रोजाना कितने पुशअप्स करने से होगा वजन कम, सेहत को मिलेंगे कई फायदे

रोजाना कितने पुशअप्स करने से होगा वजन कम, सेहत को मिलेंगे कई फायदे


Pushups for Weight Loss: क्या आप वजन घटाने के लिए दिनभर डाइट चार्ट्स और कैलोरी काउंटिंग में उलझे रहते हैं? क्या जिम की मेंबरशिप लेकर भी वहां जाने का वक्त नहीं निकाल पाते? अगर हां, तो आपके लिए एक आसान, फ्री और बेहद असरदार उपाय है. पुशअप्स एक ऐसी एक्सरसाइज है जिसे बिना किसी मशीन, उपकरण या खास जगह के, आप कहीं भी कर सकते हैं. यह न सिर्फ आपकी चेस्ट और आर्म्स को मजबूत करता है, बल्कि मेटाबॉलिज्म बढ़ाकर फैट बर्निंग में भी मदद करता है. लेकिन सवाल ये है कि रोज कितने पुशअप्स करने से वजन कम होगा और शरीर को असली फायदा मिलेगा? 

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वजन घटाने के लिए रोज कितने पुशअप्स करें?

शुरुआती लोग: रोजाना 10 से 15 पुशअप्स से शुरुआत करें

मध्यम स्तर: 20 से 30 पुशअप्स रोजाना 2 सेट में करें

एडवांस लेवल: 40 से 50 पुशअप्स 3 सेट में करें

पुशअप्स करने के फायदे

वजन घटाने में मदद: कैलोरीज़ बर्न होती हैं और बॉडी फैट कम होता है

मसल्स टोन होते हैं: चेस्ट, आर्म्स और कंधे मजबूत बनते हैं

कोर स्ट्रेंथ बढ़ती है: पेट की चर्बी घटती है और कोर मसल्स मजबूत होती हैं

हड्डियां और जोड़ों को मजबूती:बिना वजन उठाए, शरीर का वजन ही कसरत के लिए काफी होता है

हृदय स्वास्थ्य बेहतर होता है: पुशअप्स शरीर की सहनशक्ति और कार्डियोवेस्कुलर हेल्थ को बढ़ाते हैं 

सावधानियां बरतनी जरूरी है

शुरुआत में सही पोस्चर से करें, वरना पीठ और कंधे में दर्द हो सकता है

ओवरडू न करें, मांसपेशियों को भी आराम चाहिए

अगर पहले से कोई स्वास्थ्य समस्या है, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें

वजन कम करना अब मुश्किल नहीं, अगर आप रोजाना 20 मिनट पुशअप्स को अपनी दिनचर्या में शामिल करें. यह सरल लेकिन प्रभावी व्यायाम आपके शरीर को फिट रखने, वजन घटाने और आत्मविश्वास बढ़ाने में बेहद मददगार हो सकता है. वैसे तो हम वजन कम करने के लिए कई तरह के योगा या एक्सरसाइज करते हैं. लेकिन कई बार इन सब से कोई फर्क नहीं पड़ता, लेकिन अगर आप एक बार पुशअप्स करके देखेंगे तो शायद आपका वजन कम हो सके और आप सेहतमंद भी रहें. 

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Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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उल्टी-चक्कर तो छोटी बात है… मां-बाप बनने की खुशी तक छीन लेती है इस विटामिन की कमी

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<p style="text-align: justify;">विटामिन बी 12 की कमी की समस्या तेजी से बढ़ रही है. ये कई हेल्थ इश्यूज की वजह बन जाती है. लेकिन इसके लक्षण और इसे खतरनाक बनाते हैं. असल में थकान, कमजोरी, डिप्रेशन जैसे सिम्पटम्स अन्य मेडिकल कंडीशन में भी देखने को मिलते हैं. ऐसे में इस समस्या की ओर ध्यान ही नहीं जाता. जबकि ये शरीर को तेजी से प्रभावित कर रही होती है. आइए जानते हैं कि ये किस तरह खतरा बन चुकी है….</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>बी12 की कमी कैसे बनती है खतरा?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">बाॅडी के लिए बी 12 &nbsp;काफी अहम होता है. डीएनए, नर्व, रेड ब्लड सेल बनाने के साथ हेल्दी ब्रेन और इम्युन सिस्टम के लिए ये इंपोर्टेंस रखता है. लेकिन हमारी बाॅडी इस विटामिन को प्रोड्यूस नहीं करती. इस कमी को डाइट या फिर फूड सप्लीमेंट के जरिए पूरा करना होता है. इसकी कमी से थकान महसूस होने लगती है. ये ​स्थिति लगातार बने रह सकती है, जिसके चलते डेली ए​क्टिविटीज पर असर पड़ता है. इसके साथ ही न्यूरोलाॅजिक इश्यू भी देखने को मिलते हैं. जिसमें तेज झुनझुनाहट, कंफ्यूजन, मेमोरी लाॅस, डिप्रेशन और बैलेंस बनाए रखने में दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है. लेकिन ​स्थिति चिंताजनक तब हो जाती है, जब इन लक्षणों को नजरअंदाज कर दिया जाता है. क्योंकि अन्य मेडिकल कंडीशन में इसी तरह के लक्षण देखने को मिल सकते हैं. ऐसे में बी 12 की कमी की ओर ध्यान ही नहीं जाता.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>बी 12 की कमी की ये हो सकती है वजह</strong></p>
<ul>
<li style="text-align: justify;"><strong>डाइट:</strong> विटामिन बी 12 एमिनल बेस्ड फूड में पाया जाता है. ऐसे फूड से दूरी बनाना.</li>
<li style="text-align: justify;"><strong>डाइजे​स्टिव डिसऑर्डर:</strong> सीलिएक डिजीज और क्रोहन डिजीज बाॅडी के डाइजे​स्टिव सिस्टम पर असर डालते हैं. इससे बाॅडी की विटामिन बी 12 को एबजाॅर्ब करने की क्षमता प्रभावित होती है.</li>
<li style="text-align: justify;"><strong>अल्कोहल यूज डिसऑर्डर:</strong> शराब के सेवन से भी बाॅडी में डाइजेशन सिस्टम को नुकसान पहुंचता है. इससे विटामिन बी12 की कमी हो सकती है.</li>
<li style="text-align: justify;"><strong>गैस्ट्राइटिस:</strong> गैस्ट्राइटिस की ​स्थिति में पेट की परत पर सूजन आ जाती है. बाॅडी में विटामिन बी12 को एबजाॅर्ब करने के लिए हाइड्रोक्लोरिक एसिड की जरूरत होती है. ऐसे में ये प्रक्रिया प्रभावित होती है.</li>
<li style="text-align: justify;"><strong>पर्नि​शियस एनीमिया:</strong> इस ​स्थिति में बाॅडी विटामिन बी 12 को एबजाॅर्ब नहीं कर पाती है, जिसके चलते इसकी कमी हो जाती है.</li>
<li style="text-align: justify;"><strong>सर्जरी:</strong> गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल जैसी सर्जरी कराने पर बाॅडी में बी 12 की कमी हो सकती है.</li>
<li style="text-align: justify;"><strong>हेरेडिटी रीजन:</strong> बाॅडी में विटामिन बी 12 की कमी हेरेडिटी कारण से भी हो सकती है. &nbsp;ट्रांसकोबालामिन II की कमी से ये दिक्कत देखने को मिल सकती है. इसके अलावा विटामिन बी12 की कमी का असर&nbsp;</li>
</ul>
<p style="text-align: justify;"><strong>ऐसे पहचानें विटामिन बी 12 की कमी</strong></p>
<ul>
<li style="text-align: justify;">बी12 की कमी से बाॅडी में रेड ब्लड सेल प्रोड्यूस होना कम हो जाते हैं. इससे एनर्जी लेवल गिरता है. कमजोरी, थका हुआ, खुद को कंफ्यूज महसूस होने लगता है. कई हफ्तों तक ऐसी ​स्थिति रहे तो डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए.</li>
<li style="text-align: justify;">स्किन का पीला पड़ना, मुंह में छाले होना और जीभ में सूजन बी 12 की कमी के कुछ लक्षण हैं.</li>
<li style="text-align: justify;">नर्व डैमेज होने से शरीर में झनझनाहट पन और कमजोरी महसूस होना शुरू हो जाती है.</li>
</ul>
<p><strong>विटामिन बी 12 के सोर्स</strong></p>
<ul>
<li><strong>एनिमल प्रोडक्ट:</strong> मीट, मछली, अंडे, मिल्क और मिल्क प्रोडक्ट</li>
<li><strong>फोर्टिफाइड फूड्स:</strong> अनाज, प्लांट-बेस्ड दूध (सोया, बादाम)</li>
<li><strong>सप्लीमेंट्स:</strong> मेडिसिन या इंजेक्शन के रूप में लेने की जरूरत होती है.</li>
</ul>
<p style="text-align: justify;"><strong>कैसे करें पता?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">आप सिर्फ ब्लड टेस्ट करके ही अपने ब्लड में विटामिन बी12 के लेवल को जान सकते हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/eat-green-leaf-every-day-foam-disappear-from-urine-and-kidney-2963121">रोजाना एक हरा पत्ता खा लिया तो पेशाब से गायब हो जाएंगे सारे झाग, किडनी की सेहत बनी रहेगी</a></strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.</strong></p>



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पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर के ऐसे दिखते हैं लक्षण, जानें कितना रहता है बचने का चांस

पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर के ऐसे दिखते हैं लक्षण, जानें कितना रहता है बचने का चांस



<p style="text-align: justify;">ब्रेस्ट कैंसर का जिक्र होते ही मन में इस खतरनाक बीमारी से जूझती महिला के प्रति सिंपैथी उमड़ आती है. लेकिन ये बीमारी सिर्फ महिलाओं तक सीमित नहीं है. पुरुषों में भी ये कैंसर देखने को मिल सकता है. हालांकि महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों में ये प्राॅब्लम रेयर है. अक्सर इसके लक्षणों को नजरअंदाज कर दिया जाता है. जब तक डायग्नोज होता है, देर हो चुकी होती है. आ​खिर पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण किस तरह सामने आते हैं और कब सतर्क हो जाना चाहिए? आइए इस बारे में जानते हैं…</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर के कारण</strong></p>
<ul>
<li style="text-align: justify;"><strong>ब्रेस्ट में सेल्स अनियंत्रित हो जाएं:</strong> महिलाओं की तरह पुरुषों के ब्रेस्ट में सेल्स बढ़ने लगते हैं. पुरुषों में दूध पैदा करने वाले ग्लैंड नहीं होते हैं. लेकिन फैटी नलिकाएं और ब्रेस्ट सेल्स होते हैं. इसमें कैंसर बन सकता है.</li>
<li style="text-align: justify;"><strong>एज फैक्टर:</strong> पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर का खतरा उम्र के साथ बढ़ता है. आमताैर पर 60 से 70 साल की उम्र में पुरुषों में इस बीमारी का रिस्क अ​धिक रहता है.</li>
<li style="text-align: justify;"><strong>जेनेटिक:</strong> फैमिली हिस्ट्री भी पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर की वजह बन सकती है. बाॅडी में बीआरसीए 1 और बीआरसीए 2 जैसे जीन में म्यूटेशन देखने को मिल सकता है. जिससे पुरुषों में इस रेयर कैंसर का रिस्क बढ़ सकता है.</li>
<li style="text-align: justify;"><strong>एस्ट्रोजन लेवल बढ़ना:</strong> क्लाइनफेल्टर सिंड्रोम या सिरोसिस जैसी लिवर की बीमारियों के चलते बाॅडी में एस्ट्रोजन का लेवल बढ़ सकता है. इससे पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर का रिस्क बढ़ने का खतरा हो जाता है.</li>
<li style="text-align: justify;"><strong>एक्स्ट्रा फैट:</strong> बाॅडी पर एक्स्ट्रा फैट कई हेल्थ इश्यूज का कारण बनता है, लेकिन ये ब्रेस्ट कैंसर का रिस्क भी बढ़ाता है. फैटी टिश्यू पुरुषों में एस्ट्रोजन लेवल को बढ़ा सकते हैं.</li>
<li style="text-align: justify;"><strong>शराब:</strong> शराब का सेवन किसी भी मात्रा में शरीर के लिए सुर​क्षित नहीं माना जाता. ये पुरुषों में कई तरह के कैंसर की वजह बन सकता है. लेकिन ये ब्रेस्ट कैंसर का रिस्क भी बढ़ाता है.</li>
</ul>
<p style="text-align: justify;"><strong>पुरुषों में इस तरह सामने आते हैं लक्षण</strong></p>
<ul>
<li style="text-align: justify;"><strong>गांठ बनना:</strong> निप्पल के पास ब्रेस्ट टिश्यू में गांठ बन जाना. इसमें शुरुआत में कोई दर्द महसूस नहीं होता है.</li>
<li style="text-align: justify;"><strong>निप्पल में बदलाव:</strong> निप्पल का अंदर की ओर चले जाना. निप्पल में से खून निकलना. इस जगह पर ​स्किन लाल हो जाना.</li>
<li style="text-align: justify;">​<strong>स्किन में चेंज:</strong> पुरुषों के ब्रेस्ट के पास की ​स्किन में बदलाव दिखना. ​स्किन में गड्ढे पड़ सकते हैं. ये लाल या दानेदार हो सकते हैं. घाव भी देखने को मिल सकते हैं.</li>
</ul>
<p style="text-align: justify;"><strong>इस तरह करें बचाव</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>वजन:</strong> बाॅडी वेट कंट्रोल करने से कई तरह की बीमारियों से बचा जा सकता है. ये ब्रेस्ट कैंसर के रिस्क को भी कम करता है. वेट कम होने से बाॅडी पर से फैट हट जाता है. एक्स्ट्रा फैट कम होने से बाॅडी में एस्ट्रोजन का लेवल कम करने में मदद मिल सकती है.<br /><strong>शराब से दूरी:</strong> कैंसर के रिस्क को कम करने के लिए शराब से दूरी बनाना ही उचित है. इससे बाॅडी में हार्मोन बैलेंस की समस्या का रिस्क कम होता है, जो कैंसर की वजह बनता है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/eat-green-leaf-every-day-foam-disappear-from-urine-and-kidney-2963121">रोजाना एक हरा पत्ता खा लिया तो पेशाब से गायब हो जाएंगे सारे झाग, किडनी की सेहत बनी रहेगी</a></strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.</strong></p>



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गर्म पानी के साथ 1 चीज को मिलाकर पीने से खराब कोलेस्ट्रॉल होगा बाहर, हार्ट भी रहेगा स्वस्थ

गर्म पानी के साथ 1 चीज को मिलाकर पीने से खराब कोलेस्ट्रॉल होगा बाहर, हार्ट भी रहेगा स्वस्थ


Morning Drink for Cholesterol and Heart Health: क्या आपने कभी सोचा है कि हर सुबह की एक छोटी-सी आदत आपका दिल लंबे समय तक स्वस्थ रख सकती है? हम अक्सर हार्ट हेल्थ की बात आते ही महंगी दवाइयों, डाइट चार्ट्स और एक्सरसाइज की ओर भागते हैं. लेकिन कभी-कभी समाधान हमारी रसोई में ही छुपा होता है. अगर आप भी कोलेस्ट्रॉल की समस्या से जूझ रहे हैं या दिल को स्वस्थ बनाए रखना चाहते हैं, तो ये घरेलू नुस्खा आपकी दिनचर्या का हिस्सा बन सकता है. यह एक पुराना आयुर्वेदिक उपाय है जो आज के वैज्ञानिक तथ्यों से भी साबित हो चुका है कि यह शरीर से खराब कोलेस्ट्रॉल को निकालने और हृदय को मजबूत बनाने में सहायक हो सकता है. 

ये भी पढ़े- सुबह खाली पेट ड्राई फ्रूट खाना चाहिए या नहीं? जानिए खाने का सही तरीका

शहद और गर्म पानी

शहद एक प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होता है. वहीं गर्म पानी शरीर को डिटॉक्स करने का काम करता है. इन दोनों को साथ मिलाकर सुबह खाली पेट पीने से शरीर पर कई अच्छे असर हो सकते हैं. 

कैसे करता है यह कॉम्बिनेशन काम?

LDL कोलेस्ट्रॉल कम करता है

खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) धमनियों में जमा होकर हार्ट अटैक का कारण बनता है. शहद में मौजूद फ्लेवोनॉइड्स और एंटीऑक्सीडेंट्स इसे कम करने में मदद करते हैं. 

ब्लड प्रेशर को संतुलित रखता है

नियमित रूप से शहद और गर्म पानी पीने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, जिससे बीपी कंट्रोल में रहता है. 

फैट बर्निंग को बढ़ाता है

यह मिश्रण मेटाबॉलिज़्म को तेज करता है, जिससे शरीर में जमा वसा (फैट) कम होती है और वजन भी घटता है, जो हार्ट के लिए अच्छा है. 

टॉक्सिन्स बाहर निकालता है

यह शरीर को अंदर से साफ करता है और लिवर की कार्यक्षमता को बढ़ाता है।

कैसे करें सेवन?

1 गिलास गुनगुना पानी और 1 चम्मच शुद्ध शहद

सुबह खाली पेट ले सकते हैं 

रोजाना सेवन करने से बेहतर परिणाम मिलते हैं. 

हमारे जीवन में कई बड़ी बीमारियों के हल छोटे-छोटे बदलावों में छुपे होते हैं. शहद और गर्म पानी का यह सरल मिश्रण आपके दिल को स्वस्थ रखने में मददगार हो सकता है. इसके साथ संतुलित आहार और नियमित व्यायाम अपनाकर आप लंबे समय तक हृदय रोगों से दूर रह सकते हैं. 

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Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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बार-बार सिरदर्द होना 6 खतरनाक बीमारियों की ओर करता है इशारा, संकेत दिखते ही भागें डॉक्टर के पास

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