पौष्टिकता से भरपूर है मखाना, इसे अंग्रेजी में क्यों कहते हैं फॉक्स नट्स? दिलचस्प है वजह

पौष्टिकता से भरपूर है मखाना, इसे अंग्रेजी में क्यों कहते हैं फॉक्स नट्स? दिलचस्प है वजह


Benefits of Makhana: मखाना स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पौष्टिक भी होता है. यह एक हल्का, आसानी से पचने वाला खाद्य पदार्थ है और इसमें प्रोटीन, फाइबर, कैल्शियम, मैग्नीशियम और पोटेशियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं. मखाने को अंग्रेजी में फॉक्स नट्स भी कहते हैं, जानते हैं क्यों?

मखाने को फॉक्स नट्स इसलिए कहते हैं क्योंकि इसका आकार फॉक्स यानि लोमड़ी की तरह होता है. सफेद चेहरे पर एक बिंदु ऐसा जो हूबहू चालाक लोमड़ी की याद दिलाता है.

इन राज्यों में होता है मखाने का उत्पादन

इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चर रिसर्च के मुताबिक, मखाने का मुख्य रूप से उत्पादन बिहार, असम, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और ओडिशा में उगाया जाता है. अकेले बिहार में, यह लगभग 15,000 हेक्टेयर जल निकाय में उगाया जाता है. लगभग 5 लाख परिवार सीधे मखाना की खेती – कटाई, पॉपिंग, बिक्री और उत्पादन – में शामिल हैं. बिहार से हर साल लगभग 7,500 से 10,000 टन पॉप्ड मखाना बेचा जाता है.

मखाना की पॉपिंग (बीज को छिलके से पॉप करने की प्रक्रिया) मखाने को तैयार करने की प्रक्रिया तीन चरणों में शामिल है. बीज को पारंपरिक मिट्टी के बर्तन में या कच्चे लोहे के पैन में 250° सेल्सियस से 320° सेल्सियस तक उच्च तापमान पर भुना जाता है, 2 से 3 दिनों के लिए तड़के, फिर से भुनकर कर एक मैलेट (लकड़ी का हथौड़ा या मुंगरी) का उपयोग करके हाथ से मखाने को छिलके से अलग किया जाता है. भुनने के बाद हटाने के लिए अत्यधिक कुशल श्रमिकों की आवश्यकता होती है क्योंकि हटाने में कुछ सेकंड की देरी से खराब गुणवत्ता वाला पॉप्ड मखाना बन जाएगा.

वजन घटाने के लिए फायदेमंद है मखाना

रिसर्च बताते हैं कि मखाने में मैग्नीशियम और पोटेशियम पाया जाता है, जो कि हृदय स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद पाया जाता है. कम कैलोरी और ज्यादा फाइबर होने से यह भूख को नियंत्रित करता है. अगर आप वजन घटाने के बारे में सोच रहे हैं, तो इसका सेवन कर सकते हैं.

मखाने में मौजूद मैग्नीशियम तनाव कम करके अच्छी नींद लाने में मदद करता है. कैल्शियम की मौजूदगी हड्डियों और दांतों के लिए लाभकारी है. व्रत के दौरान अधिक मात्रा में इनका सेवन करने से बचने की सलाह दी जाती है, हालांकि बड़े बुजुर्ग निसंकोच सेवन की सलाह देते हैं. मखाना एक कम कैलोरी वाला स्नैक है. इसमें कैल्शियम, प्रोटीन, फाइबर, मैग्नीशियम, फास्फोरस और पोटेशियम के साथ-साथ शरीर के लिए कई जरूरी पोषक तत्व मौजूद होते हैं. मखाना भूख को कंट्रोल करने में मदद करता है. साथ ही इससे पेट भी भरा-भरा लगता है.

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लू लगने के बाद सबसे पहले क्या करना चाहिए? जानें कैसे बच सकती है आपकी जान

लू लगने के बाद सबसे पहले क्या करना चाहिए? जानें कैसे बच सकती है आपकी जान


Heat Stroke: “बस थोड़ी देर के लिए ही तो निकली थी धूप में, पता नहीं क्या हो गया” ये शब्द हर किसी के दिमाग में आते हैं. खासकर जिन्हें दोपहर की चिलचिलाती धूप में बाजार से लौटते वक्त तेज़ सिरदर्द, चक्कर और उलझन महसूस होती है. ऐसे लोगों को कुछ ही घंटों में उनकी हालत इतनी बिगड़ गई कि डॉक्टर को बुलाना पड़ता है. भारत के कई हिस्सों में गर्मियों के दौरान तापमान 45 डिग्री से भी ऊपर पहुंच जाता है और ऐसे में हीट स्ट्रोक यानी लू लगना एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन जाती है. अगर समय पर इलाज न हो, तो इससे जान भी जा सकती है. इसलिए यह जानना जरूरी है कि लू लगने के तुरंत बाद क्या करना चाहिए और इससे कैसे बचा जा सकता है. 

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लू लगने के लक्षण 

तेज बुखार

चक्कर आना या बेहोशी

तेज़ सिरदर्द

त्वचा का लाल और सूखा हो जाना

मांसपेशियों में कमजोरी या ऐंठन

सांस लेने में तकलीफ

उल्टी या मिचली

लू लगने के बाद तुरंत क्या करें? 

सिंथेटिक कपड़े हटा कर ढीले और सूती कपड़े पहनाएं

पंखा चलाएं या ठंडी हवा का इंतज़ाम करें

बर्फ की पट्टियां सिर या गर्दन में रखें

ठंडा पानी धीरे-धीरे पिलाएं 

बेहोशी की हालत में तुरंत डॉक्टर को बुलाएं 

कैसे बचें लू से?

लोगों को दोपहर के वक्त 12 वजह से 3 वजह तक नहीं निकलना चाहिए 

घर से बाहर जाते समय सिर ढकें, छाता या टोपी का इस्तेमाल करें

ढीले, हल्के और सूती कपड़े पहनें

पानी, नींबू पानी, छाछ, नारियल पानी जैसे पेय खूब पिएं

बार-बार चेहरे और शरीर पर पानी के छींटे मारें

बच्चों और बुजुर्गों को खास सावधानी की जरूरत होती है

गर्मियों की तपिश जितनी सामान्य लगती है, उतनी ही खतरनाक भी हो सकती है. लू लगने की स्थिति में घबराने की नहीं, बल्कि फुर्ती से सही कदम उठाने की ज़रूरत होती है. थोड़ा सा ध्यान, सही समय पर मदद और शरीर की जरूरतों को समझना ही आपकी और आपके अपनों की जान बचा सकता है. 

गर्मियों में अपना खास ख्याल रखना बेहद जरूरी, खासकर बुजुर्गों और छोटे बच्चों को गर्मी के वक्त बाहर न निकलने दें. क्योंकि इन लोगों को इसका ज्यादा खतरा होता है और संभालने से भी नहीं संभल पाता है. 

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Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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भारत के अलावा कोरोना से किन देशों में हो रहीं सबसे ज्यादा मौतें? ये रहे आंकड़े

भारत के अलावा कोरोना से किन देशों में हो रहीं सबसे ज्यादा मौतें? ये रहे आंकड़े


Coronavirus Cases and Death: कभी-कभार ऐसा लगता है कि दुनिया में कोई बीमारी हमें अनजाने में पकड़ लेती है और उसे हमारे रोजमर्रा के जीवन से अलग कर देती है. 2025 में भी कोरोना वायरस ने अपनी वैसी ही छाप छोड़ी है, जिसने कई देशों में जनजीवन पर गहरा असर डाला है. भारत को छोड़कर, दुनिया के कई बड़े देशों में कोरोना के कारण मौतों की संख्या लगातार बढ़ रही है. इसलिए हम उन देशों पर नजर डालेंगे, जहां कोरोना ने जानलेवा मोड़ अपना लिया है, साथ ही देखेंगे कि सक्रिय मामलों की संख्या कहां पर सबसे अधिक है. 

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अमेरिका

हाल के रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका में कोरोना संक्रमण ने सबसे ज्यादा मौतों का आंकड़ा है. यहां कोरोना से होने वाली मौतों की संख्या अब तक 120,000 के पार पहुंच गई है. जबकि अमेरिका में सक्रिय मामलों की संख्या करीब 1,200,000 का आंकड़ा दर्ज किया जा रहा है. चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि परिस्थितियां सुधरने की उम्मीद होने के बावजूद, वायरस के लगातार उत्पन्न हो रहे नए वेरिएंट्स ने इस स्थिति को चुनौती देने का काम किया है. डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की मेहनत के बावजूद महामारी से जूझ रहे आम नागरिकों की चिंता आज भी बनी हुई है. 

ब्राजील

ब्राजील में भी कोरोना ने अपने प्रकोप से लोगों का दिल टूटने का सिलसिला जारी रखा है. अनुमानित तौर पर यहां कोरोना से होने वाली मौतों की संख्या 100,000 के आसपास है और सक्रिय मामलों के आंकड़े 800,000 के करीब हैं. ब्राजील के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, महामारी के दौर में प्रशासनिक चुनौतियां, असमान स्वास्थ्य सेवाएं और सामाजिक दूरी बनाए रखने में कठिनाइयां कोरोना के संक्रमण को तेज करने में एक मुख्य भूमिका निभा रही हैं. स्थानीय लोग एक दूसरे के सहारे इस मुसीबत से निपटने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे एक नई आशा की किरण जन्म ले रही है. 

रूस

रूस में भी कोरोना के प्रकोप ने आंकड़े अपनी अनदेखी मजबूती से बढ़ाए हैं. यहां लगभग 50,000 मौतों का आंकड़ा है. सक्रिय मामलों की संख्या करीब 450,000 है. रूस में विशेषकर ग्रामीण इलाकों में स्थिति चिंताजनक रही है, जहां स्वास्थ्य सेवाओं की कमी और समाज में जागरूकता का स्तर अपेक्षाकृत कम है. विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर प्रसारिकरण और जागरूकता अभियानों से इस दिशा में सुधार की उम्मीद की जा सकती है. 

यूरोप

यूरोप के कई देशों में भी कोरोना से संबंधित मौतें दर्ज की गई हैं. उदाहरण के तौर पर, यूनाइटेड किंगडम में 40,000 से अधिक मौतें दर्ज हो चुकी हैं और सक्रिय मामलों की संख्या लगभग 350,000 है. स्पेन और इटली जैसे देशों में 35,000 और 30,000 के आस-पास मौतें हुई हैं, जबकि सक्रिय मामलों की संख्या  300,000 और 280,000 के बीच मानी जा रही है. 

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ये एक ड्राई फ्रूट रोजाना खाएं, शरीर से कोसो दूर भागेंगी बीमारियां

ये एक ड्राई फ्रूट रोजाना खाएं, शरीर से कोसो दूर भागेंगी बीमारियां


Dry Fruit for Fitness: हममें से अधिकतर लोग हेल्दी रहने के लिए महंगे सप्लिमेंट्स और दवाइयों पर निर्भर हो जाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक छोटा-सा सूखा ड्राई फ्रूट आपकी सेहत को अंदर से इतना मज़बूत बना सकता है कि, बीमारियां पास भी नहीं फटकेंगी? हम बात कर रहे हैं छुआरे की, यानी सूखे खजूर की. ये छोटा-सा ड्राई फ्रूट पोषण का पावरहाउस है. रोजाना सिर्फ 2 छुआरे खाने से शरीर को वो ताकत मिलती है, जो कई बार पूरे भोजन से भी नहीं मिलती. 

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एनर्जी बूस्टर का काम करता है

छुआरा प्राकृतिक शुगर का अच्छा स्रोत है, जो शरीर को जल्दी ऊर्जा देता है. सुबह खाली पेट 2 भिगोए हुए छुआरे खाने से दिनभर थकान महसूस नहीं होती. 

इम्यूनिटी को करता है मजबूत

छुआरे में आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम और पोटैशियम जैसे मिनरल्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. ये तत्व शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं और आपको सर्दी, खांसी, वायरल जैसी बीमारियों से बचाते हैं. 

हड्डियों के लिए फायदेमंद

जब आपकी उम्र बढ़ती है तो हड्डियां कमजोर हो जाती हैं. इसके लिए छुआरे में मौजूद कैल्शियम और फॉस्फोरस हड्डियों को मजबूत बनाते हैं और गठिया जैसी समस्याओं से राहत देते हैं. 

पाचन को रखता है दुरुस्त

फाइबर से भरपूर छुआरा पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में मदद करता है. कब्ज, गैस और एसिडिटी की शिकायत हो तो छुआरे को दूध में उबालकर पीना बेहद फायदेमंद होता है. 

दिल को रखता है स्वस्थ

छुआरे में पोटैशियम की मात्रा अधिक होती है, जो ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखता है और हृदय रोगों का खतरा कम करता है. ऐसे लोगों के लिए ये काफी फायदेमंद है. 

खून की कमी करे दूर

छुआरे आयरन का बेहतरीन स्रोत हैं, जो शरीर में खून की मात्रा बढ़ाते हैं. खासकर महिलाओं और एनीमिया से पीड़ित लोगों के लिए छुआरे बेहद लाभकारी होते हैं. 

छुआरा कोई आम ड्राई फ्रूट नहीं, बल्कि एक हेल्थ बूस्टर है जिसे आप रोजाना अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं. इसे दूध के साथ या यूं ही भिगोकर खाने से शरीर को अनेक लाभ मिलते हैं. तो अगली बार जब बाजार जाएं, तो ड्राई फ्रूट्स की लिस्ट में छुआरा जरूर शामिल करें. 

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Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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