong></p>
<p><strong>Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.</strong></p>



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इतनी खौफनाक बीमारी से जूझ चुकीं सुष्मिता सेन, दवाओं पर ही गुजरने लगी थी जिंदगी

इतनी खौफनाक बीमारी से जूझ चुकीं सुष्मिता सेन, दवाओं पर ही गुजरने लगी थी जिंदगी



<p style="text-align: justify;">बाॅलीवुड एक्ट्रेस सु​ष्मिता सेन ने पिछले दिनों कई हेल्थ क्राइसिस का सामना किया. हार्ट अटैक के बाद उन्हें ऑटोइम्यून डिसऑर्डर एडिसन डिजीज से जूझने की जानकारी मिली. इस डिजीज में उन्हें सर्वाइव करने के लिए लाइफलाॅन्ग स्टेराॅयड लेने की सलाह दी गई. लेकिन एक्ट्रेस ने न सिर्फ इस डिजीज से छुटकारा पाया, ब​ल्कि उनका स्टेराॅयड भी बंद हो गया. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो एक्ट्रेस की डिजीज में ये रिवर्सिबल किसी मिरेकल से कम नहीं है. आइए जानते हैं कि एडिसन डिजीज क्या है और कितनी खतरनाक होती है…</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>एक्ट्रेस को क्या बीमारी थी?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">पिछले दिनों एक्ट्रेस ने अपनी ​डिजीज को लेकर जानकारी दी थी. रिपोर्ट के अनुसार एक्ट्रेस एडिसन डिजीज से पीड़ित थीं. शरीर में एड्रेनल ग्लैंड होते हैं. इन ग्लैंड का काम बाॅडी में कोर्टिसोल हार्मोन प्रोड्यूस करना होता है. जब ये ग्लैंड अपना काम करना बंद कर देते हैं तो बाॅडी कोर्टिसोल की कमी से जूझने लगती है. इसे एड्रेनल क्राइसिस कहा जाता है. एक्ट्रेस इसी समस्या से जूझ रहीं थीं. एक्ट्रेस ने बताया कि इस ​स्थिति में डाॅक्टर ने उन्हें हर आठ घंटे में स्टेराॅयड हाइड्रोकार्टिसोन लेने की सलाह दी थी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>एक्ट्रेस ने कैसे पाया बीमारी से छुटकारा?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">एक्ट्रेस की लाइफ दवाओं पर ​निर्भर हो गई ​थी. ऐसे में एक्ट्रेस ने चुनाैती भरा रास्ता चुना. उन्होंने जिमना​स्टिक, एंटी ग्रेविटी वर्कआउट, एरियल फिटनेस के साथ योग और डिटाॅक्स प्रोग्राम अपनाया. इसका असर चमत्कार के रूप में सामने आया. एक दिन इमरजेंसी मेडिकल केयर के दाैरान एक्ट्रेस को अस्पताल जाना पड़ा. वहां जांच की गई तो एक्ट्रेस की रिपोर्ट ने हर किसी को चाैंका दिया. डाॅक्टर ने एक्ट्रेस को बताया कि अब उन्हें स्टेराॅयड हाइड्रोकार्टिसोन लेने की जरूरत नहीं है. उनकी बाॅडी में फिर से कोर्टिसोल हार्मोन प्रोड्यूस होना शुरू हो गया है. डाॅक्टर ने बताया कि 35 साल के एक्सपीरियंस में उन्होंने ऐसा कभी नहीं देखा. एक्ट्रेस की रिपोर्ट को डाॅक्टर ने टि्रपल चेक किया. लेकिन हर बार रिपोर्ट एक जैसी आई.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>एडिसन डिजीज कितनी खतरनाक?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">एड्रेनल ग्लैंड बाॅडी में किडनी के ऊपर एक छोटा सा ट्राईएंगुलर सा दिखने वाला ऑर्गन होता है. जब ये ग्लैंड अपना काम करना प्रभावित कर देता है तो शरीर जरूरी कोर्टिसोल हार्मोन की कमी से जूझने लगता है. ये हार्मोन बाॅडी में सोडियम और पोटे​शियम के बैलेंस को बनाए रखने में सहायक होता है. ये दोनों मिनरल्स बाॅडी में ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में अहम भूमिका निभाते हैं. ऐसे में ब्लड प्रेशर अनियंत्रित होने से कई ​तरह की दिक्कत देखने को मिल सकती हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>इस तरह सामने आते हैं लक्षण</strong></p>
<ul>
<li style="text-align: justify;">मतली और उल्टी की समस्या बार-बार होना</li>
<li style="text-align: justify;">पेट में दर्द या बेचैनी</li>
<li style="text-align: justify;">बार-बार डायरिया की दिक्कत</li>
<li style="text-align: justify;">खाना खाने का मन न करना</li>
<li style="text-align: justify;">बिना किसी वजह के वजन कम होना</li>
<li style="text-align: justify;">मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द</li>
<li style="text-align: justify;">मांसपेशियों में थकान या कमजोरी</li>
</ul>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/lose-weight-just-by-doing-warming-up-know-the-truth-2969215">क्या सिर्फ वार्मअप करने से हो सकता है वजन कम, जानिए क्या है सच</a></strong></p>
<p><strong>Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.</strong></p>



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