Honey Benefits: मानसून में त्वचा की हर परेशानी का हल है शहद, जानें इसके जबरदस्त फायदे

Honey Benefits: मानसून में त्वचा की हर परेशानी का हल है शहद, जानें इसके जबरदस्त फायदे


Skin Problem in Monsoon: बरसात का मौसम आते ही वातावरण में नमी बढ़ जाती है, जिससे हमारी स्किन चिपचिपी हो जाती है. कभी-कभी त्वचा ड्राई भी लगने लगती है, और सबसे बड़ी परेशानी होती है पिंपल्स, दाने या फंगल इंफेक्शन की. ऐसे में अगर आप अपनी त्वचा की सही देखभाल नहीं करें, तो चमकदार और हेल्दी स्किन सिर्फ सपना बनकर रह जाती है. लेकिन अच्छी बात यह है कि घर पर ही मौजूद एक बेहद साधारण चीज ‘शहद’ आपकी त्वचा की सुरक्षा और खूबसूरती दोनों को बनाए रखने में काफी मदद कर सकता है.

शहद लगाने से त्वचा होती है साफ

अमेरिका की नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के मुताबिक, शहद गाढ़ा, मीठा तरल होता है जो मुख्य रूप से फ्रक्टोज और ग्लूकोज नाम की प्राकृतिक शर्करा से बना होता है. इसके अलावा इसमें प्रोटीन, अमीनो एसिड, विटामिन्स, एंजाइम्स, मिनरल्स और कई अन्य पोषक तत्व भी होते हैं. लोग सदियों से त्वचा की देखभाल में इसका इस्तेमाल करते आए हैं. शहद में मौजूद एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण इसे मानसून स्किनकेयर के लिए परफेक्ट बनाते हैं. शहद लगाने से त्वचा के रोमछिद्र साफ रहते हैं, जिससे मुंहासे और फोड़े-फुंसी नहीं होते. इसमें मौजूद एक एंजाइम हाइड्रोजन पेरॉक्साइड छोड़ता है, जो कीटाणुओं को मारता है.

मानसून में अक्सर घाव या फंगल इंफेक्शन हो जाते हैं, खासकर पैरों और शरीर के गीले हिस्सों में. ऐसे में शहद को सीधे घाव या जली हुई त्वचा पर लगाने से घाव जल्दी भरता है और सूजन भी कम होती है. शहद को पिटीरायसिस, टीनिया, सेबोरिया, डैंड्रफ, डायपर रैश, सोरायसिस, बवासीर और एनल फिशर जैसी समस्याओं के इलाज में भी प्रयोग किया गया है.

त्वचा को जवां बनाए रखने में मदद करता है शहद

सौंदर्य प्रसाधनों (कॉस्मेटिक्स) में शहद का इस्तेमाल बहुत आम है. शहद एक बेहतरीन एमोलिएंट (त्वचा को नरम करने वाला), ह्यूमेक्टेंट (नमी बनाए रखने वाला), आरामदायक और हेयर कंडीशनर है. ये त्वचा को जवां बनाए रखने में मदद करता है, झुर्रियों को कम करता है और त्वचा का पीएच संतुलन बनाए रखता है, जिससे त्वचा बीमारियों से सुरक्षित रहती है.

अब सवाल आता है कि शहद त्वचा पर कैसे काम करता है?

अमेरिका की नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के मुताबिक, शहद का काम इस बात पर भी निर्भर करता है कि वह किस पौधे या फूल से प्राप्त हुआ है. अलग-अलग प्रकार के शहद में अलग तरह के एंटीऑक्सीडेंट, साइटोकाइन्स का निर्माण और मैट्रिक्स मेटालोप्रोटीन एंजाइम्स के प्रभाव देखने को मिलते हैं. ये सभी तत्व मिलकर त्वचा की मरम्मत करते हैं और घाव भरने की प्रक्रिया को तेज करते हैं, खासकर जब त्वचा पर चोट या संक्रमण हो. यानी शहद न केवल सौंदर्य के क्षेत्र में, बल्कि चिकित्सा में भी और अधिक उपयोगी है.

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क्या मिर्गी के दौरे से रुक सकती हैं सांसें? डॉक्टर से जानें शेफाली जरीवाला का दावा कितना सही

क्या मिर्गी के दौरे से रुक सकती हैं सांसें? डॉक्टर से जानें शेफाली जरीवाला का दावा कितना सही



<p style="text-align: justify;">’कांटा लगा’ फेम शेफाली जरीवाला ने एक इंटरव्यू में खुद को मिर्गी के दौरे पड़ने की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि इस बीमारी की वजह से उनकी मौत तक हो सकती थी. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या वाकई मिर्गी इतनी खतरनाक बीमारी है, जिससे सांसें तक छिन सकती हैं? जानते हैं कितना सही है यह दावा?</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>क्या होती है मिर्गी?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">मिर्गी एक न्यूरोलॉजिकल कंडीशन है, जिसमें दिमाग के अंदर असामान्य इलेक्ट्रिकल एक्टिविटीज की वजह से बार-बार दौरे पड़ते हैं. ये दौरे भी अलग-अलग तरह के होते हैं. इनमें पहले जनरलाइज्ड सीजर्स होते हैं, जिनका असर पूरे दिमाग पर होता है. दूसरे फोकल सीजर होते हैं, जो दिमाग के एक हिस्से तक सीमित रहते हैं. मिर्गी का दौरा पड़ने पर बेहोशी, मांसपेशियों में ऐंठन, अनियंत्रित होकर हिलना-डुलना आदि लक्षण नजर आते हैं. डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, दुनियाभर में करीब पांच करोड़ लोग मिर्गी से प्रभावित हैं और भारत में मिर्गी के लाखों मरीज हैं.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कितना सही है शेफाली जरीवाला का दावा?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">शेफाली जरीवाला ने अपने इंटरव्यू में बताया कि मिर्गी का दौरा पड़ने पर सांस रुकने का खतरा हो सकता है, जो जानलेवा साबित हो सकता है. यह दावा सुनने में डरावना लग सकता है, लेकिन यह पूरी तरह से गलत नहीं है. एक्सपर्ट्स की मानें तो बेहद गंभीर मामलों खासकर जनरलाइज्ड टॉनिक-क्लोनिक सीजर्स के दौरान सांस लेने में दिक्कत हो सकती है. मेडिकल टर्म में इस कंडीशन को एपनिया कहते हैं.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>क्या कहती है नई रिसर्च?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">मिर्गी के दौरे और सांस रुकने के बीच कनेक्शन को समझने के लिए कई रिसर्च हो चुकी हैं. इसमें खासकर ‘सडन अनएक्सपेक्टेड डेथ इन एपिलेप्सी’ (SUDEP) नाम की कंडीशन पर फोकस किया गया, जो मिर्गी से पीड़ित कुछ लोगों में अचानक मौत का कारण बन सकती है. ऐसी कंडीशन होने की कई वजह होती हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>SUDEP और सांस रुकने का संबंध</strong></p>
<p style="text-align: justify;">नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर्स एंड स्ट्रोक (NINDS) के मुताबिक, SUDEP हर साल मिर्गी से पीड़ित 1000 लोगों में से एक को प्रभावित करता है. SUDEP के अधिकांश मामलों में दौरा आने पर सांस लेने में रुकावट या हार्ट रेट में गड़बड़ी देखी गई. एक स्टडी में सामने आया कि गंभीर दौरा पड़ने पर दिमाग में ऑक्सीजन लेवल कम हो सकता है, जिससे सांस लेने की प्रक्रिया प्रभावित होती है. यह कंडीशन खासकर उन मरीजों में देखी गई, जिन्हें रात में दौरे पड़ते हैं और जो अकेले रहते हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>दौरा पड़ने पर सांस रुकने के कारण</strong></p>
<ul>
<li style="text-align: justify;"><strong>मांसपेशियों का संकुचन:</strong> टॉनिक-क्लोनिक दौरा पड़ने पर शरीर की मांसपेशियां सख्त हो जाती हैं, जिससे डायाफ्राम और छाती की मांसपेशियां सांस लेने में रुकावट डाल सकती हैं.</li>
<li style="text-align: justify;"><strong>दिमाग का कंट्रोल:</strong> दिमाग का वह हिस्सा, जो सांस लेने को कंट्रोल करता है. दौरा पड़ने पर यह हिस्सा प्रभावित हो सकता है.</li>
<li style="text-align: justify;"><strong>ऑक्सीजन की कमी:</strong> लंबे समय तक दौरा पड़ने पर ऑक्सीजन की आपूर्ति कम हो सकती है, जिससे सांस लेना मुश्किल हो जाता है.</li>
<li style="text-align: justify;"><strong>मुंह में रुकावट:</strong> दौरा पड़ने पर मुंह में लार या उल्टी जमा होने से वायुमार्ग ब्लॉक हो सकता है.</li>
</ul>
<p style="text-align: justify;"><strong>स्टेटस एपिलेप्टिकस भी बेहद खतरनाक कंडीशन</strong></p>
<p style="text-align: justify;">यदि मिर्गी का दौरा पांच मिनट से ज्यादा वक्त तक रहता है तो इसे स्टेटस एपिलेप्टिकस माना जाता है. यह एक मेडिकल इमरजेंसी है. इस कंडीशन में सांस रुकने का खतरा बढ़ जाता है, क्योंकि ज्यादा देर तक ऑक्सीजन की कमी दिमाग और अन्य अंगों को नुकसान पहुंचा सकती है. ऐसी कंडीशन में तुरंत मेडिकल असिस्टेंस की जरूरत होती है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/extract-of-red-onion-skin-is-very-useful-for-lower-blood-pressure-2968268">बड़े काम का होता है लाल प्याज की स्किन का अर्क, इस बीमारी के लिए है रामबाण इलाज</a></strong></p>
<p><strong>Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.</strong></p>



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दिल के मरीजों को क्या खाना चाहिए और क्या नहीं? जानें डाइट प्लान

दिल के मरीजों को क्या खाना चाहिए और क्या नहीं? जानें डाइट प्लान


Heart Patient Diet Plan: जब दिल की सेहत की बात आती है तो सिर्फ दवाएं ही नहीं, बल्कि आपकी रोजमर्रा की थाली भी उतनी ही अहम हो जाती है. हम भारतीयों की आदत है स्वाद को सेहत से ऊपर रखना. लेकिन जब बात हार्ट पेशेंट्स की हो, तो हर निवाला सोच-समझकर लेना जरूरी हो जाता है. क्या खाएं, क्या न खाएं, कितनी मात्रा में खाएं, ये सब बातें दिल को सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाती हैं. आइए जानें दिल के मरीजों के लिए कैसा हो एक सही डाइट प्लान, जो न केवल स्वाद से भरपूर हो बल्कि दिल की सेहत का भी रखे पूरा ध्यान. 

दिल की बीमारियां आजकल बहुत आम हो गई हैं और इसका एक बड़ा कारण हमारी खानपान की आदतें हैं. हार्ट पेशेंट्स के लिए डाइट सिर्फ एक आदत नहीं, बल्कि एक जरूरी इलाज का हिस्सा बन जाती है. एक सही और संतुलित आहार दिल को मजबूत रखने, कोलेस्ट्रॉल कम करने और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद करता है.

ये भी पढ़े- दूध में अंजीर उबालकर पीने से क्या होता है? जानिए इसके जबरदस्त फायदे

साबुत अनाज 

ओट्स, ब्राउन राइस, दलिया, बाजरा और जौ, ये फाइबर से भरपूर होते हैं और कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करते हैं.

हरी पत्तेदार सब्ज़ियां और फल

पालक, मेथी, ब्रोकली जैसी सब्ज़ियां और सेब, अनार, संतरा जैसे फल एंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर होते हैं, जो दिल की सुरक्षा करते हैं.

ओमेगा-3 फैटी एसिड्स

अलसी के बीज, अखरोट और फैटी फिश दिल के लिए फायदेमंद फैट्स होते हैं जो सूजन को कम करते हैं.

लो फैट डेयरी प्रोडक्ट्स

दूध, दही और पनीर का सेवन कम वसा वाले रूप में करें. ये कैल्शियम और प्रोटीन देते हैं, जो शरीर को मजबूत बनाए रखते हैं.

दिल के मरीजों को क्या नहीं खाना चाहिए?

तले-भुने और जंक फूड्स

समोसे, पकौड़े, चिप्स, बर्गर – इनमें ट्रांस फैट और सैचुरेटेड फैट्स बहुत अधिक होते हैं, जो दिल के लिए बेहद नुकसानदायक हैं.

ज्यादा नमक

नमक से ब्लड प्रेशर बढ़ता है, इसलिए कोशिश करें कि खाने में कम से कम नमक हो.

मीठा और प्रोसेस्ड शुगर

बेसन की मिठाइयां, केक, बिस्किट्स और कोल्ड ड्रिंक्स, ये न सिर्फ वजन बढ़ाते हैं बल्कि डायबिटीज़ और दिल की बीमारियों का खतरा भी बढ़ाते हैं.

कैसा हो एक दिन का हेल्दी डाइट प्लान?

सुबह खाली पेट: 1 गिलास गुनगुना पानी  और 5 भीगे हुए बादाम

नाश्ता: ओट्स या दलिया + फल + ग्रीन टी

दोपहर का भोजन: ब्राउन राइस/मिस्सी रोटी + दाल + हरी सब्जी + सलाद + छाछ

शाम का नाश्ता: भुने चने या मखाने और नींबू पानी 

रात का खाना: हल्की सब्जी 2 रोटी और सलाद 

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Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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सिर दर्द और पेट खराब होने पर आप तो नहीं कर ये गलती, लिवर हो जाएगा खराब

सिर दर्द और पेट खराब होने पर आप तो नहीं कर ये गलती, लिवर हो जाएगा खराब



<p style="text-align: justify;">लिवर शरीर के सबसे महत्वपूर्ण ऑर्गन में से एक है. ये शरीर का सबसे बड़ा और वजनदार इंटरनल ऑर्गन होता है. इसका वेट करीब डेढ़ किलो होता है. लेकिन अक्सर लोग जानकारी के अभाव में शरीर के इस ऑर्गन को नुकसान पहुंचा रहे होते हैं. जब तक ​इस ऑर्गन के डैमेज होने की जानकारी होती है, देर हो चुकी होती है. ऐसे में इससे बचने के लिए हेल्थ एक्सपर्ट्स ने कुछ टिप्स दिए हैं, &nbsp;जिनके जरिए आप इस ऑर्गन को हेल्दी रख सकते हैं. आइए इनके बारे में जानते हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये तीन दवाइयां लिवर को करती हैं डैमेज</strong></p>
<p style="text-align: justify;">हेल्थ एक्सपर्ट की मानें तो बिना डाॅक्टर के सलाह के ली जाने वाली दवाइयां लिवर को नुकसान पहुंचाती हैं. लोग केमिस्ट की दुकान से खुद ही दवाइयों का खरीदकर सेवन कर लेते हैं. जबकि ऐसा करने से बचना चाहिए. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो शरीर के अंदर खुद इतनी ताकत होती है कि वह किसी भी समस्या से लड़ सकता है. इसके लिए विल पाॅवर स्ट्राॅन्ग रखनी चाहिए.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये तीन दवाइयां लिवर को पहुंचाती हैं नुकसान</strong></p>
<ul>
<li style="text-align: justify;"><strong>एंटीबायोटिक्स:</strong> हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो पेट खराब होने जैसी मामूली दिक्कत होने पर भी अक्सर लोग इस दवा का यूज कर लेते हैं. लेकिन ये दवा लिवर को नुकसान पहुंचाती है.</li>
<li style="text-align: justify;"><strong>पेन किलर:</strong> सिर में या फिर शरीर के किसी हिस्से में दर्द होने पर पेन किलर का इस्तेमाल कर लिया जाता है. लेकिन ये लिवर पर असर डालती है. हेल्थ एक्सपर्ट्स पेन किलर से बचने की सलाह देते हैं.</li>
<li style="text-align: justify;"><strong>ट्यूबरक्लोसिस:</strong> टीबी की दवा लिवर को नुकसान पहुंचा सकती है. इसको लेकर हेल्थ एक्सपर्ट्स ने आगाह किया है.</li>
</ul>
<p style="text-align: justify;"><strong>लिवर को हेल्दी रखने के लिए तरीके</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>1. डाइट और वेट:</strong> प्राॅपर डाइट लेने के साथ वेट कंट्रोल रखें. सूर्यास्त के बाद कुछ भी खानें से बचें.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>2. एक्सरसाइज:</strong> जब पसीना आना शुरू हो जाए, उसके बाद 30 से 45 मिनट एक्सरसाइज करें. अगर युवा हैं तो वाॅकिंग की जगह जाॅ​गिंग को तरजीह दें. बुजुर्ग हैं तो वाॅक करें.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>3. अच्छी नींद:</strong> शरीर के लिए अच्छी नींद बहुत जरूरी है. इसके लिए रूटीन तय करें.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>4. मेडिसिन:</strong> आ​खिर में जब बहुत ही जरूर पड़े डाॅक्टर की सलाह पर दवाइयां खाएं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ह्यूमन बाॅडी में लिवर की अहमियत</strong></p>
<p style="text-align: justify;">लिवर बाॅडी के ऊपरी हिस्से के ओर, लंग्स के नीचे स्थित होता है. लिवर की सबसे बड़ी भूमिका खून को पूरे दिन, हर दिन ​फिल्टर करना है. एक हेल्दी लिवर का रंग गहरा लाल-भूरा हो जाता है, क्योंकि वह ब्लड से भीगा होता है. लिवर बाॅडी में हर मिनट एक लीटर से अधिक खून फिल्टर करता है. जो खाना खाते हैं, उसे पचाने का काम भी लिवर ही करता है.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>लिवर खराब होने के लक्षण</strong></p>
<ul>
<li style="text-align: justify;">पीलिया (स्किन और आंखों का पीला पड़ना)</li>
<li style="text-align: justify;">थकान महसूस होना</li>
<li style="text-align: justify;">नौसिया और उल्टी की​ ​शिकायत</li>
<li style="text-align: justify;">भूख कम लगना</li>
<li style="text-align: justify;">अचानक से वजन घटना शुरू होना</li>
<li style="text-align: justify;">पेट में दर्द होना या सूजन महसूस होना</li>
<li style="text-align: justify;">पेशाब का रंग गहरा हो जाना</li>
</ul>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/extract-of-red-onion-skin-is-very-useful-for-lower-blood-pressure-2968268">बड़े काम का होता है लाल प्याज की स्किन का अर्क, इस बीमारी के लिए है रामबाण इलाज</a></strong></p>
<p><strong>Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.</strong></p>



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दूध में अंजीर उबालकर पीने से क्या होता है?  जानिए इसके जबरदस्त फायदे

दूध में अंजीर उबालकर पीने से क्या होता है? जानिए इसके जबरदस्त फायदे


Benefits of Fig Milk: हम में से कई लोग दूध तो रोज पीते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि अगर इसी दूध में अंजीर डालकर उबाला जाए, तो ये कितना ताकतवर बन सकता है? आयुर्वेद में अंजीर को एक पोषक फल माना गया है, जो न केवल शरीर को ऊर्जा देता है बल्कि कई बीमारियों से लड़ने की ताकत भी देता है. जब अंजीर और दूध की गर्माहट एक साथ मिलती है, तो इसका असर सिर्फ शरीर ही नहीं, दिमाग और पाचन पर भी दिखने लगता है. अगर आप थकान, कमजोरी, कब्ज या हड्डियों की कमजोरी से परेशान हैं तो ये देसी नुस्खा आपके लिए रामबाण साबित हो सकता है. 

ये भी पढ़े- क्या आप भी घर में बार-बार चेक करते हैं ब्लड प्रेशर, जान लें ऐसा कितनी बार करना सही?

हड्डियों को बनाए मजबूत

अंजीर में कैल्शियम और फॉस्फोरस भरपूर मात्रा में पाया जाता है. जब इसे दूध में उबालकर पिया जाए, तो यह हड्डियों को मजबूती देने में डबल असर करता है. यह खासतौर पर बच्चों, महिलाओं और बुज़ुर्गों के लिए बहुत फायदेमंद है, जो हड्डियों की कमजोरी से जूझ रहे हैं. 

कब्ज और पाचन में सुधार

अंजीर में फाइबर भरपूर होता है, जो पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में मदद करता है. अगर आप सुबह-सुबह खाली पेट अंजीर वाला दूध पीते हैं, तो इससे पेट साफ रहता है और कब्ज की समस्या से राहत मिलती है. 

पुरुषों की ताकत बढ़ाने में सहायक

आयुर्वेद में अंजीर को वीर्यवर्धक माना गया है. अंजीर वाला दूध पीने से शारीरिक ऊर्जा बढ़ती है, थकान दूर होती है और यह पुरुषों की यौन शक्ति को बढ़ाने में भी सहायक होता है. 

दिल को रखे स्वस्थ

अंजीर में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट्स और फाइबर शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने में मदद करते हैं। जब इसे दूध के साथ सेवन किया जाए, तो यह दिल को मजबूत बनाता है और हार्ट अटैक या हाई ब्लड प्रेशर के खतरे को कम करता है. 

एनर्जी बूस्टर की तरह काम करता है

दूध और अंजीर दोनों ही शरीर को ऊर्जा देते हैं. इनका मिश्रण थकावट, कमजोरी और लो एनर्जी की स्थिति में तुरंत राहत देता है. खासकर जिम जाने वालों या अधिक परिश्रम करने वाले लोगों के लिए यह एक नेचुरल एनर्जी ड्रिंक का काम करता है. 

कैसे बनाएं अंजीर वाला दूध?

3 सूखे अंजीर लें और इन्हें हल्का धोकर एक कप दूध में डालें

दूध को मध्यम आंच पर 5 मिनट तक उबालें।=

थोड़ा ठंडा होने पर इसे छानकर गुनगुना पिएं

चाहें तो स्वाद के लिए हल्का शहद भी मिला सकते हैं

ये भी पढ़ें: बरसात में इन 5 बीमारियों का रहता है खतरा, कहीं आप तो नहीं है इसके शिकार

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