पेट में कभी नहीं बनेगा एसिड, बाबा रामदेव ने बताया किस योगासन से मिलेगा फायदा

पेट में कभी नहीं बनेगा एसिड, बाबा रामदेव ने बताया किस योगासन से मिलेगा फायदा


अब नहीं होगी ‘फिसलने’ की टेंशन, सभी टू-व्हीलर्स में मिलेगा नया सेफ्टी फीचर, सरकार जल्द लाने जा रही ये नियम



Source link

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर भेजें शांति और सेहत भरे ये कोट्स, देखते ही खुश हो जाएंगे लोग

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर भेजें शांति और सेहत भरे ये कोट्स, देखते ही खुश हो जाएंगे लोग


International Yoga Day 2025: जब सुबह की पहली किरण शरीर को छूती है और हल्की सी हवा चेहरे को सहलाती है तो मन खुद-ब-खुद शांति की तलाश में योग की ओर खिंचा चला जाता है. आज की तेज रफ्तार ज़िंदगी में जहां हम अक्सर खुद से ही कट हो जाते हैं, वहीं योग हमें फिर से अपने भीतर झांकने का मौका देता है. 21 जून को मनाया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस, सिर्फ एक परंपरा या ट्रेंड नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के संतुलन का उत्सव है. इस खास मौके पर अगर आप अपनों को कुछ ऐसा भेजना चाहते हैं, जो उन्हें सिर्फ एक मैसेज नहीं, बल्कि सेहत और सकारात्मकता की सौगात दे. तो ये शांति और सेहत से भरे कोट्स उनके चेहरे पर मुस्कान और मन में ऊर्जा ला सकते हैं. 

ये भी पढ़े- Yoga Day 2025: ब्लड शुगर कंट्रोल से लेकर मांसपेशियों की मजबूती तक, नौकासन है असरदार

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर भेजें ये खास कोट्स और मैसेज 

  • “योग सिर्फ कसरत नहीं, आत्मा से आत्मा की मुलाकात है”- जिस तरह हर दिन सूरज उगता है और नई शुरुआत करता है, वैसे ही योग हमें हर दिन एक नई ऊर्जा देता है. शारीरिक.
  • “जहां योग है, वहां रोग नहीं”- ये छोटा सा वाक्य बहुत गहरी बात कहता है. नियमित योग शरीर को लचीलापन, दिमाग को स्थिरता और दिल को सुकून देता है.
  • “शांति की शुरुआत आपके अंदर से होती है,  योग उसका रास्ता है”- आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम बाहर की शांति ढूंढते हैं, लेकिन योग सिखाता है कि असली शांति तो अपने अंदर छिपी होती है.
  • “योग करो, खुद से जुड़ो और दुनिया को बेहतर बनाओ”- जब आप खुद को बेहतर महसूस करने लगते हैं, तो आपके आसपास का माहौल भी अपने आप बेहतर हो जाता है.
  • “योग केवल शरीर को नहीं, जीवन को भी संतुलित करता है”- चाहे स्ट्रेस हो, थकान हो या कोई मानसिक उलझन, योग हर परिस्थिति में एक समाधान है.
  • “हर सांस में छिपा है सुकून, बस योग के जरिए उसे महसूस करना सीखिए”- जब हम ध्यानपूर्वक सांस लेना सीख जाते हैं, तो जीवन के तनाव अपने आप हल्के लगने लगते हैं. 

इन कोट्स को आप WhatsApp स्टेटस, इस्टाग्राम स्टोरी, या फेसवुक पोस्ट में डाल सकते हैं. चाहें तो एक खूबसूरत तस्वीर के साथ इन शब्दों को जोड़कर किसी को प्रेरणा भरा गुड मॉर्निंग मैसेज भेज सकते हैं. 

ये भी पढ़ें: कैसे होता है डीएनए टेस्ट, अहमदाबाद प्लेन क्रैश में बुरी तरह जले हुए शवों की कौन-सी चीज करेगी मदद?

Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Check out below Health Tools-
Calculate Your Body Mass Index ( BMI )

Calculate The Age Through Age Calculator



Source link

Health Tips: पाचन सुधार से लेकर तनाव मुक्ति तक, सुखासन के चमत्कारी फायदे जानिए

Health Tips: पाचन सुधार से लेकर तनाव मुक्ति तक, सुखासन के चमत्कारी फायदे जानिए


Miraculous Benefits of Sukhasana: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में योग तन और मन दोनों को सुकून देने का काम करता है. योग की शुरुआत अगर किसी आसान, शांत और मन को केंद्रित करने वाली मुद्रा से करनी हो, तो ‘सुखासन’ सबसे बेहतर है. जैसा कि नाम से ही पता चलता है- ‘सुख’ यानी आराम और खुशी, और ‘आसन’ का मतलब बैठने की एक खास मुद्रा. यह आसन इतना आसान होता है कि बच्चे हों या बड़े, हर कोई इसे आसानी से कर सकता है. यह योग की शुरुआत करने वालों के लिए सबसे सही आसन है. यह योगासन आपको तनावमुक्त रखने में मदद करता है.

सुखासन करने से शरीर में ताकत बढ़ती है- आयुष मंत्रालय

आयुष मंत्रालय के मुताबिक, सुखासन करने से शरीर में ताकत बढ़ती है और मूड भी अच्छा होता है. यह मन और शरीर दोनों के लिए बहुत फायदेमंद होता है. जब हम इस आसन में बैठते हैं, तो हमारा मन शांत होता है और तनाव कम हो जाता है. साथ ही, शरीर की मांसपेशियां भी आराम महसूस करती हैं. यह आसन हमारी सांसों को सही ढंग से लेने में मदद करता है, जिससे ऊर्जा बढ़ती है और शरीर ताजगी महसूस करता है.

सुखासन से हमारे पेट को भी फायदा होता है. जब हम इस आसन में सीधी कमर के साथ शांत होकर बैठते हैं, तो पेट के अंगों पर हल्का दबाव पड़ता है, जिससे पाचन क्रिया बेहतर होती है. खाना खाने के बाद कुछ देर इस आसन में बैठना पेट की गड़बड़ियों को कम कर सकता है. इस आसन को करने से गैस, अपच जैसी परेशानियों से राहत पाने में मदद मिलती है.

मांसपेशियों को मजबूत करता है सुखासन 

जब हम सुखासन में बैठते हैं, तो हमारे घुटनों और टखनों में थोड़ा सा खिंचाव महसूस होता है. यह खिंचाव शरीर को धीरे-धीरे लचीला बनाता है और मांसपेशियों को मजबूत करता है. इस आसन को करने से जोड़ों की ताकत बढ़ती है और उनका दर्द कम होता है. खास बात यह है कि सुखासन बहुत ही आरामदायक होता है, इसलिए इसे लंबे समय तक किया जा सकता है. रोजाना इसे करने से शरीर का लचीलापन बढ़ता है और साथ ही मन भी शांत रहता है.

सुखासन करने से हमारी पीठ मजबूत होती है. जब हम इस आसन में सीधे बैठते हैं, तो हमारी कमर और रीढ़ की हड्डी सही तरीके से सीधी रहती है, जिससे पीठ की मांसपेशियां मजबूत होती हैं. इससे पीठ दर्द की समस्या भी कम होती है. साथ ही, मजबूत पीठ होने से हम लंबे समय तक आराम से बैठ पाते हैं और शरीर में संतुलन भी बना रहता है.

कैसे किया जाता है सुखासन?

सुखासन करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर सीधे बैठ जाएं और अपनी पीठ को सीधा रखें. फिर अपने बाएं पैर को घुटने से मोड़कर दाएं पैर को जांघ के नीचे आराम से रखें. इसके बाद दाएं पैर को भी मोड़कर बाएं पैर की जांघ के नीचे रख दें. अब दोनों हाथों को आराम से घुटनों पर रखें, जैसे ध्यान की मुद्रा होती है. आख़िर में अपनी आंखें बंद कर लें और आराम से सांस लें. सांस पर ध्यान करते हुए इस तरह बैठने से आपका मन शांत होता है और शरीर भी आराम महसूस करता है.

Check out below Health Tools-
Calculate Your Body Mass Index ( BMI )

Calculate The Age Through Age Calculator



Source link

ऑफिस में नहीं महसूस होगा काम का बोझ, वर्कप्लेस पर बैठे-बैठे ऐसे करें योग

ऑफिस में नहीं महसूस होगा काम का बोझ, वर्कप्लेस पर बैठे-बैठे ऐसे करें योग



<p style="text-align: justify;">मॉडर्न लाइफस्टाइल में वर्कप्लेस पर टेंशन आम समस्या बन चुकी है. दरअसल, ज्यादा देर तक डेस्क पर बैठकर काम करने, डेडलाइन का प्रेशर और लगातार बढ़ती जिम्मेदारियों के कारण कर्मचारियों में टेंशन और फिजिकल प्रॉब्लम जैसे पीठ दर्द, गर्दन में अकड़न और मानसिक थकान के मामले बढ़ रहे हैं. कई रिसर्च में सामने आया है कि वर्कप्लेस पर योग करने से टेंशन कम होती है और कर्मचारियों की प्रोडक्टिविटी, मेंटल हेल्थ में सुधार होता है. अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर हम आपको ऐसे योग बता रहे हैं, जो आप अपने वर्कप्लेस पर बैठे-बैठे कर सकते हैं और इनसे आपका तनाव कम होगा.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>बेहद गंभीर समस्या है वर्कप्लेस पर टेंशन</strong></p>
<p style="text-align: justify;">वर्कप्लेस पर टेंशन होना वैश्विक स्तर पर बेहद गंभीर हेल्थ प्रॉब्लम बन चुका है. इससे न सिर्फ मेंटल हेल्थ पर असर पड़ता है, बल्कि यह हार्ट डिजीज, डायबिटीज, डिप्रेशन और बर्नआउट जैसी गंभीर बीमारियों का कारण भी बन सकता है. एक स्टडी में सामने आया है कि वर्कप्लेस पर खराब माहौल से कर्मचारियों की अटेंडेंस और प्रॉडक्शन में कमी आती है, जिसका सीधा असर कंपनी की फाइनेंशियल कंडीशन पर पड़ता है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>वर्कप्लेस पर योग करने से फायदा</strong></p>
<p style="text-align: justify;">2024 की एक स्टडी में सामने आया कि योग करने से कर्मचारियों में तनाव और बर्नआउट का खतरा कम होता है. योग की श्वास तकनीक जैसे प्राणायाम और ध्यान से ऑटोनोमिक नर्वस सिस्टम और हाइपोथैलेमिक-पिट्यूटरी-एक्सिस (एचपीए) नियंत्रित होता है. ये दोनों चीजें टेंशन के लिए जिम्मेदार होती हैं.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>फिजिकल हेल्थ में सुधार</strong></p>
<p style="text-align: justify;">काफी देर तक बैठे रहने के कारण होने वाली दिक्कतों जैसे पीठ दर्द, गर्दन में अकड़न और कलाई की समस्याएं (कार्पल टनल सिंड्रोम) वर्कप्लेस पर होने वाली आम समस्याएं हैं. वर्कप्लेस पर योग और घूमने-फिरने की एक्टिविटीज से मस्कुलोस्केलेटल प्रॉब्लम्स कम होती हैं. योग करने से टेंशन भी कम होती है. 2023 में स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की एक रिसर्च में पाया गया कि योग प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स (पीएफसी) की एक्टिविटी बढ़ाता है, जो फैसले लेने जैसे कार्यों में जिम्मेदार है.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>वर्क प्लेस पर कर सकते हैं ये आसन</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>सिद्धासन (ध्यान मुद्रा):</strong> इसके लिए कुर्सी पर सीधे बैठें. पैरों को क्रॉस करें और हाथों को घुटनों पर रखें. आंखें बंद करें और गहरी सांस लें. 5-10 मिनट तक ध्यान करें. यह आसन मन को शांत करता है. एकाग्रता बढ़ाता है और तनाव कम करता है. यह कूल्हों और जांघों की मांसपेशियों में लचीलापन लाता है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>प्राणायाम (श्वास नियंत्रण):</strong> इस आसन को करने के लिए कुर्सी पर सीधे बैठें. नाक से गहरी सांस लें. इसे 4 सेकंड तक रोकें और फिर धीरे-धीरे छोड़ें. यह प्रक्रिया 5-10 बार दोहराएं. प्राणायाम से तनाव हार्मोन (कोर्टिसोल) कम होता है और मेंटल हेल्थ बेहतर होती है.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>प्रसारिता पादोत्तानासन (वाइड-लेग्ड फॉरवर्ड बेंड):</strong> इसके लिए पैरों को 3-4 फीट की दूरी पर रखें. कूल्हों पर हाथ रखें, छाती को ऊपर उठाएं और धीरे-धीरे आगे की ओर झुकें. हाथों को फर्श पर रखें और सिर को नीचे की ओर लाएं. यह आसन पैरों और पीठ की मांसपेशियों को खींचता है. दिमाग को शांत करता है और थकान कम करता है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>चेयर योग:</strong> इस आसन के लिए कुर्सी पर सीधे बैठें. दाएं हाथ को बाएं कंधे पर रखें और बाएं हाथ से दाएं कोहनी को पकड़कर हल्का दबाव डालें. इसे दोनों तरफ 5 बार दोहराएं. यह कंधों और गर्दन की अकड़न को कम करता है, जो लंबे समय तक बैठने से होती है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ताड़ासन (माउंटेन पोज):</strong> इस आसन के लिए खड़े होकर पैरों को थोड़ा अलग रखें. हाथों को ऊपर उठाएं और गहरी सांस लें. 30 सेकंड तक इस स्थिति में रहें. यह आसन ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर करता है और बॉडी में एनर्जी का फ्लो बढ़ाता है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://www.abplive.com/photo-gallery/lifestyle/health-urine-flow-problem-impact-kidney-2965474">बूंद बूंद आ रहा पेशाब तो ये अंग होने वाला है खराब, तुरंत करें डॉक्टर को कॉल</a></strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.</strong></p>



Source link

Surya Namaskar: तन-मन दोनों के लिए वरदान है 8 आसन और 12 चरण वाला सूर्य नमस्कार, ऐसे करें अभ्यास

Surya Namaskar: तन-मन दोनों के लिए वरदान है 8 आसन और 12 चरण वाला सूर्य नमस्कार, ऐसे करें अभ्यास


Benefits of Surya Namaskar: शरीर को चुस्त-दुरुस्त और तंदुरुस्त रखना है तो योग से बेहतर क्या हो सकता है. यह न केवल तन बल्कि मन के लिए भी लाभदायक है. ऐसा ही एक बहु प्रचलित आसन है सूर्य नमस्कार. एक सरल योग जो मानसिक तनाव और शारीरिक कष्ट से दूर रहने में मदद करता है.

सूर्य नमस्कार, योग का एक प्राचीन अभ्यास, 8 आसनों का संयोजन है, जिसे 12 चरणों में किया जाता है. यह मन, शरीर और आत्मा के समन्वय को बढ़ावा देता है. आयुष मंत्रालय ने सूर्य नमस्कार के लाभ और इसे करने की सही विधि भी शेयर की है ताकि लोग इसे अपनी दिनचर्या में शामिल कर सकें. यह अभ्यास न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि मानसिक शांति और इम्यून सिस्टम को भी मजबूत करता है.

सूर्य नमस्कार के एक नहीं हैं अनेक लाभ

आयुष मंत्रालय के मुताबिक, सूर्य नमस्कार के एक नहीं अनेक लाभ हैं. यह शरीर की ताकत को बढ़ाता है, मांसपेशियों को मजबूत करता है, लचीलापन बढ़ाता है और रक्त संचार को सुधारता है. तनाव और चिंता को कम करने में मदद करने के साथ ही यह मानसिक स्वास्थ्य को भी बेहतर करता है. नियमित अभ्यास से पाचन तंत्र मजबूत होता है, बेहतर नींद आती है, और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है. यह वजन नियंत्रण और हृदय स्वास्थ्य के लिए भी उपयोगी है. सूर्य नमस्कार शरीर के सभी प्रमुख अंगों को सक्रिय करता है, जिससे समग्र स्वास्थ्य में सुधार होता है.

सूर्य नमस्कार को सुबह खाली पेट, सूर्योदय के समय करना सबसे उत्तम माना जाता है. इसे 8 चरणों में किया जाता है. इसमें प्रणामासन है, जिसमें दोनों हाथ जोड़कर शांत मन से सूर्य को नमस्कार करना चाहिए. हस्तउत्तानासन में सांस लेते हुए हाथों को ऊपर उठाना चाहिए और कमर को पीछे की ओर झुकाना चाहिए. हस्तपादासन में सांस छोड़ते हुए आगे की ओर झुककर हाथों से जमीन को छुना चाहिए.

कैसे करते हैं सूर्य नमस्कार?

इसके बाद अश्व संचालनासन करना चाहिए, जिसमें दायां पैर पीछे की ओर और बाएं वाले घुटने को मोड़ना चाहिए. दंडासन में दोनों पैर पीछे ले जाकर, शरीर को प्लैंक की स्थिति में रखें. अष्टांग नमस्कार के दौरान घुटने, छाती और ठुड्डी जमीन पर टिकाना चाहिए. भुजंगासन के दौरान सांस लेते हुए छाती को ऊपर की ओर करते हुए कोबरा मुद्रा बनानी चाहिए. सूर्य नमस्कार के दौरान अधोमुख श्वानासन यानी सांस छोड़ते हुए कूल्हों को ऊपर उठाते हुए उल्टा ‘वी’ शेप बनाना चाहिए.

प्रत्येक चरण में सांस लेने-छोड़ने का ध्यान रखना चाहिए. शुरुआत में 3 बार से ज्यादा इसे नहीं करना चाहिए. यह अभ्यास सभी आयु वर्ग के लिए लाभकारी है, लेकिन चोट या स्वास्थ्य समस्याओं वाले लोगों को चिकित्सीय सलाह लेने के बाद ही करना चाहिए.

Check out below Health Tools-
Calculate Your Body Mass Index ( BMI )

Calculate The Age Through Age Calculator



Source link

YouTube
Instagram
WhatsApp